पाकुड़ में सादगी और जनसेवा के प्रतीक को किया गया नमन
पाकुड़। नाई समाज उत्थान समिति, जिला पाकुड़ द्वारा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न से सम्मानित जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
महापुरुष के विचारों को किया गया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति में सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के ऐसे प्रतीक थे, जिनका जीवन आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उनके विचार सामाजिक समानता और पिछड़े वर्गों के उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए।
अध्यक्ष देवकांत ठाकुर का प्रेरणादायक वक्तव्य
समिति के अध्यक्ष डॉ. देवकांत ठाकुर ने इस अवसर पर कहा,
“बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न से सम्मानित जननायक कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर सादर नमन। अपनी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव के कारण वह सदैव स्मरणीय एवं अनुकरणीय रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन युवाओं और नेताओं दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
समाज उत्थान के प्रतीक थे कर्पूरी ठाकुर : जिला सचिव
नाई समाज उत्थान समिति के जिला सचिव मनोज ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर समाज उत्थान और जनसेवा के उत्कृष्ट उदाहरण थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में वंचित, पिछड़े और गरीब वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके बताए मार्ग पर चलना आज के समाज और राजनीति दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रवि ठाकुर, सदानंद ठाकुर, आशीष कुणाल (वार्ड पार्षद प्रत्याशी, वार्ड संख्या-3), विभीषण ठाकुर, मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर जननायक के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
भारत रत्न से सम्मानित महान जननेता
गौरतलब है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को वर्ष 2024 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म 24 जनवरी 1924 को बिहार के समस्तीपुर जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान बनाई और हमेशा आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखा।
समाज के लिए प्रेरणा बना रहेगा उनका जीवन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन, संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। नाई समाज उत्थान समिति ने संकल्प लिया कि उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।


