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रुपांशु चौधरी/हजारीबाग. सावन में शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ आम बात होती है. हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड के महुदी पहाड़ स्तिथ बुढ़वा महादेव मंदिर की महत्वता कुछ अलग ही है. यहां जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने के श्रद्धालु साल भर आते है. कहा जाता है कि 500 मीटर ऊंचे पर स्थित यह मंदिर 400 साल से अधिक पुराना है. पहाड़ी पर होने के कारण यहां पूजा-पाठ के अलावा लोग पर्यटन के ख्याल से भी आते हैं.
मंदिर समिति के सुबेंद्र कुमार बताते है कि यहां जलाभिषेक करने की परंपरा 17वीं सदी में कर्णपुरा राज्य के राजा दलेल सिंह ने शुरू की थी. कर्णपुरा की राजधानी बादाम बड़कागांव हुआ करता था. राजा दलेल सिंह खुद बहुत बड़े शिव भक्त थे. राजा के द्वारा निर्माण करवाए गए किले आज भी पहाड़ी में मौजूद है. उस समय जल अर्पण करने के लिए यहां पर तालाब बनवाया गया था. जिसे रानीपोखर के नाम से जाना जाता है. यहां कई शिवलिंग की स्थापना उस समय करवाई गई थी. जिसका प्रमाण अभी भी पहाड़ के गुफा में मौजूद है.
पूरे पहाड़ में 4 गुफा है मौजूद
कांडतरी निवासी राज मेहता बताते है कि महूदी पहाड़ में शेषनाग शिलाएं हैं. रास्ते के दोनो तरफ ये शिलाएं आपको अपनी और बुलाएगी. पूरे पहाड़ में 4 गुफा देखा जा सकता है. छगरी गुफा, गोदरी गुफा, द्वारपाल गुफा, मड़ावा खामी गुफा. इन गुफाओं में पूजा अर्चना करने से मन्नत पूरी हो जाती है.पुजारी हेमराज महतो बताते हैं कि राजा के द्वारा उस समय शिलाएं में पूजा पाठ की जाती थी. मन्दिर के भवन का निर्माण 1960 में किया गया है. बड़कागांव के निवासी थानेदार यादव को पुत्र नहीं था. उन्होंने बाबा से मन्नत मांगी. बाबा ने आशीर्वाद दिया. पुत्र प्राप्ति के बाद यहां थानेदार यादव ने इस मंदिर भवन का निर्माण करवाया. तब से यहां लोग पुत्र प्राप्ति की मन्नत मांगने आते हैं.
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FIRST PUBLISHED : July 20, 2023, 10:41 IST
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