Thursday, October 1, 2026

भक्ति जहां आत्मा को छू गई, वहीं कला ने मन को मोह लिया… गणपति की महाआरती से नन्हे कलाकारों की थिरकन तक यादगार बनी...

पाकुड़। कभी-कभी कोई उत्सव केवल उत्सव नहीं रहता, वह मनुष्य के भीतर छिपी आस्था, संवेदना और संस्कृति को एक साथ स्पर्श कर जाता है।...