Monday, June 8, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

⚖️ जेल से गांव तक पहुंची कानूनी जागरूकता की अलख, डालसा के 90 दिवसीय अभियान में सैकड़ों लोगों को मिली विधिक अधिकारों की जानकारी

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झालसा के निर्देश पर पाकुड़ में चलाया गया व्यापक विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान

पाकुड़। न्याय तक आम लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा चलाए जा रहे नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

अभियान के दौरान जेलों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूर-दराज के गांवों में पहुंचकर लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

मंडल कारा में बंदियों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार

अभियान के अंतर्गत पाकुड़ मंडल कारा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार एवं पैनल अधिवक्ता संजीत कुमार मुखर्जी ने कारा में निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं न्यायिक प्रक्रियाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान बंदियों को बताया गया कि कानून प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का समान अधिकार देता है और आर्थिक रूप से कमजोर अथवा असहाय व्यक्तियों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने बंदियों को मुकदमों की प्रक्रिया, कानूनी प्रतिनिधित्व, अपील के अधिकार तथा विधिक सहायता प्राप्त करने के विभिन्न माध्यमों के बारे में भी जानकारी दी।

नालसा की जागृति योजना 2025 पर किया गया जागरूक

कार्यक्रम में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की महत्वाकांक्षी जागृति योजना-2025 के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उपस्थित बंदियों एवं लाभार्थियों को बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक कानूनी सेवाओं को पहुंचाना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।

इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, उनके संरक्षण, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा कानून द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के बुजुर्ग नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है और उनके संरक्षण के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान बनाए गए हैं।

पथरिया गांव में वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीणों को किया गया जागरूक

अभियान के तहत लिट्टीपाड़ा प्रखंड के पथरिया गांव में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पैरा लीगल वॉलिंटियर आनंद मुर्मू ने ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर भी व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा कानूनी संरक्षण संबंधी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।

पोखरिया गांव में बाल विवाह और घरेलू हिंसा पर विशेष जागरूकता

वहीं पैरा लीगल वॉलिंटियर जयंती टुडू ने पोखरिया गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण परिवारों को बाल विवाह, घरेलू हिंसा, महिला अधिकार, तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। इसके अलावा घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी संरक्षण एवं सहायता प्राप्त करने के अधिकारों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि जरूरत पड़ने पर वे किस प्रकार विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स सायेम अली, भरत कुमार साहा, प्रियंका झा, प्रकाश किस्कू, मोलीता कुमारी, रानी साहा, हरेंद्र मालतो, सुजाता घोष, कमला राय गांगुली तथा नीरज कुमार राउत ने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया।

उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता, कानूनी परामर्श तथा न्यायिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की दी गई जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी समस्या, विवाद या अधिकारों से संबंधित जानकारी चाहिए, तो वे इस टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यकर्ताओं ने लोगों को यह भी बताया कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि विधिक सेवा संस्थानों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

न्याय को गांव-गांव तक पहुंचाने का अभियान

डालसा द्वारा संचालित यह 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और उपलब्ध कानूनी सहायता तंत्र के प्रति जागरूक बनाना है ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रह जाए।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल लोगों में कानूनी चेतना विकसित करते हैं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और अधिकारों के प्रति विश्वास को भी मजबूत बनाते हैं। डालसा पाकुड़ द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल साबित हो रहा है।

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