
पाकुड़। पिछले दिनों DGMS सेंट्रल जोन धनबाद के तत्वावधान में 15 जनवरी से 27 जनवरी तक वार्षिकी खान सुरक्षा पखवाड़ा 2023 का आयोजन BCCL सिजुआ एरिया के देख रेख में किया गया। जिसमें कुल 40 कोल खदान ने एवं सेंट्रल जोन अंतर्गत 15 कोल खदान कम्पनियों ने हिस्सा लिया।
इस वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़े के दरम्यान BCCL सिजुआ के टीम के द्वारा सभी 15 खदानों का बारीकी से निरीक्षण कर उनके कार्यो एवं सुरक्षा संबंधी तकनीकी शैली का आकलन किया गया। तत्पश्चात बीते 3 जनवरी को धनबाद स्थित सिजुआ स्टेडियम में एक भव्य पारितोषिक वितरण कार्यक्रम आयोजित कर इस खान सुरक्षा पखवाड़े के दरम्यान BCCL टीम द्वारा गठित विभिन्न खदानों का निरीक्षण करने के दरम्यान DGMS द्वारा नियुक्त टीमो द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन करने बालो के बीच पुरुस्कार वितरण किया गया। जिसमें पचुवारा सेंट्रल कोल माइंस के अपने उत्खनन कार्य के प्रथम वर्ष 2023 में ही सभी मानकों को पूर्ण तरीके से पालन कर एवं विशेष सुरक्षा बरतने को लेकर कुल 4 श्रेणियों में DGMS के DG प्रभात कुमार BCCL के CMD समीरन दत्ता DGMS के DMS(माइनिंग) डॉ सागेश कुमार DMS सुरेश कुमार पडेडा सहित सौम्य जुलु DMS (इलेक्ट्रिक) मोहम्मद जावेद आलम DDMS एवं मिथलेश कुमार DDMS माइनिंग के द्वारा PSPCL के डिप्टी चीफ इंजीनियर एस एन चोपड़ा PSPCL के माइंस एजेंट मनदीप सिंह DBL के एसोसिएट वॉइस प्रेसिडेंट ब्रजेश कुमार एवं PSPCL के माइंस मैनेजर राकेश कुमार सिंह को टॉफी देकर पुरुस्कृत किया गया।
विदित हो कि पिछले वर्ष ही उत्खनन शुरू होने की वजह से DBL को ग्रुप D में रखा गया था। पचुवारा सेंट्रल कोल माइंस को ओवरऑल ग्रुप D में प्रथम पुरस्कार सहित राजू कर्मकार को द्वितीय पुरुस्कार ड्रिल ऑपरेटर एवं धनंजय शर्मा को EP फिल्टर में एवं सुनील सिंह को डोजर ऑपरेटर को प्रथम पुरुस्कार एवं अरविंद कुमार को डंपर ऑपरेट में द्वितीय पुरस्कार दिया गया। ट्रेड टेस्ट एवं अन्य श्रेणियों को मिलाकर ग्रुप D में सर्वाधिक 8 पुरुस्कार प्राप्त हुए है। जिससे कर्मियों में काफी उत्साह है।
इस अवसर पर BCCL के पदाधिकारियों सहित PSPCL के के के सिंह, जितेंद्र कुमार, अर्नोल्ड सहित DBL के नृपेंद्र कुमार सिंह, अमन कुमार, राजू कुमार महतो सभी अन्य कर्मी उपस्थित थे। इस अवसर पर BCCL/ टाटा स्टील/सेल/WBPDCL के अधिकारियों सहित PSPCL के सुरक्षा अधिकारी अर्नोल्ड, वर्क मेन इंस्पेक्टर केदार नाथ चटर्जी उपस्थित थे।