Wednesday, February 25, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

“जीवन को हां कहो, नशे को ना कहो” के संदेश के साथ पाकुड़ में भव्य नशा जागरूकता रैली, न्यायपालिका ने संभाली कमान

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नशामुक्त भारत अभियान को मिला नया आयाम

पाकुड़।जीवन को हां कहो, नशे को ना कहो” के प्रेरक नारे के साथ पाकुड़ में नशामुक्त भारत अभियान को मजबूती देने के उद्देश्य से एक विशाल जागरूकता रैली एवं वॉकथॉन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में संपन्न हुआ।


प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुआ आयोजन

इस जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडे ने की। रैली की शुरुआत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर से हुई, जो डॉ भीमराव अम्बेडकर चौक तक गई और पुनः न्यायालय परिसर में आकर संपन्न हुई।


आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने का प्रयास

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिवाकर पांडे ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन के बीच नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाना तथा नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि यदि लोग नशे को अपने जीवन से अलग कर लें, तो वे अपने जीवन को सुखी, स्वस्थ और समृद्ध बना सकते हैं।


तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन का दिया गया संदेश

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को नशा छोड़ने, तनावमुक्त रहने और सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर भविष्य मिल सके।


5 से 12 जनवरी तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रूपा बंदना किरो ने जानकारी दी कि यह नशा जागरूकता एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन अभियान आज 5 जनवरी से 12 जनवरी तक लगातार चलाया जाएगा। इस दौरान पाकुड़ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाई जाएगी।


वॉकथॉन के माध्यम से दिया गया सामाजिक संदेश

आज आयोजित “वॉकथॉन ऑन” कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों ने एकजुट होकर भाग लिया। यह वॉकथॉन पाकुड़ न्यायालय परिसर से डॉ भीमराव अम्बेडकर चौक तक निकाली गई, जिसने आम लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नशामुक्त समाज के निर्माण का सशक्त संदेश दिया।


न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक सहित अनेक न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।


अधिवक्ताओं और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी

वॉकथॉन एवं जागरूकता रैली में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, तथा पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।


नशामुक्त समाज की दिशा में सशक्त पहल

कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत की नींव है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा चलाया गया यह अभियान न केवल कानूनी जागरूकता, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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