Monday, June 29, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

⚖️ 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान का शुभारंभ: अमड़ापाड़ा में लोगों को कानूनी अधिकारों, बाल विवाह और डायन प्रथा के खिलाफ किया गया जागरूक

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पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत अमड़ापाड़ा प्रखंड सभागार में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध कानून तथा त्वरित न्याय व्यवस्था की जानकारी देना था, ताकि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर न्याय प्राप्त कर सके।

🕯️ दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया। कार्यक्रम में डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल, बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता तथा प्रमुख जूही प्रिया मरांडी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को अभियान के उद्देश्य एवं उसकी उपयोगिता से अवगत कराया गया।

📚 90 दिवसीय अभियान का उद्देश्य – हर व्यक्ति तक पहुंचे न्याय और कानूनी जागरूकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को कानूनी रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में लोग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह अभियान आम जनता और न्यायालय के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ योग्य व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है। यदि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है या कानूनी सहायता का पात्र है, तो उसे न्यायालय में वाद की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।

☎️ निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 की दी जानकारी

सचिव रूपा बंदना किरो ने उपस्थित लोगों से कहा कि यदि किसी को कानूनी सहायता की आवश्यकता हो तो वह नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकता है। इसके अतिरिक्त लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ अथवा अपने क्षेत्र के पैरा लीगल वॉलिंटियर्स (पीएलवी) से भी संपर्क कर अपनी कानूनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय केवल सक्षम लोगों का अधिकार नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

🚫 डायन प्रथा अंधविश्वास नहीं, गंभीर कानूनी अपराध है

अपने संबोधन में सचिव ने डायन प्रथा को समाज के लिए अत्यंत घातक सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि कई बार जमीन विवाद, पुरानी दुश्मनी अथवा व्यक्तिगत साजिश के तहत महिलाओं को डायन घोषित कर प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना गंभीर दंडनीय अपराध है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अंधविश्वास से दूर रहें और समाज में फैली इस कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाएं। साथ ही उन्होंने बाल विवाह, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी।

⚖️ राष्ट्रीय लोक अदालत और स्थायी लोक अदालत के महत्व पर डाली रोशनी

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने अपने संबोधन में नालसा, झालसा एवं डालसा की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों तक न्याय पहुंचाना है।

उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मासिक लोक अदालत की उपयोगिता बताते हुए कहा कि आपसी सहमति से सुलझाए जा सकने वाले मामलों का निपटारा इन अदालतों में शीघ्र एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा लोगों को त्वरित न्याय मिलता है।

👧 दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ दी गई कानूनी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान दहेज प्रथा, बाल विवाह तथा उनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि ये दोनों सामाजिक कुरीतियां न केवल समाज के विकास में बाधक हैं, बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध हैं। लोगों से इन कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज को जागरूक करने की अपील की गई।

🏛️ बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता बोले – छोटे प्रयासों से रोके जा सकते हैं बड़े अपराध

बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि समाज में होने वाले कई बड़े अपराधों को आम लोगों की छोटी-छोटी जागरूक पहल से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास होने वाली सामाजिक बुराइयों के प्रति सजग रहे और समय पर प्रशासन को सूचना दे, तो बाल विवाह, डायन प्रथा जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

उन्होंने उपस्थित आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं अन्य कर्मियों से समाज में निरंतर जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।

👩‍⚖️ महिलाओं के अधिकार और निःशुल्क कानूनी सहायता की दी गई विस्तृत जानकारी

लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने कार्यक्रम में महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित कई श्रेणियों के लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।

उन्होंने लोगों को बताया कि किस प्रकार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से वे कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने डायन प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।

🎥 यूनिसेफ के सहयोग से बाल विवाह रोकथाम और बाल संरक्षण पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

कार्यक्रम में डीपीसी (पीसीआई-यूनिसेफ) मो. अनीस अंसारी ने डालसा के विधिक सहयोग से आयोजित पेरेंटिंग सेशन में लोगों को बाल विवाह रोकथाम, बाल संरक्षण, सही शिक्षा, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, गुड टच-बैड टच तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यदि कहीं बाल विवाह होने की सूचना मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस दौरान संबंधित विषयों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिससे उपस्थित लोगों को व्यवहारिक रूप से जागरूक किया गया।

🌸 बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का किया गया आह्वान

वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। सभी ने लोगों से बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

🤝 बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कर्मी एवं ग्रामीण रहे उपस्थित

कार्यक्रम में प्रमुख, प्रखंड कर्मी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहियाएं, एनजीओ प्रतिनिधि, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स हरेंद्र कुमार मालतो, सौरभ कुमार यादव, मनोज सोरेन, तेरेसा किस्कू, नीरज कुमार राउत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा कानूनी अधिकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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