🕯️ पाकुड़ में मनाया गया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस
पाकुड़। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर सोमवार को पाकुड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर शहर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्केट कॉम्प्लेक्स में स्थापित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंडल अध्यक्ष सोहन मंडल ने की।
🌹 प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने क्रमवार उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुग्राहित प्रसाद साह, बाबुधन मुर्मू, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेकानंद तिवारी, जिला महामंत्री रूपेश भगत, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, अमृत पांडेय, सुशील साहा, पंकज साह, प्राची चौधरी, पूनम कुमारी, जीतू सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे।
🇮🇳 देश की एकता के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान : रूपेश भगत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिला महामंत्री रूपेश भगत ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने सिद्धांतों और विचारों से कभी समझौता नहीं किया तथा देशहित को सर्वोपरि रखा।
उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे को लेकर डॉ. मुखर्जी ने जो संघर्ष किया, वह भारतीय राजनीति के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उन्होंने देश की एकता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यही कारण है कि भाजपा कार्यकर्ता उनकी पुण्यतिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। उनके विचार आज भी देशभक्ति और राष्ट्रवाद की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
📖 डॉ. मुखर्जी के जीवन संघर्ष और राष्ट्रवाद की विचारधारा पर प्रकाश
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुग्राहित प्रसाद साह ने डॉ. मुखर्जी के जीवन से जुड़े अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। वे जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण एवं अभिन्न अंग बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहे।
उन्होंने कहा कि उस समय जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष व्यवस्थाओं का डॉ. मुखर्जी ने पुरजोर विरोध किया था। उनका मानना था कि एक राष्ट्र में अलग-अलग व्यवस्थाएं देश की एकता के लिए बाधक बन सकती हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने ऐतिहासिक नारा दिया था— “एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे।”
🚩 नेहरू सरकार को दी चुनौती, बिना परमिट पहुंचे जम्मू-कश्मीर
अनुग्राहित प्रसाद साह ने बताया कि अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए डॉ. मुखर्जी ने तत्कालीन केंद्र सरकार की नीतियों को चुनौती दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था का विरोध करते हुए वर्ष 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर जाने का निर्णय लिया।
जैसे ही वे जम्मू-कश्मीर पहुंचे, उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद कर दिया गया। नजरबंदी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु आज भी देश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और चर्चित विषय बनी हुई है।
✨ युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं डॉ. मुखर्जी
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करते हुए यह संदेश दिया कि देश की एकता और अखंडता से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उनका त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
भाजपा नेताओं ने कहा कि आज देश जिन राष्ट्रीय मूल्यों और एकात्मता की भावना को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है, उसमें डॉ. मुखर्जी के विचारों और संघर्षों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके आदर्शों पर चलकर ही भारत को और अधिक सशक्त तथा विकसित बनाया जा सकता है।
🙏 राष्ट्रनायक को नमन कर कार्यक्रम का हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र एवं प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए डॉ. मुखर्जी द्वारा दिया गया बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।


