Thursday, June 25, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

⚖️🏦 बैंक ऑफ बड़ौदा में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, स्थायी लोक अदालत ने बताए त्वरित न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता के लाभ

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झालसा के निर्देश पर आयोजित शिविर में आमजनों को दी गई कानूनी अधिकारों और बैंकिंग सेवाओं की विस्तृत जानकारी

पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में बैंक ऑफ बड़ौदा, पाकुड़ में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजनों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं, स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली तथा बैंकिंग सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराना था।

इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, सदस्य मो. अबरारुल हक़, राजीव कुमार झा तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक कुमार शोभित सहित बैंक अधिकारी, कर्मचारी, ग्राहक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान है प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि आम लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में स्थायी लोक अदालत एक प्रभावी और महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान करना स्थायी लोक अदालत की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों की तुलना में लोक अदालत के माध्यम से विवादों का निपटारा अपेक्षाकृत कम समय में और आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।

सुलह-समझौते के आधार पर होता है मामलों का निष्पादन

अशोक कुमार शुक्ला ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत में पक्षकारों के बीच सुलह और समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है। यहां किसी भी विवाद का समाधान आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कराया जाता है।

उन्होंने बताया कि बिजली सेवा विवाद, बीमा दावों से संबंधित मामले, जल आपूर्ति, डाक सेवा, परिवहन सेवाएं तथा अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा स्थायी लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है। इससे आम नागरिकों को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में उलझने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

गरीब, महिला, बच्चे और दिव्यांग भी उठा सकते हैं लाभ

कार्यक्रम के दौरान स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक़ ने निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए विधिक सेवा प्राधिकार विशेष रूप से कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि गरीब वर्ग, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), दिव्यांगजन तथा अन्य पात्र व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सहायता और सुलह योग्य मामलों के समाधान का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या आने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

त्वरित न्याय और सरल प्रक्रिया की दी गई जानकारी

स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने उपस्थित लोगों को मामलों के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य न्याय को आमजन के लिए अधिक सुलभ और सरल बनाना है।

उन्होंने बताया कि यहां की प्रक्रिया सामान्य न्यायालयों की तुलना में काफी सरल होती है। पक्षकारों के बीच समझौते को प्राथमिकता दी जाती है और विवादों का समाधान कम समय में किया जाता है। इससे न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान और प्रभावी बनती है।

उन्होंने यह भी बताया कि कोई भी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर स्थायी लोक अदालत और निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है।

बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय जागरूकता पर भी हुआ संवाद

शिविर के दौरान केवल कानूनी विषयों पर ही नहीं बल्कि बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय जागरूकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं, सुरक्षित लेन-देन, बचत योजनाओं और ग्राहक हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

उपस्थित लोगों को यह भी बताया गया कि बैंकिंग सेवाओं से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होने पर वे बैंक प्रबंधन अथवा संबंधित कानूनी मंचों की सहायता ले सकते हैं। इससे ग्राहकों को अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास

वक्ताओं ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता शिविर, विधिक साक्षरता कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि कानूनी जानकारी का अभाव कई बार लोगों को उनके अधिकारों से वंचित कर देता है। ऐसे में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में कानूनी चेतना बढ़ाने और लोगों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बैंक ग्राहकों और आमजनों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में बैंक कर्मियों, बैंक ग्राहकों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने विधिक जागरूकता शिविर में रुचि दिखाई और स्थायी लोक अदालत, निःशुल्क कानूनी सहायता तथा बैंकिंग सेवाओं से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम का समापन लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, विवादों के समाधान के लिए वैकल्पिक मंचों का उपयोग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता लेने के संदेश के साथ किया गया। यह शिविर न्याय को जन-जन तक पहुंचाने और कानूनी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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