पाकुड़: जिले में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए डीएमएफटी फंड का सही और पारदर्शी उपयोग किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण और अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई, साथ ही संबंधित अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डीएमएफटी फंड से संचालित योजनाओं की समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने डीएमएफटी मद के तहत जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं और जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं को लागू किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि डीएमएफटी फंड के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना एक बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के विकास कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में जरूरी उपकरणों, दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था में तेजी लाई जाए।
सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सड़क निर्माण योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी फंड के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर सड़क निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा हो।
समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनका भौतिक सत्यापन कर जल्द से जल्द भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों की गुणवत्ता जांचने के बाद ही भुगतान किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि जो भी योजनाएं लंबित हैं, उन्हें अविलंब पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर कार्य में किसी प्रकार की देरी होती है, तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की सख्ती से होगी कार्यों की निगरानी
उपायुक्त ने कहा कि डीएमएफटी के तहत हो रहे विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर परियोजना की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी योजनाओं का लाभ जनता को मिले।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने डीएमएफटी योजनाओं की सफलता के लिए आवश्यक कदम उठाने का संकल्प लिया।
इस बैठक में डीएमएफटी फंड के सही उपयोग और विकास योजनाओं की गति को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द इन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। प्रशासन की इस सख्ती से आने वाले दिनों में डीएमएफटी फंड से संचालित योजनाओं के कार्यों में और तेजी आने की संभावना है।