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	<title>Pakur &#8211; Desh Prahari</title>
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		<title>मानसिक बीमारी छिपाने की नहीं, समझने की जरूरत: पाकुड़ आईटीआई में जागरूकता शिविर, अधिकारों और कानूनी सहायता की दी गई विस्तृत जानकारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 16:22:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[📍 आईटीआई सोनाजोड़ी में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता शिविर पाकुड़। झालसा (JHALSA) रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में पाकुड़ प्रखंड के सोनाजोड़ी स्थित आईटीआई संस्थान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4cd.png" alt="📍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> आईटीआई सोनाजोड़ी में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता शिविर</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>झालसा (JHALSA) रांची</strong> के निर्देशानुसार <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़</strong> के तत्वावधान में <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश तथा <strong>डालसा सचिव रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन में <strong>पाकुड़ प्रखंड के सोनाजोड़ी स्थित आईटीआई संस्थान</strong> में <strong>नालसा की &#8220;मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना-2024&#8221;</strong> विषय पर एक <strong>विधिक जागरूकता शिविर</strong> का आयोजन किया गया।</p>
<p>इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में <strong>मानसिक बीमारी</strong> और <strong>बौद्धिक अक्षमता</strong> से जुड़े भ्रम और भ्रांतियों को दूर करना, पीड़ित व्यक्तियों के <strong>संवैधानिक अधिकारों</strong> के प्रति जागरूकता फैलाना तथा उन्हें उपलब्ध <strong>कानूनी सहायता</strong>, <strong>सरकारी योजनाओं</strong> और <strong>चिकित्सा सुविधाओं</strong> की जानकारी देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में <strong>छात्र-छात्राओं</strong>, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भाग लिया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2696.png" alt="⚖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मानसिक एवं बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा है योजना का उद्देश्य</strong></h2>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए <strong>स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला</strong> ने कहा कि <strong>नालसा की कानूनी सेवाएं योजना-2024</strong> का मुख्य उद्देश्य <strong>मानसिक बीमारी</strong> एवं <strong>बौद्धिक अक्षमता</strong> से ग्रसित व्यक्तियों को <strong>व्यापक कानूनी सहायता</strong>, <strong>संरक्षण</strong> और <strong>न्याय तक आसान पहुंच</strong> उपलब्ध कराना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने का पूरा अधिकार है। यदि किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से उन्हें <strong>निःशुल्क कानूनी सहायता</strong> उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने योजना का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया को बिंदुवार समझाते हुए छात्रों से आग्रह किया कि वे जरूरतमंद लोगों तक इस जानकारी को पहुंचाएं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4da.png" alt="📚" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी</strong></h2>
<p><strong>लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम</strong> के <strong>डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख</strong> ने अपने संबोधन में बताया कि मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित व्यक्तियों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि <strong>कानूनी सुरक्षा</strong>, <strong>सामाजिक न्याय</strong> और <strong>सरकारी योजनाओं</strong> का लाभ दिलाना भी अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>नालसा योजना</strong> ऐसे लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। साथ ही उन्होंने <strong>विभिन्न कानूनी अधिनियमों</strong>, पीड़ितों के अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f46e.png" alt="👮" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मानसिक बीमारी के कारणों और बचाव पर डीएसपी ने किया जागरूक</strong></h2>
<p><strong>डीएसपी मुख्यालय उज्जवल कुमार साहा</strong> ने मानसिक बीमारी के विभिन्न कारणों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि <strong>जेनेटिक कारण</strong>, <strong>असंतुलित खान-पान</strong>, <strong>तनावपूर्ण जीवनशैली</strong>, <strong>घरेलू हिंसा</strong>, <strong>दुर्व्यवहार</strong>, <strong>किसी बड़ी दुर्घटना या सदमे</strong>, <strong>गर्भावस्था के दौरान आने वाली जटिलताएं</strong> तथा <strong>नशे का सेवन</strong> मानसिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशील बनने की आवश्यकता है। उन्हें तिरस्कार नहीं बल्कि <strong>सहयोग</strong>, <strong>समझ</strong>, <strong>समय पर उपचार</strong> और <strong>सकारात्मक वातावरण</strong> उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि मानसिक बीमारी को कलंक न समझें बल्कि इसे भी अन्य बीमारियों की तरह गंभीरता से लें।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1fa7a.png" alt="🩺" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मानसिक बीमारी को पहचानना और समय पर उपचार जरूरी : डॉ. प्रकाश कुमार मुर्मू</strong></h2>
<p><strong>डॉ. प्रकाश कुमार मुर्मू</strong> ने कहा कि मानसिक बीमारी केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि <strong>बुजुर्गों</strong> में भी यह समस्या तेजी से देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि <strong>बार-बार गुस्सा करना</strong>, <strong>चिड़चिड़ापन</strong>, <strong>बिना कारण अत्यधिक बोलना</strong>, <strong>व्यवहार में अचानक बदलाव</strong> और <strong>अवसाद</strong> जैसी स्थितियां कई बार मानसिक बीमारी के संकेत हो सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>नशे की लत</strong>, <strong>अत्यधिक तनाव</strong>, <strong>सामाजिक अकेलापन</strong> और <strong>परिवार से दूरी</strong> भी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि यदि उनके आसपास किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उसे चिकित्सक तक पहुंचाने में सहयोग करें।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी</strong></h2>
<p><strong>स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा</strong> ने कहा कि मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर <strong>चिकित्सा सुविधा</strong> उपलब्ध कराना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ने से ऐसे लोगों के प्रति भेदभाव कम होगा और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से अपील की कि वे अपने गांव, मोहल्ले और समाज में इस विषय पर जागरूकता फैलाएं तथा जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता से जोड़ने में सहयोग करें।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f393.png" alt="🎓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> छात्र-छात्राओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए किया प्रेरित</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के अंत में <strong>आईटीआई के प्रभारी प्राचार्य सुरेश कुमार दास</strong> ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत करते हैं।</p>
<p>उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि वे मानसिक एवं बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित असहाय लोगों की सहायता के लिए हमेशा आगे आएं और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3a4.png" alt="🎤" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> प्रभावी संचालन और बड़ी संख्या में रही सहभागिता</strong></h2>
<p>कार्यक्रम का सफल संचालन <strong>इंडियन नेशनल एसोसिएशन</strong> के अध्यक्ष <strong>जेड एच विश्वास</strong> ने किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, सामाजिक जागरूकता और सरकारी योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।</p>
<p>इस अवसर पर <strong>लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम</strong> के <strong>सहायक गंगाराम टुडू</strong>, <strong>सुनील कुमार देहरी</strong>, <strong>साधु चरण बोईपाय</strong>, <strong>बिपीन कुमार श्रीवास्तव</strong>, <strong>विजय कुमार</strong>, <strong>सामाजिक कार्यकर्ता नसरुद्दीन शेख</strong>, <strong>पारा लीगल वॉलंटियर्स पिंकी मंडल</strong>, <strong>मोकमाउल शेख</strong>, <strong>नीरज कुमार राउत</strong>, <strong>प्रेमलता हांसदा</strong>, <strong>अर्पिता मंडल</strong> सहित बड़ी संख्या में <strong>छात्र-छात्राएं</strong>, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f31f.png" alt="🌟" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक समाज ही बनेगा सशक्त समाज</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि <strong>मानसिक बीमारी कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय स्थिति है</strong>, जिसका समय पर उपचार, सही मार्गदर्शन और कानूनी संरक्षण के माध्यम से प्रभावी समाधान संभव है। ऐसे जागरूकता शिविर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने, भेदभाव को समाप्त करने और जरूरतमंद लोगों तक न्याय एवं अधिकार पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की यह पहल न केवल कानूनी जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही है, बल्कि एक <strong>संवेदनशील, समावेशी और जागरूक समाज</strong> के निर्माण की दिशा में भी सार्थक कदम साबित हो रही है।</p>
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		<title>रेलवे परिवारों के स्वास्थ्य के लिए एक पहल: स्टेशन पर महिला कर्मचारियों के लिए लगा विशेष मेडिकल कैंप, सितंबर में होगा मेगा हेल्थ शिविर</title>
		<link>https://deshprahari.com/an-initiative-for-the-health-of-railway-families-special-medical-camp-for-women-employees-at-the-station-mega-health-camp-to-be-held-in-september/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 16:14:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[📍 पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर आयोजित हुआ विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर पाकुड़। ईस्टर्न रेलवे हावड़ा मंडल के अंतर्गत पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में महिला रेल कर्मचारियों, उनके परिजनों एवं बालिकाओं के लिए एक विशेष निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4cd.png" alt="📍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर आयोजित हुआ विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> ईस्टर्न रेलवे हावड़ा मंडल के अंतर्गत <strong>पाकुड़ रेलवे स्टेशन</strong> परिसर में <strong>महिला रेल कर्मचारियों</strong>, उनके <strong>परिजनों</strong> एवं <strong>बालिकाओं</strong> के लिए एक <strong>विशेष निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर</strong> का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। पूरे आयोजन का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को उनके कार्यस्थल के समीप ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रहा, ताकि उन्हें सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए दूरस्थ अस्पतालों का रुख न करना पड़े।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f469-200d-2695-fe0f.png" alt="👩‍⚕️" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> 60 से अधिक महिलाओं ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण</strong></h2>
<p>आयोजित <strong>चिकित्सा जांच शिविर</strong> में लगभग <strong>60 महिला रेल कर्मचारियों</strong>, उनके <strong>परिवार की महिलाओं</strong> तथा <strong>बालिकाओं</strong> ने भाग लिया। शिविर के दौरान सभी प्रतिभागियों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी गई। चिकित्सकों ने महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और जीवनशैली से जुड़ी सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया।</p>
<p>रेलवे कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को काफी राहत मिलती है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1fa7a.png" alt="🩺" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की स्वास्थ्य जांच</strong></h2>
<p>शिविर में <strong>हावड़ा रेलवे अस्पताल</strong> के <strong>ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉक्टर दीपा अरुण</strong> तथा <strong>रामपुरहाट हेल्थ यूनिट</strong> के <strong>डॉक्टर अब्दुल समीम मियां</strong> ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उनके साथ जांच दल के अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे, जिन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।</p>
<p>विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दवाइयों एवं परामर्श की जानकारी दी। कई महिलाओं ने लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञों से सलाह लेकर संतोष व्यक्त किया।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3e5.png" alt="🏥" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> गंभीर मामलों को रामपुरहाट रेलवे अस्पताल किया गया रेफर</strong></h2>
<p>स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन महिला कर्मचारियों अथवा उनके परिवार के सदस्यों में <strong>विशेष चिकित्सकीय परीक्षण</strong> की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें आगे की विस्तृत जांच एवं उपचार के लिए <strong>रामपुरहाट रेलवे अस्पताल</strong> रेफर किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और समय पर जांच कराने से गंभीर बीमारियों की पहचान भी प्रारंभिक अवस्था में संभव हो जाती है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f686.png" alt="🚆" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> तीन वर्षों से लगातार जारी है स्वास्थ्य सेवा का अभियान</strong></h2>
<p>गौरतलब है कि <strong>ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन, पाकुड़ शाखा</strong> पिछले <strong>लगातार तीन वर्षों</strong> से रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए इस प्रकार के <strong>निशुल्क चिकित्सा शिविरों</strong> का आयोजन कर रही है। यूनियन का उद्देश्य केवल चिकित्सा शिविर आयोजित करना ही नहीं, बल्कि रेलवे कर्मचारियों को बेहतर, सुलभ और नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।</p>
<p>इसी प्रयास के तहत प्रत्येक सप्ताह रेलवे चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शहरों का रुख न करना पड़े।</p>
<hr />
<h2><strong>सितंबर 2026 में लगेगा मेगा स्पेशल मेडिकल कैंप</strong></h2>
<p>यूनियन की ओर से जानकारी दी गई कि <strong>सितंबर 2026</strong> में एक <strong>विशेष मेगा चिकित्सा शिविर</strong> का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में <strong>विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर</strong> मौजूद रहेंगे, जो अलग-अलग बीमारियों से संबंधित विस्तृत स्वास्थ्य जांच करेंगे।</p>
<p>इस विशेष मेडिकल कैंप का लाभ उन कर्मचारियों को विशेष रूप से मिलेगा जो लंबे समय से विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं और निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर हो रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में रेलवे अस्पताल की सुविधा मिलने से कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के साथ आर्थिक राहत भी प्राप्त होगी।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4e8.png" alt="📨" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगातार हो रहा पत्राचार</strong></h2>
<p>ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन, पाकुड़ शाखा ने बताया कि कर्मचारियों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से <strong>मंडल रेल प्रबंधक, हावड़ा</strong> तथा <strong>मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, हावड़ा</strong> के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है। यूनियन का प्रयास है कि पाकुड़ में कार्यरत सभी रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो तथा भविष्य में और अधिक स्वास्थ्य सेवाएं यहां विकसित की जा सकें।</p>
<p>यूनियन का मानना है कि स्वस्थ कर्मचारी ही रेलवे की बेहतर कार्यक्षमता का आधार होते हैं, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही अहम भूमिका</strong></h2>
<p>इस <strong>स्वास्थ्य जांच शिविर</strong> के सफल आयोजन में <strong>ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन, पाकुड़ शाखा</strong> के <strong>अमर कुमार मल्होत्रा</strong>, <strong>संजीत कुमार</strong>, <strong>निलेश प्रकाश</strong>, <strong>विक्रम भारती</strong>, <strong>शाखा सचिव संजय कुमार ओझा</strong> तथा <strong>कार्यालय अधीक्षक संतोष कुमार</strong> की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही। आयोजन के दौरान सभी पदाधिकारियों ने व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक महिला कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्यों को सुचारु रूप से स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सके।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f499.png" alt="💙" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का उदाहरण</strong></h2>
<p>पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर आयोजित यह <strong>निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर</strong> रेलवे प्रशासन और <strong>ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन</strong> की कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। नियमित स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आगामी <strong>मेगा मेडिकल कैंप</strong> जैसी पहलें निश्चित रूप से रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए लाभकारी साबित होंगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में यह पहल भविष्य में भी इसी प्रकार जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूजे के हुए सांसद विजय कुमार हांसदा और सुप्रिया मुर्मू, भावुक पलों के बने साक्षी परिवार और शुभचिंतक</title>
		<link>https://deshprahari.com/mps-vijay-kumar-hansda-and-supriya-murmu-got-married-with-traditional-rituals-became-witnesses-of-emotional-moments/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 16:03:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय कुमार हांसदा और सुप्रिया मुर्मू ने पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों, सामाजिक परंपराओं और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार पवित्र वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। यह शुभ अवसर केवल दो व्यक्तियों के मिलन का नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों के अद्भुत संगम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राजमहल लोकसभा क्षेत्र के <strong>सांसद विजय कुमार हांसदा</strong> और <strong>सुप्रिया मुर्मू</strong> ने <strong>पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों</strong>, सामाजिक परंपराओं और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार <strong>पवित्र वैवाहिक बंधन</strong> में बंधकर अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। यह शुभ अवसर केवल दो व्यक्तियों के मिलन का नहीं, बल्कि <strong>प्रेम, विश्वास, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों</strong> के अद्भुत संगम का प्रतीक बन गया। विवाह समारोह में उपस्थित हर व्यक्ति ने इस भावुक पल को अपने हृदय में संजो लिया।</p>
<h2><strong>परंपरा और संस्कृति की खूबसूरत झलक</strong></h2>
<p>विवाह समारोह पूरी तरह <strong>पारंपरिक रीति-रिवाजों</strong> और सामाजिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में <strong>सादगी</strong>, <strong>गरिमा</strong> और <strong>सांस्कृतिक विरासत</strong> की सुंदर झलक देखने को मिली। पारंपरिक परिधान, धार्मिक अनुष्ठान और रीति-रिवाजों के बीच नवदंपति ने एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। समारोह में उपस्थित लोगों ने इस पल को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की जीवंत मिसाल बताया।</p>
<h2><strong>भावुक क्षणों के बने गवाह परिजन और शुभचिंतक</strong></h2>
<p>इस पावन अवसर पर <strong>परिवार के सदस्य</strong>, <strong>करीबी रिश्तेदार</strong>, <strong>राजनीतिक सहयोगी</strong>, <strong>समर्थक</strong>, <strong>सामाजिक कार्यकर्ता</strong> तथा बड़ी संख्या में <strong>शुभचिंतक</strong> मौजूद रहे। जैसे ही विवाह की सभी रस्में पूरी हुईं, पूरे वातावरण में <strong>बधाइयों</strong>, <strong>मुस्कुराहटों</strong> और <strong>आशीर्वाद</strong> की गूंज सुनाई देने लगी। हर किसी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और सभी ने नवदंपति के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।</p>
<h2><strong>मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना</strong></h2>
<p>समारोह में उपस्थित लोगों ने नवदंपति को <strong>हार्दिक बधाई</strong> देते हुए उनके <strong>सुखद</strong>, <strong>सफल</strong>, <strong>समृद्ध</strong> और <strong>मंगलमय वैवाहिक जीवन</strong> की कामना की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि उनके जीवन में हमेशा <strong>प्रेम</strong>, <strong>विश्वास</strong>, <strong>आपसी सम्मान</strong>, <strong>स्नेह</strong>, <strong>उत्तम स्वास्थ्य</strong>, <strong>सुख-समृद्धि</strong>, <strong>शांति</strong> और <strong>खुशियों</strong> का वास बना रहे। लोगों ने कहा कि दांपत्य जीवन की सबसे बड़ी शक्ति एक-दूसरे के प्रति समर्पण और विश्वास होता है, जो इस नए जीवन की मजबूत नींव बने।</p>
<h2><strong>सामाजिक और राजनीतिक जगत से मिली शुभकामनाएँ</strong></h2>
<p>विवाह समारोह की जानकारी मिलते ही <strong>राजनीतिक</strong>, <strong>सामाजिक</strong> और <strong>जनप्रतिनिधि वर्ग</strong> से जुड़े अनेक लोगों ने नवदंपति को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। कई नेताओं, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने संदेश भेजकर उनके वैवाहिक जीवन की सफलता और खुशहाली की कामना की। शुभकामना संदेशों का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा और लोगों ने इस अवसर को उनके जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण और यादगार क्षण बताया।</p>
<h2><strong>प्रेम, विश्वास और नए सफर की शुरुआत</strong></h2>
<p>विवाह केवल दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि <strong>दो परिवारों</strong>, <strong>दो संस्कृतियों</strong> और <strong>दो जीवन यात्राओं</strong> का मिलन भी होता है। सांसद <strong>विजय कुमार हांसदा</strong> और <strong>सुप्रिया मुर्मू</strong> के जीवन का यह नया अध्याय भी इसी प्रेम, समर्पण और विश्वास की सुंदर कहानी को आगे बढ़ाता है। इस शुभ अवसर ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और हर किसी ने नवदंपति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भरपूर स्नेह और आशीर्वाद दिया।</p>
<h2><strong>क्षेत्रभर से बधाइयों का सिलसिला जारी</strong></h2>
<p>नवदंपति के जीवन के इस <strong>नव आरंभ</strong> पर <strong>राजमहल लोकसभा क्षेत्र</strong> सहित विभिन्न स्थानों से लगातार <strong>बधाई संदेश</strong> प्राप्त हो रहे हैं। समर्थकों, शुभचिंतकों और आम नागरिकों ने उन्हें जीवन के इस नए सफर के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका दांपत्य जीवन सदैव <strong>प्रेम</strong>, <strong>विश्वास</strong>, <strong>सम्मान</strong>, <strong>सौहार्द</strong>, <strong>सफलता</strong> और <strong>अनगिनत खुशियों</strong> से परिपूर्ण रहे। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि यह पवित्र रिश्ता समय के साथ और अधिक मजबूत होता जाए तथा दोनों अपने व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें।</p>
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		<title>सलाखों के पीछे भी सबके लिए न्याय! मंडल कारा में बंदियों को बताए गए कानूनी अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता</title>
		<link>https://deshprahari.com/justice-mandal-for-all-even-behind-bars-legal-rights-and-free-legal-aid-explained-to-prisoners-in-jail/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 15:07:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[📍90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंडल कारा में हुआ विशेष कार्यक्रम पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत मंगलवार को पाकुड़ मंडल कारा में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4cd.png" alt="📍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंडल कारा में हुआ विशेष कार्यक्रम</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची</strong> के निर्देशानुसार <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़</strong> द्वारा संचालित <strong>90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान</strong> के तहत मंगलवार को <strong>पाकुड़ मंडल कारा</strong> में एक विशेष <strong>विधिक जागरूकता कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके <strong>संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों</strong> से अवगत कराना, उन्हें <strong>निःशुल्क विधिक सहायता</strong> की उपलब्धता की जानकारी देना तथा कानून के प्रति जागरूक बनाना था।</p>
<p>यह अभियान <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश तथा <strong>डालसा सचिव रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन एवं देखरेख में लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आम नागरिकों के साथ-साथ विशेष वर्गों तक भी विधिक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f468-200d-2696-fe0f.png" alt="👨‍⚖️" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ ने दी महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में <strong>लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम</strong> के <strong>डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख</strong> ने मुख्य वक्ता के रूप में बंदियों को संबोधित किया। उन्होंने सरल और सहज भाषा में बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून के समक्ष समान अधिकार प्राप्त हैं और आर्थिक या सामाजिक स्थिति किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं कर सकती।</p>
<p>उन्होंने बंदियों को उनके <strong>कानूनी अधिकारों</strong>, न्यायिक प्रक्रिया, मुकदमों से संबंधित आवश्यक जानकारियों तथा न्याय प्राप्त करने के उपलब्ध वैधानिक माध्यमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है या अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं है, तो उसे <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार</strong> के माध्यम से <strong>निःशुल्क कानूनी सहायता</strong> उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4d6.png" alt="📖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> निःशुल्क विधिक सहायता की योजनाओं से कराया गया अवगत</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान बंदियों को <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़</strong> द्वारा संचालित विभिन्न <strong>निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं</strong> की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना विधिक सेवा प्राधिकार का प्रमुख उद्देश्य है और जरूरतमंद लोगों को बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<p>इस दौरान बंदियों को यह भी समझाया गया कि यदि किसी मामले में उन्हें कानूनी सलाह, अधिवक्ता की सहायता या अन्य विधिक सहयोग की आवश्यकता हो, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर उसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6ab.png" alt="🚫" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी किया गया जागरूक</strong></h2>
<p>कार्यक्रम केवल कानूनी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि <strong>सामाजिक जागरूकता</strong> पर भी विशेष बल दिया गया। उपस्थित बंदियों को समाज में व्याप्त विभिन्न <strong>सामाजिक कुरीतियों</strong>, अपराधों और उनके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।</p>
<p>वक्ताओं ने कहा कि कानून का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। समाज में शांति, सद्भाव और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि जागरूक नागरिक ही एक मजबूत और जिम्मेदार समाज का निर्माण करते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6e1.png" alt="🛡" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> बंदियों को उनके अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान बंदियों को उनके <strong>मौलिक अधिकारों</strong>, <strong>विधिक अधिकारों</strong> तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक बंदी को कानून के तहत निर्धारित अधिकार प्राप्त हैं और इन अधिकारों की रक्षा के लिए विधिक सेवा प्राधिकार सदैव तत्पर रहता है।</p>
<p>अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बंदियों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या जानकारी के अभाव में वे विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> जेल प्रशासन और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की रही सक्रिय भागीदारी</strong></h2>
<p>इस जागरूकता कार्यक्रम में <strong>जेल प्रशासन के अधिकारियों</strong> ने भी सक्रिय सहयोग किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में <strong>पैरा लीगल वॉलंटियर कान्हु हांसदा</strong> की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बंदियों के बीच विधिक जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने में सहयोग प्रदान किया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने कानूनी विषयों से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। इससे कार्यक्रम संवादात्मक और उपयोगी साबित हुआ।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4e2.png" alt="📢" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास</strong></h2>
<p><strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़</strong> द्वारा संचालित <strong>90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान</strong> का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक <strong>कानूनी जागरूकता</strong>, <strong>निःशुल्क विधिक सहायता</strong> तथा <strong>न्याय तक समान पहुंच</strong> सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में जेलों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p>मंडल कारा में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जहां बंदियों को यह संदेश दिया गया कि <strong>कानून केवल दंड का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा का सशक्त आधार भी है।</strong></p>
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		<title>अंगिका समाज को मिली नई दिशा! पाकुड़ जिला इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन, भाषा और संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प</title>
		<link>https://deshprahari.com/angika-community-got-new-direction-formation-of-new-executive-of-pakur-district-unit-pledge-taken-to-preserve-language-and-culture/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 14:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[📍प्रदेश पर्यवेक्षक की मौजूदगी में संपन्न हुआ संगठनात्मक चुनाव पाकुड़। झारखंड प्रदेश अंगिका समाज (अंग), जिला इकाई, पाकुड़ की संगठनात्मक बैठक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। यह बैठक 13 जुलाई 2026 को प्रदेश पर्यवेक्षक सुरजीत झा की देखरेख में आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाज के पदाधिकारी, सदस्य एवं अंगिका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4cd.png" alt="📍" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />प्रदेश पर्यवेक्षक की मौजूदगी में संपन्न हुआ संगठनात्मक चुनाव</strong></h2>
<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>झारखंड प्रदेश अंगिका समाज (अंग), जिला इकाई, पाकुड़</strong> की संगठनात्मक बैठक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। यह बैठक <strong>13 जुलाई 2026</strong> को <strong>प्रदेश पर्यवेक्षक सुरजीत झा</strong> की देखरेख में आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाज के पदाधिकारी, सदस्य एवं अंगिका भाषा और संस्कृति से जुड़े लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करना, नई कार्यकारिणी का गठन करना तथा आने वाले वर्षों के लिए संगठन की कार्ययोजना तैयार करना था।</p>
<p>बैठक के दौरान संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुई। सभी पदों पर विचार-विमर्श के बाद <strong>सर्वसम्मति</strong> से नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। नवगठित टीम का कार्यकाल <strong>सत्र 2026 से 2029</strong> तक रहेगा।</p>
<hr />
<h2><strong>नई जिला कार्यकारिणी का हुआ गठन, महत्वपूर्ण पदों पर मिली जिम्मेदारियां</strong></h2>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-44785" src="https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-200x300.jpg" alt="IMG 20260714 WA0001" width="200" height="300" srcset="https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-200x300.jpg 200w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-683x1024.jpg 683w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-768x1152.jpg 768w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-280x420.jpg 280w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-150x225.jpg 150w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-300x450.jpg 300w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001-696x1044.jpg 696w, https://deshprahari.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260714-WA0001.jpg 1024w" sizes="(max-width: 200px) 100vw, 200px" /></p>
<p>बैठक में सर्वसम्मति से <strong>डॉ. मनोहर कुमार</strong> को <strong>जिला अध्यक्ष</strong> चुना गया। वहीं <strong>कृपा सिन्धु तिवारी &#8216;बच्चन&#8217;</strong> को <strong>महासचिव</strong>, <strong>संजय कुमार शुक्ला</strong> को <strong>सचिव</strong> तथा <strong>अरुण कुमार सिंह</strong> को <strong>कोषाध्यक्ष</strong> की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।</p>
<p>इसके अलावा संगठन के अन्य विभिन्न पदों पर भी योग्य एवं सक्रिय सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। बैठक में मौजूद सदस्यों ने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी तथा समाज के हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करेगी।</p>
<hr />
<h2><strong>प्रदेश कार्यकारिणी में भी मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी</strong></h2>
<p>संगठनात्मक बैठक के दौरान <strong>कैलाश झा</strong> एवं <strong>रूमा सिंह</strong> को <strong>प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य</strong> के रूप में मनोनीत किया गया। साथ ही दोनों को <strong>झारखंड राज्य साहित्य, संगीत, नाटक एवं ललित कला</strong> के <strong>जिला प्रतिनिधि</strong> की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।</p>
<p>बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस मनोनयन का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इनके अनुभव और सक्रिय भूमिका से जिले में अंगिका भाषा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f469.png" alt="👩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बना अंगिका महिला समूह</strong></h2>
<p>संगठन को अधिक व्यापक और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बैठक में <strong>अंगिका महिला समूह, पाकुड़</strong> का भी गठन किया गया। संगठन का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना सामाजिक एवं सांस्कृतिक आंदोलन को व्यापक स्वरूप नहीं दिया जा सकता।</p>
<p>महिला समूह की <strong>अध्यक्षा</strong> के रूप में <strong>प्राची चौधरी</strong> का चयन किया गया। वहीं <strong>निधि गुप्ता</strong> एवं <strong>सीमा कुमारी</strong> को <strong>उपाध्यक्ष</strong>, <strong>पूनम देवी</strong> को <strong>सचिव</strong>, <strong>रश्मि कुमारी</strong> को <strong>संगठन सचिव</strong>, <strong>नीतू देवी</strong> को <strong>सह-संगठन सचिव</strong>, <strong>मधु देवी</strong> को <strong>कोषाध्यक्ष</strong> तथा <strong>निक्की कुमारी</strong> को <strong>मीडिया प्रभारी</strong> की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा <strong>मीरा प्रवीण सिंह</strong> को महिला समूह का <strong>संरक्षक</strong> बनाया गया।</p>
<p>महिला समूह के गठन को बैठक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।</p>
<hr />
<h2><strong>जनगणना में अंगिका भाषा को अलग पहचान दिलाने का संकल्प</strong></h2>
<p>बैठक में <strong>अंगिका भाषा के संरक्षण और संवर्धन</strong> को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी <strong>जनगणना</strong> में <strong>अंगिका भाषा को पृथक भाषा</strong> के रूप में दर्ज कराने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p>संगठन का मानना है कि अंगिका भाषा का समृद्ध इतिहास, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत है। इसलिए इसे अलग भाषा के रूप में पहचान दिलाना समाज की प्राथमिकता होगी।</p>
<hr />
<h2><strong>JTET नियमावली में अंगिका भाषा को शामिल कराने की मांग</strong></h2>
<p>बैठक में शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने निर्णय लिया कि <strong>झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET)</strong> की नियुक्ति नियमावली में <strong>अंगिका भाषा</strong> को शामिल कराने के लिए राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी पहल की जाएगी।</p>
<p>संगठन का कहना है कि यदि अंगिका भाषा को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान मिलता है, तो इससे न केवल भाषा का संरक्षण होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने पर जोर</strong></h2>
<p>बैठक में संगठन विस्तार को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि <strong>सदस्यता अभियान</strong> को तेज गति से चलाया जाएगा तथा संगठन को <strong>पंचायत स्तर</strong> तक मजबूत किया जाएगा।</p>
<p>इसके लिए प्रत्येक पंचायत में सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम गठित करने, नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3ad.png" alt="🎭" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प</strong></h2>
<p>नवगठित कार्यकारिणी ने बैठक के अंत में सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वह <strong>अंगिका भाषा</strong>, <strong>साहित्य</strong>, <strong>लोक संस्कृति</strong>, <strong>लोकगीत</strong>, <strong>लोककला</strong> और <strong>परंपराओं</strong> के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए पूरी <strong>निष्ठा</strong>, <strong>समर्पण</strong> और <strong>सक्रियता</strong> के साथ कार्य करेगी।</p>
<p>पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन केवल भाषा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, साहित्यिक गोष्ठियों, युवा संवाद, महिला सशक्तिकरण अभियान तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को संगठित और मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगा।</p>
<hr />
<h2><strong>समाज को नई ऊर्जा देने की उम्मीद</strong></h2>
<p>बैठक के सफल आयोजन और नई कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठन के सदस्यों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम के नेतृत्व में <strong>झारखंड प्रदेश अंगिका समाज (अंग), जिला इकाई, पाकुड़</strong> भाषा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। साथ ही आने वाले वर्षों में संगठन जिले से लेकर राज्य स्तर तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए <strong>अंगिका समाज की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से बुलंद करने</strong> का कार्य करेगा।</p>
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		<title>सरकारी वाहन पर घिरा नगर परिषद प्रशासन! अध्यक्ष को किस नियम के तहत मिली सुविधा? अधिवक्ता ने मांगी पूरी फाइल और कानूनी आधार</title>
		<link>https://deshprahari.com/under-which-rule-did-the-municipal-council-administration-chairman-surrounded-by-government-vehicle/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 14:52:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[📌 सूचना के अधिकार के तहत उठे गंभीर सवाल पाकुड़। नगर परिषद पाकुड़ की अध्यक्ष को सरकारी वाहन उपलब्ध कराए जाने के मामले ने अब कानूनी और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर पाकुड़ सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विश्वजीत मिश्रा ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से विस्तृत जानकारी मांगी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4cc.png" alt="📌" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> सूचना के अधिकार के तहत उठे गंभीर सवाल</strong></h3>
<p><strong>पाकुड़।</strong> नगर परिषद <strong>पाकुड़</strong> की <strong>अध्यक्ष को सरकारी वाहन उपलब्ध कराए जाने</strong> के मामले ने अब कानूनी और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर <strong>पाकुड़ सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विश्वजीत मिश्रा</strong> ने नगर परिषद के <strong>कार्यपालक पदाधिकारी</strong> से विस्तृत जानकारी मांगी है। उनका कहना है कि यदि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया गया है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह <strong>किस अधिनियम, नियम, सरकारी संकल्प अथवा वैधानिक प्रावधान</strong> के तहत दिया गया है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2696.png" alt="⚖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> सरकारी संकल्प का हवाला देकर उठाए सवाल</strong></h2>
<p>अधिवक्ता <strong>विश्वजीत मिश्रा</strong> ने अपने आवेदन में <strong>झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग</strong> के <strong>संकल्प पत्रांक संख्या 5/नवि/विविध/105/09-2647, दिनांक 23 अक्टूबर 2009</strong> का उल्लेख किया है। उनके अनुसार इस सरकारी संकल्प के माध्यम से <strong>शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मासिक मानदेय</strong> का निर्धारण किया गया है।</p>
<p>उन्होंने यह भी दावा किया है कि उक्त संकल्प में <strong>मानदेय के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार की सुविधा प्रदान करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।</strong> ऐसे में यदि नगर परिषद अध्यक्ष को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया गया है, तो उसके पीछे का <strong>कानूनी आधार</strong> सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f697.png" alt="🚗" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> किस कानून के तहत मिला सरकारी वाहन? मांगा स्पष्ट जवाब</strong></h2>
<p>सूचना आवेदन में अधिवक्ता ने नगर परिषद प्रशासन से पूछा है कि <strong>नगर परिषद अध्यक्ष को सरकारी वाहन किस अधिनियम, नियम, शासनादेश, सरकारी संकल्प या अन्य वैधानिक प्रावधान के तहत आवंटित किया गया है।</strong></p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने <strong>वाहन आवंटन से संबंधित आदेश</strong>, <strong>स्वीकृति पत्र</strong>, <strong>अनुमोदन आदेश</strong> अथवा अन्य संबंधित दस्तावेजों की <strong>प्रमाणित प्रति</strong> भी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन आवंटन पूरी तरह नियमों के अनुरूप किया गया है या नहीं।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4c4.png" alt="📄" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> स्वीकृति देने वाले अधिकारी और फाइल संख्या की भी मांग</strong></h2>
<p>अधिवक्ता ने अपने आवेदन में केवल वाहन आवंटन का आधार ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे प्रशासनिक रिकॉर्ड की भी जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि वाहन आवंटन की <strong>स्वीकृति किस तिथि को दी गई</strong>, यह स्वीकृति <strong>किस सक्षम प्राधिकारी</strong> द्वारा प्रदान की गई तथा उस अधिकारी का <strong>नाम एवं पद</strong> क्या है।</p>
<p>इसके अलावा संबंधित <strong>पत्रांक</strong>, <strong>फाइल संख्या</strong> और वाहन आवंटन से जुड़े सभी प्रशासनिक अभिलेखों की जानकारी भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2753.png" alt="❓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />यदि कोई नियम नहीं है तो वाहन किस आधार पर आवंटित किया गया?</strong></h2>
<p>सूचना आवेदन में एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी उठाया गया है कि यदि <strong>किसी अधिनियम, नियम, शासनादेश अथवा वैधानिक प्रावधान</strong> के अंतर्गत वाहन आवंटित नहीं किया गया है, तो फिर नगर परिषद अध्यक्ष को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने का <strong>विधिक आधार</strong> क्या है।</p>
<p>अधिवक्ता का कहना है कि यदि सरकारी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, तो उसका स्पष्ट कानूनी आधार होना चाहिए और उसकी जानकारी आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध होनी चाहिए।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4b0.png" alt="💰" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> वाहन के खर्च का पैसा किस बजट मद से हो रहा खर्च?</strong></h2>
<p>अपने आवेदन में अधिवक्ता ने वाहन के संचालन और रख-रखाव पर होने वाले सरकारी खर्च को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि यदि वाहन वास्तव में नगर परिषद अध्यक्ष को आवंटित किया गया है, तो उसके <strong>ईंधन</strong>, <strong>मरम्मत</strong>, <strong>रख-रखाव</strong>, <strong>बीमा</strong> तथा अन्य संचालन संबंधी खर्च <strong>किस बजट मद</strong> से वहन किए जा रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा इन खर्चों के लिए स्वीकृत राशि और वित्तीय प्रावधान की जानकारी भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f468-200d-2708-fe0f.png" alt="👨‍✈️" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> चालक के वेतन और मानदेय की भी मांगी जानकारी</strong></h2>
<p>आवेदन में यह सवाल भी शामिल किया गया है कि सरकारी वाहन के साथ कार्यरत <strong>वाहन चालक</strong> का <strong>वेतन</strong>, <strong>मानदेय</strong> अथवा अन्य वित्तीय भुगतान किस <strong>बजट मद</strong> से किया जा रहा है। यदि चालक की नियुक्ति की गई है तो उसके भुगतान से संबंधित प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।</p>
<hr />
<h2><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4e2.png" alt="📢" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पारदर्शिता और जवाबदेही पर केंद्रित है पूरा मामला</strong></h2>
<p>इस पूरे मामले को लेकर अधिवक्ता का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि <strong>सरकारी संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना</strong> है। उनका मानना है कि यदि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अतिरिक्त सरकारी सुविधा प्रदान की जाती है, तो उसका स्पष्ट <strong>वैधानिक और प्रशासनिक आधार</strong> सार्वजनिक होना चाहिए।</p>
<p>अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि <strong>नगर परिषद, पाकुड़</strong> इस आवेदन के जवाब में क्या जानकारी उपलब्ध कराती है और सरकारी वाहन आवंटन के संबंध में कौन-कौन से दस्तावेज सार्वजनिक किए जाते हैं। ऐसे में इस मामले पर प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी नजर बनी हुई है।</p>
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		<title>न्याय होगा आसान और तेज: 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर हाई लेवल बैठक</title>
		<link>https://deshprahari.com/justice-will-be-easy-and-fast-high-level-meeting-regarding-national-lok-adalat-on-12th-september/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:31:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की दिशा में पूरी सक्रियता के साथ तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में मोटर दुर्घटना दावा वाद (एमएसीसी) से जुड़े मामलों के अधिक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची</strong> के निर्देशानुसार <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़</strong> आगामी <strong>12 सितंबर 2026</strong> को आयोजित होने वाली <strong>राष्ट्रीय लोक अदालत</strong> को सफल बनाने की दिशा में पूरी सक्रियता के साथ तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में <strong>मोटर दुर्घटना दावा वाद (एमएसीसी)</strong> से जुड़े मामलों के <strong>अधिक से अधिक संख्या में निपटारे</strong> के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय</strong> ने की। यह बैठक <strong>पीडीजे कक्ष</strong> में आयोजित हुई, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं तथा एमएसीसी से जुड़े अधिवक्ताओं ने भाग लिया।</p>
<h3><strong>राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने पर रहा विशेष जोर</strong></h3>
<p>बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी <strong>राष्ट्रीय लोक अदालत</strong> को प्रभावी एवं सफल बनाना था, ताकि वर्षों से लंबित पड़े <strong>मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीसी)</strong> मामलों का आपसी सहमति एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से अधिकाधिक निपटारा किया जा सके। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि लोक अदालत केवल मामलों के निष्पादन का मंच नहीं है, बल्कि यह आम लोगों को <strong>त्वरित, सुलभ और कम खर्चीला न्याय</strong> उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम भी है।</p>
<p>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश <strong>दिवाकर पांडेय</strong> ने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में सूचीबद्ध करने तथा उनका निष्पक्ष एवं शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।</p>
<h3><strong>एमएसीसी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश</strong></h3>
<p>बैठक के दौरान <strong>दिवाकर पांडेय</strong> ने उपस्थित सभी <strong>न्यायिक पदाधिकारियों</strong>, <strong>बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं</strong> तथा <strong>एमएसीसी अधिवक्ताओं</strong> को संबोधित करते हुए कहा कि मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय और मुआवजा मिलना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मामलों में सभी पक्षों को <strong>संवेदनशीलता</strong>, <strong>पारदर्शिता</strong> और <strong>मानवीय दृष्टिकोण</strong> के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को लंबे समय तक न्यायालयी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।</p>
<h3><strong>सरल और सुगम प्रक्रिया के माध्यम से होगा निपटारा</strong></h3>
<p>बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि <strong>राष्ट्रीय लोक अदालत</strong> के माध्यम से मामलों का निपटारा <strong>सरल, सुगम एवं त्वरित प्रक्रिया</strong> के तहत किया जाए। न्यायिक अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि लंबित मामलों की समय से समीक्षा कर उन्हें लोक अदालत के लिए तैयार किया जाए।</p>
<p>इसके अलावा, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वे दावों के निस्तारण में सकारात्मक सहयोग करें तथा वैधानिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करें, जिससे पीड़ित पक्ष को शीघ्र राहत मिल सके।</p>
<h3><strong>कानूनी पहलुओं पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श</strong></h3>
<p>बैठक के दौरान <strong>एमएसीसी मामलों</strong> से जुड़े विभिन्न <strong>कानूनी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं</strong> पर गहन विचार-विमर्श किया गया। लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति, दावों के मूल्यांकन, आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता, बीमा कंपनियों की भूमिका तथा समझौते की संभावनाओं जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।</p>
<p>बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित पक्ष बेहतर समन्वय के साथ कार्य करेंगे, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन अधिकतम मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<h3><strong>लोक अदालत से आम लोगों को मिलेगा त्वरित न्याय</strong></h3>
<p>बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि <strong>राष्ट्रीय लोक अदालत</strong> न्याय व्यवस्था का एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जहां पक्षकार आपसी सहमति के आधार पर अपने विवादों का समाधान कम समय और कम खर्च में प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से <strong>मोटर दुर्घटना दावा मामलों</strong> में शीघ्र मुआवजा मिलने से पीड़ित परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलती है।</p>
<p>जिला विधिक सेवा प्राधिकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटाकर लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराया जाए तथा न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जाए।</p>
<h3><strong>बैठक में रहे कई अधिकारी एवं अधिवक्ता मौजूद</strong></h3>
<p>इस महत्वपूर्ण बैठक में <strong>अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद</strong>, <strong>इंश्योरेंस कंपनियों के अधिवक्ता</strong>, <strong>एमएसीसी से जुड़े अधिवक्ता</strong> तथा संबंधित न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने आगामी <strong>12 सितंबर 2026</strong> को आयोजित होने वाली <strong>राष्ट्रीय लोक अदालत</strong> को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक मामलों के निपटारे के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>शेरशाहवादी जाति प्रमाण पत्र पर तेज हुई पहल: जांच समिति गठन की मांग, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने उपायुक्त को लिखा पत्र</title>
		<link>https://deshprahari.com/initiative-on-shershahwadi-caste-certificate-intensified-demand-for-formation-of-inquiry-committee/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:24:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://deshprahari.com/?p=44771</guid>

					<description><![CDATA[पाकुड़। शेरशाहवादी समुदाय को जाति प्रमाण पत्र जारी करने में लंबे समय से आ रही परेशानियों को दूर करने की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आलमगीर आलम ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर पाकुड़ उपायुक्त को पत्र लिखकर जिले में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>शेरशाहवादी समुदाय</strong> को <strong>जाति प्रमाण पत्र</strong> जारी करने में लंबे समय से आ रही परेशानियों को दूर करने की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। झारखंड सरकार के <strong>पूर्व मंत्री</strong> एवं <strong>पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आलमगीर आलम</strong> ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर <strong>पाकुड़ उपायुक्त</strong> को पत्र लिखकर जिले में <strong>विशेष जांच समिति</strong> गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि साहिबगंज जिले की तर्ज पर पाकुड़ में भी समिति बनाकर क्षेत्रीय स्तर पर जांच कराई जाती है, तो इस समुदाय के लोगों को वर्षों से लंबित जाति प्रमाण पत्र निर्गत होने का रास्ता साफ हो सकता है।</p>
<h3><strong>साहिबगंज मॉडल को पाकुड़ में लागू करने की मांग</strong></h3>
<p>पूर्व मंत्री <strong>आलमगीर आलम</strong> ने बताया कि <strong>साहिबगंज जिला प्रशासन</strong> द्वारा उपायुक्त के निर्देश पर पहले ही एक <strong>विशेष जांच समिति</strong> का गठन किया जा चुका है। यह समिति जिले के <strong>बरहरवा, राजमहल और उधवा</strong> प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों में जाकर शेरशाहवादी समुदाय से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। इस प्रक्रिया के माध्यम से समुदाय की सामाजिक एवं पारंपरिक स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि यही प्रक्रिया <strong>पाकुड़ जिले</strong> में भी अपनाई जाती है, तो यहां रहने वाले शेरशाहवादी समुदाय के लोगों को भी समान अवसर मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को उचित आधार मिल सकेगा।</p>
<h3><strong>पाकुड़ में भी बड़ी संख्या में रहते हैं शेरशाहवादी समुदाय के लोग</strong></h3>
<p>आलमगीर आलम ने कहा कि <strong>पाकुड़ जिले</strong> में भी शेरशाहवादी समुदाय की अच्छी-खासी आबादी निवास करती है। बावजूद इसके, समुदाय के लोगों को आज तक <strong>जाति प्रमाण पत्र</strong> प्राप्त करने में अनेक प्रशासनिक और तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लोग इस मांग को उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</p>
<p>उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा समिति गठित कर गांव-गांव जाकर जांच की जाती है, तो वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उसके आधार पर एक मजबूत रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी।</p>
<h3><strong>उपायुक्त को पत्र लिखकर समिति गठन का किया आग्रह</strong></h3>
<p>पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्होंने <strong>पाकुड़ उपायुक्त</strong> को औपचारिक रूप से पत्र भेजकर जिले में <strong>जांच समिति गठित</strong> करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में आग्रह किया है कि समिति संबंधित गांवों और पंचायतों का दौरा कर शेरशाहवादी समुदाय से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों का अध्ययन करे तथा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को भेजी जाए।</p>
<p>उनका मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर की गई यह पहल भविष्य में समुदाय के हित में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।</p>
<h3><strong>बरहरवा आंदोलन के बाद बनी थी समिति</strong></h3>
<p>आलमगीर आलम ने बताया कि कुछ समय पूर्व <strong>साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड</strong> में शेरशाहवादी समुदाय की ओर से <strong>अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन</strong> आयोजित किया गया था। इस आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए एक जांच समिति का गठन किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अपने आश्वासन का पालन करते हुए समिति का गठन किया और वर्तमान में वहां जांच प्रक्रिया जारी है। इसी प्रकार की व्यवस्था अब <strong>पाकुड़ जिले</strong> में भी लागू किए जाने की आवश्यकता है।</p>
<h3><strong>दो जिलों की रिपोर्ट से मजबूत होगा पक्ष</strong></h3>
<p>पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि <strong>साहिबगंज</strong> और <strong>पाकुड़</strong> दोनों जिलों से जांच रिपोर्ट तैयार होकर <strong>राज्य सरकार</strong> के पास पहुंचती है, तो शेरशाहवादी समुदाय के पक्ष को और अधिक मजबूती मिलेगी। दोनों जिलों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार इस विषय में आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।</p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों जिलों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार समुदाय की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी और आवश्यक आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।</p>
<h3><strong>समुदाय को लंबे समय से समाधान का इंतजार</strong></h3>
<p>आलमगीर आलम ने कहा कि <strong>शेरशाहवादी समुदाय</strong> के लोग वर्षों से <strong>जाति प्रमाण पत्र</strong> निर्गत किए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण समुदाय के अनेक लोगों को शिक्षा, रोजगार तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि जांच समिति की रिपोर्ट सकारात्मक आती है और राज्य सरकार आवश्यक निर्णय लेती है, तो इसका सीधा लाभ पाकुड़ जिले के हजारों शेरशाहवादी परिवारों को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मांग पर सकारात्मक पहल करेगा और जल्द ही समिति गठित कर जांच कार्य शुरू कराया जाएगा।</p>
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		<item>
		<title>📚 कानून की समझ से सशक्त हों छात्राएं: पीएम श्री उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय पाकुड़िया में चला विधिक जागरूकता अभियान</title>
		<link>https://deshprahari.com/%f0%9f%93%9a-girls-students-should-be-empowered-with-understanding-of-law-legal-awareness-campaign-started-in-pm-shri-utkramit-kanya-high-school-pakudiya/</link>
					<comments>https://deshprahari.com/%f0%9f%93%9a-girls-students-should-be-empowered-with-understanding-of-law-legal-awareness-campaign-started-in-pm-shri-utkramit-kanya-high-school-pakudiya/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 15:36:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://deshprahari.com/?p=44768</guid>

					<description><![CDATA[पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत शुक्रवार को पीएम श्री उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय, पाकुड़िया में एक व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची</strong> के निर्देशानुसार तथा <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़</strong> के तत्वावधान में संचालित <strong>90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान</strong> के तहत शुक्रवार को <strong>पीएम श्री उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय, पाकुड़िया</strong> में एक व्यापक <strong>विधिक जागरूकता कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके <strong>संवैधानिक अधिकारों, कानूनी प्रावधानों, निःशुल्क विधिक सहायता</strong> तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध कानून द्वारा उपलब्ध सुरक्षा की जानकारी देना था।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4d6.png" alt="📖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> छात्राओं को कानून और अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी</strong></h3>
<p>यह कार्यक्रम <strong>प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश एवं <strong>डालसा सचिव रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानून की उपयोगिता समझाई गई, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ समाज में जागरूक नागरिक की भूमिका भी निभा सकें।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3af.png" alt="🎯" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मौलिक अधिकार और कर्तव्यों पर हुआ विशेष संवाद</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के मुख्य वक्ता <strong>लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल</strong> ने छात्राओं को <strong>भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्यों</strong> की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होना आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही एक मजबूत और विकसित समाज की नींव रखते हैं।</p>
<p>उन्होंने छात्राओं को <strong>शिक्षा का अधिकार</strong>, <strong>कौशल विकास</strong>, <strong>महिला अधिकार</strong>, <strong>बच्चों के कानूनी संरक्षण</strong> तथा <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता</strong> के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यह भी समझाया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र व्यक्तियों को न्याय प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा <strong>निःशुल्क अधिवक्ता</strong> उपलब्ध कराया जाता है।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f31f.png" alt="🌟" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> आत्मविश्वास, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का दिया संदेश</strong></h3>
<p>अपने संबोधन के दौरान संजीव कुमार मंडल ने छात्राओं से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें <strong>आत्मविश्वास</strong>, <strong>अनुशासन</strong>, <strong>सकारात्मक सोच</strong> और <strong>जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने</strong> की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और सही दिशा में निरंतर प्रयास करें तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा साधन बताते हुए उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2696.png" alt="⚖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> निःशुल्क कानूनी सहायता और लोक अदालत की उपयोगिता समझाई</strong></h3>
<p>कार्यक्रम में उपस्थित <strong>पैनल अधिवक्ता एल्बिना किस्कू</strong> एवं <strong>सुचंद्रा पांडे</strong> ने संयुक्त रूप से छात्राओं को बताया कि <strong>कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक</strong> है। उन्होंने कहा कि <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़</strong> जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को <strong>निःशुल्क कानूनी सहायता</strong> उपलब्ध कराता है, जिससे आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के लिए न्याय पाने में बाधा न बने।</p>
<p>उन्होंने छात्राओं को <strong>राष्ट्रीय लोक अदालत</strong> की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया और बताया कि आपसी सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से अनेक विवादों का <strong>त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान</strong> किया जाता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्यायालयों पर भी अनावश्यक बोझ कम होता है।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4de.png" alt="📞" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> नालसा की योजनाओं और टोल फ्री नंबर की दी जानकारी</strong></h3>
<p>वक्ताओं ने <strong>राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA)</strong> द्वारा संचालित विभिन्न <strong>जनकल्याणकारी योजनाओं</strong> की जानकारी देते हुए छात्राओं को बताया कि जरूरत पड़ने पर वे <strong>टोल फ्री नंबर 15100</strong> पर संपर्क कर <strong>मुफ्त कानूनी सहायता</strong> प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6ab.png" alt="🚫" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> सामाजिक कुरीतियों और अपराधों के प्रति किया जागरूक</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को समाज में व्याप्त विभिन्न <strong>सामाजिक कुरीतियों एवं अपराधों</strong> के प्रति भी जागरूक किया गया। वक्ताओं ने <strong>डायन-बिसाही</strong>, <strong>बाल विवाह</strong>, <strong>दहेज प्रथा</strong>, <strong>घरेलू हिंसा</strong>, <strong>बाल श्रम</strong> तथा महिलाओं और बच्चों से जुड़े अन्य अपराधों की कानूनी जानकारी देते हुए इनके दुष्परिणाम और संबंधित दंडात्मक प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।</p>
<p>उन्होंने छात्राओं से अपील की कि यदि उनके आसपास इस प्रकार की कोई घटना घटित होती है तो वे बिना भय के संबंधित प्रशासन, पुलिस अथवा <strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकार</strong> से संपर्क करें और कानून का सहयोग लें।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> जागरूक समाज निर्माण का दिया संदेश</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं से कानून का सम्मान करने, सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज में भी <strong>कानूनी जागरूकता फैलाने</strong> का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होगा, तभी न्यायपूर्ण और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।</p>
<h3><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f465.png" alt="👥" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> ये रहे उपस्थित</strong></h3>
<p>इस अवसर पर विद्यालय के <strong>प्राचार्य</strong>, शिक्षिकाएं, <strong>पारा लीगल वॉलंटियर्स सीमा साहा, प्रियंका झा, मल्लिका सरकार, पिंटू मरांडी</strong> सहित बड़ी संख्या में <strong>छात्राएं</strong> उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
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		<title>कैलाशनगर को मिली बड़ी राहत: नए 100 केवीए ट्रांसफार्मर से खत्म होगी लो वोल्टेज की परेशानी, वार्ड पार्षद निभा देवी ने किया उद्घाटन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 02:32:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। नगर परिषद के वार्ड संख्या 11 अंतर्गत कैलाशनगर के लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई। लंबे समय से लो वोल्टेज, बार-बार बिजली कटौती और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की समस्या से जूझ रहे मोहल्ले को अब 100 केवीए क्षमता वाले नए बिजली ट्रांसफार्मर की सौगात मिल गई है। क्षेत्र में बढ़ती आबादी और लगातार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> <strong>नगर परिषद के वार्ड संख्या 11</strong> अंतर्गत <strong>कैलाशनगर</strong> के लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई। लंबे समय से <strong>लो वोल्टेज</strong>, <strong>बार-बार बिजली कटौती</strong> और <strong>ओवरलोड ट्रांसफार्मर</strong> की समस्या से जूझ रहे मोहल्ले को अब <strong>100 केवीए क्षमता वाले नए बिजली ट्रांसफार्मर</strong> की सौगात मिल गई है। क्षेत्र में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे <strong>बिजली उपभोक्ताओं</strong> के कारण पुराने ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक भार पड़ रहा था, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी। स्थानीय लोगों की लगातार मांग और जनहित को प्राथमिकता देते हुए <strong>विद्युत विभाग</strong> ने नए ट्रांसफार्मर की स्थापना को स्वीकृति दी, जिसका देर शाम <strong>वार्ड पार्षद निभा देवी</strong> ने विधि-विधान के साथ उद्घाटन किया।</p>
<h3><strong>बिजली व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती</strong></h3>
<p>उद्घाटन कार्यक्रम में वार्ड पार्षद <strong>निभा देवी</strong> ने <strong>नारियल फोड़कर</strong> और <strong>फीता काटकर</strong> नए ट्रांसफार्मर का शुभारंभ किया। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, स्थानीय युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी मौजूद रहे। उद्घाटन के साथ ही लोगों ने उम्मीद जताई कि अब वर्षों से चली आ रही बिजली की समस्याओं से उन्हें काफी हद तक राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक सुचारू होगी।</p>
<h3><strong>बढ़ती आबादी ने बढ़ाया था बिजली व्यवस्था पर दबाव</strong></h3>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वार्ड पार्षद <strong>निभा देवी</strong> ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में <strong>कैलाशनगर</strong> में तेजी से आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई, लेकिन पुराने ट्रांसफार्मर की क्षमता वही बनी रही। परिणामस्वरूप ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक भार पड़ने लगा, जिससे <strong>लो वोल्टेज</strong>, <strong>बार-बार बिजली गुल होना</strong>, <strong>फ्यूज उड़ना</strong> और कई अन्य तकनीकी समस्याएं आम हो गई थीं। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, दुकानदारों, छोटे व्यवसायियों और घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहा था।</p>
<h3><strong>जनसमस्या को गंभीरता से उठाया गया</strong></h3>
<p>उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इस समस्या को लगातार <strong>विद्युत आपूर्ति प्रमंडल</strong> के <strong>कार्यपालक अभियंता शैलेंद्र बेसरा</strong> एवं <strong>कनीय अभियंता आशीष पटेल</strong> के समक्ष रखा गया। अधिकारियों को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति, बढ़ते बिजली लोड और लोगों की परेशानियों से अवगत कराया गया। विभाग ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए तकनीकी परीक्षण के बाद नए <strong>100 केवीए ट्रांसफार्मर</strong> की स्थापना को मंजूरी दी। वार्ड पार्षद ने जनहित में त्वरित कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<h3><strong>वार्ड की अन्य बिजली समस्याओं के समाधान पर भी जोर</strong></h3>
<p>निभा देवी ने कहा कि नए ट्रांसफार्मर की स्थापना निश्चित रूप से एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अभी भी वार्ड में कई कार्य किए जाने बाकी हैं। उन्होंने बताया कि विभाग को <strong>कैलाशनगर में नए बिजली पोल और विद्युत तारों के विस्तारीकरण</strong>, <strong>सिद्धार्थनगर में नए ट्रांसफार्मर की स्थापना</strong>, <strong>जर्जर एवं पुराने बिजली तारों को बदलने</strong> तथा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बिजली नेटवर्क को और मजबूत बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन मांगों पर भी जल्द सकारात्मक पहल होगी।</p>
<h3><strong>हर वर्ग को मिलेगा सीधा लाभ</strong></h3>
<p>वार्ड पार्षद ने कहा कि नए ट्रांसफार्मर के चालू होने से <strong>लो वोल्टेज</strong> की समस्या में कमी आएगी और बिजली आपूर्ति अधिक <strong>सुचारू</strong>, <strong>स्थिर</strong> एवं <strong>निर्बाध</strong> होगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को राहत मिलेगी तथा घरेलू महिलाओं को भी दैनिक कार्यों में सुविधा होगी। साथ ही बिजली के उतार-चढ़ाव से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने की आशंका भी कम होगी।</p>
<h3><strong>स्थानीय लोगों ने किया सम्मान और जताया आभार</strong></h3>
<p>उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय नागरिकों ने <strong>वार्ड पार्षद निभा देवी</strong> का <strong>पुष्पगुच्छ</strong> भेंट कर एवं <strong>माल्यार्पण</strong> कर उनका स्वागत किया। लोगों ने कहा कि जनहित से जुड़े इस कार्य के लिए उनके लगातार प्रयासों का परिणाम आज पूरे कैलाशनगर को मिला है। इस अवसर पर सभी ने विद्युत विभाग एवं वार्ड पार्षद का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इसी तरह कार्य होते रहेंगे।</p>
<h3><strong>इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति</strong></h3>
<p>कार्यक्रम में <strong>पंकज मिश्रा, समीर मंडल, पिंटू मेहरा, तरुण दास, शिवम कुमार सिंह, बुधिलाल सिंह, मथुरा बागती, गुरुदयाल सिंह, जेहरुल शेख, पोचा साहा, विक्रम सिंह, अजहर शेख, सुब्रतो दास, विप्लव पाल, राहुल सिंह, सोनी सिंह तथा दीपक राम</strong> सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नए ट्रांसफार्मर की स्थापना को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए खुशी जाहिर की।</p>
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