योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित
पाकुड़। जिले में सांसद एवं विधायक निधि योजनाओं के तहत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की, जिसमें योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों और उनके निपटारे को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपूर्ण योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
लंबित योजनाओं और डी.सी. विपत्र पर विशेष चर्चा
बैठक में सांसद निधि और विधायक निधि से स्वीकृत योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से लंबित डी.सी. विपत्र (डिविजनल कमिश्नर बिल) पर चर्चा की गई, ताकि इन फंडों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि इन निधियों का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना है, जिससे जिले में स्वास्थ्य केंद्र, पुल-पुलिया, सड़क, भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण संभव हो सके। इसलिए यह आवश्यक है कि इन योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, जिससे आम जनता को इनसे मिलने वाले लाभ में किसी प्रकार की देरी न हो।
यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जल्द जमा करने का निर्देश
उपायुक्त ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि विधायक निधि और सांसद निधि के तहत पूर्ण हुए कार्यों की यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (UC) जल्द से जल्द जमा की जाए। इससे आगे आने वाले विकास कार्यों के लिए नई योजनाओं को मंजूरी देने में आसानी होगी और फंड के सही उपयोग की पुष्टि भी हो सकेगी।
महत्वपूर्ण अधिकारियों की बैठक में उपस्थिति
इस समीक्षा बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए (इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी), विशेष कार्य पदाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि योजनाओं की प्रगति को लगातार मॉनिटर किया जाए और हर कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
जनता को मिलेगा सीधा लाभ
इन योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वयन से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से जिले में संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि होगी। उपायुक्त के इस निर्देश से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे जिले का समग्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा।