दो माह तक चला विशेष लोक अदालत का आयोजन
झालसा रांची के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वावधान में आयोजित विशेष लोक अदालत का सफल समापन हो गया। यह लोक अदालत 4 अगस्त 2025 से 30 सितंबर 2025 तक चली, जिसमें विभिन्न प्रकार के लंबित वादों को लेकर सुनवाई और समझौते कराए गए।
अध्यक्षता में हुई कार्यवाही
इस विशेष लोक अदालत की अध्यक्षता प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ कुमार क्रांति प्रसाद ने की। उनके नेतृत्व में मामलों का निपटारा करते हुए कई वादियों को राहत मिली और लंबित विवादों का समाधान तेज गति से किया गया।
एनआई एक्ट वादों का निष्पादन
एनआई एक्ट वाद (चेक bounce संबंधी मामले) में 6 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में 10 लाख 62 हजार रुपए का समझौता कराया गया, जिससे संबंधित पक्षों को न्याय के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिली।
एमएसीटी वादों में मिला मुआवजा
मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) वाद से संबंधित कुल 43 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें 44 लाख 50 हजार रुपए का समझौता कराया गया। इस समझौते से दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत मिली और वर्षों से लंबित मामले समाप्त हो गए।
भूमि राजस्व मामलों का निपटारा
भूमि राजस्व से जुड़े 52 मामलों का भी इस विशेष लोक अदालत में निष्पादन किया गया। इससे भूमि विवादों में उलझे लोगों को बड़ी राहत मिली और कई परिवारों के बीच लंबे समय से चली आ रही कानूनी जटिलताओं का अंत हुआ।
वैवाहिक मामलों में समझौता
वैवाहिक विवादों से जुड़े 119 मामलों का सफल निष्पादन इस विशेष लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। पति-पत्नी और परिवार के बीच समझौते के जरिए रिश्तों में आई दरार को पाटने की कोशिश की गई। इससे न केवल वाद समाप्त हुए बल्कि कई टूटते रिश्ते भी बच गए।
न्यायिक पदाधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी
इस मौके पर प्रभारी सचिव विशाल मांझी, न्यायिक पदाधिकारी, वादी और प्रतिवादी मौजूद रहे। अदालत परिसर में आपसी सहमति से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को सहज और पारदर्शी तरीके से संचालित किया गया।
इस विशेष लोक अदालत ने साबित किया कि समझौते के माध्यम से त्वरित न्याय न केवल लोगों की समस्याओं को कम करता है बल्कि लंबित मामलों का बोझ भी घटाता है।