बॉलीवुड के मशहूर कलाकार साधना सरगम, शुरो से बांधी समा, झूमे दर्शक

झारखण्डबॉलीवुड के मशहूर कलाकार साधना सरगम, शुरो से बांधी समा, झूमे दर्शक
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पाकुड़ । स्थानीय रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम पाकुड़ में जिला प्रशासन और बीजीआर कोल कंपनी के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय जनजातीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

जनजातीय नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन 12 फरवरी को बॉलीवुड के मशहूर गायिका साधना सरगम के द्वारा अपने कला का प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व स्थानीय कलाकारों द्वारा गीत संगीत के माध्यम से अपना कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आरंभ जय श्री गणेशा कला नृत्य के माध्यम से इसकी शुरुआत की गई। जिसका दर्शकों में भूरी भूरी प्रशंसा की।

कोलकाता से आये गायक एवं सुरो की मल्लिका साधना सरगम ने अपनी गीत संगीत के माध्यम से लोगों मन मोह लिया। सात समुंदर पार के गाने पर लोगों ने इसका जमकर लुफ्त उठाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभी लोग अनुशासन में रहकर गीत कला एवं संगीत का आनंद उठाया।

जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। बीजीआर कंपनी द्वारा दर्शकों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। रचनात्मक प्रचार प्रसार के अभाव में भीड़ कम रहे। कार्यक्रम में डांस ग्रुप द्वारा बेहतर प्रदर्शन किए गए।

साधना सरगम ने पाकुड़ की भूरी भूरी प्रशंसा। उन्होंने कहा कि पाकुड़ जैसे शांत जगह में उन्हें आने का मौका मिला है। पुनः वे यहां आना पसंद करेंगी। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया एवं पाकुड़ की जनता की ओर से धन्यवाद दिया।

कौन है साधना सरगम

साधना सरगम भारतीय सिनेमा में काम करने वाली पार्श्वगायिका है। जो 3 दशकों से अधिक केरियर में 34 भारतीय भाषाओं हिंदी, तमिल, मराठी, उड़िया, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, नेपाली में फिल्में फिल्म संगीत के अलावा वे भक्ति गीत, शास्त्रीय संगीत, गजल्स, क्षेत्रीय फिल्म के गाने, पॉप एल्बम के गायिका रही हैं।

वे प्रजापति ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय और सत्य साईं बाबा जैसे अध्यात्मिक गाना गाती हैं। अपने जीवन काल में 4 वर्ष की जब थी तब से गायन कला का प्रदर्शन करती रही हैं। 6 साल की उम्र में दूरदर्शन के लिए लोकप्रिय गीत “सूरज एक चंदा एक तारे अनेक” गाया था।

विश्वात्मा के सात समुंदर पार गाने से उनकी ख्याति मिली। उनका जन्म 7 जुलाई 1962 को महाराष्ट्र के दाभोल में संगीतकारों के परिवार में हुआ था। पहला नशा पहला खुमार, दर्द करारा, साईं राम साईं श्याम साईं भगवान, क्या मौसम आया है, अंगना में बाबा, सलाम ए इश्क, आइए आपका इंतजार था, आदि अनेक हिट गाने गाए हैं। दक्षिण भारतीय गानों के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार एवं फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित की गई हैं।

मौके पर उपायुक्त वरुण रंजन, पुलिस अधीक्षक, जिला विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार त्रिवेदी, जिला कल्याण पदाधिकारी विजन उरांव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी महेश राम, पाकुड़ एसडीपीओ अजीत कुमार विमल, एसएमपीओ पवन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।

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