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	<title>गुंजन साहा &#8211; Desh Prahari</title>
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		<title>⚖️ जेल से गांव तक पहुंची कानूनी जागरूकता की अलख, डालसा के 90 दिवसीय अभियान में सैकड़ों लोगों को मिली विधिक अधिकारों की जानकारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:51:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[झालसा के निर्देश पर पाकुड़ में चलाया गया व्यापक विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान पाकुड़। न्याय तक आम लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>झालसा के निर्देश पर पाकुड़ में चलाया गया व्यापक विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> न्याय तक आम लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके <strong>कानूनी अधिकारों</strong> के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से <strong>झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची</strong> के निर्देशानुसार <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़</strong> द्वारा चलाए जा रहे <strong>नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान</strong> के तहत सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ <strong>दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश तथा डालसा सचिव <strong>रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।</p>
<p>अभियान के दौरान जेलों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूर-दराज के गांवों में पहुंचकर लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।</p>
<h2><strong>मंडल कारा में बंदियों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार</strong></h2>
<p>अभियान के अंतर्गत <strong>पाकुड़ मंडल कारा</strong> में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान <strong>लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम</strong> के चीफ <strong>सुबोध कुमार दफादार</strong> एवं पैनल अधिवक्ता <strong>संजीत कुमार मुखर्जी</strong> ने कारा में निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं न्यायिक प्रक्रियाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान बंदियों को बताया गया कि कानून प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का समान अधिकार देता है और आर्थिक रूप से कमजोर अथवा असहाय व्यक्तियों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने बंदियों को मुकदमों की प्रक्रिया, कानूनी प्रतिनिधित्व, अपील के अधिकार तथा विधिक सहायता प्राप्त करने के विभिन्न माध्यमों के बारे में भी जानकारी दी।</p>
<h2><strong>नालसा की जागृति योजना 2025 पर किया गया जागरूक</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में <strong>राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा)</strong> की महत्वाकांक्षी <strong>जागृति योजना-2025</strong> के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उपस्थित बंदियों एवं लाभार्थियों को बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक कानूनी सेवाओं को पहुंचाना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।</p>
<p>इसके साथ ही <strong>वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार</strong>, उनके संरक्षण, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा कानून द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के बुजुर्ग नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है और उनके संरक्षण के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान बनाए गए हैं।</p>
<h2><strong>पथरिया गांव में वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीणों को किया गया जागरूक</strong></h2>
<p>अभियान के तहत <strong>लिट्टीपाड़ा प्रखंड</strong> के <strong>पथरिया गांव</strong> में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां <strong>पैरा लीगल वॉलिंटियर आनंद मुर्मू</strong> ने ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर भी व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा कानूनी संरक्षण संबंधी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<h2><strong>पोखरिया गांव में बाल विवाह और घरेलू हिंसा पर विशेष जागरूकता</strong></h2>
<p>वहीं <strong>पैरा लीगल वॉलिंटियर जयंती टुडू</strong> ने <strong>पोखरिया गांव</strong> में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण परिवारों को <strong>बाल विवाह</strong>, <strong>घरेलू हिंसा</strong>, <strong>महिला अधिकार</strong>, तथा <strong>माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007</strong> के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। इसके अलावा घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी संरक्षण एवं सहायता प्राप्त करने के अधिकारों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि जरूरत पड़ने पर वे किस प्रकार विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी</strong></h2>
<p>अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स <strong>सायेम अली, भरत कुमार साहा, प्रियंका झा, प्रकाश किस्कू, मोलीता कुमारी, रानी साहा, हरेंद्र मालतो, सुजाता घोष, कमला राय गांगुली तथा नीरज कुमार राउत</strong> ने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया।</p>
<p>उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़</strong> के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को <strong>निःशुल्क कानूनी सहायता</strong>, कानूनी परामर्श तथा न्यायिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।</p>
<h2><strong>नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की दी गई जानकारी</strong></h2>
<p>जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को <strong>नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100</strong> के बारे में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी समस्या, विवाद या अधिकारों से संबंधित जानकारी चाहिए, तो वे इस टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>कार्यकर्ताओं ने लोगों को यह भी बताया कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि विधिक सेवा संस्थानों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<h2><strong>न्याय को गांव-गांव तक पहुंचाने का अभियान</strong></h2>
<p>डालसा द्वारा संचालित यह <strong>90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान</strong> जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और उपलब्ध कानूनी सहायता तंत्र के प्रति जागरूक बनाना है ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रह जाए।</p>
<p>कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल लोगों में कानूनी चेतना विकसित करते हैं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और अधिकारों के प्रति विश्वास को भी मजबूत बनाते हैं। डालसा पाकुड़ द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल साबित हो रहा है।</p>
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		<title>🪷 भाजपा झिकरहाटी मंडल की संगठनात्मक बैठक संपन्न, एसआईआर और मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की बनी रणनीति</title>
		<link>https://deshprahari.com/%f0%9f%aa%b7-organizational-meeting-of-bjp-jhikarhati-mandal-concluded-strategy-made-to-convey-sir-and-achievements-of-12-years-of-modi-government-to-the-people/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:42:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[कदमसार में आयोजित बैठक में संगठन सुदृढ़ीकरण, मतदाता सूची पुनरीक्षण और जन-जागरण अभियान पर हुई विस्तृत चर्चा पाकुड़। भारतीय जनता पार्टी के झिकरहाटी मंडल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक शनिवार को कदमसार में मंडल अध्यक्ष सुरेश मंडल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>कदमसार में आयोजित बैठक में संगठन सुदृढ़ीकरण, मतदाता सूची पुनरीक्षण और जन-जागरण अभियान पर हुई विस्तृत चर्चा</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> भारतीय जनता पार्टी के <strong>झिकरहाटी मंडल</strong> की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक शनिवार को कदमसार में मंडल अध्यक्ष <strong>सुरेश मंडल</strong> की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ पार्टी को बूथ स्तर तक अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर मंडल बैठक प्रभारी <strong>मोहन कुमार मंडल</strong> एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष <strong>हिसाबी राय</strong> विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>
<h2><strong>संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर दिया गया जोर</strong></h2>
<p>बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती को लेकर गंभीर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत बूथ नेटवर्क है और इसी आधार पर पार्टी लगातार जनता के बीच अपनी पहुंच बढ़ा रही है। बैठक में प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के विषय पर विचार रखा गया।</p>
<p>पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न जनहितकारी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए मंडल स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<h2><strong>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर बनी रणनीति</strong></h2>
<p>बैठक में <strong>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)</strong> अभियान प्रमुख चर्चा का विषय रहा। मंडल बैठक प्रभारी <strong>मोहन कुमार मंडल</strong> ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के शुद्धिकरण एवं सत्यापन का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों और अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जा सकें।</p>
<p>उन्होंने जानकारी दी कि मंडल क्षेत्र में इस कार्य के लिए <strong>बीएलए-2 (Booth Level Agent-2)</strong> की नियुक्ति की जा चुकी है और उन्हें आवश्यक जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस अभियान को पूरी गंभीरता से ले रही है तथा कार्यकर्ताओं को मतदाताओं की सहायता के लिए सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।</p>
<h2><strong>मतदाताओं की सहायता के लिए कार्यकर्ताओं को किया गया प्रेरित</strong></h2>
<p>मोहन कुमार मंडल ने कहा कि सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान पूरी तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें सूची में शामिल कराने तथा आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाओं में सहयोग करने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं की होगी।</p>
<p>उन्होंने बीएलए-2 को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें और प्रत्येक बूथ पर मतदाता सूची को अधिक सुदृढ़ एवं त्रुटिरहित बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए शुद्ध एवं सही मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है।</p>
<h2><strong>मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर व्यापक जन-जागरण अभियान की तैयारी</strong></h2>
<p>बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष <strong>हिसाबी राय</strong> ने कहा कि केंद्र में <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> के नेतृत्व वाली सरकार के गौरवपूर्ण <strong>12 वर्ष</strong> पूर्ण हो चुके हैं। यह अवधि देश के विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ऐतिहासिक रही है। इस अवसर पर भाजपा द्वारा मंडल स्तर पर व्यापक <strong>जन-जागरण अभियान</strong> चलाया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें <strong>स्वच्छता अभियान</strong>, <strong>मन की बात कार्यक्रम</strong>, <strong>मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान</strong>, <strong>एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण कार्यक्रम</strong>, तथा <strong>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस</strong> के आयोजन प्रमुख रूप से शामिल हैं।</p>
<h2><strong>सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का संकल्प</strong></h2>
<p>हिसाबी राय ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जनसंपर्क अभियान चलाकर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, डिजिटल इंडिया और बुनियादी ढांचे के विकास जैसी अनेक योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना पार्टी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है ताकि लोग सरकार के कार्यों और उपलब्धियों से सीधे तौर पर अवगत हो सकें।</p>
<h2><strong>नरेंद्र मोदी का कार्यकाल बना ऐतिहासिक उपलब्धि</strong></h2>
<p>बैठक के दौरान हिसाबी राय ने कहा कि <strong>7 जून</strong> भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में <strong>नरेंद्र मोदी</strong> का कार्यकाल देश के इतिहास में सबसे लंबी अवधि तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित हुआ है। यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के प्रति देशवासियों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के भरोसे और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का भी प्रमाण है।</p>
<h2><strong>बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की रही उपस्थिति</strong></h2>
<p>बैठक में पार्टी के कई सक्रिय कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें <strong>प्रसाद मंडल, सुविकास मंडल, संतोष राजवंशी, विक्रांत राजवंशी, मुस्तफा शेख, सहदेव राजवंशी, रमेश मंडल, अरुण मंडल, राजेश रविदास, शिशु मंगल, गौरांग मंडल, सोना मंडल तथा गुलाम अंबिया</strong> सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।</p>
<p>बैठक का समापन संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित करने के संकल्प के साथ किया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने का संकल्प दोहराया।</p>
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		<title>🌳⚖️ पर्यावरण संरक्षण का संदेश: न्यायिक परिवार ने किया व्यापक वृक्षारोपण, नव निर्माणाधीन न्यायिक आवास परिसर में लगाए फलदार व छायादार पौधे</title>
		<link>https://deshprahari.com/%f0%9f%8c%b3%e2%9a%96%ef%b8%8f-message-of-environmental-protection-judicial-family-did-extensive-tree-plantation-and-planted-trees-and-shade-in-the-newly-constructed-judicial-house-complex/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 15:53:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[विश्व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में न्यायपालिका की सराहनीय पहल पाकुड़। पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झालसा रांची के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पुलिस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>विश्व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में न्यायपालिका की सराहनीय पहल</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़</strong> के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण <strong>वृक्षारोपण कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम <strong>झालसा रांची</strong> के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पुलिस कर्मियों तथा सामाजिक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन <strong>पोस्ट ऑफिस पाकुड़ के समीप स्थित नव निर्माणाधीन प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय के आवास परिसर</strong> में किया गया।</p>
<h2><strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया कार्यक्रम का नेतृत्व</strong></h2>
<p>वृक्षारोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय</strong> ने की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वयं पौधारोपण कर उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण को देखते हुए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक हो गया है। पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण को संतुलित बनाए रखते हैं बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए भी अनिवार्य हैं।</p>
<h2><strong>&#8216;पेड़ लगाना ही नहीं, उनकी रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी&#8217;</strong></h2>
<p>अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडेय ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी हम सभी की <strong>सामूहिक जिम्मेदारी</strong> है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।</p>
<h2><strong>फलदार और छायादार पौधों से हरित होगा न्यायिक परिसर</strong></h2>
<p>वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान परिसर में <strong>आम, जामुन, अशोक, नीम</strong> सहित कई प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। इन पौधों का चयन पर्यावरणीय दृष्टिकोण से किया गया ताकि भविष्य में यह परिसर हरियाली से आच्छादित होकर स्वच्छ वातावरण प्रदान कर सके। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।</p>
<h2><strong>वृक्षारोपण के बाद न्यायिक आवास का किया निरीक्षण</strong></h2>
<p>वृक्षारोपण कार्यक्रम के समापन के पश्चात <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडेय</strong> तथा <strong>प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक</strong> ने नव निर्माणाधीन आवास परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य से जुड़े आवश्यक पहलुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित पक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए ताकि निर्माण कार्य समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा सके।</p>
<h2><strong>न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मियों की रही सक्रिय भागीदारी</strong></h2>
<p>इस अवसर पर न्यायिक परिवार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में <strong>अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद</strong>, <strong>मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्रा</strong>, <strong>डालसा सचिव रूपा बंदना किरो</strong>, <strong>अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी</strong>, <strong>प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास</strong>, <strong>अधिवक्ता स्वराज सिंह</strong>, <strong>पत्रकार तारक भगत</strong>, <strong>पीएलवी उत्पल मंडल</strong>, <strong>विजय कुमार राजवंशी</strong>, <strong>नीरज कुमार राउत</strong> सहित न्यायालय एवं पुलिस विभाग के कई कर्मियों ने सहभागिता निभाई।</p>
<h2><strong>पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का दिया गया संदेश</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। वृक्षारोपण जैसे अभियान न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बनते हैं।</p>
<h2><strong>हरित भविष्य के निर्माण का लिया गया संकल्प</strong></h2>
<p>कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देंगे। न्यायिक अधिकारियों की इस पहल की स्थानीय लोगों द्वारा भी सराहना की जा रही है, क्योंकि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का कार्य करेगा।</p>
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		<title>🌳🌱 विश्व पर्यावरण दिवस पर वार्ड पार्षद निभा देवी की अनूठी पहल, फलदार पौधों के रोपण से दिया हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title>
		<link>https://deshprahari.com/%f0%9f%8c%b3%f0%9f%8c%b1-on-world-environment-day-ward-councilor-nibha-devis-unique-initiative-gave-the-message-of-greenery-and-environmental-protection-by-planting-fruit-plants/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:57:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़ में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चला विशेष अभियान पाकुड़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे देश में जहां पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 की वार्ड पार्षद निभा देवी ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक प्रेरणादायक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>पाकुड़ में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चला विशेष अभियान</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे देश में जहां पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं <strong>पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 11</strong> की <strong>वार्ड पार्षद निभा देवी</strong> ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक प्रेरणादायक पहल की। उन्होंने अपने वार्ड अंतर्गत <strong>रेलवे कॉलोनी स्थित सिद्धार्थ नगर</strong> में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के <strong>फलदार पौधों</strong> का रोपण किया गया, जिससे भविष्य में न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि लोगों को फल भी प्राप्त होंगे।</p>
<hr />
<h2><strong>फलदार पौधों के रोपण से हरियाली बढ़ाने का प्रयास</strong></h2>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखते हुए कई <strong>फलदार वृक्षों के पौधे</strong> लगाए गए। पौधारोपण का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण तैयार करना भी था। लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर न केवल वातावरण को शुद्ध करेंगे बल्कि स्थानीय क्षेत्र में जैव विविधता को भी बढ़ावा देंगे।</p>
<p>वार्ड पार्षद ने कहा कि आज के समय में केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।</p>
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<h2><strong>महिलाओं और स्थानीय लोगों की रही सक्रिय भागीदारी</strong></h2>
<p>इस पौधारोपण कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं एवं नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान <strong>मनोरमा देवी, नम्रता ओझा, बबीता मंडल, कृष्णा तिवारी, ममता कुमारी, कुंती यादव, अपराजिता कुमारी, श्रद्धा कुमारी और मिस्टी कुमारी</strong> सहित कई लोगों की उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।</p>
<p>कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। लोगों ने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग इस प्रकार की पहल में भागीदारी निभाएं तो पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p>
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<h2><strong>पेड़ हैं जीवन का आधार : निभा देवी</strong></h2>
<p>पौधारोपण के अवसर पर वार्ड पार्षद <strong>निभा देवी</strong> ने पेड़ों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि <strong>पेड़ मानव जीवन के सबसे बड़े मित्र हैं।</strong> पेड़ हमें शुद्ध <strong>ऑक्सीजन</strong>, छाया, फल, फूल और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। इनके कारण धरती पर हरियाली बनी रहती है और प्राकृतिक संतुलन कायम रहता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में अधिक पेड़-पौधे होते हैं, वहां का वातावरण अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक होता है। पेड़ न केवल वायु प्रदूषण को कम करते हैं बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने और जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
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<h2><strong>घटती हरियाली और बढ़ती गर्मी पर जताई चिंता</strong></h2>
<p>वार्ड पार्षद ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से हो रही पेड़ों की कटाई और शहरीकरण के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इसका सीधा असर मौसम पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी महसूस कर रहे हैं कि हर वर्ष गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष देश के कई हिस्सों में <strong>रिकॉर्ड तोड़ गर्मी</strong> देखने को मिली। कई स्थानों पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। यह स्थिति स्पष्ट संकेत देती है कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में परिस्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं।</p>
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<h2><strong>जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव पूरी दुनिया झेल रही है</strong></h2>
<p>निभा देवी ने कहा कि आज <strong>जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज)</strong> का प्रभाव केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इसके दुष्परिणामों को झेल रही है। कहीं अत्यधिक वर्षा हो रही है तो कहीं सूखे की स्थिति बनी हुई है। कई क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह सब प्रकृति के साथ लगातार हो रहे असंतुलन का परिणाम है। यदि मानव समाज ने प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित नहीं किया तो भविष्य में पर्यावरणीय संकट और गहरा सकता है।</p>
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<h2><strong>पर्यावरण संतुलन ही समस्याओं का स्थायी समाधान</strong></h2>
<p>वार्ड पार्षद ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट का एकमात्र समाधान <strong>पर्यावरण संतुलन</strong> बनाए रखने में है। इसके लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करना होगा।</p>
<p>उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे। केवल पौधारोपण करना ही नहीं बल्कि उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।</p>
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<h2><strong>नगरवासियों से की जागरूकता बढ़ाने की अपील</strong></h2>
<p>अपने संबोधन में निभा देवी ने नगरवासियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने परिवार, पड़ोस और समाज के लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित करे। यदि हर नागरिक इस अभियान का हिस्सा बनेगा तो पूरे शहर में हरियाली का विस्तार होगा और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को भी पौधारोपण से जोड़ना आवश्यक है ताकि उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।</p>
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<h2><strong>हरियाली से समृद्ध और स्वच्छ भविष्य की ओर कदम</strong></h2>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि <strong>प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण</strong> की दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हुआ। वार्ड पार्षद निभा देवी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।</p>
<p>यदि इसी प्रकार सामूहिक भागीदारी के साथ वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के अभियान लगातार चलाए जाते रहे, तो आने वाले समय में पाकुड़ सहित पूरे क्षेत्र को अधिक <strong>हरा-भरा, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त वातावरण</strong> प्राप्त हो सकेगा। <strong>विश्व पर्यावरण दिवस</strong> के अवसर पर दिया गया यह संदेश निश्चित रूप से लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने वाला है। <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f33f.png" alt="🌿" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f30d.png" alt="🌍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f331.png" alt="🌱" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></p>
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		<title>🌿🩸 विश्व पर्यावरण दिवस पर पाकुड़ वन प्रमण्डल की अनूठी पहल: रक्तदान शिविर के माध्यम से दिया मानवता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:25:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं पाकुड़ वन प्रमण्डल ने इस महत्वपूर्ण दिवस को एक नई सोच और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए एक सराहनीय पहल की। &#8216;प्रकृति की रक्षा, जीवन की सुरक्षा&#8217; के संदेश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़। </strong>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं <strong>पाकुड़ वन प्रमण्डल</strong> ने इस महत्वपूर्ण दिवस को एक नई सोच और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए एक सराहनीय पहल की। <strong>&#8216;प्रकृति की रक्षा, जीवन की सुरक्षा&#8217;</strong> के संदेश के साथ वन प्रमण्डल कार्यालय परिसर में <strong>स्वैच्छिक रक्तदान शिविर (ब्लड डोनेशन कैंप)</strong> का आयोजन किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानवता की सेवा का परिचय दिया।</p>
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<h3><strong>पर्यावरण संरक्षण के साथ मानव जीवन बचाने का संदेश</strong></h3>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस आमतौर पर पेड़-पौधों के संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से मनाया जाता है। लेकिन इस वर्ष <strong>पाकुड़ वन प्रमण्डल</strong> ने इस अवसर को एक व्यापक सामाजिक अभियान का स्वरूप देते हुए यह संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा और मानव जीवन की सुरक्षा दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसी सोच के साथ रक्तदान शिविर का आयोजन कर लोगों को यह प्रेरणा दी गई कि जिस प्रकार पेड़-पौधे पृथ्वी को जीवन प्रदान करते हैं, उसी प्रकार रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।</p>
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<h3><strong>वन प्रमण्डल पदाधिकारी ने रक्तदान कर किया शिविर का शुभारंभ</strong></h3>
<p>आयोजित रक्तदान शिविर की शुरुआत <strong>वन प्रमण्डल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा</strong> ने स्वयं रक्तदान कर की। उनके इस कदम ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और युवाओं को रक्तदान के प्रति प्रेरित किया। शिविर में रक्तदान करने वालों की लंबी कतार देखने को मिली। लोगों ने स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान किया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।</p>
<p>इस अवसर पर <strong>जिला अस्पताल की रेड क्रॉस सोसायटी एवं ब्लड बैंक की टीम</strong> का विशेष सहयोग रहा। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की।</p>
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<h3><strong>&#8220;पेड़ जीवन देते हैं, रक्तदान जीवन बचाता है&#8221; – सौरभ चंद्रा</strong></h3>
<p>रक्तदान करने के बाद वन प्रमण्डल पदाधिकारी <strong>सौरभ चंद्रा</strong> ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण और मानव जीवन दोनों की रक्षा आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि,</p>
<p><em>&#8220;पेड़-पौधे लगाकर हम पर्यावरण को बचाते हैं और धरती को जीवन देते हैं। ठीक उसी तरह रक्तदान करके हम सीधे तौर पर किसी इंसान की जिंदगी बचाते हैं। वन विभाग का यह प्रयास समाज को यह संदेश देने के लिए है कि हमें प्रकृति के साथ-साथ मानवता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।&#8221;</em></p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करे तो देश में कभी भी रक्त की कमी की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और अनेक मरीजों का जीवन समय पर बचाया जा सकेगा।</p>
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<h3><strong>वन अधिकारियों, कर्मियों और युवाओं ने दिखाई सामाजिक प्रतिबद्धता</strong></h3>
<p>सुबह <strong>9 बजे</strong> से प्रारंभ हुए इस शिविर में वन विभाग के अधिकारी, महिला एवं पुरुष वनकर्मी तथा स्थानीय युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रक्तदान के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई प्रतिभागियों ने पहली बार रक्तदान किया और इसे मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बताया।</p>
<p>वन विभाग के कर्मियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यों में भागीदारी देना भी उनका नैतिक दायित्व है। रक्तदान शिविर के माध्यम से उन्होंने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है।</p>
<hr />
<h3><strong>गर्मी के मौसम में रक्त की कमी को दूर करने में मिलेगा सहयोग</strong></h3>
<p>शिविर में उपस्थित <strong>ब्लड बैंक के मुख्य चिकित्सक</strong> ने पाकुड़ वन प्रमण्डल द्वारा किए गए इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में अक्सर रक्त बैंकों में रक्त की उपलब्धता कम हो जाती है। ऐसे समय में आयोजित रक्तदान शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होते हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि एकत्रित किया गया रक्त <strong>थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, दुर्घटना में घायल मरीजों, गंभीर ऑपरेशन से गुजर रहे रोगियों तथा अन्य जरूरतमंद मरीजों</strong> के उपचार में उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त कई लोगों की जिंदगी बचाने में सहायक बन सकता है।</p>
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<h3><strong>पर्यावरण दिवस को मिला सामाजिक सेवा का नया आयाम</strong></h3>
<p>इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और मानव जीवन के प्रति संवेदनशीलता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। पाकुड़ वन प्रमण्डल की इस पहल ने विश्व पर्यावरण दिवस को एक नया आयाम प्रदान किया, जहां प्रकृति संरक्षण और मानव सेवा का सुंदर संगम देखने को मिला।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और युवाओं को जनकल्याणकारी कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
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<h3><strong>भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे मानवीय और जनहितकारी प्रयास</strong></h3>
<p>रक्तदान शिविर के समापन अवसर पर वन प्रमण्डल पदाधिकारी <strong>सौरभ चंद्रा</strong> ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, रेड क्रॉस एवं ब्लड बैंक की टीम तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि <strong>पाकुड़ वन प्रमण्डल</strong> भविष्य में भी पर्यावरण जागरूकता के साथ-साथ समाज हित और मानवता की सेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।</p>
<p>उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी मजबूत बनाएंगे।</p>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह <strong>स्वैच्छिक रक्तदान शिविर</strong> केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरणादायक संदेश था। <strong>पाकुड़ वन प्रमण्डल</strong> की यह अनूठी पहल आने वाले समय में अन्य संस्थाओं और संगठनों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा को भी समान महत्व दिया जाए। <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f333.png" alt="🌳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1fa78.png" alt="🩸" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f30d.png" alt="🌍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></p>
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			</item>
		<item>
		<title>🌿🦋 विश्व पर्यावरण दिवस से पहले छात्रों ने लिया प्रकृति संरक्षण का संकल्प, बरमसिया जीवाश्म स्थल और तितलियों की दुनिया ने किया रोमांचित</title>
		<link>https://deshprahari.com/%f0%9f%8c%bf%f0%9f%a6%8b-before-world-environment-day-students-took-a-pledge-to-conserve-nature-barmasiya-fossil-site-and-the-world-of-butterflies-made-them-romantic/</link>
					<comments>https://deshprahari.com/%f0%9f%8c%bf%f0%9f%a6%8b-before-world-environment-day-students-took-a-pledge-to-conserve-nature-barmasiya-fossil-site-and-the-world-of-butterflies-made-them-romantic/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 15:13:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़ में पर्यावरण जागरूकता के लिए आयोजित हुआ विशेष शैक्षणिक भ्रमण पाकुड़ वन प्रमण्डल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता तथा प्राकृतिक धरोहरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज +2 स्कूल, पाकुड़ के कुल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>पाकुड़ में पर्यावरण जागरूकता के लिए आयोजित हुआ विशेष शैक्षणिक भ्रमण</strong></h2>
<p>पाकुड़ वन प्रमण्डल द्वारा <strong>विश्व पर्यावरण दिवस</strong> के अवसर पर छात्रों को <strong>पर्यावरण संरक्षण</strong>, <strong>जैव विविधता</strong> तथा <strong>प्राकृतिक धरोहरों</strong> के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष <strong>शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में <strong>राज +2 स्कूल, पाकुड़</strong> के कुल <strong>34 छात्रों</strong> ने भाग लिया। भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर प्रकृति के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराना तथा उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।</p>
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<h2><strong>वन प्रमण्डल पदाधिकारी ने बताया पर्यावरण संरक्षण का महत्व</strong></h2>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में <strong>वन प्रमण्डल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा (भा०व०से०)</strong> ने छात्रों को संबोधित करते हुए <strong>विश्व पर्यावरण दिवस</strong> के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण, जंगलों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।</p>
<p>उन्होंने छात्रों से कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि आज की युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होगी, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी।</p>
<hr />
<h2><strong>हरी झंडी दिखाकर किया गया भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ</strong></h2>
<p>छात्रों को पर्यावरण और वन्य जीवन से रूबरू कराने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ वन प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा <strong>हरी झंडी दिखाकर</strong> किया गया। छात्रों में इस भ्रमण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के शिक्षक एवं वन विभाग के कर्मियों की देखरेख में विद्यार्थियों का दल विभिन्न प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के अवलोकन के लिए रवाना हुआ।</p>
<p>इस दौरान छात्रों को बताया गया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रकृति को नजदीक से समझना और उसके संरक्षण की आवश्यकता को महसूस करना है।</p>
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<h2><strong>बरमसिया जीवाश्म स्थल ने छात्रों को कराया करोड़ों वर्ष पुराने इतिहास से परिचय</strong></h2>
<p>भ्रमण के क्रम में विद्यार्थियों ने सबसे पहले <strong>बरमसिया जीवाश्म स्थल</strong> का अवलोकन किया। यहां छात्रों को पृथ्वी के प्राचीन इतिहास और जीवाश्मों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जीवाश्म केवल पत्थरों में संरक्षित अवशेष नहीं होते, बल्कि वे करोड़ों वर्ष पुराने जीवन और पर्यावरणीय परिस्थितियों के साक्ष्य भी हैं।</p>
<p>विद्यार्थियों ने बड़ी उत्सुकता के साथ जीवाश्म स्थल का निरीक्षण किया और यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार प्रकृति अपने भीतर इतिहास की अमूल्य धरोहरों को संजोए रखती है। इस स्थल ने छात्रों के भीतर विज्ञान, भूगोल और पर्यावरण के प्रति नई जिज्ञासा पैदा की।</p>
<hr />
<h2><strong>दूरदर्शी से पक्षियों का अवलोकन कर सीखी उनकी पहचान</strong></h2>
<p>भ्रमण के अगले चरण में विद्यार्थियों को <strong>दूरदर्शी (बाइनाक्यूलर)</strong> के माध्यम से विभिन्न प्रकार के पक्षियों का अवलोकन कराया गया। छात्रों ने प्राकृतिक वातावरण में विचरण कर रहे अनेक पक्षियों को नजदीक से देखा और उनके व्यवहार, रहन-सहन तथा पहचान के बारे में जानकारी प्राप्त की।</p>
<p>वन विभाग के कर्मियों ने छात्रों को बताया कि पक्षी पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे बीजों के प्रसार, कीट नियंत्रण तथा प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला को बनाए रखने में सहयोग करते हैं। पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति और अधिक रुचि विकसित हुई।</p>
<hr />
<h2><strong>बंद खदान क्षेत्र में दिखाई दी तितलियों की अद्भुत दुनिया</strong></h2>
<p>भ्रमण के अंतिम चरण में छात्र <strong>बरमसिया बंद खदान क्षेत्र</strong> पहुंचे, जहां उन्हें विभिन्न रंगों और आकारों की अनेक प्रजातियों की तितलियों का अवलोकन करने का अवसर मिला। तितलियों की सुंदरता और उनकी चंचल गतिविधियों ने छात्रों को बेहद आकर्षित किया।</p>
<p>वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि <strong>तितलियां पर्यावरणीय स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण संकेतक</strong> मानी जाती हैं। किसी क्षेत्र में तितलियों की अधिक संख्या यह दर्शाती है कि वहां का पारिस्थितिक तंत्र अपेक्षाकृत स्वस्थ है। साथ ही तितलियां पौधों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे जैव विविधता को बनाए रखने में सहायता मिलती है।</p>
<hr />
<h2><strong>जैव विविधता को देखकर छात्रों में बढ़ी प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता</strong></h2>
<p>विविध प्रकार के <strong>पशु-पक्षियों</strong>, <strong>तितलियों</strong> और प्राकृतिक संसाधनों को नजदीक से देखकर विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता विकसित हुई। छात्रों ने महसूस किया कि यदि जंगल, जल स्रोत और प्राकृतिक आवास सुरक्षित नहीं रहेंगे तो अनेक जीव-जंतु और पक्षी विलुप्त हो सकते हैं।</p>
<p>विद्यार्थियों ने यह भी समझा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पुस्तकों का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रकृति के संरक्षण से ही मानव जीवन का भविष्य सुरक्षित रह सकता है।</p>
<hr />
<h2><strong>पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का लिया संकल्प</strong></h2>
<p>शैक्षणिक भ्रमण के समापन पर विद्यार्थियों ने <strong>पर्यावरण संरक्षण</strong> के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। छात्रों ने कहा कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे।</p>
<p>उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के महत्व को समझेंगे तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। छात्रों का मानना था कि यदि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटा-सा प्रयास भी करे तो पृथ्वी को हरा-भरा और सुरक्षित बनाया जा सकता है।</p>
<hr />
<h2><strong>प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल</strong></h2>
<p>पाकुड़ वन प्रमण्डल द्वारा आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम छात्रों को <strong>प्रकृति, जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों</strong> से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करते हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।</p>
<p><strong>विश्व पर्यावरण दिवस</strong> के पूर्व आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया, जिसने उन्हें पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को केवल समझाया ही नहीं, बल्कि उसे महसूस भी कराया। <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f331.png" alt="🌱" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f99c.png" alt="🦜" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f98b.png" alt="🦋" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f30d.png" alt="🌍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></p>
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		<title>⚖️🤝 परिवार को फिर मिला नया जीवन: कुटुंब न्यायालय की पहल से सुलझा वैवाहिक विवाद, दंपति ने थामा एक-दूसरे का हाथ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:15:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[🏛️ पाकुड़ कुटुंब न्यायालय में सुलह-समझौते से समाप्त हुआ पारिवारिक विवाद पाकुड़। न्यायालय केवल कानूनी फैसले सुनाने का मंच ही नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को जोड़ने और परिवारों को फिर से एकजुट करने का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। इसका एक प्रेरणादायी उदाहरण सोमवार को पाकुड़ व्यवहार न्यायालय स्थित प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में देखने को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3db.png" alt="🏛" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पाकुड़ कुटुंब न्यायालय में सुलह-समझौते से समाप्त हुआ पारिवारिक विवाद</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> न्यायालय केवल कानूनी फैसले सुनाने का मंच ही नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को जोड़ने और परिवारों को फिर से एकजुट करने का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। इसका एक प्रेरणादायी उदाहरण सोमवार को <strong>पाकुड़ व्यवहार न्यायालय</strong> स्थित <strong>प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय</strong> में देखने को मिला, जहां लंबे समय से चल रहे एक वैवाहिक विवाद का सुखद समाधान निकालते हुए एक दंपति को पुनः साथ रहने के लिए तैयार किया गया।</p>
<p><strong>मूल भरण-पोषण वाद संख्या 40/2026</strong> में चल रहे मामले की सुनवाई के दौरान <strong>प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक</strong> के विशेष प्रयासों, संवेदनशील पहल और सकारात्मक संवाद के परिणामस्वरूप पति-पत्नी के बीच उत्पन्न मतभेदों को समाप्त कर दिया गया। न्यायालय की मध्यस्थतापूर्ण भूमिका ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और रिश्ते को नया अवसर देने के लिए प्रेरित किया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f49e.png" alt="💞" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> संवाद और समझदारी से पिघली रिश्तों की दीवार</strong></h2>
<p>जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विभिन्न कारणों को लेकर मतभेद चल रहे थे, जिसके कारण मामला न्यायालय तक पहुंच गया था। दोनों पक्षों के बीच दूरी इतनी बढ़ गई थी कि मामला <strong>भरण-पोषण वाद</strong> के रूप में न्यायालय में विचाराधीन था।</p>
<p>सुनवाई के दौरान न्यायालय ने केवल कानूनी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक पक्षों को भी गंभीरता से समझा। प्रधान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों से अलग-अलग तथा संयुक्त रूप से बातचीत कर उनके मन की बात सुनी और रिश्ते की अहमियत को समझाया। न्यायालय के इस मानवीय दृष्टिकोण का सकारात्मक प्रभाव पड़ा और दोनों पक्ष सुलह-समझौते के आधार पर विवाद समाप्त करने के लिए तैयार हो गए।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> एक साथ रहने पर बनी सहमति</strong></h2>
<p>लंबी बातचीत और आपसी समझ के बाद पति-पत्नी ने न्यायालय के समक्ष यह सहमति व्यक्त की कि वे अपने पुराने मतभेदों को भुलाकर पुनः एक साथ रहेंगे तथा वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देंगे।</p>
<p>यह सहमति केवल कानूनी समाधान नहीं थी, बल्कि एक परिवार को टूटने से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। न्यायालय परिसर में उपस्थित लोगों ने भी इस सकारात्मक परिणाम का स्वागत किया और इसे परिवार तथा समाज दोनों के लिए सुखद संदेश बताया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2696.png" alt="⚖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> न्यायाधीश ने दिया प्रेम और विश्वास का संदेश</strong></h2>
<p>सुलह के बाद <strong>प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक</strong> ने दंपति को संबोधित करते हुए कहा कि वैवाहिक जीवन आपसी विश्वास, सम्मान, धैर्य और समझदारी पर आधारित होता है। उन्होंने दोनों को सलाह दी कि वे भविष्य में किसी भी समस्या का समाधान संवाद और सहयोग से निकालें तथा एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए खुशहाल जीवन व्यतीत करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी संबंध होता है। इसलिए किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी बातचीत और समझदारी से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f36c.png" alt="🍬" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मिठाई खिलाकर मनाई नई शुरुआत की खुशी</strong></h2>
<p>सुलह-समझौते के बाद न्यायालय परिसर का माहौल भावुक और खुशी से भर गया। पति और पत्नी ने एक-दूसरे को अपने हाथों से <strong>मिठाई खिलाकर</strong> नई शुरुआत की खुशी व्यक्त की। इस दृश्य ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और न्यायालय परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।</p>
<p>मिठाई खिलाने की यह प्रतीकात्मक पहल इस बात का संकेत थी कि दोनों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्ते को एक नया अवसर देने का निर्णय लिया है। इसके बाद दोनों को हंसी-खुशी न्यायालय से विदा किया गया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f468-200d-2696-fe0f.png" alt="👨‍⚖️" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> अधिवक्ताओं की रही महत्वपूर्ण भूमिका</strong></h2>
<p>इस सफल मेल-मिलाप और समझौते में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं <strong>अब्बास अली</strong> एवं <strong>मोहन राय</strong> की भूमिका भी सराहनीय रही। दोनों अधिवक्ताओं ने अपने मुवक्किलों को समझाने और सकारात्मक समाधान की दिशा में प्रेरित करने का कार्य किया।</p>
<p>कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अधिवक्ताओं की सकारात्मक सोच और सहयोगात्मक रवैया विवादों को शीघ्र समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f465.png" alt="👥" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> न्यायालय कर्मियों और परिजनों की उपस्थिति में हुआ समझौता</strong></h2>
<p>इस अवसर पर न्यायालय के कर्मचारी, दोनों पक्षों के परिजन तथा <strong>पैरा लीगल वॉलिंटियर नीरज कुमार राउत</strong> भी उपस्थित रहे। सभी ने दंपति के इस निर्णय का स्वागत किया और उनके सुखद एवं सफल वैवाहिक जीवन की कामना की।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f31f.png" alt="🌟" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> परिवार बचाने की दिशा में न्यायालय की सराहनीय पहल</strong></h2>
<p>कुटुंब न्यायालयों का मूल उद्देश्य केवल विवादों का निपटारा करना नहीं, बल्कि टूटते हुए पारिवारिक रिश्तों को बचाना और समाज में पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना भी है। पाकुड़ कुटुंब न्यायालय में हुआ यह समझौता इसी उद्देश्य की सफल मिसाल बनकर सामने आया है।</p>
<p>यह घटना न केवल संबंधित दंपति के लिए नई शुरुआत का अवसर बनी, बल्कि समाज को भी यह संदेश देती है कि <strong>संवाद, धैर्य, विश्वास और समझदारी</strong> से बड़े से बड़े मतभेदों को समाप्त किया जा सकता है। न्यायालय की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ प्रयास किए जाते हैं, तो टूटते रिश्तों को भी फिर से जोड़ा जा सकता है।</p>
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		<title>🎓🌸 अभिभावक दिवस समारोह में उमड़ा सम्मान और उत्साह: मेधावी छात्रों को लैपटॉप, मोटरसाइकिल व साइकिल देकर किया गया सम्मानित</title>
		<link>https://deshprahari.com/%f0%9f%8e%93%f0%9f%8c%b8-there-was-respect-and-enthusiasm-in-the-parents-day-celebration-meritorious-students-were-honored-by-giving-them-laptop-motorcycle-and-bicycle/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:07:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[🏫 संत जेवियर्स मध्य विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया अभिभावक दिवस पाकुड़िया (पाकुड़)। संत जेवियर्स मध्य विद्यालय, बड़तल्ला, पलियादहा, पाकुड़िया में रविवार को अभिभावक दिवस (Parents Day) का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3eb.png" alt="🏫" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> संत जेवियर्स मध्य विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया अभिभावक दिवस</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़िया (पाकुड़)।</strong> संत जेवियर्स मध्य विद्यालय, बड़तल्ला, पलियादहा, पाकुड़िया में रविवार को <strong>अभिभावक दिवस (Parents Day)</strong> का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ पूर्वाह्न 11 बजे <strong>झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन</strong> के प्रदेश महासचिव <strong>रामरंजन कुमार सिंह</strong>, जिलाध्यक्ष <strong>गब्रियल मुर्मू</strong>, जिला सचिव <strong>राजकुमार भगत</strong>, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष <strong>मनोज भगत</strong>, प्रखंड अध्यक्ष <strong>जुलियस सोरेन</strong>, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह मुखिया <strong>दाऊद मरांडी</strong> एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा <strong>दीप प्रज्ज्वलित</strong> कर किया गया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3b6.png" alt="🎶" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> वंदे मातरम् और सरस्वती वंदना से गूंजा विद्यालय परिसर</strong></h2>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रस्तुत किए गए <strong>&#8220;वंदे मातरम्&#8221;</strong> गीत से हुई। गीत की प्रस्तुति के दौरान उपस्थित सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने खड़े होकर राष्ट्रभक्ति और सम्मान का परिचय दिया। इसके बाद <strong>सरस्वती वंदना</strong> के साथ कार्यक्रम को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा का माहौल देखने को मिला।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f490.png" alt="💐" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> अतिथियों और अभिभावकों का किया गया भव्य स्वागत</strong></h2>
<p>विद्यालय प्रबंधन की ओर से मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों एवं अभिभावकों का <strong>फूलों के गुलदस्ते</strong> देकर स्वागत किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य के अनुरोध पर मुख्य अतिथि रामरंजन कुमार सिंह ने विधिवत रूप से <strong>अभिभावक दिवस समारोह के शुभारंभ की घोषणा</strong> की। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय परिवार की इस पहल की सराहना की।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f468-200d-1f469-200d-1f467-200d-1f466.png" alt="👨‍👩‍👧‍👦" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> माता-पिता हैं जीवन के प्रथम शिक्षक : रामरंजन कुमार सिंह</strong></h2>
<p>समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव <strong>रामरंजन कुमार सिंह</strong> ने कहा कि <strong>अभिभावक दिवस</strong> हम सभी के लिए अत्यंत विशेष और गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि माता-पिता केवल जन्मदाता नहीं होते, बल्कि वे बच्चे के जीवन के पहले शिक्षक, मार्गदर्शक और सबसे बड़े शुभचिंतक भी होते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की नींव माता-पिता के त्याग, समर्पण और संघर्ष पर टिकी होती है। जब बच्चे छोटे होते हैं तो माता-पिता उन्हें चलना सिखाते हैं और बड़े होने पर उनके सपनों को पूरा करने के लिए अपने कई सपनों का त्याग कर देते हैं। उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि व्यस्त जीवनशैली के बीच भी बच्चों को अपने अभिभावकों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समय निकालना चाहिए।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f30d.png" alt="🌍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> जिम्मेदार पालन-पोषण का संदेश देता है अभिभावक दिवस</strong></h2>
<p>जिलाध्यक्ष <strong>गब्रियल मुर्मू</strong> ने अपने संबोधन में कहा कि माता-पिता हमारे जीवन के पहले शिक्षक, पहले मित्र और पहले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावक दिवस माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के लिए किए गए <strong>निस्वार्थ समर्पण, अथाह प्रेम और निरंतर सहयोग</strong> को सम्मान देने का अवसर है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अभिभावक दिवस का उद्देश्य समाज में <strong>जिम्मेदार पालन-पोषण</strong> को बढ़ावा देना तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की भूमिका को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि माता-पिता वास्तव में ईश्वर का प्रतिरूप होते हैं और उनके योगदान का मूल्य शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f5d3.png" alt="🗓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> वैश्विक माता-पिता दिवस के महत्व पर दिया गया जोर</strong></h2>
<p>विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह मुखिया <strong>दाऊद मरांडी</strong> ने कहा कि <strong>वैश्विक माता-पिता दिवस</strong> प्रत्येक वर्ष 1 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और बच्चों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान को सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3c6.png" alt="🏆" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> जिला टॉपर जोतन मुर्मू को मिला लैपटॉप, माता-पिता को मोटरसाइकिल</strong></h2>
<p>कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब विद्यालय के प्राचार्य <strong>सालभातोर मरांडी</strong> द्वारा वर्ष 2026 के <strong>जैक बोर्ड परीक्षा में पाकुड़ जिला टॉपर बने जोतन मुर्मू</strong> को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि रामरंजन कुमार सिंह के हाथों जोतन मुर्मू को <strong>लैपटॉप</strong> प्रदान किया गया।</p>
<p>इतना ही नहीं, जोतन मुर्मू के उत्कृष्ट प्रदर्शन से उत्साहित विद्यालय प्रबंधन ने उनके पिता <strong>जोहन मुर्मू</strong> एवं माता <strong>तालाकु हांसदा</strong> को भी <strong>मोटरसाइकिल भेंट कर सम्मानित</strong> किया। यह सम्मान समारोह उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि जोतन मुर्मू ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई इसी विद्यालय में की थी तथा नौवीं-दसवीं की कोचिंग भी यहीं से प्राप्त की थी।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6b4.png" alt="🚴" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> स्कूल टॉपर्स को साइकिल देकर किया गया सम्मानित</strong></h2>
<p>शैक्षणिक सत्र <strong>2025-26</strong> में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय के टॉपर्स को भी सम्मानित किया गया। विद्यालय के <strong>प्रथम टॉपर सुजीत हेंब्रम</strong> तथा <strong>द्वितीय टॉपर रामजी टुडू</strong> को साइकिल प्रदान की गई। सम्मान समारोह के दौरान छात्रों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4da.png" alt="📚" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> विषयवार मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान</strong></h2>
<p>विद्यालय द्वारा विभिन्न कक्षाओं में विषयवार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें <strong>अभि मुर्मू, राजमीला बेसरा, बलिराम हांसदा, पसंजीत किस्कू, शिबराम सोरेन, प्रकाश टुडू, रोहित मरांडी, प्रियंका मुर्मू, सोलन बास्की, एजेकल हांसदा, पोलेन मुर्मू, रमेश मुर्मू, अंशुमन मुर्मू, अनीशा किस्कू, सिमोन मरांडी, ब्रिजेस्ट मुर्मू, बिक्रम सोरेन और जिमी मुर्मू</strong> सहित कई छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।</p>
<p>विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हैं और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> शिक्षा और अभिभावकों के सहयोग से बनता है उज्ज्वल भविष्य</strong></h2>
<p>वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी बच्चे के सर्वांगीण विकास में विद्यालय और अभिभावकों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब शिक्षक और अभिभावक मिलकर कार्य करते हैं, तब बच्चों का शैक्षणिक, सामाजिक और नैतिक विकास बेहतर ढंग से संभव हो पाता है। इसी उद्देश्य से अभिभावक दिवस जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f465.png" alt="👥" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> सैकड़ों अभिभावकों और शिक्षाविदों की रही सहभागिता</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन पाकुड़ के पदाधिकारियों के अलावा <strong>ओपन स्काई स्मार्ट स्कूल</strong>, <strong>एसएमएस स्कूल पथरडांगा</strong>, <strong>क्रिस्ट एडवांटेज स्कूल पाथपहाड़ी</strong>, <strong>संत जोसेफ स्कूल सोगले</strong>, <strong>ज्ञान विकास आवासीय विद्यालय बोलको</strong>, <strong>मर्सी डिवाइन स्कूल हुलियापाथर</strong> तथा <strong>न्यू चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल गणपुरा</strong> के प्रधानाध्यापक एवं प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इसके अलावा सैकड़ों अभिभावकों ने समारोह में भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f1ee-1f1f3.png" alt="🇮🇳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन</strong></h2>
<p>अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से <strong>राष्ट्रगान</strong> गाया। राष्ट्रगान के पश्चात विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावक दिवस समारोह के सफल समापन की घोषणा की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था देखने को मिली।</p>
<h3><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f31f.png" alt="🌟" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> <strong>यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं बल्कि माता-पिता के त्याग, प्रेम और समर्पण को नमन करने का एक प्रेरणादायी अवसर साबित हुआ, जिसने शिक्षा और संस्कार के बीच मजबूत संबंध को पुनः स्थापित करने का कार्य किया।</strong></h3>
]]></content:encoded>
					
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		<title>🌿 विश्व पर्यावरण दिवस 2026: वन प्रमंडल ने शुरू किया पांच दिवसीय जागरूकता अभियान, मैराथन दौड़ और पौधारोपण के साथ होगा समापन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:00:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[🌱 पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष पहल पाकुड़। विश्वभर में मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर पाकुड़ वन प्रमंडल द्वारा व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी वन प्रमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f331.png" alt="🌱" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष पहल</strong></h1>
<p><strong>पाकुड़।</strong> विश्वभर में मनाए जाने वाले <strong>विश्व पर्यावरण दिवस 2026</strong> के अवसर पर <strong>पाकुड़ वन प्रमंडल</strong> द्वारा व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी <strong>वन प्रमंडल पदाधिकारी, पाकुड़</strong> के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों की शुरुआत की गई है।</p>
<p>वन विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विद्यार्थियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों को <strong>पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरियाली और जैव विविधता के महत्व</strong> के प्रति जागरूक करना है। विभाग का मानना है कि जनसहभागिता के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता, इसलिए कार्यक्रमों को समाज के विभिन्न वर्गों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/267b.png" alt="♻" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पांच दिनों तक चलेंगे विविध कार्यक्रम</strong></h2>
<p>वन प्रमंडल द्वारा आयोजित यह विशेष अभियान <strong>01 जून 2026 से 05 जून 2026</strong> तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।</p>
<p>अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त वातावरण, जैव विविधता के संरक्षण, प्राकृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता, पौधारोपण तथा स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संबंध को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि इन गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f9f9.png" alt="🧹" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पहले दिन चला प्लास्टिक साफ-सफाई अभियान</strong></h2>
<p>अभियान के पहले दिन <strong>01 जून 2026</strong> को <strong>प्रमंडलीय कार्यालय, पाकुड़</strong> एवं <strong>वन प्रक्षेत्र कार्यालय, पाकुड़</strong> में व्यापक <strong>प्लास्टिक साफ-सफाई अभियान</strong> चलाया गया। इस दौरान कार्यालय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक कचरे को हटाने का कार्य किया गया।</p>
<p>प्लास्टिक प्रदूषण आज पर्यावरण के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने अभियान की शुरुआत स्वच्छता और प्लास्टिक उन्मूलन के संदेश के साथ की। अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर साफ-सफाई कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई तथा लोगों को भी प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6b2.png" alt="🚲" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> वनकर्मियों ने दिया पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली का संदेश</strong></h2>
<p>पर्यावरण दिवस सप्ताह के दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी <strong>सौरव चंद्रा, भा.व.से.</strong> के निर्देशानुसार प्रमंडलीय एवं प्रक्षेत्र कार्यालयों के सभी वनकर्मियों ने एक अनूठी पहल करते हुए अपने कार्यालयों तक पहुंचने के लिए <strong>पैदल, साइकिल अथवा टोटो</strong> का उपयोग किया।</p>
<p>इस पहल का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि यदि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं तो प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मोटर वाहनों के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल साधनों का उपयोग न केवल ईंधन की बचत करता है बल्कि वायु प्रदूषण को भी कम करता है।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f98b.png" alt="🦋" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> विद्यार्थियों को दिखाए जाएंगे दुर्लभ जीव और प्राकृतिक धरोहरें</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के दूसरे दिन <strong>02 जून 2026</strong> को स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत बच्चों को <strong>बरमसिया फॉसिल्स</strong> तथा क्षेत्र में पाई जाने वाली <strong>दुर्लभ प्रजातियों की तितलियों</strong> से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>वन विभाग का मानना है कि बच्चों में प्रकृति के प्रति रुचि और संवेदनशीलता विकसित करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। जब विद्यार्थी प्राकृतिक धरोहरों और जैव विविधता को नजदीक से देखेंगे, तब उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत होगी।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f9fd.png" alt="🧽" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> विभिन्न वन प्रक्षेत्रों में चलेगा स्वच्छता अभियान</strong></h2>
<p>अभियान के तीसरे दिन <strong>03 जून 2026</strong> को वन प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वन प्रक्षेत्रों जैसे <strong>हिरणपुर, अमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर</strong> तथा अन्य कार्यालय परिसरों में व्यापक <strong>साफ-सफाई अभियान</strong> चलाया जाएगा।</p>
<p>इस कार्यक्रम के तहत कार्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थल तथा वन क्षेत्रों के आसपास स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन का आधार है।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3db.png" alt="🏛" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> अनुमंडल कार्यालय परिसर में भी होगा स्वच्छता कार्यक्रम</strong></h2>
<p>अभियान के चौथे दिन <strong>04 जून 2026</strong> को <strong>पाकुड़ अनुमंडल कार्यालय परिसर</strong> में विशेष साफ-सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक परिसरों को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के महत्व पर जोर दिया जाएगा।</p>
<p>वन विभाग का मानना है कि यदि सरकारी संस्थान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उदाहरण प्रस्तुत करें, तो आम नागरिक भी उससे प्रेरणा लेकर अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग करेंगे।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3c3-200d-2642-fe0f.png" alt="🏃‍♂️" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मैराथन दौड़ और पौधारोपण के साथ होगा समापन</strong></h2>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस यानी <strong>05 जून 2026</strong> को इस पांच दिवसीय अभियान का भव्य समापन किया जाएगा। समापन दिवस पर <strong>सिद्धू-कान्हू पार्क, पाकुड़</strong> से <strong>वन प्रमंडल कार्यालय, पाकुड़</strong> तक <strong>मैराथन दौड़</strong> आयोजित की जाएगी।</p>
<p>इसके साथ-साथ बड़े पैमाने पर <strong>पौधारोपण कार्यक्रम</strong> भी चलाया जाएगा। पौधारोपण को पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है, क्योंकि पेड़ न केवल वायु को शुद्ध करते हैं बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता को संरक्षित करने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
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<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f30d.png" alt="🌍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल</strong></h2>
<p>पाकुड़ वन प्रमंडल द्वारा आयोजित यह पांच दिवसीय अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि <strong>पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल</strong> है। स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त वातावरण, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल परिवहन, विद्यार्थियों की सहभागिता और पौधारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से वन विभाग लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास कर रहा है।</p>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित ये कार्यक्रम निश्चित रूप से समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f333.png" alt="🌳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f30e.png" alt="🌎" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></p>
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		<title>🚭 तंबाकू मुक्त समाज की ओर बड़ा कदम: डालसा ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर चलाया व्यापक जागरूकता अभियान, छात्रों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 16:04:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़ में तंबाकू निषेध दिवस पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>पाकुड़ में तंबाकू निषेध दिवस पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची</strong> के निर्देशानुसार <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़</strong> द्वारा <strong>विश्व तंबाकू निषेध दिवस</strong> के अवसर पर एक व्यापक <strong>जागरूकता अभियान</strong> चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को <strong>तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों</strong> के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना था।</p>
<p>यह कार्यक्रम <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश पर तथा <strong>डालसा सचिव रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन <strong>पाकुड़ प्रखंड परिसर स्थित एंडेवर एकेडमी प्रोजेक्ट प्रयास, पाकुड़ सेंटर</strong> में किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।</p>
<h2><strong>छात्रों को बताया गया तंबाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों का खतरा</strong></h2>
<p>जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों को विस्तारपूर्वक बताया गया कि <strong>तंबाकू मानव स्वास्थ्य का सबसे बड़ा शत्रु</strong> है। विशेषज्ञों एवं कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने बताया कि तंबाकू का सेवन धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करता है और कई गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों को जन्म देता है।</p>
<p>छात्रों को जानकारी दी गई कि <strong>बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पादों</strong> के सेवन से <strong>कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, उच्च रक्तचाप, सांस संबंधी समस्याएं, मुंह और गले का कैंसर</strong> जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा तंबाकू का प्रभाव केवल सेवन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।</p>
<h2><strong>नशामुक्त जीवन और तंबाकू मुक्त समाज का लिया गया संकल्प</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से <strong>तंबाकू का सेवन नहीं करने</strong> का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने यह भी प्रतिज्ञा की कि वे स्वयं कभी भी <strong>बीड़ी, सिगरेट, पान, गुटखा, खैनी या किसी भी प्रकार के नशीले तंबाकू उत्पादों</strong> का उपयोग नहीं करेंगे और अपने मित्रों, परिवारजनों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।</p>
<p>संकल्प कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कहा कि वे अपने घर, विद्यालय, कार्यालय तथा सार्वजनिक संस्थानों को <strong>तंबाकू मुक्त क्षेत्र</strong> बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। सभी ने मिलकर यह वचन लिया कि वे अपने स्वास्थ्य, अपने परिवार, अपने समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए तंबाकू से दूरी बनाए रखेंगे।</p>
<h2><strong>स्वस्थ भारत के निर्माण का दिया गया संदेश</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी तंबाकू और अन्य नशे की लत से दूर रहती है, तो एक <strong>स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध भारत</strong> का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को सोशल मीडिया, साथियों के दबाव और विभिन्न प्रलोभनों से बचते हुए अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और तंबाकू जैसी आदतें इस पूंजी को धीरे-धीरे समाप्त कर देती हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह स्वयं जागरूक बने और दूसरों को भी जागरूक करे।</p>
<h2><strong>शिक्षकों और पीएलवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका</strong></h2>
<p>इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में <strong>एंडेवर एकेडमी</strong> के शिक्षक <strong>संजय कुमार</strong> तथा <strong>पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) नीरज कुमार राउत</strong> की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल भाषा में तंबाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई तथा तंबाकू निषेध से जुड़े संदेशों को गंभीरता से सुना। विद्यार्थियों ने भविष्य में इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।</p>
<h2><strong>महेशपुर क्षेत्र में भी चलाया गया जनजागरूकता अभियान</strong></h2>
<p>विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर केवल पाकुड़ ही नहीं, बल्कि <strong>महेशपुर प्रखंड</strong> के आसपास के क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान <strong>पारा लीगल वॉलंटियर चन्दन कुमार रविदास</strong> ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि <strong>अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन</strong> तभी संभव है जब लोग तंबाकू और अन्य नशे की आदतों को छोड़ें। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि तंबाकू पर खर्च होने वाला पैसा परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर लगाया जाए तो समाज अधिक मजबूत और समृद्ध बन सकता है।</p>
<h2><strong>तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में सार्थक पहल</strong></h2>
<p>जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा चलाया गया यह जागरूकता अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने यह संदेश दिया कि तंबाकू छोड़ना केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक कदम है।</p>
<p>विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का मजबूत संदेश दिया।</p>
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