Wednesday, July 1, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

⚖️📚 पाकुड़िया स्कूल और जिला जेल में चला व्यापक विधिक जागरूकता अभियान, छात्र-छात्राओं व बंदियों को कानून, अधिकार और सामाजिक कुरीतियों के प्रति किया गया जागरूक

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पाकुड़: 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान को मिल रही व्यापक गति

पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की देखरेख में राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, पाकुड़िया एवं पाकुड़ जिला जेल में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, संवैधानिक प्रावधानों तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक करना था।

विद्यालय में विद्यार्थियों को कानून और सामाजिक कुरीतियों के प्रति किया गया जागरूक

राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, पाकुड़िया में आयोजित कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास ने छात्र-छात्राओं को कई महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने जादू-टोना, डायन प्रथा, बाल श्रम, बाल विवाह तथा शिक्षा का अधिकार जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ये केवल सामाजिक कुरीतियां ही नहीं, बल्कि कई मामलों में दंडनीय अपराध भी हैं।

उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण समाज में निर्दोष लोगों का शोषण होता है, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ते हैं और बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में कानून कठोर कार्रवाई का प्रावधान करता है। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि इन कुरीतियों के कारण मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर गंभीर नुकसान होता है, इसलिए इनके विरुद्ध समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

मौलिक अधिकार, कर्तव्य और शिक्षा के महत्व पर दिया गया विशेष बल

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों की जानकारी होना जितना आवश्यक है, उतना ही अपने कर्तव्यों का पालन करना भी जरूरी है। छात्र-छात्राओं को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बच्चों के संरक्षण से जुड़े कानूनों तथा समाज में जागरूक नागरिक की भूमिका के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।

विशेष रूप से छात्राओं को उनके कानूनी अधिकार, सुरक्षा संबंधी प्रावधान, महिला संरक्षण कानून तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या भेदभाव की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।

दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूक रहने की अपील

कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक़ ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज तभी विकसित और सुरक्षित बन सकता है, जब लोग इन कुरीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं और कानून का सहयोग लें।

उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

लोक अदालत के महत्व और निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी

कार्यक्रम में लोक अदालत की उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सरल और कम खर्च में समाधान किया जाता है। इससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है और लोगों को शीघ्र न्याय प्राप्त होता है।

साथ ही विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी समस्या हो, तो वह नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्र के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) के माध्यम से भी निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

विद्यालय परिवार और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की रही सक्रिय भागीदारी

इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रमिला टुडू, शिक्षिकाओं, पैरा लीगल वॉलंटियर्स सीमा साहा, प्रियंका झा, सुनेमी मरांडी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानूनी विषयों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। इससे विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता और समझ विकसित हुई।

जिला जेल में बंदियों को बताए गए कानूनी अधिकार

इसी अभियान के अंतर्गत पाकुड़ जिला जेल में भी बंदियों के लिए विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा, न्यायिक प्रक्रिया तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक बंदी को निष्पक्ष सुनवाई और कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। यदि कोई बंदी आर्थिक रूप से अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उसे निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही उन्होंने इस सुविधा का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया तथा विभिन्न कानूनी अधिनियमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

कानून की जानकारी से ही मिलेगा न्याय और सामाजिक सुरक्षा

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। जागरूक नागरिक न केवल अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों, महिला उत्पीड़न, बाल शोषण और अन्य अपराधों के विरुद्ध प्रभावी भूमिका भी निभा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि विधिक जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना भी है।

सामाजिक न्याय और विधिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक कानून की जानकारी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विद्यालयों, पंचायतों, सार्वजनिक स्थलों और जेलों में आयोजित ऐसे कार्यक्रम न केवल लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और विधिक सशक्तिकरण की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान जेल के प्रशासनिक अधिकारी तथा पैरा लीगल वॉलंटियर मोकमाउल शेख भी उपस्थित रहे।

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