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	<title>Jharkhand &#8211; Desh Prahari</title>
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		<title>बच्चे चित्र तो रोज बनाते हैं… लेकिन क्या उनका चित्र पूरे भारत तक पहुंच सकता है? जवाब छिपा है इस वेबसाइट में!</title>
		<link>https://deshprahari.com/children-draw-pictures-every-day-but-can-their-pictures-reach-the-whole-of-india-the-answer-is-hidden-in-this-website/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 08:50:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[साहिबगंज। बच्चे जब रंगों और कागज के साथ बैठते हैं तो वे केवल एक चित्र नहीं बनाते, बल्कि अपनी कल्पना, अपने सपनों और अपने आसपास की दुनिया को अपनी नजर से कागज पर उतारते हैं। किसी बच्चे की कल्पना में हरा-भरा भारत होता है, कोई आधुनिक तकनीक से सुसज्जित देश देखता है, तो कोई ऐसा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: left;"><strong>साहिबगंज।</strong> बच्चे जब रंगों और कागज के साथ बैठते हैं तो वे केवल एक चित्र नहीं बनाते, बल्कि अपनी कल्पना, अपने सपनों और अपने आसपास की दुनिया को अपनी नजर से कागज पर उतारते हैं। किसी बच्चे की कल्पना में हरा-भरा भारत होता है, कोई आधुनिक तकनीक से सुसज्जित देश देखता है, तो कोई ऐसा भारत बनाता है जहां शिक्षा, रोजगार, विज्ञान, पर्यावरण और समान अवसर हर व्यक्ति तक पहुंच चुके हों। लेकिन सवाल यह है कि इन नन्हे कलाकारों की कल्पना केवल घर, स्कूल या स्थानीय स्तर तक ही सीमित क्यों रहे?</p>
<p>अब ऐसा नहीं होगा।</p>
<p>साहिबगंज के <strong>कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट</strong> की पहल से देशभर के बच्चों, विद्यार्थियों और युवा कलाकारों को अपनी कलात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट <strong><a href="http://www.kalakunjart.com/?utm_source=chatgpt.com" target="_blank" rel="noopener">www.kalakunjart.com</a></strong> को इसी उद्देश्य से डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां कला से जुड़ी गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और संस्थान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को देशभर के लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।</p>
<p>वेबसाइट के माध्यम से आयोजित की जा रही <strong>अखिल भारतीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता “2047 में मेरे सपनों का भारत”</strong> इस समय विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल बच्चों से चित्र बनवाना या पुरस्कार के लिए प्रतिभागियों को जोड़ना नहीं है, बल्कि उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित करना है कि जब भारत वर्ष 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी पूरी करेगा, तब वे अपने देश को किस रूप में देखना चाहते हैं।</p>
<p>यही वजह है कि यह प्रतियोगिता सामान्य चित्रकला प्रतियोगिताओं से कुछ अलग मानी जा रही है।</p>
<h2>एक चित्र में छिपा हो सकता है पूरे भारत का सपना</h2>
<p>आज का बच्चा कल के भारत का नागरिक ही नहीं, बल्कि भविष्य के भारत का निर्माता भी है। उसकी सोच, उसकी कल्पना और उसके सपने आने वाले समय के भारत की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए “2047 में मेरे सपनों का भारत” विषय चुना गया है।</p>
<p>प्रतियोगिता में भाग लेने वाला बच्चा जब कागज पर अपना चित्र बनाएगा तो वह सिर्फ रंगों का इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि वह यह बताएगा कि उसकी नजर में भविष्य का भारत कैसा होना चाहिए।</p>
<p>किसी बच्चे की कल्पना में अत्याधुनिक शहर हो सकता है। किसी के चित्र में गांवों में बेहतर सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं दिखाई दे सकती हैं। कोई बच्चा अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों को चित्रित कर सकता है। कोई स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त भारत को अपनी कल्पना का हिस्सा बना सकता है। किसी के चित्र में नदियों, जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा का संदेश हो सकता है, तो कोई महिला सशक्तीकरण, डिजिटल शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता को अपने सपनों के भारत का आधार बना सकता है।</p>
<p>यानी एक छोटा सा चित्र अपने भीतर भारत के भविष्य की एक बड़ी कहानी समेट सकता है।</p>
<h2>साहिबगंज से देशभर के कलाकारों तक पहुंचेगा डिजिटल मंच</h2>
<p>कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का यह प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डिजिटल माध्यम ने भौगोलिक सीमाओं को काफी हद तक समाप्त कर दिया है।</p>
<p>पहले किसी बड़े स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों और कलाकारों को किसी बड़े शहर तक जाना पड़ता था। यात्रा, समय और आर्थिक खर्च के कारण छोटे शहरों, कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों की कई प्रतिभाएं राष्ट्रीय मंच तक पहुंच ही नहीं पाती थीं।</p>
<p>लेकिन ऑनलाइन माध्यम ने इस स्थिति को बदलने का अवसर दिया है।</p>
<p>अब साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, रांची, भागलपुर या देश के किसी भी दूसरे शहर अथवा गांव में रहने वाला प्रतिभागी इस डिजिटल मंच के माध्यम से प्रतियोगिता की जानकारी प्राप्त कर सकता है और अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।</p>
<p>यही इस पहल की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।</p>
<h2>आपके घर में भी हो सकता है कोई छिपा हुआ कलाकार</h2>
<p>कई बार अभिभावक अपने बच्चों की चित्रकारी को केवल शौक मानकर छोड़ देते हैं। बच्चा स्कूल की कॉपी के पीछे चित्र बनाता है, रंग भरता है, अलग-अलग आकृतियां बनाता है और अपनी कल्पना को कागज पर उतारता है। लेकिन वही शौक यदि सही मंच और सही प्रोत्साहन प्राप्त करे तो भविष्य में उसकी पहचान बन सकता है।</p>
<p>जरूरत है केवल उस प्रतिभा को पहचानने की।</p>
<p>यदि आपके घर में कोई बच्चा चित्र बनाने में रुचि रखता है, रंगों के साथ प्रयोग करता है, नई चीजों की कल्पना करता है या लगातार चित्रकारी करने के लिए उत्साहित रहता है, तो “2047 में मेरे सपनों का भारत” उसके लिए अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।</p>
<p>यह जरूरी नहीं कि बच्चा किसी बड़े शहर के प्रतिष्ठित कला विद्यालय में पढ़ता हो।</p>
<p>यह भी जरूरी नहीं कि वह पहले किसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पुरस्कार जीत चुका हो।</p>
<p>सबसे महत्वपूर्ण है उसकी <strong>कल्पना, रचनात्मकता और अपने सपनों को चित्र के माध्यम से व्यक्त करने की क्षमता।</strong></p>
<h2>“2047 में मेरे सपनों का भारत” क्यों है खास?</h2>
<p>प्रतियोगिता का विषय अपने आप में बच्चों को सोचने के लिए प्रेरित करता है।</p>
<p>भारत वर्ष 2047 में अपनी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। यानी आज का बच्चा जब उस समय को देखेगा तो उसके सामने भारत का एक बिल्कुल नया स्वरूप होगा।</p>
<p>लेकिन वह स्वरूप कैसा होगा?</p>
<p>क्या भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैज्ञानिक शक्तियों में शामिल होगा?</p>
<p>क्या भारत अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयां हासिल करेगा?</p>
<p>क्या गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी?</p>
<p>क्या हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिलेगी?</p>
<p>क्या भारत पूरी तरह स्वच्छ और हरित देश बनेगा?</p>
<p>क्या पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी?</p>
<p>क्या महिलाएं हर क्षेत्र में समान रूप से आगे होंगी?</p>
<p>क्या डिजिटल तकनीक हर व्यक्ति के जीवन को आसान बनाएगी?</p>
<p>क्या भारत आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा?</p>
<p>इन तमाम सवालों के जवाब बच्चे अपनी कल्पना के रंगों से दे सकते हैं।</p>
<p>यही कारण है कि यह प्रतियोगिता केवल चित्र बनाने की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि <strong>भविष्य के भारत की कल्पना करने का रचनात्मक अभियान</strong> भी बन सकती है।</p>
<h2>पांच आयु वर्गों में मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर</h2>
<p>प्रतियोगिता को पांच अलग-अलग आयु वर्गों में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग उम्र के बच्चों और प्रतिभागियों को अपनी क्षमता के अनुरूप कला प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।</p>
<p>छोटे बच्चों की कल्पना और चित्रकारी की शैली अलग होती है, जबकि बड़े बच्चों और युवा कलाकारों की सोच और तकनीक अलग हो सकती है। आयु वर्ग के अनुसार प्रतियोगिता आयोजित किए जाने से प्रतिभागियों को अपने स्तर के अन्य कलाकारों के साथ अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>इससे प्रतियोगिता में अधिक से अधिक बच्चों और विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2>सिर्फ बड़े शहर नहीं, गांव और छोटे कस्बे भी बनेंगे हिस्सा</h2>
<p>भारत की कला प्रतिभा केवल महानगरों में नहीं रहती। देश के छोटे-छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में भी ऐसे बच्चे और युवा हैं जिनमें अद्भुत रचनात्मक क्षमता है।</p>
<p>कई बार संसाधनों की कमी के कारण इन प्रतिभाओं को वह मंच नहीं मिल पाता, जिसकी उन्हें जरूरत होती है।</p>
<p>ऑनलाइन प्रतियोगिता का सबसे बड़ा फायदा यही है कि प्रतिभागी अपने स्थान से ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता से जुड़ सकता है।</p>
<p>साहिबगंज से शुरू हुआ यह डिजिटल प्रयास यदि देशभर के बच्चों तक पहुंचता है, तो यह उन प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है जो अपने शहर या क्षेत्र से बाहर जाए बिना अपनी कला को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करना चाहते हैं।</p>
<h2>अभिभावकों के लिए भी है महत्वपूर्ण अवसर</h2>
<p>इस प्रतियोगिता को केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि अभिभावकों के लिए भी एक अवसर के रूप में देखा जा सकता है।</p>
<p>अक्सर माता-पिता बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा और करियर की तैयारी पर पूरा ध्यान देते हैं। यह जरूरी भी है। लेकिन बच्चों के भीतर मौजूद रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी उनके व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p>यदि आपका बच्चा चित्रकारी में रुचि रखता है तो उसे केवल यह कहकर न रोकें कि “पहले पढ़ाई करो।”</p>
<p>कभी-कभी वही चित्रकारी बच्चे के भीतर छिपे आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>
<p>ऐसे में अभिभावक अपने बच्चे को प्रतियोगिता के विषय से परिचित करा सकते हैं और उससे पूछ सकते हैं—</p>
<p><strong>“तुम्हारे सपनों का भारत 2047 में कैसा होगा?”</strong></p>
<p>संभव है कि बच्चे के पास इस सवाल का ऐसा जवाब हो, जिसकी आपने कभी कल्पना भी न की हो।</p>
<h2>प्रतियोगिता के माध्यम से कई महत्वपूर्ण विषयों को चित्रों में उतारा जा सकता है</h2>
<p>“2047 में मेरे सपनों का भारत” विषय इतना व्यापक है कि प्रतिभागियों के पास अपनी कल्पना को व्यक्त करने के लिए अनेक विकल्प हैं।</p>
<p>चित्र में दिखाई दे सकता है—</p>
<ul>
<li>विकसित भारत</li>
<li>स्वच्छ एवं हरित भारत</li>
<li>आत्मनिर्भर भारत</li>
<li>वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से मजबूत भारत</li>
<li>अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियां</li>
<li>आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा</li>
<li>डिजिटल भारत</li>
<li>महिला सशक्तीकरण</li>
<li>ग्रामीण विकास</li>
<li>किसानों का समृद्ध भविष्य</li>
<li>पर्यावरण संरक्षण</li>
<li>जैव विविधता संरक्षण</li>
<li>स्वच्छ नदियां और प्राकृतिक संसाधन</li>
<li>आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं</li>
<li>सामाजिक समरसता</li>
<li>भारतीय संस्कृति एवं विरासत</li>
<li>रोजगार के नए अवसर</li>
<li>आधुनिक परिवहन</li>
<li>स्मार्ट एवं सुरक्षित शहर</li>
<li>मजबूत और आत्मनिर्भर गांव</li>
</ul>
<p>लेकिन प्रतिभागियों की कल्पना इन विषयों तक सीमित नहीं है। वे अपने सपनों के भारत को जिस रचनात्मक तरीके से देखना चाहते हैं, उसे चित्र के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं।</p>
<h2>प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सबसे पहले वेबसाइट पर जाएं</h2>
<p>प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छा रखने वाले प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम है—</p>
<p><strong><a href="http://www.kalakunjart.com/?utm_source=chatgpt.com" target="_blank" rel="noopener">www.kalakunjart.com</a></strong></p>
<p>यही वेबसाइट कला कुंज की गतिविधियों, प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी, नियम एवं दिशा-निर्देश तथा पंजीकरण से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का प्रमुख माध्यम है।</p>
<p>इसलिए जो भी अभिभावक अपने बच्चे को प्रतियोगिता में शामिल करना चाहते हैं, वे वेबसाइट पर जाकर प्रतियोगिता से संबंधित पूरी जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करें।</p>
<h2>“पुरस्कार” से आगे है इस प्रतियोगिता का असली उद्देश्य</h2>
<p>किसी भी प्रतियोगिता में पुरस्कार आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। लेकिन इस पहल का उद्देश्य केवल पुरस्कार जीतना नहीं है।</p>
<p>इस प्रतियोगिता की असली खूबसूरती इस बात में है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बच्चे एक ही विषय पर अपनी-अपनी कल्पना प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>एक ही सवाल—</p>
<p><strong>“2047 में मेरे सपनों का भारत कैसा होगा?”</strong></p>
<p>लेकिन उसके हजारों अलग-अलग जवाब हो सकते हैं।</p>
<p>किसी चित्र में विज्ञान होगा, किसी में प्रकृति।</p>
<p>किसी में आधुनिक शहर होंगे, किसी में विकसित गांव।</p>
<p>किसी में अंतरिक्ष की उड़ान होगी, किसी में खेतों में खुशहाल किसान।</p>
<p>किसी में बेटियां आगे बढ़ती दिखाई देंगी, तो किसी में बच्चे आधुनिक स्कूलों में पढ़ते नजर आएंगे।</p>
<p>यही विविधता इस प्रतियोगिता को खास बना सकती है।</p>
<h2>आज का चित्र, कल की पहचान</h2>
<p>कई बड़े कलाकारों की यात्रा किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि एक साधारण कागज और कुछ रंगों से शुरू हुई थी।</p>
<p>बच्चे को शुरुआत में यह पता नहीं होता कि उसकी प्रतिभा उसे भविष्य में कहां तक ले जाएगी। लेकिन यदि उसे समय पर प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और मंच मिले तो वही प्रतिभा आगे चलकर उसकी पहचान बन सकती है।</p>
<p>कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट इसी दिशा में बच्चों और कलाकारों को अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।</p>
<p>संस्थान चित्रकला के साथ-साथ संगीत और नृत्य जैसी भारतीय कला विधाओं को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रहा है तथा <strong>प्राचीन कला केन्द्र, चंडीगढ़</strong> से संबद्ध है।</p>
<p>इस डिजिटल पहल के माध्यम से संस्थान की गतिविधियों को देशभर के कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और कलाकारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<h2>अगर आपके बच्चे में हुनर है तो उसे मौका जरूर दें</h2>
<p>हो सकता है आपका बच्चा अभी केवल स्कूल की ड्राइंग प्रतियोगिताओं में भाग लेता हो।</p>
<p>हो सकता है वह घर पर बैठकर चित्र बनाता हो।</p>
<p>हो सकता है वह हर खाली कागज पर कुछ न कुछ बनाने लगता हो।</p>
<p>हो सकता है वह रंगों से अपनी अलग दुनिया बनाता हो।</p>
<p>तो इस प्रतिभा को केवल “शौक” मानकर नजरअंदाज न करें।</p>
<p>उसे एक विषय दें।</p>
<p>उससे उसके सपनों के बारे में पूछें।</p>
<p>उसे कल्पना करने दें।</p>
<p>और फिर उसकी कल्पना को रंगों के माध्यम से कागज पर उतरने दें।</p>
<p><strong>कौन जाने, आज आपके घर की दीवार पर टंगा एक छोटा सा चित्र कल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल कर ले।</strong></p>
<h2>देशभर के बच्चों तक पहुंचाने की जरूरत</h2>
<p>यह पहल जितने अधिक बच्चों तक पहुंचेगी, उतनी ही अधिक प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>इसलिए केवल प्रतिभागियों से ही नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूलों, कला शिक्षकों और कला प्रेमियों से भी अपील की जा सकती है कि वे इस प्रतियोगिता की जानकारी अपने आसपास के बच्चों तक पहुंचाएं।</p>
<p>स्कूल अपने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की जानकारी दे सकते हैं।</p>
<p>शिक्षक बच्चों को “2047 में मेरे सपनों का भारत” विषय पर सोचने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।</p>
<p>अभिभावक अपने बच्चों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।</p>
<p>और जो लोग कला से जुड़े हैं, वे इस अवसर की जानकारी अधिक से अधिक प्रतिभाशाली बच्चों तक पहुंचा सकते हैं।</p>
<p>एक छोटी सी सूचना किसी बच्चे के लिए बड़े अवसर का दरवाजा खोल सकती है।</p>
<h2>साहिबगंज से निकली पहल को राष्ट्रीय अभियान बनाने का अवसर</h2>
<p>कला कुंज आर्ट एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की यह पहल साहिबगंज जैसे शहर से निकलकर देशभर के बच्चों और कलाकारों को जोड़ने की क्षमता रखती है।</p>
<p>डिजिटल प्लेटफॉर्म की वजह से अब किसी प्रतिभागी की पहचान केवल उसके शहर या स्कूल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।</p>
<p>यदि प्रतिभा है, तो उसे मंच मिलना चाहिए।</p>
<p>यदि कल्पना है, तो उसे अभिव्यक्ति मिलनी चाहिए।</p>
<p>यदि सपने हैं, तो उन्हें दुनिया के सामने रखने का अवसर मिलना चाहिए।</p>
<p>“2047 में मेरे सपनों का भारत” इसी सोच को चित्रों के माध्यम से सामने लाने का प्रयास है।</p>
<h2>तो इंतजार किस बात का?</h2>
<p>अगर आपके घर में कोई बच्चा, विद्यार्थी या युवा कलाकार चित्रकारी में रुचि रखता है, तो उसे इस अवसर के बारे में जरूर बताएं।</p>
<p>उसे प्रतियोगिता का विषय समझाएं।</p>
<p>उससे पूछें कि वह 2047 का भारत कैसा देखना चाहता है।</p>
<p>उसे अपनी कल्पना के अनुसार चित्र बनाने दें।</p>
<p>और प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सबसे पहले <strong><a href="http://www.kalakunjart.com/?utm_source=chatgpt.com" target="_blank" rel="noopener">www.kalakunjart.com</a></strong> पर जाकर प्रतियोगिता से संबंधित नियम, आयु वर्ग, दिशा-निर्देश और पंजीकरण की पूरी जानकारी प्राप्त करें।</p>
<p><strong>क्योंकि संभव है कि आपके बच्चे के हाथ में पकड़ी हुई पेंसिल या ब्रश सिर्फ एक चित्र न बना रही हो—वह आने वाले भारत का सपना कागज पर उतार रही हो।</strong></p>
<h3>देशभर के अभिभावकों और प्रतिभागियों से अपील</h3>
<p><strong>अगर आपके बच्चे में चित्रकारी की प्रतिभा है, तो उसे यह खबर जरूर दिखाएं।<br />
अगर आप शिक्षक हैं, तो अपने विद्यार्थियों तक यह जानकारी पहुंचाएं।<br />
अगर आप किसी स्कूल या कला संस्थान से जुड़े हैं, तो अधिक से अधिक बच्चों को इस अवसर के बारे में बताएं।<br />
और अगर आप कला प्रेमी हैं, तो इस पहल की जानकारी अपने परिचितों तक जरूर पहुंचाएं।</strong></p>
<p><strong>एक प्रतिभागी बढ़ेगा तो एक प्रतिभा जुड़ेगी।<br />
एक प्रतिभा जुड़ेगी तो एक सपना राष्ट्रीय मंच तक पहुंचेगा।<br />
और हजारों सपने जुड़ेंगे तो 2047 के भारत की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आएगी।</strong></p>
<p><strong>प्रतियोगिता एवं पंजीकरण की विस्तृत जानकारी के लिए अभी देखें — <a href="http://www.kalakunjart.com/?utm_source=chatgpt.com" target="_blank" rel="noopener">www.kalakunjart.com</a></strong></p>
<p><strong>विषय:</strong> 2047 में मेरे सपनों का भारत<br />
<strong>स्तर:</strong> अखिल भारतीय<br />
<strong>माध्यम:</strong> ऑनलाइन<br />
<strong>आयु वर्ग:</strong> पाँच श्रेणियां<br />
<strong>मुख्य उद्देश्य:</strong> बच्चों, विद्यार्थियों और युवा कलाकारों को अपनी कल्पना एवं कलात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देना।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>बड़कागढ़ रियासत में परंपरागत विजयादशमी महोत्सव, मां चिंतामणि की पूजा और अपराजिता बांधने की निभाई गई परंपरा</title>
		<link>https://deshprahari.com/traditional-vijayadashami-festival-in-barkgarh-princely-state-to-worship-and-bind-aparajita/</link>
					<comments>https://deshprahari.com/traditional-vijayadashami-festival-in-barkgarh-princely-state-to-worship-and-bind-aparajita/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Oct 2025 16:11:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा पर्व विजयादशमी महोत्सव का आयोजन बड़कागढ़ रियासत, हटियागढ़ में हर साल की तरह इस बार भी भव्य तरीके से किया गया। यह परंपरा अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के समय से ही चली आ रही है। कहा जाता है कि उस दौर से ही बड़कागढ़ रियासत के ग्रामीण और गणमान्य लोग [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4>ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा पर्व</h4>
<p><strong>विजयादशमी महोत्सव</strong> का आयोजन <strong>बड़कागढ़ रियासत, हटियागढ़</strong> में हर साल की तरह इस बार भी भव्य तरीके से किया गया। यह परंपरा <strong>अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव</strong> के समय से ही चली आ रही है। कहा जाता है कि उस दौर से ही बड़कागढ़ रियासत के ग्रामीण और गणमान्य लोग मिलकर इस पर्व को बड़े उल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं।</p>
<hr />
<h4>मां भगवती चिंतामणि की पूजा</h4>
<p>परंपरा के अनुसार सबसे पहले <strong>मां भगवती चिंतामणि</strong> की पूजा-अर्चना की जाती है। ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के समय से ही विजयादशमी के दिन विशेष पूजा की परंपरा रही है। पूजा के उपरांत <strong>प्रसाद</strong> तैयार किया जाता है और उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं ग्रामीणों को प्रसाद ग्रहण कराया जाता है। इस अवसर पर एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी जाती हैं और पान खिलाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है।</p>
<hr />
<h4>अपराजिता बांधने की परंपरा</h4>
<p>इस महोत्सव की विशेषता है <strong>अपराजिता बांधने की परंपरा</strong>। राजपुरोहित <strong>सदन गोपाल शर्मा</strong> ने राज परिवार के सभी सदस्यों को अपराजिता बांधा। परंपरा के अनुसार, परिवार की बहू और बेटियों के घर जाकर भी राजपुरोहित अपराजिता बांधते हैं और उन्हें <strong>“सौभाग्यवती भव” एवं “विजयी भव”</strong> का आशीर्वाद देते हैं। यह अनूठी परंपरा परिवार और समाज में शुभता, सौभाग्य और विजय का संदेश देती है।</p>
<hr />
<h4>रावण वध की स्मृति से जुड़ा पर्व</h4>
<p>इस अवसर पर उपस्थित लोगों को बताया गया कि विजयादशमी का महत्व <strong>भगवान राम द्वारा रावण वध</strong> से जुड़ा है। मान्यता है कि भगवान राम ने <strong>नवरात्र के नौ दिनों</strong> तक मां दुर्गा की उपासना की थी और दसवें दिन रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की विजय प्राप्त की थी। तभी से <strong>दशहरा पर्व</strong> मनाने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी लोगों को धर्म और पराक्रम का संदेश देती है।</p>
<hr />
<h4>उत्तराधिकारी ने किया आयोजन</h4>
<p>इस वर्ष भी इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत रखते हुए <strong>बड़कागढ़ रियासत के उत्तराधिकारी राजेशनाथ शाहदेव</strong> ने अपने हटिया स्थित निवास पर <strong>विजयादशमी महोत्सव</strong> का आयोजन किया। पूरे नौ दिन तक मां चिंतामणि की विशेष आराधना की गई और दशमी तिथि पर <strong>दशहरा मिलन समारोह</strong> मनाया गया। इस अवसर पर सभी ग्रामीणों और गणमान्य व्यक्तियों ने प्रसाद ग्रहण किया और पान खाने के बाद सम्मानपूर्वक विदा हुए।</p>
<hr />
<h4>गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति</h4>
<p>समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्य रूप से <strong>लाल सचिंद्र देव, मीरा देवी, राखी शाहदेव, रेखा देव, सदन गोपाल शर्मा, सुषमा शाहदेव, बिपिन कुमार, लाल धर्मेंद्र देव, शैलेंद्र शाहदेव, लाल सुरेंद्र देव (सोनू), शान प्रताप, मयंक प्रताप, भीखम उरांव, अंकित उरांव, महेंद्र लोहारा, शुभम कुमार सिंह, रितेश कुमार सिंह, सतनारायण सिंह, राजेश साहू, विक्रम लोहारा, टिंकू उरांव, बसंत लोहारा, रामबृषक महतो, बिरसा महतो</strong> समेत अनेक गणमान्य और ग्रामीण मौजूद रहे।</p>
<hr />
<h4>सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व</h4>
<p>यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि यह <strong>सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर</strong> को भी जीवित रखने का कार्य करता है। विजयादशमी महोत्सव हर साल लोगों को जोड़ता है और परंपरा के साथ-साथ <strong>गौरवशाली इतिहास</strong> की याद भी दिलाता है।</p>
<hr />
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> इस प्रकार बड़कागढ़ रियासत का विजयादशमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि <strong>संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक</strong> बन चुका है।</p>
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		<item>
		<title>आवाहन IAS अकादमी में शिक्षक दिवस का उल्लासपूर्वक आयोजन</title>
		<link>https://deshprahari.com/teachers-day-organized-with-great-enthusiasm-at-avahan-ias-academy/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Sep 2024 15:58:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[देशभर में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है, और इस बार आवाहन IAS अकादमी ने भी शिक्षक दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्था के संचालक आलोक कुमार चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। शिक्षक और छात्रों ने डॉ. सर्वपल्ली [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">देशभर में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है, और इस बार आवाहन IAS अकादमी ने भी शिक्षक दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्था के संचालक आलोक कुमार चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। शिक्षक और छात्रों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। यह दिन देश के महान शिक्षक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन पर उन्हें सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने शिक्षा और शिक्षकों के महत्व को समझाया और उनका आदर करने की प्रेरणा दी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आलोक कुमार चौधरी ने इस अवसर पर छात्रों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए और शिक्षा में डॉ. राधाकृष्णन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, &#8220;शिक्षक दिवस न केवल शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है, बल्कि शिक्षा की महत्ता को समझने और समाज में शिक्षकों की भूमिका को स्वीकार करने का भी दिन है। शिक्षा वह आधारशिला है, जो समाज को समृद्धि, विकास और शांति की ओर ले जाती है।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">आलोक कुमार चौधरी ने शिक्षा के महत्व और समाज में शिक्षकों की भूमिका पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि शिक्षक सिर्फ छात्रों को किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। शिक्षक वह मार्गदर्शक होते हैं, जो छात्रों को उनके जीवन के लक्ष्यों को पहचानने में मदद करते हैं। आलोक कुमार चौधरी ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक अपने छात्रों के भीतर न केवल ज्ञान का दीप जलाता है, बल्कि उन्हें आत्म-विश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर भी प्रेरित करता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">शिक्षक दिवस का महत्व</mark></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक दिवस के अवसर पर आलोक कुमार चौधरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉ. राधाकृष्णन की शिक्षा के प्रति समर्पण और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने शिक्षा को समाज का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षकों का योगदान सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें और उनसे मिली शिक्षा को अपने जीवन में आत्मसात करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">छात्रों ने भी शिक्षक दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए और शिक्षकों के प्रति अपना आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि आवाहन IAS अकादमी जैसी संस्थाएं छात्रों को निःशुल्क शिक्षा देकर समाज की सेवा कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सभी वर्गों के छात्र अपने सपनों को पूरा कर सकें। छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे आलोक सर और उनके जैसे शिक्षकों ने उन्हें सही मार्गदर्शन दिया और कठिन परिस्थितियों में भी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">आवाहन IAS अकादमी का योगदान</mark></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">ज्ञात हो कि आवाहन IAS अकादमी एक निःशुल्क शैक्षणिक संस्था है, जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करा रही है। संस्था के संचालक आलोक कुमार चौधरी ने इसे समाज की सेवा के उद्देश्य से स्थापित किया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्र भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें और सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। आलोक कुमार चौधरी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, &#8220;हमारा उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना और उन्हें उनके सपनों को पूरा करने में मदद करना है। एक शिक्षक का सबसे बड़ा योगदान तब होता है जब उसके विद्यार्थी समाज में एक नई दिशा और बदलाव लाने में सफल होते हैं।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">छात्रों के विचार</mark></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने भी मंच पर आकर अपने शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट किया और अपने अनुभव साझा किए। सौरभ झा ने कहा, &#8220;आवाहन IAS अकादमी ने हमें सिर्फ सिविल सेवा की तैयारी नहीं करवाई, बल्कि हमें आत्म-विश्वास दिया, सही मार्गदर्शन दिया और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।&#8221; संजीव कुमार ने कहा, &#8220;यह संस्था न केवल हमारी शिक्षा का ख्याल रखती है, बल्कि हमारे नैतिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान देती है। यहां के शिक्षक हमें सही दिशा में प्रेरित करते हैं और हमें हमारे लक्ष्यों तक पहुँचने में मदद करते हैं।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">भविष्य के लिए संदेश</mark></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक दिवस के इस खास मौके पर आलोक कुमार चौधरी ने छात्रों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करें और शिक्षा के महत्व को समझें। उन्होंने कहा, &#8220;जीवन में सफलता के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। जब आप सही मार्ग पर चलते हैं और आपके पास सही मार्गदर्शक होते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती। शिक्षक आपके जीवन के उन मार्गों को साफ करते हैं, जिनसे होकर आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम का समापन सभी छात्रों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना के साथ हुआ। सभी ने मिलकर शिक्षक दिवस का यह पावन अवसर मनाया और इस दिन की महत्ता को समझते हुए शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक दिवस का यह आयोजन न केवल शिक्षकों के प्रति सम्मान का दिन है, बल्कि यह शिक्षा की शक्ति और उसकी सामाजिक महत्ता को भी उजागर करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आज के शिक्षक दिवस पर आदर्श आनंद, अलोक कुमार, अभिषेक कुमार, अर्पणा घोष, बहामुनी मुर्मू, दीपक वर्मा, दीपा कुमारी,  देवाशीष किस्कू, सरिता कुमारी, डोली कुमारी, संजीता कुमारी, मधु कुमारी, पूजा कुमारी, टुंपा, ऋतु सिंह, काजल झा, सौरभ झा, योमेश कुमार, यशवंत कुमार, सोमी, रवि कुमार, संतोष सोरेन, संजीव कुमार, आयुष कुमार, आयुष मिश्रा, नेहा कुमारी, प्राची शर्मा एवं अन्य उपस्थित थे।</p>
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		<item>
		<title>निर्वाचन अवधि में अवैध शराब और मादक पदार्थों के मामलों पर पूरी सख्ती से करें त्वरित कार्रवाई: के. रवि कुमार</title>
		<link>https://deshprahari.com/ravi-kumar-calls-for-immediate-action-to-be-taken-strictly-on-the-cases-of-illegal-liquor-and-drugs-during-the-election-period/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Apr 2024 16:05:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के. रवि कुमार ने कहा कि स्वच्छ, निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव के लिए जरूरी है कि अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की रोकथाम के मामलों पर पूरी सख्ती से त्वरित कार्रवाई की जाय। इससे शांतिपूर्ण, स्वच्छ एवं निष्पक्ष एवं भयमुक्त निर्वाचन संपन्न कराने में सहूलियत होगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li>अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की रोकथाम से संबंधित विषयों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">रांची।</mark></strong> मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड <strong>के. रवि कुमार</strong> ने कहा कि स्वच्छ, निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव के लिए जरूरी है कि अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की रोकथाम के मामलों पर पूरी सख्ती से त्वरित कार्रवाई की जाय। इससे शांतिपूर्ण, स्वच्छ एवं निष्पक्ष एवं भयमुक्त निर्वाचन संपन्न कराने में सहूलियत होगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेशित किया कि अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं परिवहन पर सख्ती बरतें और इसमें संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। शराब एवं मादक पदार्थों में संलिप्त हिस्ट्रीशीटर्स एवं अन्य आरोपितों का प्रोफाइल के साथ डाटाबेस तैयार करते हुए इसके तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता है। वे आज लोकसभा आम चुनाव 2024 के मद्देनजर अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की रोकथाम से संबंधित विषयों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं उत्पाद अधीक्षक द्वारा इस संबंध में की गई कार्रवाईयों की जिलावार समीक्षा कर रहे थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि शराब एवं मादक पदार्थ चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न करें। इसके लिए सभी चिन्हित एवं संभावित स्थानों पर छापेमारी तेज कर दें और आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने रिटेलर के पास अधिक मात्रा में प्रारंभिक स्टॉक, खरीद-बिक्री एवं अंतिम स्टॉक की जांच करनें, चेक पोस्टों द्वारा अधिक मात्रा में जब्त की गई, अवैध शराब की मात्रा/ मूल्य आदि का आकलन करने का निदेश दिया। साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों को अवैध शराब की मात्रा एवं उसके मूल्य का आकलन आवश्यक रूप से करने का निदेश दिया। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के पश्चात दर्ज किए गए मामलों एवं गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध हुए कार्रवाईयों की भी समीक्षा की। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में विषाक्त शराब से हुई मौतों के मामलों को रेखांकित करते हुए पूरी संजीदगी से कार्य करने का निदेश दिया। उन्होंने मादक पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, वितरण एवं बिक्री के नियंत्रण के दौरान दायर किए गए मामलों एवं आरोपितों के विरुद्ध चल रही कार्रवाइयों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य पुलिस नोडल पदाधिकारी एवी. होमकर ने शराब एवं मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सख्त-से-सख्त कार्रवाई का निदेश दिया। उन्होंने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतते हुए शराब एवं मादक पदार्थो के भंडारण, वितरण, बिक्री एवं परिवहन पर रोक लगाने हेतु हरेक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई किए जाने निदेश दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">समीक्षा बैठक में उक्त पदाधिकारियों के अलावा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव मुकेश कुमार, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप सिंह एवं डॉ. नेहा अरोड़ा सहित अन्य वरीय पदाधिकारी गण उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>JSSC CGL प्रश्न पत्र लीक किए जाने के मामले में संलिप्त अभियुक्तों की जल्द शिनाख्त कर गिरफ्तारी का आदेश</title>
		<link>https://deshprahari.com/order-for-early-identification-and-arrest-of-the-accused-involved-in-jssc-cgl-question-paper-leaking-case/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Feb 2024 18:17:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[रांची। झारखण्ड सामान्य स्नातक, योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 प्रश्न पत्र लीक मामले में राज्य सरकार द्वारा पुनः एसआईटी का गठन किया गया है। इस कार्य हेतु संजीव कुमार बेसरा, पुलिस उपाधीक्षक सदर, रांची स्पेशल टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे। एसआईटी में चार पुलिस निरीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इससे संबंधित आदेश वरीय आरक्षी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">रांची।</mark></strong> झारखण्ड सामान्य स्नातक, योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 प्रश्न पत्र लीक मामले में राज्य सरकार द्वारा पुनः एसआईटी का गठन किया गया है। इस कार्य हेतु संजीव कुमार बेसरा, पुलिस उपाधीक्षक सदर, रांची स्पेशल टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे। एसआईटी में चार पुलिस निरीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इससे संबंधित आदेश वरीय आरक्षी अधीक्षक द्वारा जारी कर दिया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मालूम हो कि झारखण्ड सामान्य स्नातक, योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023, 28 जनवरी 2024 को निर्धारित था। परन्तु परीक्षा संचालन के पूर्व ही प्रश्न पत्र लीक हो गया था। इस घटना के उपरांत तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक, सदर के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया था। लेकिन काण्ड के अनुसंधानकर्ता-सह-पुलिस उपाधीक्षक सदर, रांची का इस जिला से अन्यत्र स्थनान्तरण रूटीन प्रक्रिया के तहत हो गया है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">अतः संजीव कुमार बेसरा, पुलिस उपाधीक्षक सदर, रांची को इस काण्ड के अग्रतर अनुसंधान हेतु अनुसंधानकर्ता के रूप में नामित किया गया है। एसआईटी को उपरोक्त प्रश्न पत्र लीक किए जाने के मामले में संलिप्त अभियुक्तों की जल्द शिनाख्त कर गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">नामकुम थाना में दर्ज है मामला</mark></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस संदर्भ में नामकुम थाना काण्ड संख्या 45/24, दिनांक 29 जनवरी 2024 को आईपीसी की धारा &#8211; 467/ 468/420/120बी., 66 आई.टी. एक्ट एवं 12 Jharkhand Competitive Examination (Prevention and Redressal of Unfair means in Recruitment) Act 2023 के अन्तर्गत अज्ञात अभियुक्तों के विरूद्ध दर्ज किया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>ट्रांसजेंडर के लिये बनेगा बोर्ड, जिलास्तर पर भी कमेटी होगी गठितः कृपानंद झा</title>
		<link>https://deshprahari.com/board-will-be-formed-for-transgenders-committee-will-also-be-formed-at-district-level-kripanand-jha/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jan 2024 12:54:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[रांची। झारखंड में ट्रांसजेंडर्स के उत्थान के लिये बोर्ड का गठन किया जायेगा। साथ ही प्रत्येक जिला में उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जायेगा। वर्तमान में ट्रांसजेंडरों को ओबीसी-टू का दर्जा दिया गया है और विभाग उनके उत्थान के लिये एक समेकित योजना तैयार कर रहा है। उक्त जानकारी महिला, बाल विकास [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li>महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने बताईं विभाग के चार वर्षों की उपलब्धियां और नवीन प्रयासों की दी जानकारी</li>



<li>पेंशनधारियों में बीते चार सालों में 82 प्रतिशत की वृद्धि, 35 लाख से ज्यादा लाभार्थी</li>



<li>2023-24 में 10 लाख से ज्यादा कंबल का वितरण, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 9 लाख बालिकाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य</li>



<li>6850 आंगनबाड़ी केन्द्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में किया जायेगा विकसित</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">रांची।</mark></strong> झारखंड में ट्रांसजेंडर्स के उत्थान के लिये बोर्ड का गठन किया जायेगा। साथ ही प्रत्येक जिला में उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जायेगा। वर्तमान में ट्रांसजेंडरों को ओबीसी-टू का दर्जा दिया गया है और विभाग उनके उत्थान के लिये एक समेकित योजना तैयार कर रहा है। उक्त जानकारी महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव <strong>कृपानंद झा</strong> सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के कांफ्रेंस हॉल में पत्रकार वार्ता में कही।</p>



<p class="wp-block-paragraph">महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानंद झा ने बताया कि विभागीय स्तर पर सामाजिक उत्थान की दिशा में माननीय मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर विभिन्न स्तर पर सामाजिक सुरक्षा के तहत कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंन विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सर्वजन पेंशन योजना के तहत राज्य में कुल नौ योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें तीन योजनाएं केन्द्र संपोषित हैं तथा 6 योजनाएं राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनधारियों को ससमय लाभान्वित किया जा सके, इसके लिये सरकार ने अलग से 100 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड का इंतजाम किया है। चार वर्षों में राज्य के पेंशनधारियों में 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। 2023 में आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के तहत कुल 6 लाख 56 हजार से ज्यादा पेंशन के आवेदन प्राप्त हुए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विभागीय सचिव ने बताया कि राज्य में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत किसी कारणवश ड्रॉप आउट हो रही बच्चियों को प्रोत्साहित करने के लिये और उन्हें शिक्षित बनाने के लिये 2023-24 में अब तक 6 लाख 21 हजार लाभार्थियों को योजना से आच्छादित किया गया है। वहीं बीते 2022&#8211;23 में 7 लाख 28 हजार से ज्यादा बच्चियों एवं किशोरियों को लाभान्वित किया गया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">6850 आंगनबाड़ी केन्द्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में किया जायेगा विकसित</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">कृपानंद झा ने बताया कि राज्य में कुल 378 हजार 432 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 6850 केन्द्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। साथ ही 29 हजार से ज्यादा सेविकाओं को स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 10 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन का निर्माण डीएमएफटी/ सीएसआर फंड के तहत कराने की योजना है। साथ ही केन्द्रों में एलपीजी सिलेंडर, वाटर प्यूरीफायर और स्मार्ट टीवी आदि जैसी सुविधा दी जायेगी। मानदेय को लेकर कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिये 9500 रुपये प्रतिमाह तथा सहायिकाओं के लिये 4750 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्रतिवर्ष क्रमशः 500 रुपये और 250 रुपये मानदेय वृद्धि का प्रावधान भी किया गया है। सेविकाओं और सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सेविकाओं और सहायिकाओं को सुविधा देने के साथ केन्द्रों में प्रदाय सेवाओं को ज्यादा प्रभावकारी बनाने का प्रयास भी विभाग की ओर से किया जा रहा है। मातृ किट वितरण की योजना सरकार ने शुरू की है। साथ ही सेनेटरी नैपकिन का भी वितरण किया जायेगा। महिला कल्याण हेतु भी विभाग बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। राज्य में विधवा पुनर्विवाह पर सरकार की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक राशि उपलब्ध कराई जायेगी। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में 11 हजार 880 कन्याओं को विवाह पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गयी है। राज्य में 6 लाख गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करने के लिये योजना शीघ्र प्रारंभ करने की कार्यवाही की जा रही है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं बाल कल्याण के तहत विषम परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के संरक्षण और देखभाल के लिये बच्चों को 4 हजार रुपये प्रति बच्चा स्पॉन्सरशिप उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक यह लाभ 4 हजार 497 बच्चों को दिया जा चुका है। विधि के उल्लंघन में लिप्त बच्चों के मामलों के निपटारा हेतु सृजित किशोर न्याय बोर्ड को बढ़ाकर 26 किया गया है, ताकि ऐसे मामलों में उचित एवं त्वरित निपटान किया जा सके। चाइल्ड इन कंफ्लिक्ट विद ला के लिए रांची जिले में 1107.23 लाख से 50 शैय्या वाले एक प्लेस आफ सेप्टी के निर्माण की योजना है। इसके तहत राज्य के तीन जिला दुमका, पलामू और लातेहार में ऐसे तीन होम तैयार किये जाने की योजना है, जिसमें एक ही कैंपस में ओल्ड एज होम और चिल्ड्रेन होम होंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">जल्द भरी जायेंगी रिक्तियां</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">विभाग के अधीन बाल विकास परियोजना के रिक्त पदों में विरुद्ध 64 पदों पर तथा महिला पर्यवेक्षिकाओं के रिक्त पदों के विरुद्ध 444 पदों पर नियुक्ति संबंधी कार्रवाई की जा रही है। इन रिक्त पदों को भरने के लिये जेपीएससी और जेएसएससी की सहायता ली जायेगी।</p>
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		<title>11 जनवरी: सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया अभियान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jan 2024 13:43:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य में शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित अनूठी पहल &#8216;सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ&#8216; के व्यापक एवं सकारात्मक परिणाम को देखते हुए दिनांक 11 जनवरी, 2024 को प्रातः सभी जिलों में स्कूल आते हुए बच्चों की सीटी बजाती हुई तस्वीर या वीडियो #SeetiBajao को टैग करते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने</mark></strong> के उद्देश्य से राज्य में शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित अनूठी पहल &#8216;<strong>सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ</strong>&#8216; के व्यापक एवं सकारात्मक परिणाम को देखते हुए दिनांक 11 जनवरी, 2024 को प्रातः सभी जिलों में स्कूल आते हुए बच्चों की सीटी बजाती हुई तस्वीर या वीडियो #SeetiBajao को टैग करते हुए पोस्ट किया जाएगा। इस सोशल मीडिया महाअभियान में राज्य के प्रत्येक जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड साधन सेवी, संकुल साधन सेवी, शिक्षक, छात्र छात्राये, अभिभावक आदि अनिवार्य रूप से भाग लेंगे। इस महाअभियान में समाज के प्रबुद्धजन, मुखिया, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, नागरिको एवं जनप्रतिनिधियों को भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इनके अलावा सरस्वती वाहिनी के सदस्य एवं माता समिति के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">जिला शिक्षा पदाधिकारियों की बैठक संपन्न</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ महाअभियान के संदर्भ में राज्य शिक्षा सचिव के० रवि कुमार के निर्देशानुसार आज विभिन्न जिलों में दिनांक 11 जनवरी, 2024 के सोशल मीडिया महाअभियान को देखते हुए अहम बैठक की गयी। इसमें जिला के सभी ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए, साथ ही 11 जनवरी के दिन इस महाअभियान की व्यापक सफलता को लेकर पदाधिकारियों को ब्लॉक स्तर तक हर विद्यालय में पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">स्कूलों में पर्याप्त सीटी हो उपलब्ध</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ सोशल मीडिया महाअभियान को देखते हुए स्कूलों को पर्याप्त सीटी रखने का निर्देश दिया गया है। राज्य शिक्षा सचिव के० रवि कुमार ने सभी जिला पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर पर्याप्त संख्या में सीटी मौजूद रखने का निर्देश दिया है। जिन विद्यालयों ने अबतक सीटी का क्रय नहीं किया है, उन्हें तत्काल इसका क्रय कर लेने का निर्देश दिया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">नोडल पदाधिकारी नियुक्त</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सोशल मीडिया महाअभियान की सफलता के लिए जिला, ब्लॉक एवं संकुल स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। जिलास्तर पर एडीपीओ, ब्लॉक स्तर पर बीपीओ और संकुल स्तर पर सीआरपी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इस कार्यक्रम को प्रयास, एसएमसी, रुआर और पीटीएम से भी जोड़ा जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">सभी सोशल मीडिया माध्यमों का करें इस्तेमाल</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य शिक्षा परियोजना ने सभी जिलों को जारी दिशा निर्देशों में स्पष्ट किया है कि इस सोशल मीडिया महाअभियान की सफलता के लिए सोशल मीडिया के सभी माध्यमों का प्रचूर इस्तेमाल करें। सिर्फ एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ही नहीं, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और कू एप का भी इस्तेमाल सुनिश्चित करें। सभी माध्यमों द्वारा #SeetiBajao को पोस्ट करें।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">सिमडेगा से शुरू हुआ था अभियान</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ अभियान को सिमडेगा जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। जिले में इसके सकारात्मक परिणाम को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने पूरे राज्य में इस अभियान को &#8216;सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ&#8217; अभियान के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया। देखते ही देखते यह अभियान राज्य के सभी जिलों में शुरू हो गया, जिसके परिणामस्वरूप स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पहले से बढ़ी है, साथ ही उनके अंदर नेतृत्व कौशल का भी विकास हो रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">क्या है सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ अभियान?</mark></strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ अभियान सिमडेगा के सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ अभियान के तर्ज पर ही पूरे राज्य में शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन प्रातः स्कूल में हाउस के कैप्टन और क्लास मॉनिटर सीटी बजाते हुए अपने गांव, कस्बो, टोलो के बच्चो को स्कूल चलने के लिए प्रेरित करते है। सीटी बजते ही बच्चे स्कूल जाने के लिए तैयार हो जाते है और अपने सहपाठी के साथ स्कूल जाते हैं। इस अभियान से बच्चों के अभिभावक भी जागरूक हो रहे हैं। पहले बच्चों द्वारा गलत जानकारी या स्कूल बंद होने की जानकारी देकर स्कूल नहीं जाने का बहाना बनाया जाता था। अब सीटी बजते ही माता पिता यह समझ जाते हैं कि स्कूल खुला है और उन्हें अपने बच्चों को समय पर तैयार करके स्कूल भेजना है।</p>
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		<title>आवाहन आईएएस अकादमी ने दुमका के आउटडोर स्टेडियम में सफाई अभियान का आयोजन किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Dec 2023 15:50:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[दुमका। वर्ष को सकारात्मक रूप से समाप्त करने और स्वच्छता और सामुदायिक भावना के संदेश के साथ नए वर्ष की शुरुआत करने के लिए, आवाहन आईएएस अकादमी ने दुमका के आउटडोर स्टेडियम में एक उल्लेखनीय स्वच्छता अभियान चलाया। &#8216;अंत भला तो सब भला&#8216; नाम के इस कार्यक्रम में संगठन के जीवंत सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">दुमका।</mark></strong> वर्ष को सकारात्मक रूप से समाप्त करने और स्वच्छता और सामुदायिक भावना के संदेश के साथ नए वर्ष की शुरुआत करने के लिए, <strong>आवाहन आईएएस अकादमी</strong> ने दुमका के आउटडोर स्टेडियम में एक उल्लेखनीय स्वच्छता अभियान चलाया। &#8216;<strong>अंत भला तो सब भला</strong>&#8216; नाम के इस कार्यक्रम में संगठन के जीवंत सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिन्होंने समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव डालने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।</p>



<pre class="wp-block-preformatted"><strong>आलोक कुमार चौधरी</strong> की अगुवाई में इस पहल का उद्देश्य न केवल आसपास की सफाई करना है, बल्कि युवाओं में जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की भावना पैदा करना भी है। इस कार्यक्रम में उज्जवल झा, अशोक कुमार यादव, अभिषेक कुमार, काजल झा, काजल मंडल, आयुष मिश्रा, संजीव कुमार, अनंत कुमार, सोनी प्रियम, पुजा कुमारी, नेहा कुमारी, दिपक कुमार वर्मा, प्रतिभा कुमारी, मुस्कान कुमारी, पुजा कुमारी, प्राची शर्मा, शिवम कुमार, सत्यम कुमार झा, निक्की कुमारी, वैशाली कुमारी, गायत्री कुमारी, आशीष कुमार सिंह, अमुंज कुमार मंडल, संजय जयसवाल, कैलाश चौधरी, सुजल मुर्मु, राकेश, अपेक्षित कुमार सिंह, अरपित सिंह, जुमंत कुमार, राकेश मरांडी, गुलशन मुर्मु, बोनी बिनसन टुडु, संदीप सोरेन, संदीप मुर्मू, अतुल कुमार तथा राकेश ने भाग लिया। </pre>



<p class="wp-block-paragraph">आउटडोर स्टेडियम, जो कि दुमका का केंद्रीय स्थान है, इस प्रभावशाली पहल का केंद्र बिंदु बन गया। स्वच्छता और सामुदायिक कल्याण की साझा दृष्टि से लैस प्रतिभागियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए परिश्रमपूर्वक काम किया कि स्टेडियम और उसके आसपास का वातावरण बेदाग रहे। कार्यक्रम न केवल शारीरिक स्वच्छता पर केंद्रित था बल्कि इसका उद्देश्य प्रतिभागियों के बीच एकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना भी था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आवाहन आईएएस अकादमी, जो समग्र विकास और सामुदायिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती है, विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय रूप से शामिल रही है। आउटडोर स्टेडियम की सफाई का कार्यक्रम अकादमिक उत्कृष्टता से परे मूल्यों को स्थापित करने के लिए अकादमी के समर्पण को दर्शाता है। अकादमी ऐसे व्यक्तियों के पोषण में विश्वास रखती है जो न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम हैं बल्कि सामाजिक रूप से भी जिम्मेदार नागरिक हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पहल के नेता आलोक कुमार चौधरी ने अकादमी के युवा सदस्यों की जबरदस्त प्रतिक्रिया के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने समुदाय और साझा जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने में ऐसे आयोजनों के महत्व पर जोर दिया। श्री चौधरी ने कहा, &#8220;&#8216;अंत भला तो सब भला&#8217; स्वच्छता अभियान केवल भौतिक स्थानों की सफाई के बारे में नहीं है, यह हमारे दिमाग और दिल को साफ करने के बारे में है। युवाओं को एक सामान्य कारण के लिए इतने उत्साह के साथ एक साथ आते देखना खुशी की बात है।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">भाग लेने वाले सदस्यों ने पूरे कार्यक्रम में अनुकरणीय टीम वर्क और समर्पण का प्रदर्शन किया। कूड़े को उठाने से लेकर कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करने तक, प्रत्येक प्रतिभागी ने स्टेडियम को सभी के लिए एक प्राचीन और स्वागत योग्य स्थान में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अकादमी की पहल बड़े पर्यावरण संरक्षण लक्ष्यों के साथ संरेखित है और साथ ही सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने के प्रति कर्तव्य की भावना को बढ़ावा देती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्वच्छता अभियान का प्रभाव तात्कालिक भौतिक परिवेश से भी आगे तक बढ़ा। यह उस सकारात्मक परिवर्तन की एक शक्तिशाली अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है। जिसे तब प्राप्त किया जा सकता है जब व्यक्ति एक सामान्य उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं। सामुदायिक सेवा, नेतृत्व और टीम वर्क जैसे मूल्यों पर अकादमी का जोर पूरे आयोजन में स्पष्ट था, जिससे इस विचार को बल मिला कि छोटे कार्यों से सामूहिक रूप से महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जैसे-जैसे वर्ष समाप्त होने को आया, दुमका के आउटडोर स्टेडियम में &#8216;अंत भला तो सब भला&#8217; स्वच्छता अभियान समग्र विकास और सामुदायिक कल्याण के प्रति अकादमी की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में खड़ा हुआ। भाग लेने वाले युवा सदस्यों ने न केवल स्टेडियम के तत्काल सुधार में योगदान दिया, बल्कि समुदाय पर एक अमिट छाप भी छोड़ी, जिससे अन्य लोगों को नए साल का स्वागत करते हुए एक स्वच्छ और अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने की दिशा में सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पत्रकारों के साथ किया संवाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Dec 2023 10:40:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य के सर्वांगीण विकास में गांव का विकास महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री &#124; झारखंड राज्य हर चुनौतियों से निपटने को तैयार रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का ठीक तरह से गठन भी नहीं हुआ था और देश-दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। वैश्विक महामारी के चलते देश में लंबे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<pre class="wp-block-preformatted"><strong>राज्य के सर्वांगीण विकास में गांव का विकास महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री  |  झारखंड राज्य हर चुनौतियों से निपटने को तैयार</strong></pre>



<p class="wp-block-paragraph"><br><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">रांची।</mark></strong> <strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन</strong> ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का ठीक तरह से गठन भी नहीं हुआ था और देश-दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। वैश्विक महामारी के चलते देश में लंबे समय तक लॉकडाउन लगा रहा। झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है वैसी स्थिति में कोरोना जैसी आपदा राज्य के लिए अभिशाप जैसी थी। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के समय भी अन्य राज्यों के अपेक्षा झारखंड में बेहतर कार्य किया तथा गरीब, मजदूर, किसान सहित सभी को सुरक्षा प्रदान करते हुए महामारी का डटकर सामना किया। वैश्विक महामारी के चपेट में आकर हमारे मंत्रिमंडल के दो मंत्री भी शहीद हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही वैश्विक महामारी का बादल छटा, हमारी सरकार ने वादों के अनुरूप राज्य को एक नई दिशा देने का प्रयास किया। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में आयोजित पत्रकार संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरे झारखंडियों की सरकार है। शुरुआती दिनों से ही हमारी सरकार ने राज्य के हर वर्ग, हर समाज को लेकर आगे बढ़ाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि &#8220;<strong>आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार</strong>&#8221; राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अभियान रहा है। इस अभियान के तहत हम विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे हैं। 29 दिसंबर 2023 को इस अभियान के तीसरे चरण का अंतिम पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का सबसे पिछड़ा राज्य होने के वजह से यहां आर्थिक, शैक्षणिक स्तर पर सहित कई विषमताएं रही हैं। हमारी सरकार &#8220;आपकी-योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार&#8221; अभियान के माध्यम से इन विषमताओं पर काम करने का पुरजोर कोशिश हुई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य कर्मियों को संवेदनशील बनाने का प्रयास किया है। जिस उद्देश्य के साथ हम लोगों ने सरकार बनाई उसे उद्देश्य को पूरा करने के लिए यह सरकार अबतक गांव के लोगों के साथ, राज्य की जनता के भावनाओं के साथ कम से कदम मिलाकर चलने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं, आगे हम लोगों को और कई चुनौतियों से सामना करना है परंतु इन चुनौतियों से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का सर्वांगीण विकास केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के आपसी समन्वय से होता है परंतु मेरा मानना है कि केंद्र सरकार से जो सहयोग हमें मिलना चाहिए था वह अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला है। केंद्र सरकार से कम सहयोग मिलने के बावजूद सरकार ने कदम रोके नहीं बल्कि निरंतर आगे बढ़ते रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं बेरोजगारों सहित सभी वर्ग को सरकार की विभिन्न भावी योजनाओं से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया है। आगे भी करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में 80% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। मेरा मानना है कि राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब हम गांव को मजबूत करेंगे, जब गांव मजबूत होगा तभी शहर और राज्य मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हम झारखंड के गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर राज्य के माथे पर जो पिछड़ेपन का टैग लगा है उसे हटाने में जरूर कामयाब होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 20-25 में झारखंड युवा राज्य की गिनती में शुमार हो जाएगा। पिछले 20 वर्षों में इस राज्य को पूर्व सरकारों से जितनी अपेक्षाएं थीं उसके मुताबिक पूर्ववर्ती सरकारी बिल्कुल खरी नहीं उतर पाई यही वजह है कि आज झारखंड पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में झारखंड में ऐसे कोई काम नहीं हुआ जिसके भरोसे आज हम हर चुनौती से लड़ने का सामना रखते हों, लेकिन धीरे-धीरे ही सही हमारी सरकार झारखंड की जड़ को मजबूत करने पर लगी है। आने वाले कुछ वर्षों में हम इस राज्य को अपने बल पर खड़ा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमने राज्य में महत्वपूर्ण राज्य सरकार के अंश के रूप में कार्य कर रहे कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, शिक्षकों आंगनबाड़ी कर्मियों सहित कई वर्ग के अनुबंधकर्मियों की पुरानी मांगों को पूरा करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में सरकार के कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन किया है। झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पुरानी पेंशन योजना लागू हुई है। हमारी सरकार ने झारखंड में सर्वजन पेंशन योजना लागू करने का काम कर दिखाया है। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड पूरे देश में पहला राज्य है। वर्तमान समय में हमारे राज्य में 60 वर्ष से ऊपर सभी बुजुर्ग महिला-पुरुष, विधवा, दिव्यांगो को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य कर दिखाया है। हमारी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता में लेकर इसके दायरे को बढ़ाने पर बल दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार आने वाली पीढ़ी को सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने झारखंड के सरकारी स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की है, वहीं सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना से बच्चियों को जोड़ा गया है। इस योजना के तहत सभी पात्र बच्चियों को आर्थिक सहयोग किया जा रहा है ताकि उनकी पढ़ाई बीच में रुके नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा हेतु विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं उन्हें भी मरंग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। राज्य में किसानों की ऋण माफी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, सरकारी उपक्रमों में विभिन्न पदों पर नियुक्ति, प्रत्येक विभागों की नियुक्ति नियमावली बनाने, उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन, बेहतर उद्योग नीति के साथ-साथ कई विभिन्न क्षेत्रों में बहुत सारे कार्य किए गए हैं। झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां हाइड्रोजन इंजन का निर्माण किया जाएगा इस नियमित टाटा कमिन्स के साथ एमओयू हो चुका है। कई औद्योगिक संस्थानों द्वारा उद्योग स्थापित करने की कार्य योजना पाइपलाइन पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची शहर वासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए रांची शहर में फ्लाईओवर का जाल बिछाया जा रहा है। फ्लाईओवर निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है जल्द ही यह बनकर तैयार हो जाएगा।</p>
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		<title>मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि 22 जनवरी तक बढ़ी</title>
		<link>https://deshprahari.com/last-date-for-publication-of-voter-list-extended-till-22-january/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Dec 2023 15:58:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[राँची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के० रवि कुमार ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर लोक सभा निर्वाचन 2024 हेतु राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सूची प्रकाशन की अंतिम तिथि 22 जनवरी 2024 तक बढ़ा दी गयी है। पहले यह आखिरी तिथि 5 जनवरी 2024 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">राँची।</mark></strong> मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के० रवि कुमार ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर लोक सभा निर्वाचन 2024 हेतु राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सूची प्रकाशन की अंतिम तिथि 22 जनवरी 2024 तक बढ़ा दी गयी है। पहले यह आखिरी तिथि 5 जनवरी 2024 निर्धारित थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बुधवार को उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों/जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से भी वर्चुअल बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मतदाता पंजीकरण कार्य में संलग्न राज्य के अन्य सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों, राजनीतिक दलों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि जो पात्र मतदाता किसी भी कारण से अभी भी पंजीकरण से छूटे हुए हैं, उनके मामलों में इस बढ़ी हुई तिथि का लाभ लिया जा सकता है। साथ ही अनुरोध किया कि पंजीकरण या शिफ्टिंग से जुड़े आवेदन यथा शीघ्र समर्पित करें ताकि सम्बंधित बदलाव मतदाता सूची में दर्ज कराये जा सकें। </p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि इस हेतु अपने बीएलओ से सम्पर्क किया जा सकता है। लोग चाहें तो वोटर हेल्पलाइन ऐप या वोटर पोर्टल जैसे ऑनलाइन माध्यम भी अपने मतदाता पंजीकरण के लिए अपना सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग का ध्येय है कि कोई भी मतदाता न छूटे, इसका अक्षरशः अनुपालन करवाने के लिए सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से इस बात का प्रमाण पत्र भी लिया जा रहा है कि उनके मतदान क्षेत्र अंतर्गत कोई भी मतदाता नहीं छूटा है। फिर भी आम लोगों से भी इस बात की अपेक्षा की जा रही है कि यदि उनका नाम किसी कारण छूटा है तो वे भी एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर पहल करते हुए अपने बीएलओ से अविलंब संपर्क करें या ऑनलाइन तरीके से आवेदन करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस दौरान ओएसडी गीता चौबे, निर्वाचन पदाधिकारी मुख्यालय संजय कुमार, अवर सचिव सुनील कुमार सिंह सहित निर्वाचन कार्यालय के सभी संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।</p>
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