पाकुड़। दीप केवल अंधकार को दूर करने का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे आशा, समानता, प्रेम और सामाजिक एकता के भी प्रतीक होते हैं। गुरुवार को पाकुड़ में ऐसा ही भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान” के तहत सैकड़ों दीप एक साथ प्रज्वलित किए गए। इन दीपों की रोशनी ने केवल मंदिर परिसर को ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे के संदेश को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
राजापाड़ा स्थित माँ नित्य काली मंदिर परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। दीपों की जगमगाहट के बीच उपस्थित लोगों ने संत रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, समानता और सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
दीपों की रोशनी में गूंजा सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जैसे ही एक-एक दीप जलना शुरू हुआ, पूरा मंदिर परिसर दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा। उपस्थित लोगों ने इस दीपोत्सव को केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाले अभियान के रूप में देखा।
हर दीपक मानो यह संदेश दे रहा था कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रेम और समानता का प्रकाश फैलाने का संकल्प ले, तो भेदभाव और वैमनस्य का अंधकार स्वतः समाप्त हो सकता है।
मीरा प्रवीण सिंह के नेतृत्व में हुआ आयोजन
इस कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीरा प्रवीण सिंह ने किया। उनके नेतृत्व में आयोजित इस समरसता दीप अभियान में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
दीप प्रज्वलन के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने गुरु रविदास महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, श्रद्धा और सामाजिक उत्तरदायित्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
गुरु रविदास का जीवन आज भी देता है नई प्रेरणा
कार्यक्रम की संयोजक पार्वती पासवान ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज का संपूर्ण जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान, समानता, सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों और कर्मों से समाज को यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति, वर्ग या जन्म से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, कर्म और मानवता से होती है।
उन्होंने कहा कि आज जब समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में गुरु रविदास के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
“समरस समाज ही सशक्त राष्ट्र की पहचान”
पार्वती पासवान ने कहा कि यदि समाज को वास्तव में विकसित और सशक्त बनाना है तो सभी को मिलकर जातीय भेदभाव, सामाजिक विषमता और आपसी कटुता को समाप्त करना होगा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास का सपना ऐसा समाज था, जहां सभी लोग समान सम्मान के साथ जीवन जी सकें और किसी के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मीरा प्रवीण सिंह ने बताया अभियान का उद्देश्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मीरा प्रवीण सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने के सिद्धांत पर कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि “समरसता दीप अभियान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सौहार्द, समानता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का एक जन-जागरण अभियान है।
उन्होंने कहा कि जब समाज का हर व्यक्ति दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनेगा, तभी भारत वास्तव में समरस और विकसित राष्ट्र बन सकेगा।
दीपक बना समानता और भाईचारे का प्रतीक
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि दीपक कभी यह भेद नहीं करता कि उसका प्रकाश किसके लिए है। वह सभी को समान रूप से रोशनी देता है। ठीक उसी प्रकार समाज में भी सभी लोगों को समान अवसर, समान सम्मान और समान अधिकार मिलना चाहिए।
यही संदेश संत गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से समाज को दिया था।
मातृशक्ति की भागीदारी बनी कार्यक्रम की विशेष पहचान
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी।
बड़ी संख्या में महिलाओं ने दीप प्रज्वलित कर समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने का संकल्प लिया। महिलाओं ने कहा कि परिवार और समाज में समरसता की शुरुआत घर से होती है और प्रत्येक परिवार को गुरु रविदास के आदर्शों को अपनाना चाहिए।
सामूहिक संकल्प ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे समाज में भाईचारा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
सभी ने यह भी संकल्प लिया कि किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा नहीं देंगे तथा प्रेम और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुग्राहित प्रसाद साह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दुर्गा मरांडी, जिला महामंत्री रूपेश भगत, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, वार्ड पार्षद निभा देवी, प्राची चौधरी, मीना देवी, पंकज साह, सुशील साहा, पिंटू हाजरा, सुमित रविदास, संतोष राय, बापन सरकार, सोनु स्वर्णकार सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सभी ने दीप प्रज्वलित कर संत गुरु रविदास महाराज के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
भक्ति और सामाजिक चेतना का बना अनूठा संगम
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक चेतना से ओत-प्रोत रहा। दीपों की जगमगाहट, संत रविदास के विचारों का स्मरण और समाज को जोड़ने का संदेश कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई प्रदान कर रहा था।
श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने का कार्य करते हैं।
समरसता का संदेश ही बना सबसे बड़ी सीख
गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर आयोजित यह समरसता दीप अभियान यह संदेश देकर समाप्त हुआ कि सच्ची भक्ति वही है, जो मानवता को जोड़ने का कार्य करे।
जब एक-एक दीपक जला तो केवल मंदिर परिसर ही प्रकाशित नहीं हुआ, बल्कि समानता, प्रेम, सेवा, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश भी हर हृदय तक पहुंचा। यही संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के जीवन का सार है और यही संदेश आज भी हर भारतीय के लिए उतना ही प्रासंगिक है, जितना सदियों पहले था। यही कारण है कि पाकुड़ का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समरस भारत के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।


