पाकुड़। रेलवे कर्मचारियों की सुविधाओं और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे के पाकुड़ प्रथम आगमन पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन, पाकुड़ शाखा के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों ने उनका स्वागत किया और रेल कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों का ज्ञापन सौंपा।
महाप्रबंधक के आगमन के दौरान रेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में रखी गई इन मांगों में रेलवे आवास, स्वास्थ्य सुविधा, कार्यस्थल की बेहतर व्यवस्था, कर्मचारियों के भत्ते तथा रेलवे कॉलोनी एवं स्टेशन परिसर में पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
दो साल बाद फिर सामने आईं पुरानी मांगें
यूनियन के शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व पूर्व रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के पाकुड़ आगमन के दौरान भी संगठन की ओर से मांग पत्र सौंपा गया था। उस समय कई मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की गई थी, लेकिन वे अभी तक अपेक्षित परिणाम तक नहीं पहुंच सकीं।
इसी वजह से यूनियन ने उन पुरानी मांगों को एक बार फिर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक के समक्ष रखा है। संगठन का कहना है कि मांगें केवल कागज पर दर्ज होकर न रह जाएं, बल्कि उनका ठोस समाधान भी जमीन पर दिखाई दे।
नलहटी से गुमानी तक नए रेलवे क्वार्टर की मांग
रेल कर्मचारियों के आवास की समस्या को देखते हुए नलहटी से गुमानी तक नए रेलवे क्वार्टरों के निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी गई।
रेलवे कर्मचारियों के लिए आवास केवल रहने की सुविधा नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और जीवन की स्थिरता से भी जुड़ा विषय है। पर्याप्त और सुविधाजनक आवास उपलब्ध होने से कर्मचारियों को रोजमर्रा की कई व्यावहारिक परेशानियों से राहत मिल सकती है।
पैनल रूम और सुपरवाइजर कार्यालयों में AC की मांग
यूनियन ने सभी पैनल रूम एवं सुपरवाइजर कार्यालयों में एयर कंडीशनर की व्यवस्था करने की भी मांग रखी।
रेलवे संचालन में पैनल रूम और सुपरवाइजर स्तर के कार्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे कार्यस्थलों पर बेहतर तापमान नियंत्रण की सुविधा कर्मचारियों के लिए अधिक अनुकूल कार्य वातावरण तैयार कर सकती है।
पाकुड़ में कम्युनिटी हॉल और जिम की मांग
ज्ञापन में पाकुड़ में एक वृहद कम्युनिटी हॉल के साथ जिम की व्यवस्था करने की मांग भी शामिल रही।
कम्युनिटी हॉल से रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों से जुड़े सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों को स्थान मिल सकेगा, जबकि जिम जैसी सुविधा कर्मचारियों के स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
लॉकअप डिस्पेंसरी को हेल्थ यूनिट बनाने की मांग
रेलवे कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधा को मजबूत करने के लिए पाकुड़ स्थित रेलवे लॉकअप डिस्पेंसरी को जल्द से जल्द रेलवे हेल्थ यूनिट के रूप में शुरू करने की मांग की गई।
स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने से कर्मचारियों को छोटी-बड़ी चिकित्सकीय जरूरतों के लिए दूर जाने की परेशानी कम हो सकती है। यह मांग विशेष रूप से कर्मचारियों की दैनिक स्वास्थ्य जरूरतों से जुड़ी उपयोगी पहल के रूप में सामने आई।
कोल और स्टोन साइडिंग में काम करने वालों के लिए भत्ते की मांग
यूनियन ने पाकुड़ एवं राजग्राम की कोल साइडिंग तथा स्टोन साइडिंग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कोल पायलट भत्ता जल्द शुरू करने की मांग भी रखी।
संगठन का कहना है कि साइडिंग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों से जुड़ी कार्य परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित भत्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए।
पानी की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर
रेलवे कॉलोनी और स्टेशन परिसर में पानी की समस्या को लेकर भी ज्ञापन में गंभीरता से बात रखी गई। यूनियन ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की मांग की।
पानी जैसी बुनियादी सुविधा का नियमित और पर्याप्त उपलब्ध होना किसी भी आवासीय परिसर की सबसे जरूरी आवश्यकताओं में से एक है। इसलिए इस समस्या का स्थायी समाधान कर्मचारियों और उनके परिवारों के दैनिक जीवन में सीधा बदलाव ला सकता है।
महाप्रबंधक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
यूनियन की ओर से रखी गई मांगों पर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे ने कहा कि ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन द्वारा उठाई गई सभी मांगें महत्वपूर्ण हैं और उन पर आवश्यक कार्रवाई की शुरुआत अविलंब की जाएगी।
महाप्रबंधक के इस आश्वासन के बाद अब रेल कर्मचारियों की नजरें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। लंबे समय से चली आ रही मांगों के बीच कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि आश्वासन कितनी जल्दी ठोस निर्णय और धरातलीय सुविधा में बदलता है।
मांगों को पूरा कराने के लिए आगे भी जारी रहेगा प्रयास
शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने कहा कि इन सभी मांगों को पूरा कराने के लिए संगठन की ओर से अथक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इन मांगों को रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली तक भी भेजा जाएगा।
पाकुड़ में महाप्रबंधक के प्रथम आगमन के दौरान सौंपे गए इस ज्ञापन ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि रेल कर्मचारियों की वर्षों पुरानी जरूरतों का समाधान कितनी तेजी से होता है। अब उम्मीद है कि इस बार मांगों की फाइल आगे बढ़ेगी और कागज पर दर्ज समस्याओं का असर रेलवे कॉलोनी, कार्यस्थलों और कर्मचारियों के रोजमर्रा के जीवन में भी दिखाई देगा।
मौके पर शाखा अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे, शाखा सचिव संजय कुमार ओझा, कोषाध्यक्ष अमर कुमार मल्होत्रा एवं शाखा सभासद कुमार विकास मौजूद थे। इस दौरान मंडल प्रबंधक हावड़ा विशाल कपूर सहित मंडल के सभी वरिष्ठ विभागीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


