पाकुड़: जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम को लेकर जिला खनन टास्क फोर्स की मासिक बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की, जिसमें जिले में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि खनन टास्क फोर्स की जिम्मेदारी है कि वह समन्वित प्रयासों से इस समस्या पर लगाम लगाए।
अवैध खनन पर रोकथाम के लिए सख्त कदम
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण को रोकने के लिए ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में सूचना तंत्र को मजबूत करें और नियमित रूप से अभियान चलाकर छापेमारी करें। साथ ही, अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खनन माफियाओं पर नकेल कसने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अवैध खनन गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की और खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी को औचक निरीक्षण करने और अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में अवैध खनन पाया जाता है, तो वहां के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए थाना प्रभारियों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तालमेल के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जनता की भागीदारी भी जरूरी
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अवैध खनन पर रोकथाम के लिए आम जनता की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों को जागरूक किया जाए ताकि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें।
इस बैठक से साफ संकेत मिला कि जिला प्रशासन अब अवैध खनन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगा। खनन टास्क फोर्स की सक्रियता बढ़ाई जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाने की संभावना है।