Friday, July 31, 2026
HomePakurसिर्फ एक बैठक नहीं... पाकुड़ से शुरू हुआ ऐसा अभियान जो बदल...
एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

सिर्फ एक बैठक नहीं… पाकुड़ से शुरू हुआ ऐसा अभियान जो बदल सकता है सामाजिक समरसता की तस्वीर!

देश प्रहरी की खबरें अब Google news पर

क्लिक करें

पाकुड़ से सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश, गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर भाजपा ने शुरू किया विशेष अभियान

पाकुड़। कई बार किसी कार्यक्रम को लोग सामान्य बैठक समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ बैठकें ऐसी होती हैं जो आने वाले समय की दिशा तय करती हैं। पाकुड़ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय कार्यशाला भी कुछ ऐसी ही रही। यह केवल संगठनात्मक बैठक नहीं थी, बल्कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक सामाजिक अभियान की शुरुआत थी।

संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने जिले में “समरसता संकल्प अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। यह अभियान 29 जुलाई से 20 फरवरी तक लगातार चलेगा। इस दौरान जिले के सभी मंडलों, शक्ति केंद्रों और बूथ स्तर तक अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सामाजिक सद्भाव, समानता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को मजबूत करना है।


राजापाड़ा की कार्यशाला से हुआ अभियान का विधिवत शुभारंभ

राजापाड़ा स्थित राजवाड़ी परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू ने की। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीरा प्रवीण सिंह एवं दुर्गा मरांडी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यशाला में अभियान की विस्तृत रूपरेखा, संगठनात्मक जिम्मेदारियां, जनसंपर्क कार्यक्रम, मंडल एवं बूथ स्तर पर होने वाली गतिविधियां तथा आगामी सात महीनों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया और प्रत्येक स्तर पर इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


सिर्फ आयोजन नहीं, समाज को जोड़ने का प्रयास

कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज केवल एक संत नहीं थे, बल्कि सामाजिक चेतना के महान प्रवर्तक थे। उन्होंने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, सामाजिक न्याय, भाईचारा, समरसता और मानवता का अमूल्य संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि आज भी गुरु रविदास के विचार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। वर्तमान समय में समाज को एकजुट रखने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए उनके संदेशों को घर-घर तक पहुंचाना आवश्यक है।


हर गांव, हर मोहल्ले और हर बूथ तक पहुंचेगा समरसता का संदेश

सरिता मुर्मू ने सभी मंडल अध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि यह अभियान केवल संगठन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए।

उन्होंने कहा कि मंडल स्तर पर गठित टोली अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाए और प्रत्येक गांव, पंचायत तथा वार्ड तक पहुंचकर लोगों को सामाजिक समरसता का संदेश दे।


घर-घर संपर्क से लेकर दीप प्रज्ज्वलन तक होंगे अनेक कार्यक्रम

अभियान के दौरान जिले में कई प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से—

  • घर-घर जनसंपर्क अभियान
  • दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम
  • सामाजिक समरसता संगोष्ठियां
  • सामाजिक संवाद
  • सेवा कार्य
  • जनजागरण अभियान
  • संत रविदास के जीवन एवं विचारों पर विशेष कार्यक्रम
  • विभिन्न सामाजिक वर्गों के साथ संवाद

इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुरु रविदास के विचारों को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।


संगठनात्मक मजबूती पर भी दिया गया विशेष जोर

कार्यशाला में मंचासीन पदाधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की। प्रत्येक मंडल में कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन, अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि यदि अभियान योजनाबद्ध तरीके से चलाया गया तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे जिले में दिखाई देगा और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद एवं सहयोग की भावना और मजबूत होगी।


सिर्फ राजनीति नहीं, समाज निर्माण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि समरसता संकल्प अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक समानता और मानवता का संदेश पहुंचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण का आधार सामाजिक समरसता है, और जब समाज के सभी वर्ग समान सम्मान के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी एक मजबूत और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।


महामंत्री रूपेश भगत ने रखी अभियान की पूरी रूपरेखा

कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला महामंत्री रूपेश भगत ने किया। उन्होंने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि आगामी महीनों में जिले के प्रत्येक मंडल एवं बूथ स्तर पर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन द्वारा निर्धारित प्रत्येक कार्यक्रम को पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ सफल बनाएं ताकि अभियान का उद्देश्य समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।


बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी और कार्यकर्ता

कार्यशाला में भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, अनुग्राहित प्रसाद साह, बृजमोहन चौबे, सोहन मंडल, सुलेमान मुर्मू, लक्ष्मी तुरी, प्राची चौधरी, अरुण चौधरी, उमेश साहा, अमित कुमार, दीपक साहा, कृष्ण मंडल, किरण कुमार मंडल, जितु सिंह, सदानंद रजवाड़, दिलीप सिंह, गौतम राजवंशी, धनेश्वर साह, बनेश्वर साह, राम मंडल, साहेब हांसदा, पंकज साह सहित जिले के सभी मंडलों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि अभियान को जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक व्यापक रूप से संचालित करने की तैयारी की जा चुकी है।


सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने तथा समरसता संकल्प अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इसके बाद भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय ने कार्यशाला में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया और बैठक की समाप्ति की घोषणा की।


समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

पाकुड़ से शुरू हुआ यह समरसता संकल्प अभियान आने वाले महीनों में केवल भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित रहेगा या समाज में व्यापक जनभागीदारी का माध्यम बनेगा, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी। हालांकि कार्यशाला में जिस प्रकार सामाजिक समरसता, समानता, सेवा और संवाद पर विशेष जोर दिया गया, उससे यह स्पष्ट है कि अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है।

यदि अभियान निर्धारित योजना के अनुसार जिले के गांव-गांव, मोहल्लों और बूथ स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचता है, तो यह केवल एक संगठनात्मक पहल नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जन-अभियान के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments