पाकुड़। मुरली की मधुर तान, राधे-राधे के जयघोष और कान्हा के जन्मोत्सव की आहट से पाकुड़ का वातावरण धीरे-धीरे भक्तिमय होने लगा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जहां श्रद्धालुओं में उत्साह उमड़ रहा है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए धार्मिक स्थलों को भी सजाने-संवारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को पाकुड़ नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने पाकुड़ नगर स्थित इस्कॉन मंदिर, कालीभसान परिसर का निरीक्षण कर जन्माष्टमी की तैयारियों का जायजा लिया।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल समेत श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कान्हा के दरबार में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
कान्हा के स्वागत में विशेष व्यवस्थाओं की मांग
निरीक्षण के दौरान इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष सत्यवाग प्रभु ने जन्माष्टमी पर्व को लेकर मंदिर परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी नगर परिषद उपाध्यक्ष को दी। उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने की मांग रखी।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में प्रकाश व्यवस्था करने तथा पेयजल के लिए पानी के टैंकर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। जन्माष्टमी के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
स्वच्छता से रोशनी तक, हर व्यवस्था पर नजर
मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद राणा ओझा ने मौके पर मौजूद नगर परिषद के नगर मिशन प्रबंधक मनीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता सुमन कुमार सहित अन्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने मंदिर परिसर में विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पानी की टंकी अथवा पानी के टैंकर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व के दौरान स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उमड़ेगा आस्था का सैलाब, तैयारियों में जुटा नगर परिषद
नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और उल्लास का उत्सव है। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुखद और सुविधाजनक वातावरण में कान्हा के दर्शन कर सके, यही नगर परिषद का प्रयास रहेगा।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को जन्माष्टमी के दौरान साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही।
भक्ति के बीच व्यवस्था का संकल्प
जन्माष्टमी की बेला में जब इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मंगलध्वनि गूंजेगी, घंटियों की आवाज के साथ भक्तों के स्वर में ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ का संकीर्तन होगा और कान्हा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगेंगी, तब नगर परिषद की व्यवस्थाएं भी श्रद्धालुओं के लिए सहारा बनेंगी।
राणा ओझा ने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर की तैयारियों की लगातार निगरानी की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
कान्हा के स्वागत की तैयारियों के बीच पाकुड़ का इस्कॉन मंदिर अब धीरे-धीरे उस पावन क्षण की ओर बढ़ रहा है, जब आधी रात के बाद नंद के घर आनंद बरसेगा और भक्तों के हृदय में मुरलीधर के जन्म का उल्लास उमड़ पड़ेगा।


