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एक दौर था जब गया की पहचान अगरबत्ती से होती थी. गया के हर 10वें लोग अगरबत्ती के कारोबार से जुड़े हुए थे, लेकिन आधुनिकरण के दौर में गया की अगरबत्ती की पहचान धीरे-धीरे सीमट गई. जिस वजह से अगरबत्ती बनाने वाले लोग अब इस बिजनेस को छोड़ दूसरे कामों में जुट रहे हैं.
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह
धर्मेन्द्र सिंह

