Monday, September 28, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

विजयादशमी: जब शस्त्रों के पूजन से जागेगा वीरत्व, वैदिक मंत्रों से गूंजेगा सनातन गौरव… सत्य सनातन ने लिया आयोजन का संकल्प

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पाकुड़। विजयादशमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस शाश्वत भाव का उत्सव है, जहां धर्म के सामने अधर्म का अहंकार झुकता है और सत्य की विजय का उद्घोष होता है। इसी आस्था, संस्कार और वीरत्व की परंपरा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ सत्य सनातन संस्था की महत्वपूर्ण बैठक रविवार देर शाम अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित हुई। अध्यक्ष रंजीत चौबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में संस्था की सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा गतिविधियों के साथ आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

विजयादशमी पर फिर गूंजेंगे वैदिक मंत्र, सजेगा शस्त्र पूजन का आंगन

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय विजयादशमी को लेकर रहा। संस्था ने अपनी छह वर्षों से चली आ रही शस्त्र पूजन की परंपरा को इस वर्ष भी जारी रखने का निर्णय लिया। तय कार्यक्रम के अनुसार 20 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के आंगन में शस्त्र पूजन किया जाएगा।

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच होने वाला यह अनुष्ठान केवल शस्त्रों की पूजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सनातन परंपरा में निहित शक्ति, साहस, आत्मसंयम और धर्म की रक्षा के संकल्प का प्रतीक बनेगा। संस्था की ओर से कहा गया कि विजयादशमी का पर्व महिषासुरमर्दिनी महामाया की विजय का भी स्मरण कराता है, इसलिए इस अवसर पर शस्त्र पूजन के माध्यम से विजय और वीरत्व के भाव को नमन किया जाएगा।

शास्त्र के साथ शस्त्र सनातन परंपरा का संदेश

संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे ने कहा कि सनातन संस्कृति में ज्ञान और शक्ति को एक-दूसरे का पूरक माना गया है। उनके अनुसार, शास्त्र मनुष्य को विवेक का मार्ग दिखाता है तो शस्त्र शक्ति और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखे जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसी सांस्कृतिक भाव को जीवंत रखने के लिए संस्था पिछले छह वर्षों से विजयादशमी पर शस्त्र पूजन करती आ रही है। इस वर्ष भी उसी परंपरा को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

सावन की भक्ति से सेवा की राह तक

बैठक में पवित्र सावन माह के दौरान संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संस्था के संपर्क प्रमुख एवं पुरोहित रोहित दास के प्रति सदस्यों ने आभार व्यक्त किया।

साथ ही कार्यक्रम में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले छोटे-बड़े सभी कार्यकर्ताओं के प्रति धन्यवाद और साधुवाद व्यक्त किया गया। रवि भगत के योगदान को भी विशेष रूप से याद करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया गया।

भक्ति तभी पूर्ण, जब सेवा में दिखाई दे

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा को संस्था की प्राथमिकताओं में और अधिक प्रमुखता दी जाएगी। सदस्यों ने माना कि पूजा और प्रार्थना का भाव तब और सार्थक हो जाता है, जब उसका प्रकाश समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।

अध्यक्ष रंजीत चौबे ने कहा कि सत्य सनातन संस्था केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। जरूरतमंदों की सहायता और समाज के बीच सेवा कार्यों को आगे बढ़ाना भी संस्था की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में सेवा गतिविधियों को और सक्रिय करने पर जोर दिया जाएगा।

एक दीप जला, स्मृतियों में फिर जीवित हुए गुड्डू त्रिवेदी

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बैठक का वातावरण उस समय भावुक हो गया, जब संस्था के अभिभावक स्वरूप स्वर्गीय संदीप त्रिवेदी उर्फ गुड्डू त्रिवेदी के निधन पर सदस्यों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उनकी तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया और पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। सदस्यों ने उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।

उस क्षण मंदिर प्रांगण में पसरी शांति मानो यही कह रही थी कि मनुष्य भले ही संसार से चला जाए, लेकिन उसके कर्म और स्मृतियां अपने लोगों के हृदय में लंबे समय तक जीवित रहती हैं।

डॉ. मनोहर कुमार का सम्मान, उपलब्धि पर संस्था ने जताई खुशी

बैठक के दौरान संस्था के अभिभावक स्वरूप डॉ. मनोहर कुमार को सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य मनोनीत किए जाने पर सम्मानित किया गया।

संस्था के संरक्षक नवीन कुमार सिंह ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। उपस्थित सदस्यों ने डॉ. मनोहर कुमार को शुभकामनाएं देते हुए उनके नए दायित्व के लिए मंगलकामना की।

शांति मंत्र के साथ समाप्त हुई बैठक

बैठक के अंतिम चरण में संस्था की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। सामाजिक सेवा, संस्कार, संस्कृति और सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ सामूहिक रूप से शांति मंत्र का उच्चारण किया गया।

बैठक में संरक्षक नवीन कुमार सिंह, अध्यक्ष रंजीत चौबे, उपाध्यक्ष गौतम कुमार, सचिव चंदन प्रकाश, कोषाध्यक्ष अमर ठाकुर, राकेश सिंह, मुन्ना शर्मा, पुरोहित रोहित दास, गणेश शर्मा, विशाल भगत, रवि भगत, मिंटू गिरी, अमित साहा, सत्यम भगत, विक्की रजक, संतोष कुमार तथा अतिथि विजय भंडारी सहित अन्य सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अन्नपूर्णा कॉलोनी के मंदिर आंगन में हुई यह बैठक अपने पीछे कई भाव छोड़ गई स्मृतियों में श्रद्धा, समाज के लिए सेवा, संस्कृति के लिए संकल्प और विजयादशमी के लिए शौर्य का आह्वान। 20 अक्टूबर को जब वैदिक मंत्रों के बीच शस्त्र पूजन होगा, तब वह अनुष्ठान केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और सनातन संस्कारों के प्रति आस्था का सार्वजनिक उद्घोष भी बनेगा।

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