Wednesday, July 22, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

15100 नंबर याद रखिए… मुश्किल समय में बन सकता है आपकी सबसे बड़ी कानूनी ताकत, पाकुड़ में लोगों को किया गया जागरूक

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पाकुड़। कई बार लोग केवल कानूनी जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। आर्थिक तंगी, सही सलाह न मिलना या कानून की जानकारी नहीं होने के कारण अनेक जरूरतमंद लोग न्याय पाने से पहले ही हार मान लेते हैं। ऐसे लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जेल से लेकर सुदूर आदिवासी गांवों तक लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई।

जेल में बंद होने का मतलब अधिकार खत्म होना नहीं है

अभियान के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में मंडलकारा, पाकुड़ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि जेल में बंद प्रत्येक व्यक्ति भी भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त कानूनी अधिकारों का हकदार है। यदि किसी बंदी के पास अधिवक्ता रखने की आर्थिक क्षमता नहीं है, तो उसे निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

बंदियों की समस्याएं सुनी गईं, मामलों की ली गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ सुबोध कुमार दफादार ने जेल में बंद बंदियों से मुलाकात कर उनके मुकदमों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एक-एक बंदी से बातचीत करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि कहीं वे कानूनी सहायता के अभाव में तो परेशान नहीं हैं।

इस दौरान बंदियों को यह भरोसा दिलाया गया कि यदि वे पात्र हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उन्हें न्याय मिलने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

योग्य बंदियों को मिलेगा मुफ्त अधिवक्ता

कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को बिना किसी शुल्क के अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे अपने मामलों की प्रभावी पैरवी कर सकें।

उन्होंने कहा कि न्याय केवल संपन्न लोगों का अधिकार नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य है। इसी सोच के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें जागरूक कर रहा है।

15100: जरूरत के समय आपकी कानूनी सहायता की लाइफलाइन

अभियान के दौरान लोगों को विशेष रूप से नालसा (राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण) के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी गई।

लोगों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को कानूनी समस्या हो, घरेलू हिंसा, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मजदूरी, महिला उत्पीड़न, बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार या किसी अन्य कानूनी सहायता की आवश्यकता हो, तो वह 15100 पर संपर्क कर निःशुल्क मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त कर सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि इस नंबर को अपने मोबाइल में सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर इसका लाभ उठाएं। साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें।

आदिवासी क्षेत्रों में भी पहुंची कानून की जानकारी

जागरूकता अभियान केवल जेल तक सीमित नहीं रहा। लिट्टीपाड़ा प्रखंड के अंतर्गत बमनीपहाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पैरा लीगल वॉलिंटियर मीरु बेसरा ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

उन्होंने लोगों को डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ कानून की जानकारी दी और बताया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना कानूनन गंभीर अपराध है। इसके अलावा बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।

ग्रामीणों को बताया गया कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले या किसी महिला के साथ डायन प्रथा के नाम पर अत्याचार किया जाए, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों अथवा विधिक सेवा प्राधिकार को दें।

खकसा गांव में भी चला जागरूकता अभियान

इसी क्रम में पाकुड़िया प्रखंड के अंतर्गत खकसा गांव में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां ग्रामीणों को सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक करते हुए बताया गया कि कानून हर नागरिक को समान अधिकार देता है और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है।

ग्रामीणों को फिर से 15100 टोल फ्री नंबर की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में बिना झिझक इस नंबर पर संपर्क करें और निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करें।

गांव-गांव तक पहुंच रहे हैं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान को सफल बनाने में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे लगातार गांव-गांव, पंचायतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और जरूरतमंद समुदायों तक पहुंचकर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

मंडलकारा, पाकुड़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पैरा लीगल वॉलिंटियर मोकमाउल शेख भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में अन्य पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ने भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया।

न्याय सबके लिए, जानकारी भी सब तक

जिला विधिक सेवा प्राधिकार का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी जानकारी हर नागरिक तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है। जब लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी होगी, तभी वे अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा पाएंगे।

नालसा का टोल फ्री नंबर 15100 केवल एक हेल्पलाइन नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से कानूनी सहायता लेने से पीछे हट जाते हैं।

डालसा, पाकुड़ ने लोगों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, सामाजिक कुरीतियों का विरोध करें और किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में 15100 पर संपर्क कर सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ अवश्य उठाएं। यह जागरूकता ही न्यायपूर्ण और सशक्त समाज की सबसे मजबूत नींव है।

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