जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल पर बनी ‘साथी समिति’
पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पाकुड़ के तत्वावधान में ‘साथी अभियान’ की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत जिले के निराश्रित, असहाय और वंचित बच्चों का आधार पंजीकरण, कानूनी सहायता, और सरकारी योजनाओं से समावेशन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कुमार क्रांति प्रसाद की अध्यक्षता में ‘साथी समिति’ का गठन किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
बैठक में डीएलएसए सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में साथी समिति के सभी सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद ने समिति के सदस्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि, “आप सभी को अधिकारी नहीं, बल्कि बच्चों के अभिभावक की भूमिका में काम करना होगा।” उन्होंने समिति से आग्रह किया कि कर्तव्यनिष्ठ होकर दायित्व निभाएं, और किसी भी प्रकार की कठिनाई की स्थिति में डीएलएसए पाकुड़ को तुरंत सूचित करें।
अभियान का उद्देश्य: हर वंचित बच्चे को कानूनी पहचान और सामाजिक अधिकार
बैठक का मुख्य उद्देश्य बिना पहचान वाले वंचित बच्चों को आधार कार्ड जैसे कानूनी पहचान पत्र दिलवाना और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण व सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित यह अभियान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 (ई) और (एफ) के तहत न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करने का प्रयास है।
भारत में आज भी कई ऐसे बच्चे हैं जो सड़कों पर, या देखभाल संस्थानों में रह रहे हैं, जिनके पास कोई पहचान नहीं है। आधार कार्ड न होने के कारण ये बच्चे शासकीय योजनाओं और विधिक संरक्षण से वंचित रह जाते हैं। ‘साथी अभियान’ ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें आधार कार्ड, कानूनी सहायता व सरकारी योजनाओं का लाभ देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मिशन मोड में चलेगा अभियान, 26 मई से 15 अगस्त तक होगा संचालन
अभियान को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। 26 मई से 15 अगस्त तक जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों में आधार पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों की कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी चलेगी। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर से सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
बाल अधिकारों और कानूनों पर भी हुई गंभीर चर्चा
बैठक में बाल अधिकारों, बाल कानूनों और संवेदनशील कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी ने माना कि यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, ‘साथी समिति’ के सदस्यों को अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए दिशा-निर्देश भी दिए गए।
उपस्थित अधिकारियों की सूची
इस विशेष कार्यक्रम में जिले के कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास
- जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) व्यास ठाकुर
- जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पाकुड़
- सिविल सर्जन मंटु कुमार टेकरीवाल
- जिला महिला एवं बाल विकास पदाधिकारी, पाकुड़
- विनोद कुमार, एसआई, पाकुड़ (टी) पी.एस
- बाल आश्रय गृह के प्रतिनिधि संजय कुमार सिंह, एंथनी मरांडी, रवि कुमार, टेफॉन सोरेन
- पैनल अधिवक्ता समीर कुमार मिश्रा, कौशिक कुमार
- पीएलवी उत्पल मंडल, विजय कुमार राजवंशी, चंद्र शेखर घोष एवं नीरज कुमार राउत
इन सभी ने अभियान को सफल बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
बच्चों के अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम
‘साथी अभियान’ न केवल वंचित बच्चों को कानूनी पहचान दिलाने का कार्य करेगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अधिकारों वाले भविष्य की ओर अग्रसर करेगा। डीएलएसए पाकुड़ की यह पहल एक सशक्त सामाजिक बदलाव की ओर कदम है, जो हर बच्चे को पहचान और अवसर देने की दिशा में कार्य कर रही है।