🔹 शिविर का आयोजन: न्याय को जन-जन तक पहुँचाने की पहल
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में भवानीपुर पंचायत भवन में नालसा की जागृति योजना के अंतर्गत एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर तथा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और मुफ्त विधिक सहायता की जानकारी देना था।
🔹 जागृति योजना की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने उपस्थित ग्रामीणों को नालसा की जागृति योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागृति योजना का पूरा नाम जस्टिस अवेयरनेस फॉर ग्रासरूट्स इन्फॉर्मेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव (Justice Awareness for Grassroots Information and Transparency Initiative) है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2025 में की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और वंचित वर्गों तक न्याय की पहुँच को सरल और सुलभ बनाना है।
🔹 योजना का उद्देश्य: हर घर तक न्याय
संजीव कुमार मंडल ने कहा कि नालसा की जागृति योजना का मुख्य उद्देश्य मुफ्त कानूनी सहायता पहुँचाना, कानूनी जागरूकता फैलाना और पंचायत स्तर पर जागरूकता केंद्रों की स्थापना करना है। इसके माध्यम से लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, न्यायिक प्रक्रियाओं और सरकारी विधिक सहायता योजनाओं के बारे में बताया जाता है, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय के खिलाफ स्वयं अपने अधिकारों के लिए खड़े हो सकें।
🔹 मुफ्त कानूनी सहायता पर विशेष जोर
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के माध्यम से मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि गरीब, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक सहित जरूरतमंद वर्ग बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अंतर्गत वकील की सुविधा, कानूनी परामर्श, मुकदमों में सहायता और न्यायालयीन प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन दिया जाता है।
🔹 मौलिक अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों, कानूनी कर्तव्यों और न्यायिक प्रक्रियाओं के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि कानून की जानकारी ही सशक्तिकरण की कुंजी है, और जागरूक नागरिक ही एक मजबूत लोकतंत्र की नींव रखते हैं। लोगों को यह भी बताया गया कि वे किन परिस्थितियों में कानूनी सहायता ले सकते हैं और इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया क्या है।
🔹 नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी
शिविर में उपस्थित लोगों को नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से कोई भी व्यक्ति कानूनी सलाह, मार्गदर्शन और मुफ्त विधिक सहायता से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दूर-दराज के क्षेत्रों में रहते हैं और न्यायालय तक सीधे पहुँच नहीं बना पाते।
🔹 न्याय को अदालतों से बाहर, आम आदमी तक पहुँचाने का प्रयास
वक्ताओं ने कहा कि नालसा की जागृति योजना न्याय को केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे आम आदमी के घर तक पहुँचाने का एक जमीनी प्रयास है। यह योजना खासकर कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा है, जिससे वे बिना डर और झिझक के न्याय की राह पर आगे बढ़ सकें।
🔹 स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर पंचायत मुखिया महमोदा खातून, पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधि, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स एजारूल शेख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रकार के जागरूकता शिविर को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
🔹 जागरूकता से सशक्त समाज की ओर
यह विधिक जागरूकता शिविर न केवल लोगों को कानूनी जानकारी देने में सफल रहा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी। नालसा की जागृति योजना निश्चित रूप से ग्रामीण भारत में न्याय की रोशनी फैलाने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।


