Saturday, August 30, 2025
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उपायुक्त ने नीलाम पत्र वादों की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

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पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार ने नीलाम पत्र वादों से संबंधित लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को इन मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में नीलाम पत्र पदाधिकारियों को लंबित वादों को प्राथमिकता के साथ सुलझाने और अपने दैनिक कार्यों का हिस्सा बनाने की बात कही गई।


लंबित नीलाम पत्र वादों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश

बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे 15-15 बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर उनके मामलों की नियमित सुनवाई करें। इन वादों के शीघ्र निष्पादन के लिए मासिक आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, ऋण वसूली की प्रक्रिया को तेज करने और अधिकतम मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर बल दिया गया।


नीलाम पत्र वादों की सुनवाई को नियमित करने का आदेश

उपायुक्त ने कहा कि नीलाम पत्र वादों की सुनवाई को नियमित रूप से पदाधिकारियों के रूटीन कार्यों में शामिल किया जाए। इससे लंबित वादों की संख्या में कमी आएगी और ऋण वसूली की प्रक्रिया को गति मिलेगी। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी नीलाम पत्र वादों की सुनवाई नियमित रूप से की जाए, ताकि वादों का शीघ्र निष्पादन हो सके।


वारंट और लंबित नोटिस मामलों पर विशेष ध्यान

बैठक में जिलास्तरीय नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्गत वारंट, प्राप्त आपत्तियों, और नोटिस तामिला हेतु लंबित मामलों में अविलंब कार्रवाई करें। उपायुक्त ने कहा कि इन मामलों को प्राथमिकता देकर त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने लंबित मामलों की सूची तैयार कर उनकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने का आदेश दिया।


थाना स्तर पर समन्वय बनाने का निर्देश

नीलाम पत्र वादों की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को थाना स्तर पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानों से प्राप्त सहयोग से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा संभव होगा और कार्यवाही में पारदर्शिता आएगी।


ऋण वसूली की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर

बैठक के दौरान ऋण वसूली की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि मासिक आधार पर अधिक से अधिक मामलों में वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों के मामलों को निपटाना आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों से इस प्रक्रिया में पूरी निष्ठा और पारदर्शिता बरतने की अपील की।


उपायुक्त मनीष कुमार के कड़े निर्देशों से यह स्पष्ट है कि नीलाम पत्र वादों की लंबित समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। इन निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि लंबित वादों का शीघ्र निपटारा होगा और ऋण वसूली की प्रक्रिया में सुधार आएगा। प्रशासनिक समन्वय से इन समस्याओं का समाधान और अधिक प्रभावी रूप से किया जा सकेगा।

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