पाकुड़। भीड़ से भरे मेले में लोग अक्सर भगवान के दर्शन, पूजा-अर्चना और उत्सव की रौनक में खो जाते हैं। लेकिन इस भीड़ के बीच कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो बिना किसी पहचान या सम्मान की उम्मीद के दिनभर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहते हैं। टोटो और टेम्पो चालक उन्हीं अनदेखे नायकों में शामिल हैं, जो हजारों लोगों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उल्टा जगन्नाथ रथ यात्रा के शुभ अवसर पर जब इन्हीं कर्मयोगियों को श्री सत्य साईं सेवा समिति, छोटी अलीगंज, पाकुड़ ने प्रेम और सम्मान का अनमोल उपहार दिया, तो यह दृश्य हर किसी का दिल छू गया।
110 फूड पैकेट नहीं, सेवा और सम्मान का संदेश
उल्टा जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर श्री सत्य साईं सेवा समिति ने 110 फूड पैकेट वितरित किए। यह सिर्फ भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक प्रयास था, जो पूरे दिन मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार मेहनत करते हैं।
समिति ने अपने सेवा कार्य का केंद्र टोटो और टेम्पो चालकों को बनाया। ये वे लोग हैं जो सुबह से देर रात तक यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं, ताकि कोई श्रद्धालु दर्शन और मेले की खुशियों से वंचित न रहे।
जिन्होंने दूसरों की सेवा की, आज समाज ने उनका सम्मान किया
आमतौर पर सेवा करने वाले लोग चर्चा में कम ही आते हैं। लेकिन इस बार श्री सत्य साईं सेवा समिति ने उन लोगों को सम्मान देने का निर्णय लिया, जो बिना किसी स्वार्थ के हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करते हैं।
जब समिति के सदस्य मुस्कुराते हुए टोटो और टेम्पो चालकों को फूड पैकेट सौंप रहे थे, तब कई चालकों के चेहरों पर खुशी और आत्मीयता साफ झलक रही थी। यह केवल भोजन नहीं था, बल्कि उनके अथक परिश्रम और सेवा भावना के प्रति समाज का सम्मान था।
‘Love All, Serve All’ का दिखा जीवंत स्वरूप
इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने कहा कि भगवान श्री सत्य साईं बाबा का संदेश “Love All, Serve All” (सबसे प्रेम करो, सबकी सेवा करो) केवल एक प्रेरक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ शैली है।
समिति का मानना है कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंदों और समाज की सेवा में भी दिखाई देती है। यही कारण है कि समिति समय-समय पर रक्तदान, जल सेवा, भोजन वितरण और अन्य सामाजिक सेवा कार्यों का आयोजन करती रहती है।
सेवा कार्य में इन सदस्यों ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में समिति के कई सदस्यों ने पूरे समर्पण के साथ योगदान दिया।
कार्यक्रम में कन्वीनर रवि ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. देवकांत ठाकुर, साईं सात्विक, ओम कुमार, सत्यम कुमार, खुशी कुमारी एवं सोनी कुमारी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने प्रेम, विनम्रता और सेवा भावना के साथ फूड पैकेट वितरित किए और सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म बताया।
टोटो और टेम्पो चालकों ने जताया आभार
फूड पैकेट प्राप्त करने वाले टोटो एवं टेम्पो चालकों ने समिति के इस प्रयास की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनकी सेवाओं का उपयोग तो करते हैं, लेकिन उनके परिश्रम को बहुत कम लोग पहचानते हैं।
ऐसे में श्री सत्य साईं सेवा समिति द्वारा किया गया यह सम्मान उनके लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाला पल बन गया। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों का हृदय से धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास समाज में अपनापन और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
मानव सेवा ही सच्ची पूजा
कार्यक्रम के दौरान समिति ने एक बार फिर “मानव सेवा ही माधव सेवा है” के संदेश को दोहराया। सदस्यों ने कहा कि यदि हम अपने आसपास के लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा करें, तो वही ईश्वर की सबसे बड़ी आराधना है।
समिति ने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों—चाहे वे श्रमिक हों, जरूरतमंद परिवार हों, बुजुर्ग हों या सेवा कार्य में लगे कर्मयोगी—सभी के लिए इसी तरह के सेवा कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
समाज को मिला एक सकारात्मक संदेश
आज के समय में, जब समाज में अक्सर नकारात्मक खबरें सुर्खियां बनती हैं, ऐसे सेवा कार्य यह विश्वास दिलाते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, उसके परिश्रम का सम्मान करना और बिना किसी अपेक्षा के उसकी सहायता करना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है।
उल्टा जगन्नाथ रथ यात्रा के इस पावन अवसर पर श्री सत्य साईं सेवा समिति, छोटी अलीगंज, पाकुड़ ने यह साबित कर दिया कि सेवा का असली अर्थ केवल दान देना नहीं, बल्कि उन लोगों तक सम्मान और अपनापन पहुंचाना भी है, जो स्वयं दूसरों की सेवा में अपना दिन-रात समर्पित कर देते हैं।
110 फूड पैकेट का यह वितरण एक छोटा सा कार्यक्रम जरूर था, लेकिन इसके पीछे छिपा संदेश बहुत बड़ा था—“जो दूसरों की सेवा करते हैं, वे भी सम्मान और प्रेम के उतने ही अधिकारी हैं।”


