पाकुड़। किसी हुनर को सीखने की शुरुआत भले ही एक छोटे से कदम से होती है, लेकिन वही हुनर आगे चलकर आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण पूरा कर चुके पाकुड़ के अभ्यर्थियों के लिए इस बार जन्माष्टमी का पर्व इसी उपलब्धि को सम्मान देने का अवसर लेकर आ रहा है।
भगवान श्री सत्य साईं बाबा की कृपा एवं प्रेरणा से कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सिलाई, कटाई एवं बुनाई का कोर्स पूरा करने वाले सभी सफल अभ्यर्थियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन श्री सत्य साईं सेवा समिति, छोटी अलीगंज, पाकुड़ की ओर से 4 सितंबर 2026 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया जाएगा।
मेहनत का प्रमाण बनेगा सर्टिफिकेट
कार्यक्रम में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र केवल एक कागज नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई दक्षता और अभ्यर्थियों की मेहनत का प्रमाण होगा।
सिलाई, कटाई और बुनाई जैसे कौशल आज भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रशिक्षण के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का अवसर मिल सकता है।
जन्माष्टमी के दिन मिलेगा खास उपहार
सम्मान समारोह की खास बात यह भी होगी कि सफल अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट के साथ उपहार भी प्रदान किए जाएंगे। जन्माष्टमी जैसे पावन अवसर पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अभ्यर्थियों के लिए अपनी मेहनत और उपलब्धि को साझा करने का एक विशेष अवसर होगा।
आयोजकों की ओर से सभी सफल अभ्यर्थियों से कार्यक्रम में समय पर पहुंचने का अनुरोध किया गया है।
शाम 6 बजे तक पहुंचने की अपील
श्री सत्य साईं सेवा समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार सभी संबंधित अभ्यर्थियों को 4 सितंबर को शाम 6 बजे तक साईं सेंटर, छोटी अलीगंज, पाकुड़ में उपस्थित होना है।
आयोजकों ने अभ्यर्थियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।
हुनर से सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह आयोजन केवल प्रमाणपत्र और उपहार वितरण तक सीमित नहीं है। इसके पीछे उस सोच को भी बल मिलता है कि हाथों में हुनर हो तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो सकती है। प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई सिलाई, कटाई और बुनाई की दक्षता अभ्यर्थियों के लिए भविष्य में स्वरोजगार का आधार बन सकती है।
जन्माष्टमी के आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उन अभ्यर्थियों की मेहनत को सम्मान देगा, जिन्होंने प्रशिक्षण के दौरान समय और श्रम लगाकर एक नया कौशल हासिल किया है।
कार्यक्रम की तिथि: 4 सितंबर 2026
अवसर: श्री कृष्ण जन्माष्टमी
स्थान: साईं सेंटर, छोटी अलीगंज, पाकुड़
उपस्थिति का समय: शाम 6 बजे तक
सम्मान: सर्टिफिकेट एवं उपहार


