कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में विश्व ब्रेल दिवस के अवसर पर संग्रामपुर पंचायत भवन में दिव्यांग व्यक्तियों के समग्र विकास और अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
विश्व ब्रेल दिवस का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि हर वर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के सम्मान और दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं आत्मसम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि ब्रेल लिपि ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
ब्रेल लिपि की विशेषताएं और उपयोगिता
रूपा बंदना किरो ने ब्रेल लिपि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रेल लिपि उभरे हुए बिंदुओं पर आधारित एक स्पर्शनीय लिपि है, जिसे दृष्टिबाधित व्यक्ति स्पर्श के माध्यम से पढ़ते और लिखते हैं। यह लिपि शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के मार्ग को प्रशस्त करती है। ब्रेल केवल एक लिपि नहीं, बल्कि दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए ज्ञान और स्वतंत्रता का माध्यम है।
सामाजिक समावेशन और मानवाधिकार
उन्होंने आगे कहा कि विश्व ब्रेल दिवस का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले व्यक्तियों को शिक्षा, संचार और सामाजिक समावेशन से जोड़ना है, ताकि वे समाज में समान अधिकारों के साथ पूर्ण सहभागिता निभा सकें। यह दिवस दिव्यांगजनों के मानवाधिकारों की पूर्ण प्राप्ति के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने का भी संदेश देता है।
निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि जरूरतमंद दिव्यांगजन कानूनी सलाह, वकील और न्याय तक पहुंच के लिए डालसा की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
लुई ब्रेल और उनकी विरासत
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख ने कहा कि लुई ब्रेल ब्रेल लिपि के जनक हैं। उनके द्वारा विकसित इस लिपि ने नेत्रहीन और दृष्टिबाधित व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने की क्षमता प्रदान की, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने दिव्यांगजनों के कानूनी अधिकारों और सामाजिक सम्मान पर भी प्रकाश डाला।
मंच संचालन और सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने किया। कार्यक्रम के दौरान समाज में दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए।
उपस्थित गणमान्य और ग्रामीण
इस अवसर पर पंचायत मुखिया मुकेश मालपहाड़िया, पंचायत सचिव अमित कुमार, रोजगार सेवक अब्दुल गनी, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स याकूब अली, मैनुल शेख, सायेम अली सहित रफीक विश्वास, अकबर विश्वास, अजफारुल शेख, ईशा तथा दूरदराज से आए कई ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
समापन संदेश
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से समाज में संवेदनशीलता, समानता और समावेशन की भावना मजबूत होती है। दिव्यांगजनों को सम्मान, अधिकार और अवसर प्रदान कर ही एक समतामूलक समाज का निर्माण संभव है।


