पाकुड़। सावन की अंतिम सोमवारी पर जिले के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा। हर ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे। इसी भक्तिमय वातावरण के बीच सत्य सनातन संस्था की ओर से चलाए जा रहे निःशुल्क सेवा अभियान का इस वर्ष विधिवत समापन हुआ। संस्था के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शिवालयों में सेवा शिविर लगाकर शिवभक्तों के बीच बेलपत्र, कच्चा दूध, गंगाजल, पुष्प सहित अन्य आवश्यक पूजन सामग्री का निःशुल्क वितरण किया।
महादेव की आराधना में लीन श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा केवल पूजन सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि आस्था के पथ पर सहयोग और समर्पण का भाव था। शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच संस्था के सदस्यों ने सेवा को साधना मानकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। कई श्रद्धालुओं ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का सुंदर उदाहरण बताया।
संस्था के अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे ने बताया कि सावन माह में निःशुल्क सेवा अभियान की यह परंपरा पिछले छह वर्षों से लगातार जारी है। सावन के पावन महीने में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में कई बार पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक सामग्री जुटाना श्रद्धालुओं के लिए कठिन हो जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संस्था के कार्यकर्ता विभिन्न शिवालयों में सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को निःशुल्क पूजन सामग्री उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे सावन माह में अलग-अलग शिवालयों में लगातार सेवा शिविर लगाए गए। अंतिम सोमवारी के साथ इस वर्ष के सेवा अभियान का समापन हुआ। संस्था का उद्देश्य केवल सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से समाज में सहयोग, समर्पण और धार्मिक सेवा की भावना को मजबूत करना है।
शिवालयों में सेवा का संकल्प
अभियान के दौरान भगतपाड़ा शिव मंदिर में रवि भगत, नवीन सिंह और अजय भगत ने श्रद्धालुओं की सेवा की। यहां पहुंचने वाले शिवभक्तों को आवश्यक पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई और उन्हें पूजा-अर्चना में सुविधा प्रदान की गई।
वहीं कूड़ापाड़ा स्थित नागेश्वरनाथ शिव मंदिर में निखिल कुमार ने सेवा शिविर का संचालन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच पूजन सामग्री का वितरण करते हुए सेवा कार्य को आगे बढ़ाया।
दूधनाथ मंदिर में आयुष कुमार, वीर कुमार और अंश कुमार ने सेवा कार्य में योगदान दिया। जबकि रेलवे कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में शिवम सिंह और निखिल सिंह ने सेवा शिविर की जिम्मेदारी संभालते हुए श्रद्धालुओं के बीच पूजन सामग्री का वितरण किया।
सेवा बनी साधना, समर्पण बना संदेश
सावन की अंतिम सोमवारी पर आयोजित इन सेवा शिविरों में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर शिवालयों में श्रद्धालु भोलेनाथ के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर रहे थे, तो दूसरी ओर संस्था के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सेवा को ही अपनी साधना मानकर जुटे हुए थे।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थित तरीके से सेवा कार्य को आगे बढ़ाया। किसी के हाथ में बेलपत्र था तो किसी को गंगाजल और दूध उपलब्ध कराया जा रहा था। वातावरण में मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ सेवा का भाव भी स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
पूरे सेवा अभियान का संचालन संस्था के संपर्क प्रमुख पुरोहित रोहित दास की देखरेख में किया गया। उनके मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने सावन भर विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अपनी सेवाएं दीं।
छह वर्षों से जल रही सेवा की ज्योति
सत्य सनातन संस्था की ओर से छह वर्षों से लगातार चलाया जा रहा यह अभियान अब सावन की धार्मिक परंपरा के साथ सेवा और समर्पण की एक अलग पहचान बना रहा है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी संस्था के कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि भगवान शिव की भक्ति केवल मंदिर में पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंद और श्रद्धालु की सेवा में भी महादेव के दर्शन किए जा सकते हैं।
सावन की अंतिम सोमवारी के साथ भले ही इस वर्ष सेवा शिविरों का सिलसिला थम गया, लेकिन सेवा और समर्पण की वह भावना श्रद्धालुओं के मन में अपनी छाप छोड़ गई। शिवालयों में गूंजते जयघोष के बीच सेवा की यह कहानी भी मानो महादेव के चरणों में अर्पित हो गई।
संस्था के कार्यकर्ताओं ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा की भावना से भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे। इस प्रकार सावन की आखिरी सोमवारी केवल एक पर्व का समापन नहीं, बल्कि भक्ति को सेवा और सेवा को साधना मानने वाली एक अमिट परंपरा का नया संकल्प बनकर सामने आई।


