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परमजीत कुमार/देवघर. सावन का पावन महीना चल रहा है. इस महीने में लाखों लाख श्रद्धालु जलाभिषेक करने देवघर के बाबा धाम पहुंच रहे हैं. ऐसे में यहां की खास फलाहारी जलेबी की मांग बढ़ गई है. आम तौर पर आपने मैदा और दाल के मिश्रण की जलेबी खाई होगी, लेकिन यह खास जलेबी पानीफल, दूध, केला और उबले आलू के मिश्रण से तैयार होती है.
इसे शुद्ध घी में छाना जाता है. फिर चीनी की चाशनी में डाला जाता है. व्रत करने वाले इसे फलाहार के तौर पर खाते हैं. देवघर के दुकानदार लक्ष्मण ने बताया कि यह जलेबी हर रोज नहीं बनाई जाती है. व्रत त्योहार के मौके पर इसकी मांग होती है. फिलहाल, सावन में इसकी खासा मांग है.
खास कर सोमवार के लिए ज्यादा बिक्री होती है. इसके अलावा शिवरात्रि, पूर्णिमा व अमावस्या के दिन भी यह जलेबी बनाई जाती है. यह जलेबी 130 से 140 रुपये किलो में बिकती है. सावन के महीने में यह फलाहारी जलेबी देवघर के कई मिष्ठान भंडार में आपको देखने को मिल जाएंगी. चाहे वह टावर चौक के पास का मिष्ठान भंडार हो या विलियम चौक स्थित मिष्ठान भंडार.
सावन में कांवरिया पथ पर लगाए गए अस्थाई होटलों में भी यह जलेबी मिल जाएगी. वहीं, जलेबी खरीद रहे राम कृपाल ने बताया कि यह फलाहारी जलेबी व्रत में खाई जाती है. इसमें व्रत के अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. गरमा गरम खाने में काफी आनंद आता है. 4-5 पीस में पेट भर जाता है.
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Tags: Deoghar news, Food 18, Jharkhand news, Local18
FIRST PUBLISHED : July 19, 2023, 14:34 IST
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