पाकुड़: जिले में राजस्व संग्रहण को प्रभावी और लक्ष्य के अनुरूप बढ़ाने को लेकर समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की, जिसमें खनन, मत्स्य, उत्पाद, निबंधन, बाजार समिति, सहायक निबंधन अंकेक्षण, वाणिज्यकर, मापतौल, परिवहन, वन, विद्युत, नगर परिषद और भूमि सुधार विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के राजस्व संग्रहण की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए।
राजस्व संग्रहण में गति लाने की जरूरत
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि राजस्व संग्रहण किसी भी जिले की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ होता है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए और राजस्व बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर कार्य किया जाए।
खनन और उत्पाद विभाग को अधिक सक्रिय होने के निर्देश
बैठक में खनन विभाग के राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि खनन विभाग को अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना होगा, ताकि अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके और अधिक से अधिक राजस्व की प्राप्ति हो। इसी प्रकार, उत्पाद विभाग को भी अपने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है।
नगर परिषद और परिवहन विभाग को लक्ष्य प्राप्ति पर जोर
बैठक के दौरान नगर परिषद और परिवहन विभाग द्वारा अब तक किए गए राजस्व संग्रहण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि नगर परिषद को टैक्स वसूली की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने करों का भुगतान करें। साथ ही, परिवहन विभाग को वाहनों के निबंधन और टैक्स वसूली की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया।
ऑनलाइन लगान और नीलाम पत्र वाद की समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने ऑनलाइन लगान वसूली और नीलाम पत्र वाद मामलों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्ति को डिजिटल माध्यम से बढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, नीलाम पत्र वाद से जुड़े लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए, ताकि सरकारी राजस्व को बढ़ावा मिल सके।
भूमि सुधार और विद्युत विभाग को कार्य में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में भूमि सुधार और विद्युत विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि भूमि संबंधी राजस्व संग्रहण को प्राथमिकता दी जाए और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए। वहीं, विद्युत विभाग को बिजली बिलों की वसूली प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया, ताकि राजस्व में वृद्धि हो सके।
सभी विभागों को तय लक्ष्य हासिल करने की चेतावनी
उपायुक्त ने बैठक में स्पष्ट किया कि सभी विभागों को अपने-अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को हर महीने राजस्व संग्रहण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में खनन, मत्स्य, उत्पाद, निबंधन, बाजार समिति, सहायक निबंधन अंकेक्षण, वाणिज्यकर, मापतौल, परिवहन, वन, विद्युत, नगर परिषद और भूमि सुधार विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक से स्पष्ट हो गया कि जिला प्रशासन राजस्व संग्रहण को लेकर अब ज्यादा सख्त रुख अपनाएगा। सभी संबंधित विभागों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी और राजस्व बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करने होंगे। प्रशासन ने यह संकेत दिया कि यदि कोई भी विभाग राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।