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		<title>रूपी सोरेन के निधन से पाकुड़ जिला कांग्रेस में शोक की लहर, शोकसभा में दी श्रद्धांजलि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 13:10:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन का समाचार सामने आने के बाद पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर देखी जा रही है। इस दुख की घड़ी में पाकुड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन का समाचार सामने आने के बाद पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर देखी जा रही है। इस दुख की घड़ी में पाकुड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>पाकुड़ जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शोकसभा आयोजित की गई। इस दौरान सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।</p>
<h3><strong>मौन के बीच छलका दुख</strong></h3>
<p>शोकसभा के दौरान कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कुछ समय के लिए मौन खड़े रहे। वातावरण में शोक और संवेदना की गहरी अनुभूति रही। उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी मां का निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना और प्रार्थना के माध्यम से खड़ा रहना ही सच्ची मानवीय संवेदना है।</p>
<p>कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित पूरे शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।</p>
<h3><strong>दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा हुआ संगठन</strong></h3>
<p>शोकसभा के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि रूपी सोरेन का निधन परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। इस दुख की घड़ी में पार्टी परिवार के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करती है।</p>
<p>शोकसभा का समापन दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार के लिए धैर्य एवं संबल की कामना के साथ हुआ।</p>
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		<title>जेल में बंद कैदियों की थाली में क्या पहुंच रहा है? पाकुड़ में डालसा के औचक निरीक्षण से सामने आई भोजन व्यवस्था की हकीकत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 13:03:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। जेल की ऊंची दीवारें किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकती हैं, लेकिन उसके मानवीय अधिकारों को समाप्त नहीं करतीं। इसी संवेदनशील कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण के साथ गुरुवार को पाकुड़ मंडल कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का केंद्र केवल जेल की व्यवस्था देखना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> जेल की ऊंची दीवारें किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकती हैं, लेकिन उसके मानवीय अधिकारों को समाप्त नहीं करतीं। इसी संवेदनशील कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण के साथ गुरुवार को पाकुड़ मंडल कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का केंद्र केवल जेल की व्यवस्था देखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि बंदियों तक पहुंचने वाली भोजन की थाली में <strong>पोषण, स्वच्छता और निर्धारित मानकों का अधिकार</strong> भी सुरक्षित है या नहीं।</p>
<p>माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ <strong>दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश पर डालसा सचिव <strong>रूपा बंदना किरो</strong> ने मंडल कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान डालसा टीम ने जेल की रसोई सहित भोजन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को करीब से परखा।</p>
<h3><strong>रसोईघर से शुरू हुई जांच, थाली तक पहुंची नजर</strong></h3>
<p>निरीक्षण के दौरान टीम ने जेल के रसोईघर का बारीकी से जायजा लिया। भोजन किस प्रकार तैयार किया जा रहा है, निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं, साफ-सफाई की स्थिति कैसी है और बंदियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल रहा है या नहीं, इन तमाम पहलुओं को देखा गया।</p>
<p>इसके साथ ही <strong>पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता</strong> की स्थिति की भी जांच की गई। जेल जैसी संवेदनशील जगह पर भोजन केवल भूख मिटाने का माध्यम नहीं, बल्कि बंदियों के स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़ा बुनियादी अधिकार है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी का अपना अलग महत्व है।</p>
<h3><strong>जांच में मैन्यू के अनुरूप मिली भोजन व्यवस्था</strong></h3>
<p>निरीक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था को निर्धारित मैन्यू के अनुरूप संतोषजनक पाया गया। डालसा टीम ने यह भी देखा कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं।</p>
<p>निरीक्षण के क्रम में डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने जेल प्रशासन को <strong>स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और रखरखाव</strong> से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसका उद्देश्य किसी कमी को केवल दर्ज करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखना है।</p>
<h3><strong>कानून की नजर में बंदी भी इंसान है</strong></h3>
<p>जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद किसी व्यक्ति से उसका अपराध न्यायिक प्रक्रिया का विषय हो सकता है, लेकिन उसकी मानवीय गरिमा समाप्त नहीं होती। यही कारण है कि विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका केवल अदालत में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। जेलों में बंद व्यक्तियों के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी भी न्याय व्यवस्था के मानवीय पक्ष को मजबूत करती है।</p>
<p>डालसा सचिव ने कहा कि <strong>न्यायिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल न्याय प्रदान करना ही नहीं, बल्कि जेल में बंद व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा और उन्हें सम्मानजनक जीवन की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।</strong> इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस तरह के निरीक्षण किए जाते हैं, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की स्थिति उत्पन्न न हो।</p>
<h3><strong>निरीक्षण का संदेश, सलाखों के भीतर भी गरिमा जरूरी</strong></h3>
<p>किसी जेल की व्यवस्था का वास्तविक मूल्यांकन केवल उसकी दीवारों और सुरक्षा इंतजामों से नहीं होता, बल्कि इस बात से भी होता है कि वहां रहने वाले लोगों के साथ बुनियादी मानवीय जरूरतों के स्तर पर कैसा व्यवहार किया जा रहा है। भोजन, स्वच्छ पानी, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं किसी व्यक्ति के अपराध या आरोप से अलग उसके मानवीय अस्तित्व से जुड़ी होती हैं।</p>
<p>पाकुड़ मंडल कारागार में हुआ यह औचक निरीक्षण इसी सामाजिक सोच की याद दिलाता है कि <strong>कानून का हाथ जहां अपराध के विरुद्ध कठोर होता है, वहीं मानव गरिमा की रक्षा के मामले में उसकी दृष्टि संवेदनशील भी रहती है।</strong></p>
<p>निरीक्षण के दौरान डालसा के कर्मी और जेल प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।</p>
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		<title>रेलवे कर्मचारियों की पुरानी मांगों पर बड़ा अपडेट! महाप्रबंधक के सामने फिर उठा क्वार्टर, हेल्थ यूनिट, AC और भत्ते का मुद्दा, मिला कार्रवाई का आश्वासन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 10:06:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। रेलवे कर्मचारियों की सुविधाओं और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे के पाकुड़ प्रथम आगमन पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन, पाकुड़ शाखा के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों ने उनका स्वागत किया और रेल कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों का ज्ञापन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> रेलवे कर्मचारियों की सुविधाओं और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक <strong>गीतिका पांडे</strong> के पाकुड़ प्रथम आगमन पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन, पाकुड़ शाखा के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों ने उनका स्वागत किया और रेल कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों का ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>महाप्रबंधक के आगमन के दौरान रेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में रखी गई इन मांगों में रेलवे आवास, स्वास्थ्य सुविधा, कार्यस्थल की बेहतर व्यवस्था, कर्मचारियों के भत्ते तथा रेलवे कॉलोनी एवं स्टेशन परिसर में पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।</p>
<h3><strong>दो साल बाद फिर सामने आईं पुरानी मांगें</strong></h3>
<p>यूनियन के शाखा सचिव <strong>संजय कुमार ओझा</strong> ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व पूर्व रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक <strong>मिलिंद देउस्कर</strong> के पाकुड़ आगमन के दौरान भी संगठन की ओर से मांग पत्र सौंपा गया था। उस समय कई मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की गई थी, लेकिन वे अभी तक अपेक्षित परिणाम तक नहीं पहुंच सकीं।</p>
<p>इसी वजह से यूनियन ने उन पुरानी मांगों को एक बार फिर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक के समक्ष रखा है। संगठन का कहना है कि मांगें केवल कागज पर दर्ज होकर न रह जाएं, बल्कि उनका ठोस समाधान भी जमीन पर दिखाई दे।</p>
<h3><strong>नलहटी से गुमानी तक नए रेलवे क्वार्टर की मांग</strong></h3>
<p>रेल कर्मचारियों के आवास की समस्या को देखते हुए <strong>नलहटी से गुमानी तक नए रेलवे क्वार्टरों के निर्माण</strong> की मांग प्रमुखता से रखी गई।</p>
<p>रेलवे कर्मचारियों के लिए आवास केवल रहने की सुविधा नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और जीवन की स्थिरता से भी जुड़ा विषय है। पर्याप्त और सुविधाजनक आवास उपलब्ध होने से कर्मचारियों को रोजमर्रा की कई व्यावहारिक परेशानियों से राहत मिल सकती है।</p>
<h3><strong>पैनल रूम और सुपरवाइजर कार्यालयों में AC की मांग</strong></h3>
<p>यूनियन ने सभी <strong>पैनल रूम एवं सुपरवाइजर कार्यालयों में एयर कंडीशनर की व्यवस्था</strong> करने की भी मांग रखी।</p>
<p>रेलवे संचालन में पैनल रूम और सुपरवाइजर स्तर के कार्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे कार्यस्थलों पर बेहतर तापमान नियंत्रण की सुविधा कर्मचारियों के लिए अधिक अनुकूल कार्य वातावरण तैयार कर सकती है।</p>
<h3><strong>पाकुड़ में कम्युनिटी हॉल और जिम की मांग</strong></h3>
<p>ज्ञापन में पाकुड़ में एक <strong>वृहद कम्युनिटी हॉल के साथ जिम की व्यवस्था</strong> करने की मांग भी शामिल रही।</p>
<p>कम्युनिटी हॉल से रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों से जुड़े सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों को स्थान मिल सकेगा, जबकि जिम जैसी सुविधा कर्मचारियों के स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।</p>
<h3><strong>लॉकअप डिस्पेंसरी को हेल्थ यूनिट बनाने की मांग</strong></h3>
<p>रेलवे कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधा को मजबूत करने के लिए पाकुड़ स्थित <strong>रेलवे लॉकअप डिस्पेंसरी को जल्द से जल्द रेलवे हेल्थ यूनिट के रूप में शुरू करने</strong> की मांग की गई।</p>
<p>स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने से कर्मचारियों को छोटी-बड़ी चिकित्सकीय जरूरतों के लिए दूर जाने की परेशानी कम हो सकती है। यह मांग विशेष रूप से कर्मचारियों की दैनिक स्वास्थ्य जरूरतों से जुड़ी उपयोगी पहल के रूप में सामने आई।</p>
<h3><strong>कोल और स्टोन साइडिंग में काम करने वालों के लिए भत्ते की मांग</strong></h3>
<p>यूनियन ने <strong>पाकुड़ एवं राजग्राम की कोल साइडिंग तथा स्टोन साइडिंग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कोल पायलट भत्ता</strong> जल्द शुरू करने की मांग भी रखी।</p>
<p>संगठन का कहना है कि साइडिंग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों से जुड़ी कार्य परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित भत्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए।</p>
<h3><strong>पानी की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर</strong></h3>
<p>रेलवे कॉलोनी और स्टेशन परिसर में पानी की समस्या को लेकर भी ज्ञापन में गंभीरता से बात रखी गई। यूनियन ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए <strong>स्थानीय जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने</strong> की मांग की।</p>
<p>पानी जैसी बुनियादी सुविधा का नियमित और पर्याप्त उपलब्ध होना किसी भी आवासीय परिसर की सबसे जरूरी आवश्यकताओं में से एक है। इसलिए इस समस्या का स्थायी समाधान कर्मचारियों और उनके परिवारों के दैनिक जीवन में सीधा बदलाव ला सकता है।</p>
<h3><strong>महाप्रबंधक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन</strong></h3>
<p>यूनियन की ओर से रखी गई मांगों पर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक <strong>गीतिका पांडे</strong> ने कहा कि ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन द्वारा उठाई गई सभी मांगें महत्वपूर्ण हैं और उन पर आवश्यक कार्रवाई की शुरुआत अविलंब की जाएगी।</p>
<p>महाप्रबंधक के इस आश्वासन के बाद अब रेल कर्मचारियों की नजरें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। लंबे समय से चली आ रही मांगों के बीच कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि आश्वासन कितनी जल्दी ठोस निर्णय और धरातलीय सुविधा में बदलता है।</p>
<h3><strong>मांगों को पूरा कराने के लिए आगे भी जारी रहेगा प्रयास</strong></h3>
<p>शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने कहा कि इन सभी मांगों को पूरा कराने के लिए संगठन की ओर से अथक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इन मांगों को रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली तक भी भेजा जाएगा।</p>
<p>पाकुड़ में महाप्रबंधक के प्रथम आगमन के दौरान सौंपे गए इस ज्ञापन ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि रेल कर्मचारियों की वर्षों पुरानी जरूरतों का समाधान कितनी तेजी से होता है। अब उम्मीद है कि इस बार मांगों की फाइल आगे बढ़ेगी और कागज पर दर्ज समस्याओं का असर रेलवे कॉलोनी, कार्यस्थलों और कर्मचारियों के रोजमर्रा के जीवन में भी दिखाई देगा।</p>
<p>मौके पर शाखा अध्यक्ष <strong>अखिलेश कुमार चौबे</strong>, शाखा सचिव <strong>संजय कुमार ओझा</strong>, कोषाध्यक्ष <strong>अमर कुमार मल्होत्रा</strong> एवं शाखा सभासद <strong>कुमार विकास</strong> मौजूद थे। इस दौरान मंडल प्रबंधक हावड़ा <strong>विशाल कपूर</strong> सहित मंडल के सभी वरिष्ठ विभागीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।</p>
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		<title>वर्षों की परेशानी पर लगा ब्रेक! बिरसा चौक से हनुमान मंदिर तक बनेगी नई सड़क, जलजमाव-कचरे से मिलेगी राहत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 09:44:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। शहर के वार्ड नंबर 5 में लंबे समय से बदहाल सड़क, जलजमाव और कचरे की समस्या झेल रहे लोगों के लिए अब राहत की उम्मीद जगी है। बिरसा चौक से सुमित चौबे के आवास होते हुए हनुमान मंदिर एवं सांस्कृतिक भवन तक जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य का गुरुवार को विधिवत शिलान्यास किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> शहर के वार्ड नंबर 5 में लंबे समय से बदहाल सड़क, जलजमाव और कचरे की समस्या झेल रहे लोगों के लिए अब राहत की उम्मीद जगी है। बिरसा चौक से सुमित चौबे के आवास होते हुए हनुमान मंदिर एवं सांस्कृतिक भवन तक जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य का गुरुवार को विधिवत शिलान्यास किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष <strong>शबरी पाल</strong> एवं उपाध्यक्ष <strong>राणा ओझा</strong> ने पूजा-अर्चना और विधि-विधान के साथ नारियल फोड़कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।</p>
<h3><strong>वर्षों की परेशानी के बाद अब बदलाव की शुरुआत</strong></h3>
<p>यह सड़क केवल आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि आसपास के मोहल्लों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी है। लंबे समय से सड़क पर जलजमाव और कचरा जमा होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता था।</p>
<p>स्थानीय लोगों के लिए यह समस्या महज एक खराब सड़क की नहीं थी, बल्कि स्वच्छता, आवागमन और सुरक्षित आवाजाही से जुड़ी रोजमर्रा की चुनौती थी। खासकर हनुमान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और सांस्कृतिक भवन जाने वाले लोगों को भी इसका सामना करना पड़ता था।</p>
<h3><strong>शिकायत से समाधान तक पहुंची लोगों की आवाज</strong></h3>
<p>स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को नगर परिषद ने प्राथमिकता में शामिल किया। सड़क निर्माण की शुरुआत को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। विकास की असली तस्वीर तब बनती है, जब वह शहर की बड़ी सड़कों से निकलकर मोहल्लों की उन गलियों तक पहुंचे, जहां आम नागरिक रोज अपनी समस्याओं के साथ जीवन गुजारते हैं।</p>
<p>इस सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद आसपास के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही जलजमाव और कीचड़ की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है।</p>
<h3><strong>सड़क के साथ बदलेगी मोहल्ले की तस्वीर</strong></h3>
<p>नगर परिषद उपाध्यक्ष <strong>राणा ओझा</strong> ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। सड़क, नाली, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।</p>
<p>उनके अनुसार, बिरसा चौक से हनुमान मंदिर होते हुए सांस्कृतिक भवन तक सड़क निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय मोहल्लेवासियों के साथ-साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और सांस्कृतिक भवन जाने वाले आमजनों को भी बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।</p>
<h3><strong>श्रद्धालुओं से लेकर आम नागरिकों तक को होगा लाभ</strong></h3>
<p>हनुमान मंदिर क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी होती है। ऐसे में सड़क का निर्माण केवल स्थानीय परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने वाला कदम नहीं है, बल्कि धार्मिक स्थल तक पहुंच को भी सुगम बनाएगा।</p>
<p>वहीं सांस्कृतिक भवन तक पहुंचने वाले लोगों के लिए भी बेहतर सड़क सुविधा क्षेत्र की सामाजिक गतिविधियों को आसान बनाएगी। एक बेहतर सड़क किसी मोहल्ले की तस्वीर ही नहीं बदलती, बल्कि वहां के लोगों के रोजमर्रा के जीवन में सुविधा, स्वच्छता और सुगमता भी जोड़ती है।</p>
<h3><strong>शिलान्यास के साथ विकास की नई उम्मीद</strong></h3>
<p>सड़क निर्माण की आधारशिला रखे जाने के साथ ही वार्ड नंबर 5 के लोगों के बीच वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें निर्माण कार्य के पूरा होने और सड़क के बेहतर स्वरूप में सामने आने पर टिकी हैं।</p>
<p>शिलान्यास कार्यक्रम में वार्ड पार्षद <strong>निभा देवी, राखी सरदारिन, पूनम देवी, तनु दास, कृष्णा शर्मा, चेनु बीबी, रबिया बीबी, अनिकेत गोस्वामी, रियाज अंसारी, बिमल चन्द्र राउत, राजा अंसारी, गुड्डू कुमार भगत</strong> सहित <strong>पंकज साह, सुमित चौबे, धर्मेंद्र भगत, विवेक कुमार</strong> एवं दर्जनों मोहल्लेवासी उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>अब उम्मीद यही है कि जिस रास्ते ने वर्षों तक लोगों को परेशानी दी, वही रास्ता आने वाले दिनों में सुविधा, स्वच्छता और विकास की नई पहचान बनेगा।</strong></p>
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		<title>7 अक्टूबर का दिन क्यों है खास? पाकुड़ में भाजपा ने मोदी के 25 साल के सेवा-संकल्प को याद कर आयोजित की ‘सेवा ज्योति’ यात्रा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 15:23:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। राजनीति में कुछ तारीखें केवल कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि वे किसी लंबे राजनीतिक सफर के एक पड़ाव की गवाही देती हैं। 7 अक्टूबर भी ऐसी ही तारीख है, जिसे भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और शासन की 25 वर्ष की यात्रा से जोड़कर देखती है। इसी अवसर पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> राजनीति में कुछ तारीखें केवल कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि वे किसी लंबे राजनीतिक सफर के एक पड़ाव की गवाही देती हैं। <strong>7 अक्टूबर</strong> भी ऐसी ही तारीख है, जिसे भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और शासन की 25 वर्ष की यात्रा से जोड़कर देखती है। इसी अवसर पर बुधवार को पाकुड़ के ऐतिहासिक <strong>रथ मेला मैदान</strong> में भाजपा जिला इकाई की ओर से <strong>‘सेवा ज्योति संकल्प सभा एवं यात्रा’</strong> का आयोजन किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष <strong>सरिता मुर्मू</strong> ने की। सभा में भाजपा के जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया।</p>
<h3>7 अक्टूबर से शुरू हुई थी गुजरात से सत्ता की जिम्मेदारी</h3>
<p>भाजपा नेताओं ने कहा कि <strong>7 अक्टूबर 2001</strong> को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, इसी दिन 2001 में उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी और 2025 में सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश किया।</p>
<p>सभा में वक्ताओं ने कहा कि गुजरात की जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका का विस्तार हुआ। <strong>26 मई 2014</strong> को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।</p>
<p>भाजपा नेताओं के लिए यह यात्रा एक राजनीतिक पद की यात्रा भर नहीं, बल्कि संगठन के एक कार्यकर्ता से राज्य के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचने वाले राजनीतिक सफर की कहानी है।</p>
<h3>‘सेवा ज्योति’ से जगा राष्ट्रसेवा का संकल्प, कार्यकर्ताओं ने दोहराई समर्पण की प्रतिबद्धता</h3>
<p>रथ मेला मैदान में आयोजित सभा का माहौल राजनीतिक होने के साथ-साथ संगठनात्मक भी रहा। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और त्याग को भाजपा की कार्यशैली से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित में काम करने का आह्वान किया।</p>
<p>सभा में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि राजनीतिक संगठन की शक्ति केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना भी उसकी जिम्मेदारी है। इसी विचार को ‘सेवा ज्योति’ के संकल्प के रूप में कार्यकर्ताओं के सामने रखा गया।</p>
<h3>सरिता मुर्मू ने कहा मोदी आज राष्ट्रीयता के पर्याय</h3>
<p>भाजपा जिलाध्यक्ष <strong>सरिता मुर्मू</strong> ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होना देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रीयता के पर्याय के रूप में देखे जाते हैं और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल की छाप राष्ट्रीय राजनीति में भी दिखाई देती है।</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री की नीतियों और निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि <strong>तीन तलाक, राम जन्मभूमि और अनुच्छेद 370</strong> जैसे विषयों पर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता को लेकर लगातार काम हुआ है।</p>
<p>जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र <strong>‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’</strong> है और संगठन इसी भावना के साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।</p>
<h3>श्रीनिवास मंडल बोले सेवा के साथ आत्मनिर्भर भारत का संकल्प</h3>
<p>कार्यक्रम में जिला प्रभारी <strong>श्रीनिवास मंडल</strong> ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया और भारत की वैश्विक भूमिका भी मजबूत हुई।</p>
<p>उन्होंने <strong>स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत</strong> जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अभियानों के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए सेवा और संगठन के प्रति समर्पण की प्रेरणा भी है।</p>
<h3>गुजरात से दिल्ली तक बढ़ता गया राजनीतिक सफर</h3>
<p>7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने 2019 में दूसरा कार्यकाल और 2024 में तीसरा लगातार कार्यकाल संभाला।</p>
<p>भाजपा के लिए इस सफर का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि पार्टी इसे एक ऐसे संगठनात्मक और राजनीतिक क्रम के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसमें एक कार्यकर्ता से लेकर राज्य नेतृत्व और फिर देश के सर्वोच्च निर्वाचित कार्यकारी पद तक की यात्रा शामिल है।</p>
<h3>रथ मेला मैदान में दिखी संगठन की ताकत</h3>
<p>कार्यक्रम में जिला प्रभारी श्रीनिवास मंडल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दुर्गा मरांडी, मीरा प्रवीण सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुग्राहित साहा, विवेकानंद तिवारी, कार्यक्रम संयोजक दिलीप सिंह, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, बृजमोहन चौबे, जिला महामंत्री साधन ठाकुर, रूपेश भगत, जिला मंत्री रामचंद्र साहा, जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, एसटी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री जयसेन बेसरा, साहेब हांसदा, अनिकेत गोस्वामी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p>इसके अलावा सोहन मंडल, सुशांत घोष, कर्ण मंडल, आशीष हेम्ब्रम, त्रिलोचन दास, बापन सरकार, राहुल मिश्रा, मोजेश टुडू, अजय भंडारी, रुबिलाल हांसदा, सुकुमार मंडल, बानेश्वर सोरेन, पंकज साह, मनीष चौबे, सुशील साहा, कुणाल गोस्वामी, जीतू सिंह, दुलाल सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।</p>
<p>महिला मोर्चा की प्राची चौधरी, पूनम कुमारी, रश्मि भगत, निधि गुप्ता, मधु देवी और पार्वती देवी समेत कई महिला कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।</p>
<h3>25 वर्षों की यात्रा को लेकर आगे का संकल्प</h3>
<p>‘सेवा ज्योति संकल्प सभा एवं यात्रा’ के जरिए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को याद करने के साथ संगठन के कार्यकर्ताओं के सामने सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश रखने की कोशिश की। कार्यक्रम में नेताओं के भाषणों में बार-बार यह बात उभरी कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी माध्यम है।</p>
<p>इस तरह पाकुड़ का रथ मेला मैदान बुधवार को केवल एक राजनीतिक सभा का स्थल नहीं रहा, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए <strong>25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा को स्मरण करने और आगे की राजनीतिक-सामाजिक भूमिका का संकल्प लेने का मंच</strong> भी बना।</p>
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		<title>पाकुड़ के किस्मत कदमसार में लगा सेवा संकल्प शिविर, स्वास्थ्य जांच के साथ ग्रामीणों को मिली सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 15:12:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत किस्मत कदमसार गांव में प्रखंड स्तरीय लाभार्थी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ-साथ उन्हें भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी दी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत किस्मत कदमसार गांव में प्रखंड स्तरीय लाभार्थी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ-साथ उन्हें भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी दी गई।</p>
<h3>स्वास्थ्य जांच के साथ योजनाओं की जानकारी</h3>
<p>शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सुविधाएं और सरकारी योजनाओं से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई। वहीं, ग्रामीणों को पात्रता के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।</p>
<p>कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लोगों को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<h3>जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है योजनाओं का लाभ : हिसाबी राय</h3>
<p>कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलने के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी पहुंचने से पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी। सेवा और जनजागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं।</p>
<h3>अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना उद्देश्य : सुरेश मंडल</h3>
<p>भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश मंडल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। स्वास्थ्य जांच एवं लाभार्थी शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही आवश्यक जानकारी और सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मंडल की विभिन्न पंचायतों में आगे भी स्वास्थ्य, सेवा और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचाया जा सके।</p>
<h3>बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल</h3>
<p>शिविर के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई तथा उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाया। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश मंडल और अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सादेकुल आलम प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p>
<p>इस अवसर पर दिपक भास्कर, कालीचरण मंडल, कमला मंडल, दुलाली मंडल, गीतारानी मंडल, माना मंगल, आरती देवी, अनारस देवी, संध्या मंडल, मलिन मंडल, लालपानी मंडल, भादरी बेवा, उर्मिला दासी, माया दासी, दोदन मंगल, शिखा मंडल, सादेकुल शेख, सहदेव मंडल, फेक्को बेवा, पुतन मंडल, शिबू मंडल, ठाकुर मंडल, शिशु मंडल, श्रीपाद मंडल, विक्रम राजवंशी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।</p>
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		<item>
		<title>पाकुड़ में बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, बिजली-बीमा समेत जनोपयोगी सेवाओं के विवाद अब ऐसे होंगे हल, जानिए लोक अदालत का पूरा तरीका</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 15:41:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। बिजली बिल को लेकर विवाद हो, बीमा सेवा से जुड़ी परेशानी हो या किसी अन्य जनोपयोगी सेवा को लेकर मामला अटक गया हो, ऐसे मामलों में लोगों को लंबे समय तक परेशानी उठाने की जरूरत नहीं है। स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर ऐसे विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> बिजली बिल को लेकर विवाद हो, बीमा सेवा से जुड़ी परेशानी हो या किसी अन्य जनोपयोगी सेवा को लेकर मामला अटक गया हो, ऐसे मामलों में लोगों को लंबे समय तक परेशानी उठाने की जरूरत नहीं है। <strong>स्थायी लोक अदालत</strong> के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर ऐसे विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान का रास्ता उपलब्ध है। इसी को लेकर पाकुड़ के <strong>बैंक ऑफ इंडिया, करियोडीह</strong> में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।</p>
<h2>बैंक में पहुंची कानून की जानकारी, ग्राहकों को बताया गया आसान रास्ता</h2>
<p>झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बैंक ग्राहकों और आम लोगों को कानूनी सहायता तथा स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ <strong>दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश पर तथा डालसा सचिव <strong>रूपा बंदना किरो</strong> की देखरेख में किया गया।</p>
<h2>बिजली, बीमा और जनोपयोगी सेवाओं के विवादों पर खास जानकारी</h2>
<p>कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष <strong>अशोक कुमार शुक्ला</strong> ने बताया कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना स्थायी लोक अदालत की प्राथमिकताओं में शामिल है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि लोक अदालत में पक्षकारों के बीच <strong>सुलह और समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन</strong> किया जाता है। बिजली, बीमा सेवा विवाद सहित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों को भी इस प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है।</p>
<h2>किन लोगों को मिल सकता है निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ?</h2>
<p>स्थायी लोक अदालत के सदस्य <strong>मो. अबरारुल हक</strong> ने बताया कि गरीब, महिला, बच्चे, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग समेत पात्र व्यक्तियों को सुलह योग्य मामलों में विधिक सहायता का लाभ मिल सकता है।</p>
<p>उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के प्रति जागरूक रहने की अपील की।</p>
<h2>मामला लेकर कहां और कैसे करें आवेदन?</h2>
<p>स्थायी लोक अदालत के सदस्य <strong>राजीव कुमार झा</strong> ने मामलों के निपटारे की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्वरित न्याय, सरल प्रक्रिया, पक्षकारों के बीच समझौते को बढ़ावा देने और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ में आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन के माध्यम से लाभ लिया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने लोगों को यह भी समझाया कि विवाद की स्थिति में उचित कानूनी मार्ग की जानकारी लेकर समय रहते संबंधित प्राधिकार से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।</p>
<h2>बैंकिंग सेवाओं को लेकर भी दी गई जानकारी</h2>
<p>शिविर के दौरान केवल कानूनी सहायता तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। बैंकिंग सुविधाओं और विभिन्न बैंकिंग सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी लोगों के साथ साझा की गईं।</p>
<p>बैंक ग्राहकों को अपनी बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक रहने तथा किसी तरह की समस्या या विवाद की स्थिति में उपलब्ध समाधान के माध्यमों की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<h2>मौके पर ये रहे मौजूद</h2>
<p>कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष <strong>अशोक कुमार शुक्ला</strong>, सदस्य <strong>मो. अबरारुल हक</strong>, <strong>राजीव कुमार झा</strong> और बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर <strong>आशीष रंजन</strong> सहित बैंक कर्मी, बैंक ग्राहक और आम नागरिक मौजूद रहे।</p>
<p>इसके अलावा पैरा लीगल वॉलंटियर्स <strong>प्रियंका झा एवं सीमा साहा</strong> भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।</p>
<h2>लोगों के लिए क्या है सबसे महत्वपूर्ण संदेश?</h2>
<p>विधिक जागरूकता शिविर का मुख्य संदेश यही रहा कि किसी सेवा से जुड़े विवाद को लेकर जानकारी के अभाव में परेशान होने के बजाय उपलब्ध कानूनी एवं वैकल्पिक विवाद समाधान व्यवस्था की जानकारी हासिल करनी चाहिए।</p>
<p><strong>स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य केवल विवाद का निपटारा करना नहीं, बल्कि पक्षकारों को सुलह-समझौते के जरिए सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान का अवसर उपलब्ध कराना भी है।</strong> पाकुड़ के करियोडीह में आयोजित यह शिविर इसी जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।</p>
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		<title>पाकुड़ में बुजुर्गों के सम्मान और अधिकार पर बड़ी पहल, 300 लोगों के बीच समझाया गया वरिष्ठ नागरिक कानून, साथ में हुआ मेडिकल कैंप</title>
		<link>https://deshprahari.com/pakuad-men-bujurgon-ke-smman-aur-adhikar-pr-badee-phl-300-logon-ke-beech-smjhya-gya-vrishhth-nagrik-kanoon-sath-men-huaa-medikl-kainp/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 15:36:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। उम्र बढ़ने के साथ जब शरीर को सहारे की जरूरत होती है, तब सम्मान, अधिकार और देखभाल किसी बुजुर्ग के लिए सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है। इसी सोच के साथ पाकुड़ के इशाकपुर पंचायत भवन में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार और सम्मान को लेकर विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यहां [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> उम्र बढ़ने के साथ जब शरीर को सहारे की जरूरत होती है, तब सम्मान, अधिकार और देखभाल किसी बुजुर्ग के लिए सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है। इसी सोच के साथ पाकुड़ के इशाकपुर पंचायत भवन में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार और सम्मान को लेकर विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यहां करीब <strong>300 वृद्धजन एवं आम नागरिकों</strong> को वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जहां बीपी, शुगर समेत अन्य स्वास्थ्य जांच की गई।</p>
<h2>कानून की जानकारी से सम्मान और अधिकार तक हुई चर्चा</h2>
<p>झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में <strong>माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007</strong> के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई।</p>
<p>कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ <strong>दिवाकर पांडेय</strong> के निर्देश पर तथा डालसा सचिव <strong>रूपा बंदना किरो</strong> के मार्गदर्शन में किया गया।</p>
<h2>डीएसपी ने बताया वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार जानना जरूरी</h2>
<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि <strong>डीएसपी जिला मुख्यालय उज्जवल कुमार साहा</strong> ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनके कानूनी अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बुजुर्गों के हित में मौजूद कानूनी सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उनके अनुभव और योगदान को सम्मान देना तथा जरूरत के समय उनकी सहायता करना समाज की जिम्मेदारी है।</p>
<h2>भरण-पोषण कानून के प्रावधानों की दी गई जानकारी</h2>
<p>लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ <strong>मो. नुकुमुद्दीन शेख</strong> और एलएडीसीएस सहायक <strong>गंगाराम टुडू</strong> ने वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने <strong>माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007</strong> के विभिन्न प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। साथ ही बुजुर्गों के प्रति परिवार और समाज के दायित्व, उनके अधिकारों की रक्षा, देखभाल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की।</p>
<h2>“बुजुर्गों का अनुभव हमारी धरोहर है”</h2>
<p>इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष <strong>जेड. एच. विश्वास</strong> ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>बुजुर्गों का अनुभव समाज की धरोहर है और उनकी सेवा एवं देखभाल हमारी जिम्मेदारी है।</strong> उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सम्मान को लेकर भी लोगों को जागरूक किया।</p>
<h2>कानून के साथ स्वास्थ्य की भी चिंता</h2>
<p>इस जागरूकता शिविर की खास बात यह रही कि यहां केवल कानूनी जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान आयोजित <strong>मेडिकल कैंप में बुजुर्गों का बीपी, शुगर समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच</strong> की गई। स्वास्थ्य जांच के माध्यम से बुजुर्गों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश भी दिया गया।</p>
<h2>बड़ी संख्या में पहुंचे बुजुर्ग और ग्रामीण</h2>
<p>कार्यक्रम में इशाकपुर मुखिया <strong>मिनाती देवी</strong>, डॉ. शेखावत शेख, मो. इमरान आलम, आनंद कुमार, नजरूल शेख, शाफिकुल शेख, कैमुद्दीन विश्वास, अंजारुल शेख, मोताकब्बर शेख, नूरभानु बीबी, नेकाइल शेख, सैफुल शेख, फजर शेख, ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था के <strong>महावीर चौधरी</strong> सहित अन्य लोग मौजूद रहे।</p>
<p>इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक और आम नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। करीब <strong>300 वृद्धजन एवं आम नागरिकों</strong> की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक जन-जागरूकता का रूप दिया।</p>
<h2>पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने भी निभाई भूमिका</h2>
<p>कार्यक्रम में पैरा लीगल वॉलंटियर्स <strong>मोकमाउल शेख, एजारुल शेख और याकूब अली</strong> भी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम में आए लोगों को विधिक सहायता और जागरूकता से जुड़े विषयों की जानकारी देने में सहयोग किया।</p>
<h2>संदेश सिर्फ कानून का नहीं, जिम्मेदारी का भी</h2>
<p>इशाकपुर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल कानूनी जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की जानकारी जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी उनके प्रति <strong>सम्मान, संवेदना, देखभाल और जिम्मेदारी</strong> का भाव रखना भी है।</p>
<p>कानून की जानकारी और स्वास्थ्य जांच को एक ही मंच पर जोड़कर आयोजित इस शिविर ने बुजुर्गों के लिए अधिकार और स्वास्थ्य दोनों पहलुओं को एक साथ सामने रखा।</p>
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		<title>पाकुड़ के इस स्कूल में बच्चों ने रचा ऐसा नाटक, मंच पर खुली ‘नमो सेवा’ की अनकही कहानियां देखकर अभिभावक भी रह गए प्रभावित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 15:29:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। स्कूल का मंच, सामने बैठे अभिभावक और मंच पर उतरते एक-एक कर बाल कलाकार&#8230; जैसे-जैसे नाटक आगे बढ़ा, बच्चों के अभिनय ने पूरे माहौल को अपने साथ जोड़ लिया। किसी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया तो किसी ने किसान, गरीब और आम परिवारों से जुड़ी योजनाओं की कहानी को अभिनय के जरिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> स्कूल का मंच, सामने बैठे अभिभावक और मंच पर उतरते एक-एक कर बाल कलाकार&#8230; जैसे-जैसे नाटक आगे बढ़ा, बच्चों के अभिनय ने पूरे माहौल को अपने साथ जोड़ लिया। किसी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया तो किसी ने किसान, गरीब और आम परिवारों से जुड़ी योजनाओं की कहानी को अभिनय के जरिए सामने रखा। मौका था सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, पाकुड़ में आयोजित <strong>‘नमो सेवा की अनकही कहानियां’</strong> विषयक नाट्य मंचन का।</p>
<h2>बच्चों के अभिनय में दिखी 25 वर्षों की सेवा यात्रा</h2>
<p><strong>नमो सेवा संकल्प अभियान</strong> के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा, संघर्ष, समर्पण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामने रखा।</p>
<p>बाल कलाकारों ने अपने अभिनय के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया कि किस तरह विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने की पहल की गई है।</p>
<h2>जब योजनाएं बनीं कहानी और बच्चे बने किरदार</h2>
<p>नाट्य मंचन की खास बात यह रही कि बच्चों ने सरकारी योजनाओं को केवल नाम के रूप में नहीं बताया, बल्कि उनके उद्देश्य और आम लोगों को मिलने वाले लाभों को संवाद और अभिनय के माध्यम से समझाने का प्रयास किया।</p>
<p>मंच पर <strong>बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, मध्यान्ह भोजन योजना, आयुष्मान भारत योजना और स्वच्छ भारत मिशन</strong> सहित विभिन्न योजनाओं को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।</p>
<h2>बाल कलाकारों ने जीता अभिभावकों का ध्यान</h2>
<p>नाट्य प्रस्तुति में श्री मंडल, आयत अली, वृष्टि दास, कृतिका कर्मकार, आराध्या कुमारी, आरुषि गुप्ता, नेहा दास, पूर्णिमा घोष, राजवी सिंह, तृषा मंडल, स्नेहा दास, अनामिका मिश्रा, श्रुति मंडल, जयश्री, आरोही, मिनी सरकार, ऋषिका दास और मौरी दास सहित अन्य बाल कलाकारों ने अपनी भूमिका निभाई।</p>
<p>बच्चों की सहज संवाद अदायगी और रचनात्मक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों का ध्यान खींचा। अभिभावकों ने छात्र-छात्राओं के प्रयास और मंचीय प्रस्तुति की सराहना की।</p>
<h2>नाटक ने बच्चों को योजनाओं से भी जोड़ा</h2>
<p>कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। नाट्य मंचन के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ <strong>सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और जनकल्याण के प्रति जागरूकता</strong> का संदेश देने का प्रयास किया गया।</p>
<p>मंच पर योजनाओं को कहानी और पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने से बच्चों के लिए जटिल विषयों को भी सरल तरीके से समझने का अवसर मिला।</p>
<h2>ये रहे कार्यक्रम में मौजूद</h2>
<p>कार्यक्रम में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य <strong>हेमा कुमारी</strong>, कार्यक्रम के जिला संयोजक <strong>विवेकानंद तिवारी</strong>, पूर्व जिलाध्यक्ष <strong>अनुग्राहित प्रसाद साह</strong>, जिला उपाध्यक्ष <strong>हिसाबी राय</strong>, भाजपा नेत्री <strong>प्राची चौधरी</strong>, <strong>निधि गुप्ता</strong>, <strong>अविनाश पंडित</strong> सहित विद्यालय के आचार्यगण मौजूद रहे।</p>
<h2>विवेकानंद तिवारी बोले, बच्चों ने सरल तरीके से रखा सेवा और जनकल्याण का संदेश</h2>
<p>कार्यक्रम के संयोजक विवेकानंद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा में शासन, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने और लोगों को उनके लाभ से जोड़ने के विषय को बाल कलाकारों ने सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।</p>
<p>उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य, आचार्यगण और सभी बाल कलाकारों को रचनात्मक प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।</p>
<h2>मंच से निकला बड़ा संदेश</h2>
<p>पाकुड़ के इस आयोजन में सबसे खास बात यह रही कि बच्चों ने किताबों और कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर सामाजिक विषयों को मंच पर जीवंत किया। नाटक ने जहां विद्यार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ावा दिया, वहीं <strong>सेवा, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण</strong> जैसे विषयों को समझने का अवसर भी दिया।</p>
<p>बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि जब सीखने के साथ रचनात्मकता जुड़ती है, तो बच्चों की आवाज समाज तक कहीं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकती है।</p>
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		<title>माता-पिता को बेसहारा छोड़ना पड़ेगा भारी! पाकुड़ में डालसा ने गांव-गांव पहुंचकर बुजुर्गों को बताए कानून और अधिकार</title>
		<link>https://deshprahari.com/mata-pita-ko-beshara-chhoadna-padega-bhaaree-pakuad-men-dalsa-ne-ganv-ganv-phunchkr-bujurgon-ko-btae-kanoon-aur-adhikar/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[गुंजन साहा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Oct 2026 14:50:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Pakur]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकुड़। उम्र के उस पड़ाव पर जब माता-पिता को संतान के सहारे, सम्मान और देखभाल की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस समय उन्हें अकेला छोड़ देना केवल सामाजिक संवेदना का सवाल नहीं, बल्कि कानून की नजर में भी गंभीर विषय है। इसी संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकुड़।</strong> उम्र के उस पड़ाव पर जब माता-पिता को संतान के सहारे, सम्मान और देखभाल की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस समय उन्हें अकेला छोड़ देना केवल सामाजिक संवेदना का सवाल नहीं, बल्कि कानून की नजर में भी गंभीर विषय है। इसी संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ की ओर से रविवार को वरिष्ठ नागरिकों और असहाय माता-पिता के अधिकारों को लेकर व्यापक विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया।</p>
<h3><strong>कानून की जानकारी बनी बुजुर्गों के लिए सहारे की आवाज</strong></h3>
<p>जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दिवाकर पांडेय के निर्देश पर तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में यह अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी देकर बुजुर्गों और असहाय माता-पिता को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।</p>
<h3><strong>गांव-गांव पहुंचा डालसा, घर-घर दी गई कानूनी जानकारी</strong></h3>
<p>जिले के सभी प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने पहुंचकर लोगों को कानून की जानकारी दी। शहरकोल, बासमती, हीरानंदपुर, बाबूपुर, सोनाजोड़ी, डांगापाड़ा, डोमनगड़ियां, पकड़ीपाड़ा, गंधाईपुर, लेटबाड़ी, रोलाग्राम सहित लिट्टीपाड़ा, महेशपुर, पाकुड़िया, हिरणपुर, आमड़ापाड़ा, धरमपुर मोड़ और बिपतपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। खासकर आदिवासी बहुल इलाकों में घर-घर पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किया गया।</p>
<h3><strong>संतान से भरण-पोषण मांगना माता-पिता का कानूनी अधिकार</strong></h3>
<p>अभियान के दौरान पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने बताया कि माता-पिता चाहे वे सगे, गोद लिए हुए या सौतेले हों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अपने वयस्क बेटे-बेटी अथवा कानूनी वारिसों से भरण-पोषण पाने के हकदार हैं। भरण-पोषण में केवल भोजन ही नहीं, बल्कि वस्त्र, आवास, चिकित्सा उपचार और आवश्यक देखभाल भी शामिल है।</p>
<h3><strong>संपत्ति देकर भी अगर सेवा से मुकर गए तो कानून देगा सुरक्षा</strong></h3>
<p>वरिष्ठ नागरिकों को संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े अधिकारों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक ने इस शर्त पर अपनी संपत्ति बच्चों या रिश्तेदारों को हस्तांतरित की है कि वे उनकी देखभाल करेंगे और बाद में वे देखभाल से मुकर जाते हैं, तो अधिनियम की धारा 23 के तहत भरण-पोषण ट्रिब्यूनल उस संपत्ति हस्तांतरण को अवैध घोषित करने की कार्रवाई कर सकता है।</p>
<h3><strong>न्याय के लिए भारी फीस और लंबी प्रक्रिया जरूरी नहीं</strong></h3>
<p>पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों के लिए भरण-पोषण ट्रिब्यूनल की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO/SDM) ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष होते हैं। इसके लिए भारी-भरकम फीस या अनिवार्य रूप से वकील रखने की आवश्यकता नहीं होती। नोटिस की तामील के बाद निर्धारित अवधि में मामले के निपटारे का प्रावधान भी कानून में किया गया है।</p>
<h3><strong>बेसहारा छोड़ने पर हो सकती है सजा और जुर्माना</strong></h3>
<p>अभियान के दौरान बुजुर्गों को कानून के दंडात्मक प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि वरिष्ठ नागरिक या माता-पिता को जानबूझकर बेसहारा छोड़ने की स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें तीन महीने तक की जेल या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान बताया गया। ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन नहीं करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।</p>
<h3><strong>14567 पर मिलेगी वरिष्ठ नागरिकों को मदद</strong></h3>
<p>जागरूकता अभियान के दौरान राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन <strong>Elder Line 14567</strong> की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। साथ ही बताया गया कि जरूरतमंद लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य यह संदेश देना रहा कि आर्थिक या सामाजिक मजबूरी किसी बुजुर्ग को न्याय और कानूनी सहायता से दूर नहीं कर सकती।</p>
<h3><strong>पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने निभाई अहम भूमिका</strong></h3>
<p>अभियान को सफल बनाने में पैरा लीगल वॉलंटियर्स नसीम अंसारी, मनोज सोरेन, याकूब अली, कमला राय गांगुली, लक्ष्मी कुमारी, चंद्र शेखर घोष, किंग्सुक नाग, सुजाता घोष, खुदू राजवंशी, मीरु बेसरा, मल्लिका सरकार, मरियम पिंकी किस्कू, पिंटू मरांडी, सीमा साहा, रानी साहा, सायेम अली, भरत कुमार साहा, मणिलाल हेंब्रम, जयंती कुमारी, कान्हु हांसदा, असुंता मुर्मू, तरेसा किस्कू, आनंद मुर्मू, मोलिता कुमारी, प्रियंका हेंब्रम, उर्मिला हेंब्रम, सौरभ यादव, जयंती टुडू, सुनेमी मरांडी समेत अन्य की सक्रिय भूमिका रही।</p>
<h3><strong>बुढ़ापे में सम्मान और सहारा, समाज की भी जिम्मेदारी</strong></h3>
<p>अभियान ने यह संदेश भी दिया कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जिन हाथों ने कभी बच्चों को चलना सिखाया, उम्र के अंतिम पड़ाव में उन्हीं हाथों को सहारे की जरूरत होती है। डालसा की यह पहल कानून की जानकारी के साथ उस संवेदना को भी मजबूत करने का प्रयास है, जिसमें बुजुर्गों को उनके घर और समाज में सम्मान, सुरक्षा और अधिकार मिल सके।</p>
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