सीएफपी परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित
पाकुड़। जिले में मनरेगा के तहत संचालित क्लस्टर फैसिलिटेशन प्रोजेक्ट (सीएफपी) की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की, जिसमें सीएफपी कर्मियों की भूमिका, जिम्मेदारियों और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी सीएफपी कर्मियों को ग्रामीण विकास विभाग की परिकल्पना के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि जिले के विकास को गति मिल सके।
तीन प्रखंडों में संचालित है सीएफपी परियोजना
पाकुड़ जिले के तीन प्रमुख प्रखंड – लिट्टीपाड़ा, महेशपुर और पाकुड़ में सीएफपी परियोजना का संचालन किया जा रहा है। उपायुक्त ने बैठक में कहा कि सीएफपी कर्मियों को अपने मूल दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करना होगा, ताकि मनरेगा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड और पंचायत के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं की स्वीकृति कराई जाए।
एनआरएम योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर
उपायुक्त ने सभी सीएफपी कर्मियों को यह निर्देश दिया कि एनआरएम (नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट) योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत पौधारोपण, जल कुंड निर्माण, नाडेप निर्माण, CIB निर्माण और एच-टेका लगाने जैसे कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। उपायुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर सभी मनरेगा योजनाओं की मरम्मत और रखरखाव का कार्य पूरा किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इनका अधिकतम लाभ मिल सके।
योजनाओं की निगरानी और समन्वय पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं का निरीक्षण करें। साथ ही, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी मनरेगा योजनाओं को सुव्यवस्थित रूप से लागू करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की निगरानी से उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और लाभार्थियों को सही समय पर लाभ मिल सकेगा।
बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान, सीएफपी जिला समन्वयक जियाउल आलम और सभी सीएफपी कर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने सीएफपी परियोजना को प्रभावी रूप से लागू करने और जिले के ग्रामीण विकास को मजबूती प्रदान करने के संकल्प को दोहराया।
ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा
सीएफपी परियोजना के तहत चल रही योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उपायुक्त के निर्देशों के बाद अब इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है, जिससे पाकुड़ जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।