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		<title>जहां विराजेंगे विघ्नहर्ता, वहां बरसेगा मंगल का आशीष; 28वें गणपति महोत्सव में भक्ति, संस्कृति और उत्सव का होगा दिव्य संगम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 14:31:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। जब आस्था दीप बनकर जलती है, तो वातावरण में केवल उजाला नहीं फैलता, बल्कि मन के भीतर भी विश्वास की एक नई लौ प्रज्वलित होती है। जब विघ्नहर्ता भगवान गणपति का आगमन होता है, तो भक्तों के हृदय में श्रद्धा, उल्लास और मंगलकामना का भाव स्वयं जाग उठता है। इसी आध्यात्मिक अनुभूति और भक्ति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> जब आस्था दीप बनकर जलती है, तो वातावरण में केवल उजाला नहीं फैलता, बल्कि मन के भीतर भी विश्वास की एक नई लौ प्रज्वलित होती है। जब विघ्नहर्ता भगवान गणपति का आगमन होता है, तो भक्तों के हृदय में श्रद्धा, उल्लास और मंगलकामना का भाव स्वयं जाग उठता है। इसी आध्यात्मिक अनुभूति और भक्ति के रंग में पाकुड़ एक बार फिर रंगने को तैयार है। रेलवे मैदान में इस वर्ष <strong>विघ्नहर्ता बाबा गणपति महोत्सव का 28वां वर्ष</strong> भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।</p>
<p>महोत्सव की तैयारियों को लेकर <strong>सार्वजनिक गणेश पूजा समिति, रेलवे मैदान पाकुड़</strong> की बैठक मंगलवार को पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर स्थित संकट मोचन महावीर मंदिर सत्संग भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता <strong>राणा शुक्ला</strong> ने की। इस दौरान समिति के संस्थापक <strong>हिसाबी राय</strong>, <strong>अखिलेश कुमार चौबे</strong> एवं <strong>संजय कुमार ओझा</strong> प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p>
<p>बैठक में पिछले वर्ष आयोजित गणपति महोत्सव की समीक्षा की गई और इस वर्ष के आयोजन को और अधिक भव्य, आकर्षक एवं भक्तिमय बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने आयोजन से जुड़े सुझाव रखे, जिन्हें लेकर समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस बार धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी विशेष स्थान दिया जाएगा, ताकि महोत्सव में <strong>भक्ति के साथ कला और संस्कृति की भी अनुपम छटा</strong> देखने को मिले।</p>
<h3>14 सितंबर को होगा मंगलमूर्ति का आगमन</h3>
<p>समिति के संस्थापक <strong>हिसाबी राय</strong> ने बताया कि <strong>28वां गणपति महोत्सव 14 से 17 सितंबर 2026 तक रेलवे मैदान, पाकुड़ में आयोजित होगा।</strong> 14 सितंबर की सुबह विधिवत कलश स्थापना और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा।</p>
<p>वह क्षण श्रद्धालुओं के लिए विशेष होगा, जब मंत्रोच्चार के बीच मंगलमूर्ति भगवान गणेश की आराधना होगी और पूरा वातावरण <strong>‘गणपति बप्पा मोरया’</strong> के जयघोष से गूंज उठेगा। माना जाता है कि प्रथम पूज्य गणेश का स्मरण जहां होता है, वहां शुभता स्वयं अपने कदम रखती है और विघ्नों का नाश होकर मंगल का मार्ग प्रशस्त होता है।</p>
<h3>महाआरती के बाद सजेगी सांस्कृतिक संध्या</h3>
<p>15 सितंबर की संध्या बाबा गणपति की भव्य <strong>महाआरती</strong> के बाद सांस्कृतिक संध्या-सह-नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। भक्ति के दीपों और आरती की लौ के बीच जब गणपति बप्पा की महाआरती होगी, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठेगा। इसके बाद संगीत, नृत्य और संस्कृति के रंगों से सजी शाम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।</p>
<p>नृत्य प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना भी है।</p>
<h3>केवल पूजा नहीं, संस्कार और एकता का उत्सव</h3>
<p>पूजा के मार्गदर्शक <strong>अखिलेश कुमार चौबे</strong> ने कहा कि भगवान गणपति विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। किसी भी शुभ कार्य का आरंभ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना के बिना अधूरा माना जाता है। उन्होंने कहा कि गणपति महोत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित आयोजन नहीं है, बल्कि यह <strong>समाज को एक सूत्र में बांधने, आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने तथा नई पीढ़ी को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर</strong> भी है।</p>
<p>उन्होंने श्रद्धालुओं से पूरे भक्तिभाव के साथ महोत्सव में शामिल होने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।</p>
<h3>मटका फोड़ से डांडिया तक, उत्सव का दिखेगा रंग</h3>
<p>महोत्सव के अंतिम दिन <strong>17 सितंबर</strong> को दोपहर में मटका फोड़ एवं डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद बाबा गणपति की प्रतिमा का भव्य नगर भ्रमण कराया जाएगा। भक्तों की भीड़ और जयघोष के बीच बाबा गणपति नगर की गलियों से गुजरेंगे और अंततः बागतीपाड़ा स्थित मनसा मंदिर तालाब में विधिवत विसर्जन किया जाएगा।</p>
<p>विसर्जन का वह क्षण भावनाओं से भरा होगा। चार दिनों तक जिन गणपति बप्पा की पूजा में भक्तों ने अपना मन अर्पित किया होगा, उन्हें विदाई देते समय आंखों में श्रद्धा के आंसू और हृदय में अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रतीक्षा होगी। <strong>“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ”</strong> के जयघोष के साथ भक्त विघ्नहर्ता से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगेंगे।</p>
<h3>नई कार्यकारिणी का हुआ गठन</h3>
<p>महोत्सव के सफल संचालन के लिए बैठक में पुरानी पूजा समिति को भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें <strong>संयोजक संजय कुमार ओझा, अध्यक्ष अविनाश पंडित, कार्यकारी अध्यक्ष मुन्ना रविदास, उपाध्यक्ष पिंटू हजार एवं नितिन कुमार मंडल, सचिव अजीत मंडल, संयुक्त सचिव संजय कुमार राय, सह सचिव राज चौधरी एवं निर्भय सिंह, कोषाध्यक्ष तन्मय पोद्दार तथा व्यवस्था प्रमुख अंकित मंडल</strong> को सर्वसम्मति से जिम्मेदारी सौंपी गई।</p>
<p>बैठक के दौरान <strong>अखिलेश कुमार चौबे, संजय कुमार ओझा, शंकरलाल साह, कैलाश मध्यान एवं लाल्टू भौमिक</strong> ने आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।</p>
<p>इस अवसर पर <strong>बिट्टू राय, अमन भगत, कंवर राय, बुबाय रजक, रणजीत राम, विजय राय, आदित्य सिंह, ज्वाला सिंह, सादेकुल आलम, मिथिलेश मंडल, जितेश रजक, भक्ति पूजन प्रसाद, राका राय, संजय मंडल, जय राजवीर, उजय राय</strong> सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।</p>
<p>अंत में सभापति <strong>राणा शुक्ला</strong> ने सभी कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की। समिति ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर बाबा गणपति का आशीर्वाद लेने तथा आयोजन को सफल बनाने की अपील की।</p>
<p><strong>इस बार पाकुड़ का रेलवे मैदान केवल सजावट और रोशनी से नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कार और भक्ति के उजास से जगमगाएगा। जहां विघ्नहर्ता विराजेंगे, वहां निश्चित ही मंगल का आशीष बरसेगा और चार दिनों तक पूरा वातावरण भक्ति, संस्कृति और उत्सव के उस दिव्य संगम का साक्षी बनेगा, जहां हर हृदय से बस एक ही स्वर निकलेगा—“गणपति बप्पा मोरया।”</strong></p>
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		<title>खून के रिश्ते नहीं, इंसानियत ने जोड़ा दिल; जरूरतमंद महिला के लिए अनामिका ने किया रक्तदान, पेश की मानवता की मिसाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 14:09:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। इंसानियत किसी रिश्ते, पहचान या परिचय की मोहताज नहीं होती। जब किसी की जिंदगी बचाने की जरूरत सामने आती है, तो संवेदनशील दिल खुद-ब-खुद मदद के लिए आगे बढ़ जाता है। पाकुड़ में ऐसा ही एक मानवीय उदाहरण देखने को मिला, जहां जरूरत के वक्त एक अनजान महिला के लिए अनामिका कुमारी ने अपना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> इंसानियत किसी रिश्ते, पहचान या परिचय की मोहताज नहीं होती। जब किसी की जिंदगी बचाने की जरूरत सामने आती है, तो संवेदनशील दिल खुद-ब-खुद मदद के लिए आगे बढ़ जाता है। पाकुड़ में ऐसा ही एक मानवीय उदाहरण देखने को मिला, जहां जरूरत के वक्त एक अनजान महिला के लिए <strong>अनामिका कुमारी</strong> ने अपना रक्त देकर न सिर्फ इंसानियत का फर्ज निभाया, बल्कि समाज को एक प्रेरणादायी संदेश भी दिया।</p>
<p>आदर्श नगर, पाकुड़ निवासी अनामिका कुमारी ने <strong>छोटा सोनाकड़, कोटलपोखर, जिला साहिबगंज निवासी बेलन देवी</strong> के लिए बी-पॉजिटिव रक्तदान किया। बेलन देवी की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। परिवार के सामने रक्त की व्यवस्था करना चुनौती बन गया था। ऐसे मुश्किल समय में उनके पुत्र <strong>जितेंद्र रजवार</strong> ने भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष <strong>दीपक कुमार शाह</strong> से संपर्क कर मदद की अपील की।</p>
<p>दीपक कुमार शाह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जरूरतमंद मरीज के लिए रक्त की व्यवस्था कराने की पहल शुरू की। सूचना राष्ट्रीय संगठन <strong>रामभक्त सेवा दल</strong> तक पहुंची, जिसके जिला महामंत्री <strong>दुलाल सिंह</strong> ने तत्परता दिखाते हुए रक्तदाता की तलाश शुरू की।</p>
<p>इसी प्रयास के बीच आदर्श नगर निवासी अनामिका कुमारी मदद के लिए आगे आईं। उन्होंने बिना किसी परिचय और निजी संबंध के जरूरतमंद महिला के लिए अपना <strong>बी-पॉजिटिव रक्तदान</strong> किया। अनामिका के इस कदम से समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिली और पीड़िता के परिवार को बड़ी राहत मिली।</p>
<h3>रिश्ते खून से नहीं, संवेदना से बनते हैं</h3>
<p>रक्तदान के बाद अनामिका कुमारी ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। किसी की मदद करते समय जाति, धर्म या पहचान नहीं, बल्कि इंसानियत को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यदि हमारे शरीर का रक्त किसी दूसरे इंसान की जिंदगी बचाने में काम आ सकता है, तो इससे बड़ी सेवा और क्या हो सकती है।</p>
<p>अनामिका की यह बात महज एक कथन नहीं, बल्कि उनके कार्य में दिखाई देने वाली संवेदना का प्रतिबिंब है। जिस महिला से उनका कोई पारिवारिक या व्यक्तिगत रिश्ता नहीं था, उसके लिए रक्तदान कर उन्होंने यह साबित किया कि <strong>इंसानियत का रिश्ता हर रिश्ते से बड़ा होता है।</strong></p>
<h3>जरूरत के वक्त साथ खड़ा होना ही असली सेवा</h3>
<p>राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाना है। रक्त की आवश्यकता की सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं ने सक्रियता दिखाई और रक्तदाता उपलब्ध कराने का प्रयास किया। समय पर रक्त की व्यवस्था होना पीड़िता और उसके परिवार के लिए राहत की बात रही।</p>
<p>इस मानवीय प्रयास में संगठन के जिला अध्यक्ष <strong>रतन भगत</strong>, जिला महामंत्री <strong>दुलाल सिंह</strong>, <strong>सनातनी सागर चौधरी</strong>, राष्ट्रीय प्रवक्ता <strong>प्रीतम सिंह यादव</strong>, पीड़िता के पुत्र <strong>जितेंद्र रजवार</strong> समेत अन्य लोग मौजूद रहे।</p>
<h3>एक यूनिट रक्त, किसी के लिए पूरी जिंदगी</h3>
<p>आज जब भागती-दौड़ती जिंदगी में लोगों के पास एक-दूसरे के लिए समय कम होता जा रहा है, ऐसे दौर में अनामिका का यह कदम समाज के लिए उम्मीद की एक खूबसूरत तस्वीर पेश करता है। रक्तदान की एक यूनिट किसी के लिए सिर्फ रक्त नहीं होती, बल्कि वह उसके परिवार के लिए <strong>उम्मीद, राहत और जिंदगी की नई संभावना</strong> बन सकती है।</p>
<p>अनामिका कुमारी का यह प्रयास यह संदेश देता है कि समाज को बेहतर बनाने के लिए हमेशा बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी किसी अनजान के लिए बढ़ाया गया मदद का एक हाथ, रक्त की कुछ बूंदें और सेवा की एक छोटी-सी भावना भी किसी परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाती है।</p>
<p><strong>खून के रिश्ते भले ही जन्म से बनते हों, लेकिन इंसानियत के रिश्ते दिल से बनते हैं। अनामिका ने रक्तदान कर इसी रिश्ते को मजबूत करते हुए समाज के सामने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसे याद रखने और अपनाने की जरूरत है।</strong></p>
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		<title>मुरलीधर के स्वागत में कोई कमी न रहे, जन्माष्टमी से पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचा नगर परिषद का अमला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 16:19:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। मुरली की मधुर तान, राधे-राधे के जयघोष और कान्हा के जन्मोत्सव की आहट से पाकुड़ का वातावरण धीरे-धीरे भक्तिमय होने लगा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जहां श्रद्धालुओं में उत्साह उमड़ रहा है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए धार्मिक स्थलों को भी सजाने-संवारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> मुरली की मधुर तान, राधे-राधे के जयघोष और कान्हा के जन्मोत्सव की आहट से पाकुड़ का वातावरण धीरे-धीरे भक्तिमय होने लगा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जहां श्रद्धालुओं में उत्साह उमड़ रहा है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए धार्मिक स्थलों को भी सजाने-संवारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को पाकुड़ नगर परिषद उपाध्यक्ष <strong>राणा ओझा</strong> ने पाकुड़ नगर स्थित <strong>इस्कॉन मंदिर, कालीभसान परिसर</strong> का निरीक्षण कर जन्माष्टमी की तैयारियों का जायजा लिया।</p>
<p>भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल समेत श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कान्हा के दरबार में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े।</p>
<h3>कान्हा के स्वागत में विशेष व्यवस्थाओं की मांग</h3>
<p>निरीक्षण के दौरान इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष <strong>सत्यवाग प्रभु</strong> ने जन्माष्टमी पर्व को लेकर मंदिर परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी नगर परिषद उपाध्यक्ष को दी। उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने की मांग रखी।</p>
<p>इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में प्रकाश व्यवस्था करने तथा पेयजल के लिए पानी के टैंकर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। जन्माष्टमी के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।</p>
<h3>स्वच्छता से रोशनी तक, हर व्यवस्था पर नजर</h3>
<p>मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद राणा ओझा ने मौके पर मौजूद नगर परिषद के नगर मिशन प्रबंधक <strong>मनीष कुमार</strong>, कनिष्ठ अभियंता <strong>सुमन कुमार</strong> सहित अन्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने मंदिर परिसर में विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पानी की टंकी अथवा पानी के टैंकर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व के दौरान स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।</p>
<h3>उमड़ेगा आस्था का सैलाब, तैयारियों में जुटा नगर परिषद</h3>
<p>नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएंगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और उल्लास का उत्सव है।</strong> इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुखद और सुविधाजनक वातावरण में कान्हा के दर्शन कर सके, यही नगर परिषद का प्रयास रहेगा।</p>
<p>उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को जन्माष्टमी के दौरान साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही।</p>
<h3>भक्ति के बीच व्यवस्था का संकल्प</h3>
<p>जन्माष्टमी की बेला में जब इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मंगलध्वनि गूंजेगी, घंटियों की आवाज के साथ भक्तों के स्वर में <strong>‘हरे कृष्ण, हरे राम’</strong> का संकीर्तन होगा और कान्हा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगेंगी, तब नगर परिषद की व्यवस्थाएं भी श्रद्धालुओं के लिए सहारा बनेंगी।</p>
<p>राणा ओझा ने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर की तैयारियों की लगातार निगरानी की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।</p>
<p>कान्हा के स्वागत की तैयारियों के बीच पाकुड़ का इस्कॉन मंदिर अब धीरे-धीरे उस पावन क्षण की ओर बढ़ रहा है, जब आधी रात के बाद <strong>नंद के घर आनंद बरसेगा और भक्तों के हृदय में मुरलीधर के जन्म का उल्लास उमड़ पड़ेगा।</strong></p>
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		<title>81 बच्चों की जिंदगी की डोर आपके रक्त से जुड़ी है, क्या 24 तारीख को आप बनेंगे किसी की सांसों का सहारा?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:03:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। किसी के लिए रक्तदान महज कुछ मिनटों का समय हो सकता है, लेकिन किसी जरूरतमंद के लिए यही रक्त जिंदगी और मौत के बीच की सबसे मजबूत उम्मीद बन जाता है। पाकुड़ जिले में हर माह की 24 तारीख को आयोजित होने वाला रक्तदान शिविर इसी उम्मीद को जिंदा रखने की एक मानवीय पहल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> किसी के लिए रक्तदान महज कुछ मिनटों का समय हो सकता है, लेकिन किसी जरूरतमंद के लिए यही रक्त जिंदगी और मौत के बीच की सबसे मजबूत उम्मीद बन जाता है। पाकुड़ जिले में हर माह की <strong>24 तारीख</strong> को आयोजित होने वाला रक्तदान शिविर इसी उम्मीद को जिंदा रखने की एक मानवीय पहल है। जिले के तमाम समाजसेवियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे आगे बढ़कर रक्तदान करें, ताकि जरूरत के समय किसी की जिंदगी को बचाया जा सके।</p>
<p>पाकुड़ जिले में <strong>81 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों</strong> को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। इनके अलावा गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल मरीजों, डायलिसिस करा रहे मरीजों, एनीमिया से पीड़ित लोगों सहित अन्य गंभीर मरीजों के लिए भी समय पर रक्त उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में नियमित रक्तदान ही रक्त अधिकोष में पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन जाता है।</p>
<h3>24 तारीख को रक्तदान की अपील</h3>
<p>हर माह की 24 तारीख को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर के माध्यम से लोगों को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अपील की जा रही है कि स्वस्थ और सक्षम नागरिक अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर रक्तदान जरूर करें।</p>
<p>रक्तदान की गई प्रत्येक इकाई किसी जरूरतमंद मरीज के लिए उम्मीद की एक किरण बन सकती है। विशेषकर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता होती है। समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में इन बच्चों के उपचार में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।</p>
<h3>इंसानियत फाउंडेशन के सदस्यों ने निभाई अहम भूमिका</h3>
<p>इस मानवीय अभियान में <strong>इंसानियत फाउंडेशन</strong> के सदस्यों का भी अहम योगदान रहा है। संस्था के कई सदस्यों ने समय पर पहुंचकर <strong>पाकुड़ रक्त अधिकोष</strong> में रक्तदान किया और इस सेवा अभियान को मजबूती प्रदान की।</p>
<p>रक्तदान के माध्यम से संस्था के सदस्यों ने समाज के अन्य लोगों को भी आगे आने का संदेश दिया। उनका मानना है कि रक्तदान ऐसा सेवा कार्य है, जिसमें दान करने वाले व्यक्ति को यह भी पता नहीं होता कि उसके द्वारा दिया गया रक्त किस अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाएगा। यही भावना रक्तदान को इंसानियत की सबसे सुंदर मिसाल बनाती है।</p>
<h3>जरूरतमंदों के लिए जीवनरेखा है रक्त</h3>
<p>थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के अलावा जिले में गर्भवती महिलाओं, सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों, डायलिसिस करा रहे मरीजों और एनीमिया सहित विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी रक्त की जरूरत पड़ती है। आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे समय में रक्त अधिकोष में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।</p>
<p>एक ओर अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन जीवन की उम्मीद लगाए रहते हैं, वहीं दूसरी ओर रक्तदाताओं का छोटा-सा योगदान उस उम्मीद को हकीकत में बदल सकता है। यही कारण है कि नियमित रक्तदान को केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि <strong>मानव जीवन की रक्षा का संकल्प</strong> माना जा रहा है।</p>
<h3>मौके पर ये रहे मौजूद</h3>
<p>रक्तदान अभियान के दौरान कर्मचारी <strong>नवीन कुमार, पियूष दास</strong>, इंसानियत फाउंडेशन के सचिव <strong>बानिज शेख</strong>, <strong>नवाब शेख, आलाउद्दीन, सोलेमान शेख, जियाउल हक और मोकीम शेख</strong> सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।</p>
<p>रक्तदान के इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इंसानियत की सेवा के लिए किसी बड़े संसाधन की नहीं, बल्कि एक छोटे से संकल्प की जरूरत होती है। आपके शरीर में बह रहा रक्त किसी अनजान व्यक्ति के लिए जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकता है।</p>
<p><strong>इसलिए 24 तारीख केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का एक अवसर है। आइए, रक्तदान करें और किसी की सांसों का सहारा बनें।</strong></p>
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		<title>सावन की आखिरी सोमवारी, सेवा की अमिट कहानी: शिवालयों में गूंजता रहा समर्पण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 13:56:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। सावन की अंतिम सोमवारी पर जिले के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा। हर ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे। इसी भक्तिमय वातावरण के बीच सत्य सनातन संस्था की ओर से चलाए जा रहे निःशुल्क सेवा अभियान का इस वर्ष विधिवत समापन हुआ। संस्था के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शिवालयों में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> सावन की अंतिम सोमवारी पर जिले के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा। हर ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे। इसी भक्तिमय वातावरण के बीच <strong>सत्य सनातन संस्था</strong> की ओर से चलाए जा रहे निःशुल्क सेवा अभियान का इस वर्ष विधिवत समापन हुआ। संस्था के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शिवालयों में सेवा शिविर लगाकर शिवभक्तों के बीच बेलपत्र, कच्चा दूध, गंगाजल, पुष्प सहित अन्य आवश्यक पूजन सामग्री का निःशुल्क वितरण किया।</p>
<p>महादेव की आराधना में लीन श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा केवल पूजन सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि आस्था के पथ पर सहयोग और समर्पण का भाव था। शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच संस्था के सदस्यों ने सेवा को साधना मानकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। कई श्रद्धालुओं ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का सुंदर उदाहरण बताया।</p>
<p>संस्था के अध्यक्ष <strong>रंजीत कुमार चौबे</strong> ने बताया कि सावन माह में निःशुल्क सेवा अभियान की यह परंपरा पिछले छह वर्षों से लगातार जारी है। सावन के पावन महीने में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में कई बार पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक सामग्री जुटाना श्रद्धालुओं के लिए कठिन हो जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संस्था के कार्यकर्ता विभिन्न शिवालयों में सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को निःशुल्क पूजन सामग्री उपलब्ध कराते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे सावन माह में अलग-अलग शिवालयों में लगातार सेवा शिविर लगाए गए। अंतिम सोमवारी के साथ इस वर्ष के सेवा अभियान का समापन हुआ। संस्था का उद्देश्य केवल सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से समाज में सहयोग, समर्पण और धार्मिक सेवा की भावना को मजबूत करना है।</p>
<h3>शिवालयों में सेवा का संकल्प</h3>
<p>अभियान के दौरान <strong>भगतपाड़ा शिव मंदिर</strong> में रवि भगत, नवीन सिंह और अजय भगत ने श्रद्धालुओं की सेवा की। यहां पहुंचने वाले शिवभक्तों को आवश्यक पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई और उन्हें पूजा-अर्चना में सुविधा प्रदान की गई।</p>
<p>वहीं <strong>कूड़ापाड़ा स्थित नागेश्वरनाथ शिव मंदिर</strong> में निखिल कुमार ने सेवा शिविर का संचालन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच पूजन सामग्री का वितरण करते हुए सेवा कार्य को आगे बढ़ाया।</p>
<p><strong>दूधनाथ मंदिर</strong> में आयुष कुमार, वीर कुमार और अंश कुमार ने सेवा कार्य में योगदान दिया। जबकि <strong>रेलवे कॉलोनी स्थित शिव मंदिर</strong> में शिवम सिंह और निखिल सिंह ने सेवा शिविर की जिम्मेदारी संभालते हुए श्रद्धालुओं के बीच पूजन सामग्री का वितरण किया।</p>
<h3>सेवा बनी साधना, समर्पण बना संदेश</h3>
<p>सावन की अंतिम सोमवारी पर आयोजित इन सेवा शिविरों में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर शिवालयों में श्रद्धालु भोलेनाथ के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर रहे थे, तो दूसरी ओर संस्था के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सेवा को ही अपनी साधना मानकर जुटे हुए थे।</p>
<p>श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थित तरीके से सेवा कार्य को आगे बढ़ाया। किसी के हाथ में बेलपत्र था तो किसी को गंगाजल और दूध उपलब्ध कराया जा रहा था। वातावरण में मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ सेवा का भाव भी स्पष्ट दिखाई दे रहा था।</p>
<p>पूरे सेवा अभियान का संचालन संस्था के संपर्क प्रमुख <strong>पुरोहित रोहित दास</strong> की देखरेख में किया गया। उनके मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने सावन भर विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अपनी सेवाएं दीं।</p>
<h3>छह वर्षों से जल रही सेवा की ज्योति</h3>
<p>सत्य सनातन संस्था की ओर से छह वर्षों से लगातार चलाया जा रहा यह अभियान अब सावन की धार्मिक परंपरा के साथ सेवा और समर्पण की एक अलग पहचान बना रहा है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी संस्था के कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि भगवान शिव की भक्ति केवल मंदिर में पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंद और श्रद्धालु की सेवा में भी महादेव के दर्शन किए जा सकते हैं।</p>
<p>सावन की अंतिम सोमवारी के साथ भले ही इस वर्ष सेवा शिविरों का सिलसिला थम गया, लेकिन सेवा और समर्पण की वह भावना श्रद्धालुओं के मन में अपनी छाप छोड़ गई। शिवालयों में गूंजते जयघोष के बीच सेवा की यह कहानी भी मानो महादेव के चरणों में अर्पित हो गई।</p>
<p>संस्था के कार्यकर्ताओं ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा की भावना से भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे। इस प्रकार सावन की आखिरी सोमवारी केवल एक पर्व का समापन नहीं, बल्कि <strong>भक्ति को सेवा और सेवा को साधना मानने वाली एक अमिट परंपरा का नया संकल्प</strong> बनकर सामने आई।</p>
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		<title>हुनर की मेहनत को मिलेगा सम्मान, जन्माष्टमी पर पाकुड़ में सिलाई-कटाई-बुनाई सीखने वालों को मिलेगा सर्टिफिकेट और उपहार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 13:40:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। किसी हुनर को सीखने की शुरुआत भले ही एक छोटे से कदम से होती है, लेकिन वही हुनर आगे चलकर आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण पूरा कर चुके पाकुड़ के अभ्यर्थियों के लिए इस बार जन्माष्टमी का पर्व इसी उपलब्धि को सम्मान देने का अवसर लेकर आ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> किसी हुनर को सीखने की शुरुआत भले ही एक छोटे से कदम से होती है, लेकिन वही हुनर आगे चलकर आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण पूरा कर चुके पाकुड़ के अभ्यर्थियों के लिए इस बार जन्माष्टमी का पर्व इसी उपलब्धि को सम्मान देने का अवसर लेकर आ रहा है।</p>
<p>भगवान श्री सत्य साईं बाबा की कृपा एवं प्रेरणा से कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत <strong>सिलाई, कटाई एवं बुनाई का कोर्स पूरा करने वाले सभी सफल अभ्यर्थियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम</strong> आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन <strong>श्री सत्य साईं सेवा समिति, छोटी अलीगंज, पाकुड़</strong> की ओर से <strong>4 सितंबर 2026 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी</strong> के अवसर पर किया जाएगा।</p>
<h3>मेहनत का प्रमाण बनेगा सर्टिफिकेट</h3>
<p>कार्यक्रम में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी अभ्यर्थियों को <strong>सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।</strong> यह प्रमाणपत्र केवल एक कागज नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई दक्षता और अभ्यर्थियों की मेहनत का प्रमाण होगा।</p>
<p>सिलाई, कटाई और बुनाई जैसे कौशल आज भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रशिक्षण के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का अवसर मिल सकता है।</p>
<h3>जन्माष्टमी के दिन मिलेगा खास उपहार</h3>
<p>सम्मान समारोह की खास बात यह भी होगी कि सफल अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट के साथ <strong>उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।</strong> जन्माष्टमी जैसे पावन अवसर पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अभ्यर्थियों के लिए अपनी मेहनत और उपलब्धि को साझा करने का एक विशेष अवसर होगा।</p>
<p>आयोजकों की ओर से सभी सफल अभ्यर्थियों से कार्यक्रम में समय पर पहुंचने का अनुरोध किया गया है।</p>
<h3>शाम 6 बजे तक पहुंचने की अपील</h3>
<p>श्री सत्य साईं सेवा समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार सभी संबंधित अभ्यर्थियों को <strong>4 सितंबर को शाम 6 बजे तक साईं सेंटर, छोटी अलीगंज, पाकुड़</strong> में उपस्थित होना है।</p>
<p>आयोजकों ने अभ्यर्थियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।</p>
<h3>हुनर से सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर कदम</h3>
<p>यह आयोजन केवल प्रमाणपत्र और उपहार वितरण तक सीमित नहीं है। इसके पीछे उस सोच को भी बल मिलता है कि <strong>हाथों में हुनर हो तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो सकती है।</strong> प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई सिलाई, कटाई और बुनाई की दक्षता अभ्यर्थियों के लिए भविष्य में स्वरोजगार का आधार बन सकती है।</p>
<p>जन्माष्टमी के आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उन अभ्यर्थियों की मेहनत को सम्मान देगा, जिन्होंने प्रशिक्षण के दौरान समय और श्रम लगाकर एक नया कौशल हासिल किया है।</p>
<p><strong>कार्यक्रम की तिथि:</strong> 4 सितंबर 2026<br />
<strong>अवसर:</strong> श्री कृष्ण जन्माष्टमी<br />
<strong>स्थान:</strong> साईं सेंटर, छोटी अलीगंज, पाकुड़<br />
<strong>उपस्थिति का समय:</strong> शाम 6 बजे तक<br />
<strong>सम्मान:</strong> सर्टिफिकेट एवं उपहार</p>
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		<title>अपने अधिकार जानेंगे, तभी बदलेंगे हालात… पाकुड़ में युवाओं के बीच कानून, शिक्षा और नशे पर हुई अहम चर्चा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 13:27:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। जिंदगी में कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जब हमें यह तो महसूस होता है कि हमारे साथ कुछ गलत हो रहा है, लेकिन यह पता नहीं होता कि उसके खिलाफ आवाज कहां उठाएं और कानून का सहारा कैसे लें। किसी युवा के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो सकती है। अधिकारों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> जिंदगी में कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जब हमें यह तो महसूस होता है कि हमारे साथ कुछ गलत हो रहा है, लेकिन यह पता नहीं होता कि उसके खिलाफ आवाज कहां उठाएं और कानून का सहारा कैसे लें। किसी युवा के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो सकती है। अधिकारों की जानकारी का अभाव कई बार व्यक्ति को उस जगह भी चुप करा देता है, जहां कानून उसकी आवाज बन सकता है।</p>
<p>इसी खामोशी को जागरूकता की आवाज देने की एक पहल पाकुड़ में की गई। <strong>झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में सोमवार को पाकुड़ प्रखंड परिसर स्थित माय भारत युवा केंद्र में युवा विधिक सहायता माह के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।</strong></p>
<p>कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ <strong>दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश पर तथा डालसा सचिव <strong>रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन में हुआ। इसका केंद्रबिंदु केवल कानून की धाराओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं को यह समझाना था कि <strong>अपने अधिकारों को जानना, उन्हें सुरक्षित रखने की दिशा में पहला कदम है।</strong></p>
<h3>कानून की किताब से निकलकर जिंदगी तक पहुंची बात</h3>
<p>कार्यक्रम का उद्घाटन डालसा के पैरा लीगल वॉलंटियर <strong>कमला राय गांगुली</strong>, एएमपी के जिला प्रभारी <strong>डॉ. अजीजुर रहमान</strong>, माय भारत केंद्र के सहायक <strong>मो. नूर आलम</strong>, एंडेवर एकेडमी युवा क्लब की सचिव <strong>जयश्री सिंह</strong> और इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष <strong>जेड. एच. विश्वास</strong> ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।</p>
<p>पैरा लीगल वॉलंटियर कमला राय गांगुली ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए कानूनी साक्षरता केवल एक अतिरिक्त जानकारी नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है। युवाओं को यह पता होना चाहिए कि कानून उन्हें कौन-कौन से अधिकार देता है और किसी कानूनी परेशानी की स्थिति में वे सहायता कहां से प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि <strong>युवा विधिक सहायता माह</strong> के माध्यम से कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने, कानून के साथ संघर्ष में फंसे किशोरों के अधिकारों की रक्षा करने और युवाओं को विधिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम में युवाओं को यह भी जानकारी दी गई कि जरूरत पड़ने पर उन्हें <strong>सरल प्रक्रिया के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता</strong> उपलब्ध कराई जा सकती है। यानी आर्थिक कठिनाई किसी व्यक्ति को न्याय की राह से वंचित करने का कारण नहीं बननी चाहिए।</p>
<h3>जब अधिकार पता हों तो डर कम होता है</h3>
<p>कई युवा शिक्षा, रोजगार और भविष्य की चिंता के बीच अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा को लेकर अनजान रह जाते हैं। वक्ताओं ने इसी पहलू पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता व्यक्ति को केवल अपने अधिकार मांगना नहीं सिखाती, बल्कि उसे अपनी जिम्मेदारियों को समझने का विवेक भी देती है।</p>
<p>इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड. एच. विश्वास ने कहा कि शिक्षित युवा ही समाज को आगे ले जाने की वास्तविक ताकत हैं। खेल हो, स्वास्थ्य हो, रोजगार हो या सामाजिक विकास—हर क्षेत्र में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उनके संदेश का सार यही रहा कि <strong>युवा केवल अपने भविष्य के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के भी निर्माता हैं।</strong></p>
<h3>नशे की गिरफ्त से बची युवा शक्ति ही बनाएगी मजबूत समाज</h3>
<p>कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से भी आगाह किया गया। एएमपी के जिला प्रभारी <strong>डॉ. अजीजुर रहमान</strong> ने युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अपने मौलिक अधिकारों और अपने हक के प्रति जागरूक रहना जरूरी है। नशे की लत केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी इसका असर पड़ता है।</p>
<p>यही वजह है कि युवा पीढ़ी को सही दिशा देना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।</p>
<h3>शिक्षा सिर्फ नौकरी तक पहुंचने का रास्ता नहीं</h3>
<p>कार्यक्रम में शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम न मानकर <strong>व्यक्तित्व और विवेक के निर्माण का आधार</strong> बताया गया। माय भारत युवा केंद्र के सहायक मो. नूर आलम तथा एंडेवर एकेडमी के अध्यक्ष प्रिंस प्रकाश और सचिव जयश्री सिंह ने युवाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनने के साथ शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।</p>
<p>वक्ताओं ने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<h3>गांवों से आए युवाओं तक पहुंचा जागरूकता का संदेश</h3>
<p>कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता फजर शेख, एंडेवर एकेडमी युवा क्लब के उदय कुमार, पैरा लीगल वॉलंटियर नीरज कुमार राउत समेत ग्रामीण क्षेत्रों से आए युवा शामिल हुए।</p>
<p>कार्यक्रम का व्यापक संदेश यही रहा कि <strong>कानून से अनजान रहना व्यक्ति को कमजोर कर सकता है, जबकि कानून की समझ उसे अपने अधिकारों के प्रति सजग नागरिक बनाती है।</strong></p>
<p>आज का युवा यदि यह जानता है कि उसके अधिकार क्या हैं, कानूनी परेशानी में सहायता कहां मिलेगी, नशे से खुद को कैसे बचाना है और शिक्षा को अपने भविष्य की ताकत कैसे बनाना है, तो वह केवल अपने जीवन की दिशा नहीं बदलता—बल्कि समाज के बदलते कल की नींव भी रखता है।</p>
<p><strong>क्योंकि बदलाव की शुरुआत हमेशा किसी बड़े मंच से नहीं होती। कई बार वह उस क्षण से शुरू होती है, जब एक युवा पहली बार यह जानता है—“मेरे अधिकार क्या हैं और मेरे लिए कानून क्या कर सकता है।”</strong></p>
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		<title>पाकुड़ में विहिप का रणनीतिक मंथन, 4 से 13 सितंबर तक चलेगा स्थापना दिवस अभियान; संगठन विस्तार और सामाजिक एकता पर बनी खास रणनीति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:52:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जिला बैठक शहरकोल स्थित जिला कार्यालय में जिला उपाध्यक्ष मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, स्थापना दिवस, सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायत स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जिला बैठक शहरकोल स्थित जिला कार्यालय में जिला उपाध्यक्ष <strong>मनीष कुमार</strong> की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, स्थापना दिवस, सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायत स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।</p>
<p>बैठक को संबोधित करते हुए विहिप के विभाग मंत्री <strong>अरविंद घोष</strong> ने बताया कि आगामी <strong>4 सितंबर से 13 सितंबर तक जिले के सभी प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर स्थापना दिवस कार्यक्रम</strong> आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन के उद्देश्यों और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के साथ-साथ संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि <strong>स्वर्गीय अशोक सिंघल के शताब्दी वर्ष</strong> के अवसर पर जिलेभर में सेवा एवं विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।</p>
<h3>संगठन विस्तार को बताया सामूहिक जिम्मेदारी</h3>
<p>विहिप के जिला मंत्री <strong>विशाल भगत</strong> ने कहा कि संगठन का विस्तार किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नए लोगों से संपर्क स्थापित करने और उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास करने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा कार्यकर्ताओं को निरंतर समाज के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के साथ निरंतर संवाद और संपर्क के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।</p>
<h3>सामाजिक संगठनों के समन्वय पर जोर</h3>
<p>प्रांतीय सलाहकार <strong>अशोक वर्मा</strong> ने कहा कि बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति सहित विभिन्न संगठन समाज के बीच सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन संगठनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>जिला उपाध्यक्ष <strong>मनीष कुमार</strong> ने कहा कि विहिप समाज के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न जाति और वर्गों के बीच विभाजन की प्रवृत्तियों को रोकने के लिए समाज को एकजुट करने की जरूरत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>बैठक में <strong>नवज्योत प्रिंस, नगर मंत्री, विनय कुमार भगत, मुकेश भगत, सागर भगत, नीरज कुमार नाग, प्रेम कुमार मंडल</strong> सहित विहिप के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।</p>
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		<item>
		<title>JTET अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर! हर रविवार फ्री मॉक टेस्ट, परीक्षा तक चलेगी टेस्ट सीरीज; सैकड़ों छात्रों ने परखी अपनी तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:31:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पाकुड़ में एक अच्छी पहल शुरू की गई है। जिले के बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा लिमिटेड एवं जिला प्रशासन पाकुड़ के संयुक्त तत्वावधान में संचालित शिक्षण संस्थान एंडेवर एकेडमी, पाकुड़ में JTET अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पाकुड़ में एक अच्छी पहल शुरू की गई है। जिले के <strong>बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा लिमिटेड एवं जिला प्रशासन पाकुड़ के संयुक्त तत्वावधान</strong> में संचालित शिक्षण संस्थान <strong>एंडेवर एकेडमी, पाकुड़</strong> में JTET अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को आयोजित मॉक टेस्ट में जिले के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी परीक्षा तैयारी को परखा।</p>
<p>एंडेवर एकेडमी के निदेशक <strong>विकास तिवारी</strong> के मार्गदर्शन में आयोजित इस टेस्ट सीरीज का उद्देश्य JTET अभ्यर्थियों को परीक्षा के वास्तविक माहौल का अनुभव कराना और उनकी तैयारी की कमियों को समय रहते दूर करना है। संस्थान की ओर से बताया गया कि JTET को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह है, लेकिन सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और परीक्षा पैटर्न की समझ की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थी भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।</p>
<p>इसी को ध्यान में रखते हुए संस्थान की ओर से <strong>प्रत्येक रविवार पूरी तरह निःशुल्क मॉक टेस्ट</strong> आयोजित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह टेस्ट <strong>JTET के नवीनतम सिलेबस और परीक्षा पैटर्न</strong> को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है, ताकि अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके।</p>
<h3>टेस्ट के बाद होगा डाउट क्लीयरेंस</h3>
<p>मॉक टेस्ट समाप्त होने के बाद विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा अभ्यर्थियों के उत्तरों की समीक्षा की जाती है। इसके साथ ही <strong>डाउट क्लीयरेंस सेशन</strong> के माध्यम से अभ्यर्थियों की शंकाओं का समाधान किया जाता है। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि किन विषयों में उनकी पकड़ मजबूत है और किन टॉपिक पर अभी और मेहनत की जरूरत है।</p>
<p>टेस्ट में शामिल अभ्यर्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नियमित मॉक टेस्ट से उन्हें अपनी तैयारी का वास्तविक आकलन करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही परीक्षा के दौरान <strong>समय प्रबंधन, प्रश्नों के चयन और कमजोर विषयों की पहचान</strong> करने में भी मदद मिल रही है।</p>
<h3>परीक्षा तक हर रविवार जारी रहेगी टेस्ट सीरीज</h3>
<p>संस्थान की ओर से जानकारी दी गई है कि यह <strong>निःशुल्क टेस्ट सीरीज आगामी JTET परीक्षा तक प्रत्येक रविवार</strong> जारी रहेगी। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा तक लगातार अभ्यास करने और अपनी तैयारी को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>एंडेवर एकेडमी का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को उचित मार्गदर्शन और अभ्यास का अवसर उपलब्ध कराना है। संस्थान के अनुसार, पिछले <strong>तीन वर्षों से संचालित एंडेवर एकेडमी</strong> में प्रत्येक वर्ष दर्जनों छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।</p>
<p>रविवार को आयोजित मॉक टेस्ट के दौरान संस्था से जुड़े <strong>प्रिंस प्रकाश, प्रेम प्रताप सिंह, उदय कुमार और नीरज कुमार राउत</strong> समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे। आयोजन को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह देखा गया।</p>
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		<title>बच्चों पर मंडराते खतरे के खिलाफ अमड़ापाड़ा में बड़ी पहल, बाल विवाह से लेकर तस्करी तक रोकने के लिए बनी खास रणनीति</title>
		<link>https://deshprahari.com/big-initiative-in-amdapara-against-the-danger-looming-on-children-special-strategy-made-to-stop-child-marriage-and-trafficking/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:36:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। अमड़ापाड़ा प्रखंड सभागार में शनिवार को बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। झारखंड विकास परिषद द्वारा संचालित “सुरक्षित बचपन के लिए दामिन पहल” परियोजना के तहत आयोजित इस बैठक में ग्राम एवं प्रखंड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के सदस्यों को बाल संरक्षण की जिम्मेदारियों और चुनौतियों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> अमड़ापाड़ा प्रखंड सभागार में शनिवार को बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। झारखंड विकास परिषद द्वारा संचालित <strong>“सुरक्षित बचपन के लिए दामिन पहल”</strong> परियोजना के तहत आयोजित इस बैठक में ग्राम एवं प्रखंड स्तरीय <strong>बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों</strong> के सदस्यों को बाल संरक्षण की जिम्मेदारियों और चुनौतियों से अवगत कराया गया। बैठक का मुख्य फोकस बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, यौन शोषण और बच्चों के साथ होने वाली उपेक्षा को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत तंत्र तैयार करना रहा।</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड प्रमुख प्रिया मरांडी, अंचल अधिकारी औसफ़ अहमद खां, प्रखंड शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद ए हसमत, एएसआई काली प्रसाद साह, डीपीसी पीसीआई यूनिसेफ पाकुड़ मोहम्मद अनीस, जिला बाल संरक्षण इकाई/CHL से अभिजीत चंद्र दा और परियोजना समन्वयक मनोरंजन सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।</p>
<h3>समितियां केवल कागज पर नहीं, जमीन पर दिखाएं सक्रियता</h3>
<p>बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख जूहीप्रिया मरांडी ने कहा कि <strong>मिशन वात्सल्य</strong> के तहत प्रखंड और पंचायत स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों का गठन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में स्थानीय स्तर पर त्वरित हस्तक्षेप और संवेदनशीलता बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p>वहीं अंचल अधिकारी औसफ़ अहमद खां ने कहा कि इन समितियों का उद्देश्य केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि उनके समुचित विकास के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना भी है। बच्चों को शोषण, उपेक्षा और हिंसा से बचाने के लिए प्रशासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।</p>
<h3>बाल विवाह और तस्करी के खिलाफ गांव स्तर पर निगरानी पर जोर</h3>
<p>जिला बाल संरक्षण इकाई के अभिजीत चंद्र दा ने कहा कि <strong>बाल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।</strong> उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर समितियां पूरी सक्रियता के साथ काम करें तो बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और यौन शोषण जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण स्तर पर कार्य करने वाले लोगों से बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।</p>
<h3>बच्चों को ‘सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श’ की जानकारी देना जरूरी</h3>
<p>डीपीसी पीसीआई यूनिसेफ पाकुड़ मोहम्मद अनीस ने जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सभी हितधारकों से बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बच्चे से संबंधित गंभीर मामले की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दी जानी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने बच्चों को <strong>‘सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श’</strong> के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया। इसके लिए कॉमिक्स और सरल माध्यमों का उपयोग कर बच्चों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने की बात कही गई, ताकि बच्चे स्वयं भी खतरे को पहचान सकें और जरूरत पड़ने पर मदद मांग सकें।</p>
<h3>PPT के जरिए बताए गए बाल अधिकार और संरक्षण के तरीके</h3>
<p>बैठक के दौरान पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से <strong>बाल अधिकार, बाल यौन शोषण और मानव तस्करी</strong> जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि बच्चों के संरक्षण के लिए सरकारी तंत्र के साथ-साथ पंचायत, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और समुदाय की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों से संबंधित किसी भी मामले में देरी न हो और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बाल संरक्षण तंत्र को सक्रिय करते हुए जरूरतमंद बच्चे तक समय पर सहायता पहुंचाई जाए।</p>
<h3>पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर आंगनबाड़ी सेविकाओं तक की रही भागीदारी</h3>
<p>कार्यक्रम में अमड़ापाड़ा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी सेविकाएं, पैरा लीगल वॉलंटियर्स, ग्राम बाल संरक्षण समिति के सदस्य तथा जेएसएलपीएस के जेंडर रिसोर्स पर्सन शामिल हुए।</p>
<p>परियोजना समन्वयक मनोरंजन सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का मूल उद्देश्य <strong>स्थानीय स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन कर उन्हें सशक्त और सक्रिय बनाना</strong> है। उन्होंने कहा कि जब पंचायत और गांव स्तर पर बाल संरक्षण का तंत्र मजबूत होगा, तभी बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों और शोषण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।</p>
<p>बैठक से एक स्पष्ट संदेश सामने आया कि <strong>बच्चों की सुरक्षा केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए गांव, पंचायत, स्कूल, आंगनबाड़ी और समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को मिलकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।</strong> यही सामूहिक प्रयास बाल विवाह, बाल श्रम, तस्करी और यौन शोषण जैसी चुनौतियों के खिलाफ बच्चों के लिए सुरक्षित बचपन की मजबूत नींव तैयार कर सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
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