🔸 पाकुड़ की ओर बढ़ रहा भरोसा
झारखंड के पाकुड़ जिला मुख्यालय से लोग आमतौर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अन्य बड़े राज्यों—जैसे दिल्ली, कोलकाता या रांची—की ओर जाते हैं। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तस्वीर उलट रही है। महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद एवं मध्य भारत के कई हिस्सों से लोग असाध्य रोगों के इलाज के लिए खुद पाकुड़ का रुख कर रहे हैं।
🔸 साधारण क्लिनिक, असाधारण उपचार
पाकुड़ शहर के एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ डॉ. अशोक साहा अपने बेहद साधारण, बिना किसी आधुनिक साज-सज्जा वाले क्लिनिक में दुर्लभ और जटिल बीमारियों का इलाज कर रहे हैं। वर्षों की मेहनत और अनुभव के बल पर वे ऐसे रोगों का उपचार कर रहे हैं जिन्हें आमतौर पर चिकित्सा जगत में असाध्य माना जाता है।
🔸 असाध्य बीमारियों के इलाज में मिल रही सफलता
डॉ. साहा के अनुसार कई ऐसी बीमारियां हैं जिनमें मेडिकल साइंस के पास सीमित विकल्प हैं। इनमें प्रमुख हैं—
- ऑटिज़्म (Autism)
- सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)
- एपिलेप्सी (Epilepsy)
- ब्रेन स्ट्रोक
- वेस्ट सिंड्रोम (West Syndrome)
इन गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मरीज सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि कई राज्यों से पाकुड़ पहुंच रहे हैं और यहां रहकर इलाज करवा रहे हैं।
🔸 मुंबई और बोकारो से आए बच्चे भी हुए लाभान्वित
हाल ही में मुंबई से एक अभिभावक अपने दो वर्षीय पुत्र यथार्थ को लेकर पाकुड़ आए थे। यथार्थ को जन्मजात वेस्ट सिंड्रोम है, जो एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल रोग है। यहां 10 दिनों तक इलाज कराने के बाद परिवार वापस लौट गया और सुधार की उम्मीद से भरा हुआ था।
इसी प्रकार बोकारो से भी डेढ़ वर्षीय शिवांशी को उपचार के लिए लाया गया। शिवांशी भी इसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, और उसके अभिभावकों ने पाकुड़ में इलाज पर भरोसा जताया।
🔸 वर्तमान में कटिहार के मरीज का चल रहा उपचार
इस समय बिहार के कटिहार से आए एक मरीज का उपचार चल रहा है। डॉ. साहा ने बताया कि मध्यप्रदेश और गुजरात से भी मरीज आने वाले हैं, जो दर्शाता है कि पाकुड़ अब एक्यूपंक्चर उपचार का प्रमुख गंतव्य बनता जा रहा है।
🔸 बढ़ता विश्वास, बढ़ती पहचान
डॉ. साहा के क्लिनिक में भीड़ बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है—
- सरल इलाज पद्धति
- दुष्प्रभाव रहित उपचार
- कई मामलों में चमत्कारिक सुधार
पाकुड़ जैसे शांत शहर में एक्यूपंक्चर से असाधारण बीमारियों का सफल इलाज होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बनता जा रहा है।


