पाकुड़। पाकुड़ विधानसभा की लोकप्रिय विधायक मोहतरमा निसात आलम एक बार फिर विकास कार्यों और संगठनात्मक सक्रियता को लेकर चर्चा में हैं। एक ही दिन में उन्होंने जहां रानी ज्योतिर्मय स्टेडियम परिसर में शौचालय निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ कर खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की, वहीं इसके तुरंत बाद जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर SIR (Special Intensive Revision) अभियान को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक की। विधायक की इन दोनों गतिविधियों ने जिले में विकास और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
स्टेडियम में खिलाड़ियों को मिली नई सुविधा की सौगात
दिन की शुरुआत विधायक निसात आलम ने पाकुड़ स्थित रानी ज्योतिर्मय स्टेडियम परिसर से की, जहां उन्होंने बहुप्रतीक्षित शौचालय निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर केवल खेल मैदान या भवन ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि वहां आने वाले लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही आवश्यक होती हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण खिलाड़ियों के प्रदर्शन और नागरिकों की सुविधा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
विधायक ने कहा कि स्टेडियम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, खेल प्रशिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा का निर्माण लंबे समय से महसूस किया जा रहा था।
‘स्वच्छता और स्वास्थ्य विकास की पहली शर्त’
शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक निसात आलम ने कहा कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किसी भी समाज के समग्र विकास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बड़ी परियोजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता देना है। इसी सोच के तहत सार्वजनिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शौचालय निर्माण पूरा होने के बाद स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ियों और नागरिकों को काफी राहत मिलेगी तथा परिसर पहले से अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देगा।
महिलाओं और छात्राओं को भी मिलेगा सीधा लाभ
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस निर्माण कार्य का सबसे अधिक लाभ महिला खिलाड़ियों, छात्राओं और बुजुर्ग नागरिकों को मिलेगा। अब तक पर्याप्त शौचालय सुविधा नहीं होने के कारण कई लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता था।
लोगों ने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य समय पर पूरा होने के बाद स्टेडियम का उपयोग और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा तथा खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकास कार्य के बाद कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं विधायक
स्टेडियम में कार्यक्रम संपन्न होने के बाद विधायक निसात आलम सीधे जिला कांग्रेस कार्यालय, पाकुड़ पहुंचीं, जहां उन्होंने Special Intensive Revision (SIR) अभियान को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा करना तथा आगामी कार्ययोजना तय करना था।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने इलाके में चल रहे अभियान की जानकारी विधायक के समक्ष रखी।
SIR अभियान पर हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान विधायक ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सक्रियता के साथ लोगों के बीच जाएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
कार्यकर्ताओं को दिया विशेष निर्देश
बैठक में विधायक निसात आलम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे Enumeration Form भरवाने के अभियान को गंभीरता से लें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का फॉर्म समय पर भरवाकर संबंधित BLO (Booth Level Officer) के पास जमा कराने में सहयोग करें।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें ताकि भविष्य में किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटने की स्थिति उत्पन्न न हो।
लोकतंत्र को मजबूत करने पर दिया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होगा, तभी लोकतंत्र और अधिक मजबूत बनेगा। इसलिए यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने का अभियान भी है।
संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर भी हुआ मंथन
बैठक के दौरान केवल SIR अभियान ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती को लेकर भी चर्चा हुई।
विधायक ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता के बीच लगातार सक्रिय रहें, लोगों की समस्याओं को सुनें तथा पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क जितना मजबूत होगा, जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास भी उतना ही बढ़ेगा।
पदाधिकारियों ने रखे अपने सुझाव
बैठक में मौजूद विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए।
उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए। विधायक ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक समन्वय के साथ आगे बढ़ने का भरोसा दिलाया।
दो कार्यक्रमों ने खींचा लोगों का ध्यान
एक ही दिन में विधायक निसात आलम की दो महत्वपूर्ण गतिविधियों ने जिले में व्यापक चर्चा पैदा कर दी।
पहला कार्यक्रम विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ा था, जबकि दूसरा कार्यक्रम लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संगठनात्मक सक्रियता पर केंद्रित रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक का यह व्यस्त कार्यक्रम इस बात का संकेत देता है कि वे विकास कार्यों के साथ-साथ जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी समान रूप से ध्यान दे रही हैं।
कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में प्रखंड अध्यक्ष मानसारुल हक, विधायक प्रतिनिधि गोलम अहमद उर्फ बकुल, पूर्व सचिव सेमिनुल इस्लाम, जिला प्रवक्ता मुख्तार हुसैन, अल्पसंख्यक अध्यक्ष शाहीन परवेज, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष असद हुसैन, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद डोकानिया, जिला महासचिव सेलिम, युवा जिला अध्यक्ष बिलाल शेख, जिला सचिव मिथुन मरांडी, जिला सचिव मोहम्मद सिराजुद्दीन शेख, मोतिउर रहमान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया दोनों पर फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक निसात आलम के दिनभर के कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि उनका ध्यान केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनभागीदारी बढ़ाने और संगठन को सक्रिय बनाए रखने पर भी है।
स्टेडियम में शौचालय निर्माण कार्य का शुभारंभ जहां खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए एक उपयोगी पहल माना जा रहा है, वहीं SIR अभियान को लेकर आयोजित बैठक को मतदाता जागरूकता और संगठनात्मक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन दोनों पहलों का लाभ आने वाले समय में जिले के नागरिकों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को किस तरह मिलता है।


