जेल में बंद कैदियों को मिल रही सुविधाओं की हुई जांच
पाकुड़। झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने बुधवार को पाकुड़ मंडल कारागार का औचक निरीक्षण किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के नेतृत्व में यह निरीक्षण किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को जेल मैन्युअल के अनुरूप पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसकी जांच करना था।
रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता की हुई पड़ताल
निरीक्षण के दौरान डालसा टीम ने मंडल कारागार के रसोईघर का बारीकी से जायजा लिया। टीम ने कैदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन की उपलब्धता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके अलावा रसोईघर की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव को भी देखा गया।
पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था पर भी फोकस
डालसा टीम ने जेल परिसर में पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि बंदियों को स्वच्छ पेयजल के साथ-साथ रहने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हों। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को स्वच्छता और रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
मैन्यू के अनुसार भोजन व्यवस्था मिली संतोषजनक
जांच के दौरान जेल में भोजन की व्यवस्था निर्धारित मैन्यू के अनुरूप संतोषजनक पाई गई। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि कैदियों को जेल मैन्युअल में निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। निरीक्षण में किसी बड़ी अनियमितता की बात सामने नहीं आई।
मानवाधिकारों की रक्षा भी न्यायिक व्यवस्था का अहम हिस्सा
डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल न्याय प्रदान करना ही नहीं, बल्कि जेल में बंद व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि बंदियों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी व्यवस्था की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर जेलों का निरीक्षण किया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की स्थिति उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे डालसा और जेल प्रशासन के अधिकारी
औचक निरीक्षण के दौरान डालसा के कर्मियों के साथ जेल प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ आवश्यक सुधार और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।


