पाकुड़। लगभग 15 दिनों तक पेयजल संकट से जूझ रहे पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद पाकुड़ शहरी जलापूर्ति योजना पुनः शुरू कर दी गई है, जिससे नगर के सैकड़ों मोहल्लों और हजारों लोगों के घरों में फिर से पानी पहुंचना शुरू हो गया है। बीते दो सप्ताह से जलापूर्ति ठप रहने के कारण लोग पीने के पानी से लेकर दैनिक उपयोग तक के लिए गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे थे। ऐसे समय में नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा की पहल, वार्ड पार्षदों की सक्रियता और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने मिलकर इस बड़ी समस्या का समाधान किया।
15 दिनों तक जल संकट से जूझता रहा शहर
पिछले करीब पंद्रह दिनों से पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में शहरी जलापूर्ति योजना बंद पड़ी थी। पानी की सप्लाई बाधित होने के कारण हजारों परिवारों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए निजी बोरिंग, हैंडपंप या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था।
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ी। कई परिवारों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी कीं। लगातार बढ़ती परेशानी के कारण नगरवासियों में नाराजगी भी बढ़ने लगी थी।
जनता की आवाज बने राणा ओझा, उपायुक्त से की सीधी मुलाकात
जल संकट की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने मामले को केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहने दिया। उन्होंने वार्ड पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित कर उपायुक्त मेघा भारद्वाज से मुलाकात की और पूरे मामले से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि जलापूर्ति बंद रहने से नगर परिषद क्षेत्र के सैकड़ों परिवार गंभीर संकट में हैं। लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने जनहित में शहरी जलापूर्ति योजना को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की।
इस प्रतिनिधिमंडल में वार्ड पार्षद निभा देवी, तनु दास, रेखा सरदारनी, पूनम देवी, अनिकेत गोस्वामी, राजा अंसारी, रियाज अंसारी, कमल राउत एवं गुड्डू भगत भी शामिल थे।
उपायुक्त ने तुरंत दिए कार्रवाई के निर्देश
नगरवासियों की समस्या सुनने के बाद उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तत्काल आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा करने और जलापूर्ति शीघ्र बहाल करने का निर्देश दिया।
जिला प्रशासन के निर्देश मिलते ही विभागीय अधिकारी और तकनीकी टीम पूरी सक्रियता के साथ काम में जुट गई। लगातार कई दिनों तक तकनीकी जांच, पाइपलाइन निरीक्षण और मरम्मत का कार्य चलता रहा।
तकनीकी टीम की मेहनत लाई रंग
जांच के दौरान पता चला कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पाइपलाइन में बालू और कचरा प्रवेश कर गया था। इसी वजह से जलापूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई थी।
इसके बाद तकनीकी टीम ने लगातार मेहनत करते हुए पाइपलाइन की सफाई, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य पूरे किए। कई घंटों तक चले अभियान के बाद आखिरकार जलापूर्ति प्रणाली को फिर से सुचारु रूप से चालू कर दिया गया।
राणा ओझा ने खुद पहुंचकर लिया मरम्मत कार्य का जायजा
जलापूर्ति बहाल कराने की प्रक्रिया के दौरान नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा स्वयं चांदपुर स्थित पुठीमारी इंटकवेल पहुंचे और वहां चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने चार मोटरों में से खराब होकर खुली हुई मोटर को जल्द से जल्द पुनः स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने नगर परिषद के कनीय अभियंता सुमन कुमार को भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी समाधान तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गंगा नदी के भीतर बिछी पाइपलाइन की नियमित वाशिंग (सफाई) की योजना बनाई जाए, ताकि बालू और कचरा पाइपलाइन में प्रवेश न कर सके और जलापूर्ति लगातार सुचारु बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
निरीक्षण के समय वार्ड पार्षद निभा देवी, पूनम देवी, तनु दास, बिमल चंद्र राउत, अनिकेत गोस्वामी तथा रियाज अंसारी भी मौजूद रहे।
वहीं ऑपरेटर मिसटारूल शेख एवं सुजन दास ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण पाइपलाइन प्रभावित हुई थी, लेकिन तकनीकी टीम ने लगातार मेहनत कर समस्या का समाधान कर दिया है।
हजारों परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
जलापूर्ति बहाल होने के बाद नगर के विभिन्न इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली। करीब 15 दिनों से पानी की समस्या झेल रहे परिवारों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है।
महिलाओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से पानी की व्यवस्था करना सबसे कठिन काम बन गया था। अब नियमित जलापूर्ति शुरू होने से घरेलू कामकाज फिर सामान्य हो सकेगा। बच्चों और बुजुर्गों को भी पीने के पानी के लिए अब इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
स्थायी समाधान की दिशा में भी होंगे प्रयास
नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने जलापूर्ति बहाल होने पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों तथा तकनीकी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की संवेदनशीलता और विभागीय टीम की अथक मेहनत के कारण हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि केवल तत्काल समस्या का समाधान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए भी ठोस और स्थायी व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाइपलाइन की नियमित सफाई, तकनीकी निगरानी और समय-समय पर रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि नगरवासियों को भविष्य में जल संकट का सामना न करना पड़े।
जनहित में समन्वय का सफल उदाहरण
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया कि जब जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और तकनीकी विभाग एक साथ मिलकर कार्य करते हैं तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी संभव हो जाता है। राणा ओझा की पहल, वार्ड पार्षदों की सक्रिय भूमिका, उपायुक्त मेघा भारद्वाज के त्वरित निर्देश और तकनीकी टीम की लगातार मेहनत का ही परिणाम है कि लगभग 15 दिनों से बंद पड़ी पाकुड़ शहरी जलापूर्ति योजना एक बार फिर सुचारु रूप से शुरू हो गई।
अब नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन और नगर परिषद भविष्य में भी इसी तत्परता के साथ जनहित के मुद्दों पर काम करेंगे और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाकर पाकुड़ को बेहतर नागरिक सुविधाओं वाला शहर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रखेंगे।


