Saturday, October 31, 2026
HomePakurन ट्रेन में मंच, न कोई समारोह... मोबाइल पर तस्वीर देखकर कांग्रेसियों...
एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

न ट्रेन में मंच, न कोई समारोह… मोबाइल पर तस्वीर देखकर कांग्रेसियों ने इंदिरा गांधी को दी श्रद्धांजलि

देश प्रहरी की खबरें अब Google news पर

क्लिक करें

पाकुड़। ब्रह्मपुत्र मेल अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। ट्रेन की खिड़कियों से गुजरते दृश्य और पटरियों पर पहियों की लगातार गूंज के बीच कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ध्यान अचानक एक ऐसी तस्वीर पर ठहर गया, जो महज एक तस्वीर नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के एक पूरे दौर की याद समेटे हुए थी। मोबाइल फोन की स्क्रीन पर देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी का चेहरा था। मौका उनकी पुण्यतिथि का था और दिल्ली की ओर बढ़ते इस सफर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

न वहां कोई सजा हुआ मंच था, न फूलों की माला और न ही किसी बड़े आयोजन की औपचारिकता। बस मोबाइल की स्क्रीन पर इंदिरा गांधी की तस्वीर और उनके प्रति सम्मान से भरे कुछ दिल। ट्रेन के डिब्बे में बीत रहे उन पलों में कार्यकर्ताओं ने उस नेता को याद किया, जिनका नाम भारतीय राजनीति के इतिहास में साहस, संघर्ष और मजबूत नेतृत्व के प्रतीक के रूप में दर्ज है।

तस्वीर को निहारते हुए कांग्रेस नेताओं ने इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। उनके नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों, चुनौतियों का सामना करने के साहस और देश की एकता एवं अखंडता के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र हुआ। उनके लिए यह सिर्फ एक दिवंगत नेता को याद करने का अवसर नहीं था, बल्कि उस विचार और विरासत को फिर से महसूस करने का क्षण था, जिससे वे खुद को जुड़ा हुआ मानते हैं।

सफर के बीच हुई यह छोटी-सी श्रद्धांजलि अपने भीतर एक बड़ा भाव समेटे हुए थी। किसी औपचारिक आयोजन की भव्यता भले ही वहां नहीं थी, लेकिन स्मृतियों की गहराई और सम्मान का भाव जरूर मौजूद था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी के आदर्शों पर चलने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

इस दौरान पाकुड़ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष मानसारुल हक, जिला उपाध्यक्ष गोलम अहमद उर्फ बकुल, जिला उपाध्यक्ष असद हुसैन एवं सोशल मीडिया चेयरमैन पियारूल इस्लाम उपस्थित रहे।

ट्रेन अपनी मंजिल की ओर बढ़ती रही, लेकिन उस सफर में कुछ पल इतिहास की यादों के नाम ठहर गए। मोबाइल की एक छोटी-सी स्क्रीन पर दिखाई दे रही तस्वीर ने कार्यकर्ताओं को उस दौर से जोड़ दिया, जब इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति के केंद्र में थीं। कभी-कभी श्रद्धांजलि के लिए बड़े आयोजन नहीं, बल्कि याद करने वाला सच्चा भाव ही काफी होता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments