[ad_1]
हाइलाइट्स
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की कार्यशैली पर शिक्षा मंत्री नाराज.
शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने एसीएस समेत सभी निदेशकों को भेजा पीत पत्र.
शिक्षा मंत्री ने पत्र भेजकर अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई आपत्ति.
पटना. बिहार का शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर अपने ही अधिकारियों पर नाराज हो गए हैं. मंत्री ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एसीएस समेत सभी निदेशकों को पीत पत्र भेजकर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा है कि विभाग में सरकार की कार्य संहिता के हिसाब से काम नहीं हो रहा है. मंत्री ने राजपत्रित कर्मचारियों को उनके पद के अनुरूप काम नहीं करने देने का भी आरोप लगाया है. मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि विभाग के सीनियर अधिकारियों से भी नीचे के स्तर के काम लिए जा रहे हैं.
शिक्षा विभाग की खबरें मीडिया में दिखाए जाने से शिक्षा मंत्री अपने ही विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के लगातार एक्शन से नाराज हैं. मंत्री के पत्र में साफ-साफ लिखा है कि शिक्षा विभाग में ज्ञान से अधिक चर्चा डराने वाली भाषा की होती है. कड़क, सीधा करके, नट वोल्ट टाइट करने, शौचालय सफाई, झाड़ू मारने, ड्रेस पहनने, डराने, वेतन काटने, उखाड़ फेंकने, निलंबित करने की चर्चा हो रही है. ड्यूटी से अधिक काम करते अधिकारियों के चैंबर से टीवी चैनल का लाइव करना ठीक नहीं है.
बताया जा रहा है कि मीडिया में शिक्षा विभाग की खबरें आने से मंत्री की चिढ़ बढ़ी है. इसी को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को फरमान जारी करते हुए कहा है कि अधिकारी मीडिया को किसी भी प्रकार की खबरें नहीं देंगे. खबरें लीक होने या किसी प्रकार की प्रति देने पर अधिकारी दंड के भागी होंगे. वहीं, मंत्री ने जवाब भी मांगा है कि ये सुनिश्चित करें कि कोई लोक सेवक अपने छवि को चमकाने, निजी स्वार्थ की पूर्ति, राजनीतिक नेतृत्व की नजर में अपना स्थान बनाने, रॉबिन हुड की छवि बनाने या सिनेमा के नायक की तरह छवि गढ़ने के लिए विभाग का सहारा न लें.
मीडिया में खबरें दिखाए जाने से बौखलाए शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने इशारों में मीडिया को भी चेतावनी दे दी है. अधिकारियों को न्यूज चैनलों के विरुद्ध कार्रवाई तक का आदेश दे दिया है. बताया जा रहा है कि विभागीय एक्शन और विभागीय कमी दिखाए जाने से शिक्षा मंत्री नाराज हैं. इसी को लेकर मंत्री ने सीएस समेत सभी निदेशकों को पीत पत्र भेजकर चेतावनी दी है. पीत पत्र में आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया गया है. अधिकारियों को भेजे अपने पत्र के जरिए मंत्री ने बताया कि मंत्री का अधिकार और पावर क्या होते हैं.
.
Tags: Bihar latest news, Bihar News
FIRST PUBLISHED : July 05, 2023, 10:33 IST
[ad_2]
Source link