पाकुड़: जिले में ऋण समाधान योजना के तहत नीलाम पत्र वाद (लोन डिफॉल्टर) मेगा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के बैंक प्रतिनिधि और नीलाम बकायेदार शामिल हुए। इस शिविर में 379 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसके तहत 1 करोड़ 27 लाख 16 हजार 819 रुपए की वसूली की गई।
ऋण समाधान योजना को सफल बनाने की पहल
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि ऋण समाधान योजना के तहत बकायेदारों को राहत देने और बैंकों के बकाया ऋण की वसूली में तेजी लाने के लिए इस तरह के मेगा शिविरों का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि बकायेदारों को अधिक से अधिक राहत देने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए और ऋण समाधान में लचीलापन बरता जाए, जिससे वसूली में भी तेजी आए।
नीलाम पत्र वाद निपटाने में मिली बड़ी सफलता
इस शिविर में 379 मामलों का निष्पादन किया गया, जो जिले में अब तक आयोजित शिविरों में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि लंबित ऋण मामलों का त्वरित समाधान हो, ताकि बैंकिंग व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर सके और बकायेदारों को आर्थिक पुनर्वास का अवसर मिल सके।
बैंक और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से होगा समाधान
उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे बकायेदारों के साथ समन्वय स्थापित करें और उन्हें ऋण भुगतान के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि ऋण समाधान प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना जरूरी है ताकि बकायेदार बिना किसी झिझक के अपना ऋण चुका सकें।
शिविर में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक, आईटीडीए, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता, पाकुड़ अंचलाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस मेगा शिविर के माध्यम से ऋण समाधान योजना के तहत बकायेदारों को बड़ी राहत दी गई और बैंकिंग संस्थानों को भी लाभ पहुंचा। 379 मामलों के निपटारे और 1.27 करोड़ की वसूली के साथ यह शिविर सफल साबित हुआ। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से इस तरह के और शिविर आयोजित करने की योजना है, ताकि नीलाम पत्र वाद से जुड़े अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके।