📍 हूल दिवस पर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
पाकुड़। हूल दिवस के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने जिले में वीरता, बलिदान और स्वाभिमान के प्रतीक अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू, चांद, भैरव, फूलो और झानो को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पाकुड़ नगर स्थित सिदो-कान्हू मुर्मू पार्क पहुंचकर वहां स्थापित अमर शहीदों की आदमकद प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया तथा उन्हें नमन करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान को स्मरण किया। इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति और आदिवासी स्वाभिमान की भावना से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला।
🌼 बड़ी संख्या में जुटे भाजपा के प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, जिला प्रभारी निवास मंडल सहित पार्टी के अनेक प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तरीय पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके साहस, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है।
🔥 संथाल हूल भारत के स्वतंत्रता संघर्ष का स्वर्णिम अध्याय : अमर कुमार बाउरी
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज से 171 वर्ष पूर्व, जब पूरे देश में अंग्रेजी हुकूमत का अत्याचार अपने चरम पर था और उसके विरुद्ध आवाज उठाने का साहस बहुत कम लोगों में था, तब संथाल परगना की धरती से अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद, भैरव, फूलो और झानो जैसे महान योद्धाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका। यही ऐतिहासिक संघर्ष आगे चलकर संथाल हूल के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
उन्होंने कहा कि 30 जून 1855 का दिन भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। इसी दिन इन वीर सपूतों ने विदेशी शासन के अत्याचार के विरुद्ध क्रांति का शंखनाद किया और स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनके संघर्ष ने न केवल संथाल समाज, बल्कि पूरे देश को अन्याय के विरुद्ध लड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज पूरा राष्ट्र इन अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है और झारखंड को ऐसे महान नायकों पर सदैव गर्व रहेगा।
🇮🇳 वीर शहीदों की गाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत : बालमुकुंद सहाय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने कहा कि हूल दिवस के अवसर पर सिदो-कान्हू, चांद, भैरव, फूलो, झानो सहित संथाल विद्रोह के सभी ज्ञात-अज्ञात वीर सेनानियों एवं वीरांगनाओं को कोटि-कोटि नमन है। उन्होंने कहा कि इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से यह सिद्ध कर दिया कि मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध इन वीरों का संघर्ष और उनकी गौरवगाथा आज भी समाज को प्रेरित करती है। आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन से यह सीख लेनी चाहिए कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध सदैव एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और समाज के प्रति समर्पण की भावना ही इन महान सेनानियों की सबसे बड़ी विरासत है।
📜 संथाल हूल के गौरवशाली इतिहास का किया गया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हूल दिवस केवल झारखंड या संथाल समाज का पर्व नहीं, बल्कि पूरे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह दिवस उन अमर बलिदानियों की स्मृति को जीवंत रखने का अवसर है, जिन्होंने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता की नींव मजबूत की। वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को इन महान विभूतियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
👥 बड़ी संख्या में मौजूद रहे भाजपा कार्यकर्ता
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिला महामंत्री रूपेश भगत, उपाध्यक्ष हिसाबी राय, सोहन मंडल, साधन ठाकुर, अनुग्राहित प्रसाद साह, मीरा, प्रवीण सिंह, विवेकानंद तिवारी, अमृत पांडेय, दुर्गा मरांडी, सम्पा साहा, मनोरम देवी, पार्वती देवी, दिलीप सिंह, जीतु सिंह, धर्मेंद्र त्रिवेदी, गोपी दूबे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र तथा समाज की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।


