📍 कार्यक्रम का आयोजन
पाकुड़। नालसा नई दिल्ली एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक जागरूकता सह समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे ने की, जबकि आयोजन का मार्गदर्शन सचिव रूपा बंदना किरो द्वारा किया गया।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें स्वामी विवेकानंद के आदर्शों, नालसा की DAWN योजना 2025, नशामुक्त भारत अभियान एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
🪔 दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करने वालों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र एवं बार एसोसिएशन के सचिव दीपक ओझा शामिल रहे।
दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में जागरूकता, सकारात्मक सोच और सामाजिक दायित्व का संदेश गूंज उठा।
🚶♂️ नशामुक्त भारत अभियान की पृष्ठभूमि
इस अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन में दिवाकर पांडे ने बताया कि 5 जनवरी से 12 जनवरी 2025 तक नशामुक्त भारत अभियान का सफल आयोजन किया गया। अभियान की शुरुआत प्रभात फेरी एवं जागरूकता रैली से की गई, जिसमें न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, विभागीय अधिकारी एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नशे से मुक्त करने का सामूहिक प्रयास है।
⚖️ नशामुक्त समाज: सामूहिक जिम्मेदारी
अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्त भारत केवल पदाधिकारियों का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि घर से ही नशामुक्ति की शुरुआत होनी चाहिए। यदि पति या पुत्र नशे की हालत में घर आते हैं, तो उन्हें डांटने के बजाय प्रेम और समझाइश से सही मार्ग पर लाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि संताल परगना क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से नशे की समस्या से प्रभावित रहा है, जिसके पीछे भौगोलिक स्थिति, बेरोजगारी और सामाजिक पिछड़ापन जैसे कारण हो सकते हैं, लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।
🤝 एकजुटता से ही संभव है परिवर्तन
दिवाकर पांडे ने कहा कि यदि हम सभी एक साथ आवाज उठाएं, तो कहना भी आसान होता है और करना भी। समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है, जब हर वर्ग, हर परिवार और हर व्यक्ति इस अभियान में भागीदार बने।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर अपने भविष्य और समाज दोनों को सुरक्षित बनाएं।
👨⚖️ समाज हित में जागरूकता का संदेश
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने भी नशामुक्त भारत अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज की जड़ों को भी कमजोर करता है।
उन्होंने कहा कि कानून के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।
📊 सचिव द्वारा गतिविधियों की जानकारी
सचिव रूपा बंदना किरो ने अपने संबोधन में साप्ताहिक नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जागरूकता कार्यक्रम, रैली, संवाद और परामर्श के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक संदेश पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, और यदि युवा नशे से दूर रहेंगे, तभी देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
🔥 स्वामी विवेकानंद के आदर्श और राष्ट्रीय युवा दिवस
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और शिक्षाओं पर विशेष चर्चा की गई। नालसा की DAWN योजना 2025 के अंतर्गत युवा जागरूकता को केंद्र में रखते हुए अनुशासन, चरित्र और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर, साहसी और नैतिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर है।
🧠 नशे से होने वाले नुकसान पर विशेषज्ञ की राय
मनोचिकित्सक डॉ. प्रकाश मुर्मू ने नशे से होने वाले मानसिक और शारीरिक दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और व्यवहार को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।
🎓 युवाओं की भागीदारी और प्रेरक विचार
NUSRL रांची में अध्ययनरत बीए एलएलबी की छात्रा श्रेया पाल ने नशामुक्त भारत अभियान एवं स्वामी विवेकानंद की जीवनशैली पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन संघर्ष, आत्मविश्वास और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
✋ नशामुक्त भारत का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स एवं अन्य प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह प्रण लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज को भी इस बुराई से मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
👥 कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक, प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


