शहरी और ग्रामीण पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधा की मांग
झारखंड के पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग को लेकर झामुमो के पूर्व केंद्रीय समिति सदस्य शाहिद इकबाल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक लिखित आवेदन सौंपते हुए आग्रह किया कि झारखंड के सभी पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे और उनके परिवार स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।
पत्रकारिता की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
शाहिद इकबाल ने कहा कि न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका की तरह ही पत्रकारिता भी लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पत्रकारों की भूमिका सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जनता, प्रशासन और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर झारखंड अलग राज्य के निर्माण तक पत्रकारों ने अहम योगदान दिया है।
ग्रामीण पत्रकारों की स्थिति पर जताई चिंता
शाहिद इकबाल ने ग्रामीण पत्रकारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकांश ग्रामीण पत्रकार गैरवैतनिक होते हैं, और उनके पास कोई आर्थिक सहायता नहीं होती। इसके बावजूद वे लगातार सामाजिक सरोकार से जुड़े रहते हैं और प्रशासन की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि शहरी पत्रकारों के साथ-साथ ग्रामीण पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना चाहिए ताकि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
राज्य सरकार पर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आग्रह
शाहिद इकबाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने झारखंड अलग राज्य के निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। ऐसे में पत्रकारों के संघर्ष और योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को उनकी न्यूनतम सुविधाओं की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया जाता है, तो यह उनके स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शाहिद इकबाल की मांग को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि बहुत जल्द इस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनकी मांगों पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
शाहिद इकबाल ने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाएगी, जिससे पत्रकारों को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि यह मांग पूरी होती है, तो यह झारखंड के पत्रकारों के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी और इससे उनकी सामाजिक और पेशेवर स्थिति भी सुदृढ़ होगी।