खबरों के मुताबिक, खुंब अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) सोलन ने मशरूम की एक नई प्रजाति उगाने में सफलता हासिल की है। मशरूम की इस प्रजाति का नाम टर्की टेल है, जो आमतौर पर जंगलों में उगती है। मशरूम की ये प्रजाति कैंसर के मरीजों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है।
दुनियाभर में आज के समय लोगों की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण ‘कैंसर’ है। लोगों में खौफ पैदा करने के लिए इस बीमारी का नाम ही काफी है। कैंसर होने से लेकर इसकी रिकवरी तक का सफर बड़ा ही दर्द भरा और मुश्किल होता है। लेकिन अब कैंसर मरीजों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है।
खबरों के मुताबिक, खुंब अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) सोलन ने मशरूम की एक नई प्रजाति उगाने में सफलता हासिल की है। मशरूम की इस प्रजाति का नाम टर्की टेल है, जो आमतौर पर जंगलों में उगती है। मशरूम की ये प्रजाति कैंसर के मरीजों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। इसका सेवन करने से कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी से रिकवरी करने में मदद मिलती है।
शोध में सामने आई हैरान करने वाले जानकारी
टर्की टेल मशरूम पर हुए एक शोध में पता चला है कि ये कीमोथेरेपी से शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करता है और मरीजों की जल्दी रिकवरी में मदद करता है। इतना ही नहीं मशरूम की ये प्रजाति विभिन्न प्रकार के कैंसर जैसे स्तन, फेफड़े, प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर को रोकने में भी मदद करती है। टर्की टेल मशरूम एंटीबैक्टीरियल के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें प्रोबायोटिक्स भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन को सही करते हैं। सिर्फ कैंसर ही नहीं मशरूम की ये प्रजाति एचआईवी एड्स के मरीजों के लिए भी अच्छी मानी जाती है।
अब घर में भी उगा सकेंगे ये मशरूम
खुंब अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) सोलन ने मशरूम की प्रजाति को घर पर उगाने में सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों को तीन साल के गहन परीक्षण के बाद ये सफलता हासिल हुई है। बता दें, मशरूम की ये प्रजाति सिर्फ जंगलों में उगती थी। लेकिन अब किसान अपने खेतों में भी आसानी से उगा सकेंगे।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।