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पलामू35 मिनट पहले
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हाईटेक हो गये हैं नक्सली लेवी के लिए यूपीआई का इस्तेमाल
नक्सलियों ने अपनी लेवी का तरीका बदला है। बदलते वक्त के साथ नक्सली भी तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने लगे हैं। नक्सलियों ने अब लेवी के लिए डिजिटल पेमेंट को एक हथियार के रूप मे इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। पलामू में टीएसपीसी नक्सली डिजिटल माध्यम से लेवी वसूल रहे हैं।
डिजिटल मोड से पेमेंट वसूल रहे हैं नक्सली
डिजिटल मोड से पेमेंट लेना नक्सलियों के लिए बचने का बड़ा माध्यम साबित हो रहा है। नक्सली वॉट्सऐप कॉल के जरिए लेवी मांग रहे हैं। लेवी के लिए फोन पे,गुगल पे जैसे पेमेंट ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। नक्सली धमकी दे रहे हैं कि जो लेवी नहीं देगा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस ने एरिया कमांडर सहित तीन टीएसपीसी नक्सलियों को देशी कट्टा और गोली के साथ गिरफ्तार किया है।
नक्सली के मोबाइल फोन से मिले सबूत
गिरफ्तार एरिया कमांडर शंभू सिंह उर्फ वीरेंद्र जी(20), मिथिलेश यादव(25), सत्येंद्र सिंह(19) के मोबाइल फोन से पुलिस को डिजिटल तरीके से वसूले गये लेवी की जानकारी मिली है। अब पुलिस ऐसे खातों की तलाश कर रही है जिसमें लेवी का पैसा आता है। ऐसे कई खातों की पहचान की गयी है। इन नक्सलियों ने 10 दिन पहले विश्रामपुर थानाक्षेत्र के खुटीसोत नदी में हो रहे पुल निर्माण स्थल पर र आगजनी की थी। एमएस छिन्नमस्तिका कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल में आग लगा दी थी।
लेवी नहीं मिलने पर हिंसा करते हैं नक्सली
गिरफ्तार शंभू छतरपुर के पलवा, सत्येंद्र छतरपुर के चिल्हो कला और मिथलेश पाटन के सतन टोला के रहने वाले हैं। सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी ऋषभ गर्ग और एसडीपीओ सुरजीत कुमार ने बताया कि नक्सलियों ने लेवी के लिए इस घटना को अंजाम दिया था। चार माह पहले लेवी का डिमांड किया गया था। लेवी नहीं मिलने पर दहशत फैलाने के लिए नक्सलियों ने आगजनी किया। घटना के बाद से ही पुलिस इनके खोज में लगी थी।
पाटन थाना के सहयोग से मिथलेश यादव को देशी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया। मिथलेश के निशानदेही पर एरिया कमांडर शंभू और सत्येंद्र पकड़े गए। आगजनी करने में गिरफ्तार तीनों नक्सलियों के अलावे एरिया कमांडर बुटन मांझी उर्फ गौतम जी व तीन अन्य नक्सली शामिल थे। गिरफ्तार नक्सलियों ने पुलिस को बताया है कि सब जोनल कमांडर निशांत जी व रंजन जी के नेतृत्व में लेवी वसूली और आगजनी की जाती है।
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