जिला विधिक सेवा प्राधिकार में आयोजित कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम में पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में पीएलवी (पैरा लीगल वॉलेंटियर्स) कैपेसिटी बिल्डिंग सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया। इस अवसर पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को उनके दायित्वों, कानूनी ज्ञान और जनसेवा से जुड़े विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पैरा लीगल वॉलेंटियर्स के कार्य कौशल को और अधिक प्रभावी बनाना, उन्हें कानूनी रूप से सशक्त करना तथा आमजनों तक न्याय और सरकारी योजनाओं की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना था।
पीएलवी के कार्यों की हुई समीक्षा, बेहतर प्रदर्शन पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वॉलेंटियर्स (पीएलवी) के कार्यों की समीक्षा की गई। प्रत्येक स्वयंसेवक द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किए जा रहे विधिक जागरूकता अभियानों, जनसंपर्क गतिविधियों तथा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी साझा की गई।
डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने सभी पीएलवी के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए उन्हें और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पैरा लीगल वॉलेंटियर्स न्याय व्यवस्था और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कानूनी ज्ञान बढ़ाने के लिए दिया गया विशेष प्रशिक्षण
सचिव रूपा बंदना किरो ने उपस्थित सभी पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को उनके कार्यों से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी पीएलवी के लिए केवल जागरूकता फैलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनों, सरकारी योजनाओं और न्यायिक प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना भी आवश्यक है।
उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि आमजनों की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब स्वयंसेवक कानूनी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें और सही मार्गदर्शन देने में सक्षम हों। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर चर्चा करते हुए पीएलवी को उनके कार्य निष्पादन को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जीरो एफआईआर पर विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार एवं डिप्टी चीफ मो. नुकूमुद्दीन शेख ने संयुक्त रूप से जीरो एफआईआर (Zero FIR) विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी संज्ञेय अपराध की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति देश के किसी भी पुलिस थाना में जीरो एफआईआर दर्ज करा सकता है, चाहे घटना उस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई हो या नहीं। इसके बाद संबंधित थाना मामले को अधिकार क्षेत्र वाले थाना में भेज देता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को तत्काल न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ना और शिकायत दर्ज कराने में होने वाली देरी को रोकना है।
विशेषज्ञों ने जीरो एफआईआर से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों, प्रक्रिया और इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा पीएलवी को निर्देश दिया कि वे आम जनता को भी इस महत्वपूर्ण अधिकार के प्रति जागरूक करें।
व्यावहारिक अभ्यास के जरिए परखी गई पीएलवी की क्षमता
प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक विशेष पहल के तहत डालसा सचिव रूपा बंदना किरो द्वारा सभी पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को अलग-अलग प्रकार के काल्पनिक एवं व्यवहारिक मामलों से संबंधित अभ्यास (टास्क) दिए गए।
इन टास्क के माध्यम से यह परखा गया कि यदि किसी पीड़ित व्यक्ति या आम नागरिक की समस्या उनके समक्ष आती है तो वे उसका समाधान किस प्रकार करेंगे। प्रतिभागियों ने अपनी समझ, अनुभव और कानूनी जानकारी के आधार पर समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। सचिव ने उनके उत्तरों का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक सुझाव भी दिए।
इस अभ्यास का उद्देश्य पीएलवी को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करना था, ताकि वे जरूरतमंद लोगों को समय पर और सही सहायता प्रदान कर सकें।
जनहित के मुद्दों और सरकारी योजनाओं पर हुआ संवाद
कार्यक्रम के दौरान सचिव रूपा बंदना किरो और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स के बीच संवादात्मक सत्र का भी आयोजन किया गया। इस दौरान जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों, सामाजिक समस्याओं, सरकारी योजनाओं तथा आमजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रतिभागियों ने अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया, जबकि सचिव ने उन समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। चर्चा के दौरान यह बताया गया कि किसी भी समस्या की शुरुआत से लेकर उसके अंतिम समाधान तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से समझना और लागू करना पीएलवी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
विधिक जागरूकता अभियानों को और तेज करने के निर्देश
बैठक में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान, लीगल लिटरेसी क्लब, डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान, नालसा की विभिन्न योजनाएं तथा निःशुल्क कानूनी सहायता कार्यक्रमों को लेकर विशेष चर्चा की गई।
सचिव ने सभी पीएलवी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाते रहें और लोगों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा विधिक सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता ही समाज को सशक्त बनाने और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
समस्या आने पर तुरंत डालसा से संपर्क करने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को यह भी निर्देश दिया गया कि यदि कार्य निष्पादन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की समस्या, कानूनी जटिलता अथवा मार्गदर्शन की आवश्यकता महसूस हो तो वे तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ से संपर्क करें।
सचिव ने स्पष्ट किया कि प्राधिकार का उद्देश्य केवल आम नागरिकों की सहायता करना ही नहीं, बल्कि पीएलवी को भी आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सकें।
सभी प्रखंडों के पीएलवी की रही सहभागिता
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से आए पैरा लीगल वॉलेंटियर्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कानूनी विषयों पर अपने अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पीएलवी के ज्ञान, कौशल और कार्यक्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विधिक जागरूकता और निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में पैरा लीगल वॉलेंटियर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें लगातार सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।


