पाकुड़। स्कूल का मंच, सामने बैठे अभिभावक और मंच पर उतरते एक-एक कर बाल कलाकार… जैसे-जैसे नाटक आगे बढ़ा, बच्चों के अभिनय ने पूरे माहौल को अपने साथ जोड़ लिया। किसी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया तो किसी ने किसान, गरीब और आम परिवारों से जुड़ी योजनाओं की कहानी को अभिनय के जरिए सामने रखा। मौका था सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, पाकुड़ में आयोजित ‘नमो सेवा की अनकही कहानियां’ विषयक नाट्य मंचन का।
बच्चों के अभिनय में दिखी 25 वर्षों की सेवा यात्रा
नमो सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा, संघर्ष, समर्पण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामने रखा।
बाल कलाकारों ने अपने अभिनय के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया कि किस तरह विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने की पहल की गई है।
जब योजनाएं बनीं कहानी और बच्चे बने किरदार
नाट्य मंचन की खास बात यह रही कि बच्चों ने सरकारी योजनाओं को केवल नाम के रूप में नहीं बताया, बल्कि उनके उद्देश्य और आम लोगों को मिलने वाले लाभों को संवाद और अभिनय के माध्यम से समझाने का प्रयास किया।
मंच पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, मध्यान्ह भोजन योजना, आयुष्मान भारत योजना और स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।
बाल कलाकारों ने जीता अभिभावकों का ध्यान
नाट्य प्रस्तुति में श्री मंडल, आयत अली, वृष्टि दास, कृतिका कर्मकार, आराध्या कुमारी, आरुषि गुप्ता, नेहा दास, पूर्णिमा घोष, राजवी सिंह, तृषा मंडल, स्नेहा दास, अनामिका मिश्रा, श्रुति मंडल, जयश्री, आरोही, मिनी सरकार, ऋषिका दास और मौरी दास सहित अन्य बाल कलाकारों ने अपनी भूमिका निभाई।
बच्चों की सहज संवाद अदायगी और रचनात्मक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों का ध्यान खींचा। अभिभावकों ने छात्र-छात्राओं के प्रयास और मंचीय प्रस्तुति की सराहना की।
नाटक ने बच्चों को योजनाओं से भी जोड़ा
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। नाट्य मंचन के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और जनकल्याण के प्रति जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया गया।
मंच पर योजनाओं को कहानी और पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने से बच्चों के लिए जटिल विषयों को भी सरल तरीके से समझने का अवसर मिला।
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य हेमा कुमारी, कार्यक्रम के जिला संयोजक विवेकानंद तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुग्राहित प्रसाद साह, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, भाजपा नेत्री प्राची चौधरी, निधि गुप्ता, अविनाश पंडित सहित विद्यालय के आचार्यगण मौजूद रहे।
विवेकानंद तिवारी बोले, बच्चों ने सरल तरीके से रखा सेवा और जनकल्याण का संदेश
कार्यक्रम के संयोजक विवेकानंद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा में शासन, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने और लोगों को उनके लाभ से जोड़ने के विषय को बाल कलाकारों ने सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य, आचार्यगण और सभी बाल कलाकारों को रचनात्मक प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
मंच से निकला बड़ा संदेश
पाकुड़ के इस आयोजन में सबसे खास बात यह रही कि बच्चों ने किताबों और कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर सामाजिक विषयों को मंच पर जीवंत किया। नाटक ने जहां विद्यार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ावा दिया, वहीं सेवा, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण जैसे विषयों को समझने का अवसर भी दिया।
बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि जब सीखने के साथ रचनात्मकता जुड़ती है, तो बच्चों की आवाज समाज तक कहीं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकती है।


